𝐀𝐚𝐝𝐢𝐬𝐡𝐫𝐞𝐞
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#💞Heart touching शायरी✍️ #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✍️अनकही दिल की बात
💞Heart touching शायरी✍️ - वक़्त भर देता है सब घाव, पर यादें अक़्सर dil को चैन नहीं लेने ? देती हैं..!! वक़्त भर देता है सब घाव, पर यादें अक़्सर dil को चैन नहीं लेने ? देती हैं..!! - ShareChat
#✍️अनकही दिल की बात #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💞Heart touching शायरी✍️
✍️अनकही दिल की बात - उसकी कमी "वो अब मेरे पास नहीं है... फिर भी उसकी कमी महसूस होती है। ' তীমসা ক্ী ট... पहले সন ক্তুম্ভ वही जगह, वही लोग। बस एक वो नहीं है। पहले हर बात उसी से होती থী अब सब दिल में ही रह जाता है। कभी-कभी लगता है सब ठीक है॰ लेकिन अंदर से पता है- कुछ कमी हमेशा रहेगी| कुछ खाली जगहें कभी नहीं भरती। उसकी कमी "वो अब मेरे पास नहीं है... फिर भी उसकी कमी महसूस होती है। ' তীমসা ক্ী ট... पहले সন ক্তুম্ভ वही जगह, वही लोग। बस एक वो नहीं है। पहले हर बात उसी से होती থী अब सब दिल में ही रह जाता है। कभी-कभी लगता है सब ठीक है॰ लेकिन अंदर से पता है- कुछ कमी हमेशा रहेगी| कुछ खाली जगहें कभी नहीं भरती। - ShareChat
#💞Heart touching शायरी✍️ #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✍️अनकही दिल की बात
💞Heart touching शायरी✍️ - सके, ना भुला सके, 7qI ना बता सके, ना जता सके। तू क्या हैं मेरे लिए, ना ख़ुद समझ सके, ना तुझे समझा सके.. ! सके, ना भुला सके, 7qI ना बता सके, ना जता सके। तू क्या हैं मेरे लिए, ना ख़ुद समझ सके, ना तुझे समझा सके.. ! - ShareChat
#✍️अनकही दिल की बात #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💞Heart touching शायरी✍️
✍️अनकही दिल की बात - "4< 4401$" आज आईने के सामने ठिठक कर खडी हुई, तो अपनी ही परछाईं से मुलाकात हो गई। पुरानी वो चंचल आँखें अब थोड़ी संजीदा हो गई हैं, वो खिलखिलाती बातें अब समझदारी में बदल गई हैं। कल तक जो कंधे अपनों का सहारा ढूँढते थे, आज वही कंधे पूरे घर की जिम्मेदारियाँ उठा रहे हैं। सोचती हूँ॰. वक्त इंसान को कितना बदल देता है, कभी जो बेफिक्र थी, आज वही हर किसी की चिंता में जीती है। हैरान हूँ कि जिम्मेदारियों की বলন-লন, ೪೯೫ तस्वीर से कितनी आगे निकल आई हूँ मैं अपनी ही पुरानी "4< 4401$" आज आईने के सामने ठिठक कर खडी हुई, तो अपनी ही परछाईं से मुलाकात हो गई। पुरानी वो चंचल आँखें अब थोड़ी संजीदा हो गई हैं, वो खिलखिलाती बातें अब समझदारी में बदल गई हैं। कल तक जो कंधे अपनों का सहारा ढूँढते थे, आज वही कंधे पूरे घर की जिम्मेदारियाँ उठा रहे हैं। सोचती हूँ॰. वक्त इंसान को कितना बदल देता है, कभी जो बेफिक्र थी, आज वही हर किसी की चिंता में जीती है। हैरान हूँ कि जिम्मेदारियों की বলন-লন, ೪೯೫ तस्वीर से कितनी आगे निकल आई हूँ मैं अपनी ही पुरानी - ShareChat
#💞Heart touching शायरी✍️ #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✍️अनकही दिल की बात
💞Heart touching शायरी✍️ - तुम सिर्फ मेरे हिस्से में आते, काश ख्वाहिशों का हिसाब न रखना पड़ता..!! फिर अधूरी  Moon Chudhon तुम सिर्फ मेरे हिस्से में आते, काश ख्वाहिशों का हिसाब न रखना पड़ता..!! फिर अधूरी  Moon Chudhon - ShareChat
#💞Heart touching शायरी✍️ #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✍️अनकही दिल की बात
💞Heart touching शायरी✍️ - जिंदगी भी खिलौनों की तरह निकली , जिसे दिल से संभाला. वही हाथों से छूट गई, और हम देखते रह गए बस खामोशी से, सामने टूट गई..!! अपनी ही आँखों के दुनिया जिंदगी भी खिलौनों की तरह निकली , जिसे दिल से संभाला. वही हाथों से छूट गई, और हम देखते रह गए बस खामोशी से, सामने टूट गई..!! अपनी ही आँखों के दुनिया - ShareChat
#✍️अनकही दिल की बात #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💞Heart touching शायरी✍️
✍️अनकही दिल की बात - जिंदगी तस्वीरभी है और तकदीर भी ப$ீவ்ஃபீ~க मनचाहे रंगों से बनैे तौ तस्वीर और अनजाने रंगों से बने तो तक़दीर जिंदगी तस्वीरभी है और तकदीर भी ப$ீவ்ஃபீ~க मनचाहे रंगों से बनैे तौ तस्वीर और अनजाने रंगों से बने तो तक़दीर - ShareChat
#💞Heart touching शायरी✍️ #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✍️अनकही दिल की बात
💞Heart touching शायरी✍️ - अगर तुम अजनबी थे तो लगें क्यों नहीं...? और अगर मेरे थे तो मुझे मिले क्यों नहीं. @LEDYGALI अगर तुम अजनबी थे तो लगें क्यों नहीं...? और अगर मेरे थे तो मुझे मिले क्यों नहीं. @LEDYGALI - ShareChat
#✍️अनकही दिल की बात #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💞Heart touching शायरी✍️
✍️अनकही दिल की बात - तुम ज़रा से कम अच्छे होते...! নী থী নঙ্ভূন अच्छे होते...! -00/0 तुम ज़रा से कम अच्छे होते...! নী থী নঙ্ভূন अच्छे होते...! -00/0 - ShareChat
#🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💞Heart touching शायरी✍️ #✍️अनकही दिल की बात
🖋कहानी: टूटे दिल की💔 - में करेंगे तुझसे फुर्सत 1 মিসান-য-নিনযী अभी तो उलझे है खुद को सुलझाने में कभी इसका दिल रखा और कभी उसका दिल रखा इसी कशमकश में भूल गए কি खुद का दिल कॅहाँ रखा ११ अहसास -ऐ - ज़िन्दगी 7.2[ 37 में करेंगे तुझसे फुर्सत 1 মিসান-য-নিনযী अभी तो उलझे है खुद को सुलझाने में कभी इसका दिल रखा और कभी उसका दिल रखा इसी कशमकश में भूल गए কি खुद का दिल कॅहाँ रखा ११ अहसास -ऐ - ज़िन्दगी 7.2[ 37 - ShareChat