Anil Tulkane
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#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - ख्वाबों की R चेहरा, गदराया जिस्म, चाँद सा कानों में झुमका, बालों में गजरा। नाक में नथ, और गले में माला, देख के तुझको , मन हुआ मतवाला। आँखों में चमक, होंठों पे मुस्कान , का वो बाण। चलाया तूने, TRI हायऱ्हाय मर गया, मैं तो मर गया, इश्क तेरा, मेरे दिल में उतर गया। নথীলী, चाल नखरेली , अदाएँ बातें तेरी , जैसे मिश्री घुली। अप्सरा जैसी तू, धरा पे है आई, कुदरत ने फुर्सत में, सूरत बनाई। ऊपर वाला भी, अब तो दंग होगा , देख अपनी कला, वो भी तंग होगा। लिए, ख्वाबों के तुझे गढ़ा था शायद, भेज दिया गलती से, इस जहाँ के लिए। अनिल तुलकाने ख्वाबों की R चेहरा, गदराया जिस्म, चाँद सा कानों में झुमका, बालों में गजरा। नाक में नथ, और गले में माला, देख के तुझको , मन हुआ मतवाला। आँखों में चमक, होंठों पे मुस्कान , का वो बाण। चलाया तूने, TRI हायऱ्हाय मर गया, मैं तो मर गया, इश्क तेरा, मेरे दिल में उतर गया। নথীলী, चाल नखरेली , अदाएँ बातें तेरी , जैसे मिश्री घुली। अप्सरा जैसी तू, धरा पे है आई, कुदरत ने फुर्सत में, सूरत बनाई। ऊपर वाला भी, अब तो दंग होगा , देख अपनी कला, वो भी तंग होगा। लिए, ख्वाबों के तुझे गढ़ा था शायद, भेज दिया गलती से, इस जहाँ के लिए। अनिल तुलकाने - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - ख्वाबों की R चेहरा, गदराया जिस्म, चाँद सा कानों में झुमका, बालों में गजरा। नाक में नथ, और गले में माला, देख के तुझको , मन हुआ मतवाला। आँखों में चमक, होंठों पे मुस्कान , का वो बाण। चलाया तूने, TRI हायऱ्हाय मर गया, मैं तो मर गया, इश्क तेरा, मेरे दिल में उतर गया। নথীলী, चाल नखरेली , अदाएँ बातें तेरी , जैसे मिश्री घुली। अप्सरा जैसी तू, धरा पे है आई, कुदरत ने फुर्सत में, सूरत बनाई। ऊपर वाला भी, अब तो दंग होगा , देख अपनी कला, वो भी तंग होगा। लिए, ख्वाबों के तुझे गढ़ा था शायद, भेज दिया गलती से, इस जहाँ के लिए। अनिल तुलकाने ख्वाबों की R चेहरा, गदराया जिस्म, चाँद सा कानों में झुमका, बालों में गजरा। नाक में नथ, और गले में माला, देख के तुझको , मन हुआ मतवाला। आँखों में चमक, होंठों पे मुस्कान , का वो बाण। चलाया तूने, TRI हायऱ्हाय मर गया, मैं तो मर गया, इश्क तेरा, मेरे दिल में उतर गया। নথীলী, चाल नखरेली , अदाएँ बातें तेरी , जैसे मिश्री घुली। अप्सरा जैसी तू, धरा पे है आई, कुदरत ने फुर्सत में, सूरत बनाई। ऊपर वाला भी, अब तो दंग होगा , देख अपनी कला, वो भी तंग होगा। लिए, ख्वाबों के तुझे गढ़ा था शायद, भेज दिया गलती से, इस जहाँ के लिए। अनिल तुलकाने - ShareChat
#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - 'अनिल तुळकाणे" यांच्या कविता आणि गाणी आपल्या II भावपूर्ण आणि हृदयस्पर्शी शब्दांसाठी ओळखली जातात. त्यांची ही रचनाः विसरणार कशी तुला मी? विसरणार कशी तुला मी॰ हे सांगू नकोस मला, माझ्या प्रत्येक श्वासात, आठवण आहे. तुझीच फुलांच्या पाकळ्यातून , तुझाच येतो, सुगंध प्रीती आहे. तुझीच माझ्या जगण्याचा आधार, कधी वाटतं, थांबवून घ्यावं या क्षणाला, आणि पुन्हा एकदा , तुझ्यातून हरवून जावं. पण नियतीचा खेळ वेगळा, हे ही ठाऊक आहे मला, कसं समजावू या मनाला, हे ही कळेना मला. तुझ्या त्या आठवणी , कधी हसवतात तर कधी रडवतात, तुझ्या त्या गोड आठवणी , जगण्याचे बळ देतात. तरीही मनाला एक आस, एकच इच्छा आहे, की पुन्हा एकदा तुला भेटावं, तुला बघून जगावं. -अनिल तुळकाणे 'अनिल तुळकाणे" यांच्या कविता आणि गाणी आपल्या II भावपूर्ण आणि हृदयस्पर्शी शब्दांसाठी ओळखली जातात. त्यांची ही रचनाः विसरणार कशी तुला मी? विसरणार कशी तुला मी॰ हे सांगू नकोस मला, माझ्या प्रत्येक श्वासात, आठवण आहे. तुझीच फुलांच्या पाकळ्यातून , तुझाच येतो, सुगंध प्रीती आहे. तुझीच माझ्या जगण्याचा आधार, कधी वाटतं, थांबवून घ्यावं या क्षणाला, आणि पुन्हा एकदा , तुझ्यातून हरवून जावं. पण नियतीचा खेळ वेगळा, हे ही ठाऊक आहे मला, कसं समजावू या मनाला, हे ही कळेना मला. तुझ्या त्या आठवणी , कधी हसवतात तर कधी रडवतात, तुझ्या त्या गोड आठवणी , जगण्याचे बळ देतात. तरीही मनाला एक आस, एकच इच्छा आहे, की पुन्हा एकदा तुला भेटावं, तुला बघून जगावं. -अनिल तुळकाणे - ShareChat
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Read my thoughts on YourQuote app at https://www.yourquote.in/anil-tulkane-d3emc/quotes/bhttktaa-rhaa-taa-umr-vo-mnzil-kii-tlaash-men-n-mn-kii-aas-n-cyjdl6 #📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - भटकता रहा ता-उम्र वो मंज़िल की तलाश में, की प्यास मिटी.. न मन की आस मिटी, न ತಿ4T लिखता है ' अनिल' ये कड़वा सच जिंदगी का, जो कद्र करना भूल गया, उसकी प्यास कभी न बुझी ! अनिल तुळकाने (Anil Tulkane) लेखक Long Anl uotein Your भटकता रहा ता-उम्र वो मंज़िल की तलाश में, की प्यास मिटी.. न मन की आस मिटी, न ತಿ4T लिखता है ' अनिल' ये कड़वा सच जिंदगी का, जो कद्र करना भूल गया, उसकी प्यास कभी न बुझी ! अनिल तुळकाने (Anil Tulkane) लेखक Long Anl uotein Your - ShareChat
​"Watch the complete song now on my YouTube channel: Anil Tulkane Official." #🙏डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर जयंती🤚
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01:30
#🙏 प्रेरणादायक बॅनर
🙏 प्रेरणादायक बॅनर - सूरज उठ रहा है, एक धीमी आवाज़ दे रहा है, कर पहले उसने लाली को ೩೮l; मुस्कूक मरे दिललमेँ स्या लाल रहा है? फिर तफ़िश से उसने एक सेमहट केहीं, किये थक कर कहीं बैठा तो नहीं? মিনিত ম আঁব वो 1; कह कि ये अंधेरों से डक्कर मैंनें भी अरपनी पलकों को उठाका कह दिया, अभी आँखों में ख्वाबों की चमक बाकी है, ये धूप तो शस बदन को झुलएगी, पर रूह में अभी जलने की थेमक बाकी है। तू चमकता रहे अपनी उजालों ढय सुरज, में अपनी मिट्टी का दीया बनकर जलूँगा , में हिमात इमो रह, ब हुहे, मल मकऊान अनिल तुळवाने सूरज उठ रहा है, एक धीमी आवाज़ दे रहा है, कर पहले उसने लाली को ೩೮l; मुस्कूक मरे दिललमेँ स्या लाल रहा है? फिर तफ़िश से उसने एक सेमहट केहीं, किये थक कर कहीं बैठा तो नहीं? মিনিত ম আঁব वो 1; कह कि ये अंधेरों से डक्कर मैंनें भी अरपनी पलकों को उठाका कह दिया, अभी आँखों में ख्वाबों की चमक बाकी है, ये धूप तो शस बदन को झुलएगी, पर रूह में अभी जलने की थेमक बाकी है। तू चमकता रहे अपनी उजालों ढय सुरज, में अपनी मिट्टी का दीया बनकर जलूँगा , में हिमात इमो रह, ब हुहे, मल मकऊान अनिल तुळवाने - ShareChat