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#🎂हैप्पी बर्थडे शेयरचैट🎉🥳
🎂हैप्पी बर्थडे शेयरचैट🎉🥳 - Happy Oihw To You: Ghar Sharo Share Chat Oahalo% 002 Happy Many Many Day Returns Of The Share Chat day Enjoy your Happy Oihw To You: Ghar Sharo Share Chat Oahalo% 002 Happy Many Many Day Returns Of The Share Chat day Enjoy your - ShareChat
#कृष्ण प्रेमी #जय श्री कृष्ण #भक्ति भावनाएं 🌿⚜️🌸💝🙏
कृष्ण प्रेमी - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🌺 जय माता दी 🌺 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - 991 शुक्रवार भगवान श्री ೯ का हाथ हा  लक्ष्मी जी श्री गणेश जी क সানা ٨٩٤ का साथ हो Ut७ _[[ IOD जीवन और मां संतोषी की कृपा से आपके  স खुशियों की बरसात हो /। इसी शुभकामना के साथ शुक्रवार सुबह की हार्दिक शुभकामनाएं Good Morning 991 शुक्रवार भगवान श्री ೯ का हाथ हा  लक्ष्मी जी श्री गणेश जी क সানা ٨٩٤ का साथ हो Ut७ _[[ IOD जीवन और मां संतोषी की कृपा से आपके  স खुशियों की बरसात हो /। इसी शुभकामना के साथ शुक्रवार सुबह की हार्दिक शुभकामनाएं Good Morning - ShareChat
#💞🌹राधा🌺कृष्ण🌹💞 #राधाकृष्ण
💞🌹राधा🌺कृष्ण🌹💞 - ShareChat
#🌷शुभ गुरुवार
🌷शुभ गुरुवार - शुभ गुरुवार सुंदर सुमंगल सुप्रभात विष्ण्ु हरिऔर कषयवान माता लक्ष्मी कीकृपा आप पर सदा बना रहैl शुभ गुरुवार सुंदर सुमंगल सुप्रभात विष्ण्ु हरिऔर कषयवान माता लक्ष्मी कीकृपा आप पर सदा बना रहैl - ShareChat
#हर हर महादेव #🙏🌺हर हर🔱महादेव🌺🙏 #जय भोलेनाथ
हर हर महादेव - ShareChat
#राधा #कृष्ण #राधा कृष्ण ❤️💝🌸🌿🙏
राधा - "राधा सा प्रेम और कृष्ण सा विश्वास मिल जाए, तो जीवन अपने आप सुंदर बन जाता है।" *राधे राधे* "राधा सा प्रेम और कृष्ण सा विश्वास मिल जाए, तो जीवन अपने आप सुंदर बन जाता है।" *राधे राधे* - ShareChat
#🙏हनुमान चालीसा🏵 #हनुमान जी ❤️🙏
🙏हनुमान चालीसा🏵 - இசஎஅள WD प्रभु मुद्रिका मेति मुख माहीं | जलधि लांघि गये अवरज नाहीं ।।  హ a जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।  दुर्गम काज  दो्हा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा विनु पैसारे।।  सुघारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। सरना। तुम रक्षक काहू को डर ना।। सव सुख लहै ரி बुद्विहीन तनु जानिके , सुमिरों पवन - कुमार आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांप।।  बल बुद्वि बिद्या वेहु मोहिं , हरहु कलेस बिकार।।  भूत पिसाच निकट नहिं आवे। महयवीर जव नाम  सुनावे ।। II చ(TT5 II नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।।  संकट तें हनुमान छुड़ावे | मन ्रम बचन ध्यान जो लावे।।  जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।  सव पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकत तुम साजा। रामदूत अतुतित बत धामा। अंजनि- पुत्र पवनसुत नामा।।  और मनोरथ जो कोई लावे। सोइ अमित जीवन फल पावे। | महाबीर विक्रम बजरंगी| कुमति निवार सुमति के संगी।।  चारों जुग परताप तुम्हारा। हे परसिद्घ जगत उजियारा।।  वरन विराज सुवेसा| कानन कुंडल कुंचित केसा। ப साघु- संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे।। हाथ वज औ ध्वजा विराजे। कांधे मूंज जनेऊ साजे।  अष्ट सिद्धि नो निघि के दाता | अस बर दीन जानकी माता। | संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बन्दन।। विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिवे को आतुर।। राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो  रघुपति  6 7HIII तुम्हरे भजन राम को पावै । जनम- जनम के दुख बिसरावै ।।  प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।। रघुवर पुर जाई। जहां जन्महरि-्भक्त कहाई।।  सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। विकट रूप धरि लंक जराव।।  अन्तकाल और देवता चित न धरई। हनुमत सेइ सर्व सुख करई।।  भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र ठे ठाज संवारे।। संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।१  ताय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर ताये।।  जे जे ज हनुमान " ठी नाई।। गोसाई | कृपा ठरहु रघुपति ठीन्ही बहुत बडाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।  ঘুচবব  जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महय सुख होई।।  सहस बदन तुम्हरो जस गार्वै। अस कहि श्रीपति कंठ तगार्वै ।।  जो यह पढ़ हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।।  सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।।  तुतसीदास सदा हरि चेरा। ठीजे नाथ हृदय मंह डेरा।।  जम कुवेर दिगपाल जहां ते। कवि कोविद कहि सके ठहांते।।  तुम उपकार सुग्रीवहिं ठीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।।  @ तुम्हरो मंत्र विभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना।।  मंगल मूरति रूप।  पवन तनव संकट हरन , | ताहि मघुर  राम लखन सीता सहित , हृदय बसहु सुर भूप।।  जुग सहस्र जोजन पर  भानू। तील्यो  फल जानू।। இசஎஅள WD प्रभु मुद्रिका मेति मुख माहीं | जलधि लांघि गये अवरज नाहीं ।।  హ a जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।  दुर्गम काज  दो्हा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा विनु पैसारे।।  सुघारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। सरना। तुम रक्षक काहू को डर ना।। सव सुख लहै ரி बुद्विहीन तनु जानिके , सुमिरों पवन - कुमार आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांप।।  बल बुद्वि बिद्या वेहु मोहिं , हरहु कलेस बिकार।।  भूत पिसाच निकट नहिं आवे। महयवीर जव नाम  सुनावे ।। II చ(TT5 II नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।।  संकट तें हनुमान छुड़ावे | मन ्रम बचन ध्यान जो लावे।।  जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।  सव पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकत तुम साजा। रामदूत अतुतित बत धामा। अंजनि- पुत्र पवनसुत नामा।।  और मनोरथ जो कोई लावे। सोइ अमित जीवन फल पावे। | महाबीर विक्रम बजरंगी| कुमति निवार सुमति के संगी।।  चारों जुग परताप तुम्हारा। हे परसिद्घ जगत उजियारा।।  वरन विराज सुवेसा| कानन कुंडल कुंचित केसा। ப साघु- संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे।। हाथ वज औ ध्वजा विराजे। कांधे मूंज जनेऊ साजे।  अष्ट सिद्धि नो निघि के दाता | अस बर दीन जानकी माता। | संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बन्दन।। विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिवे को आतुर।। राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो  रघुपति  6 7HIII तुम्हरे भजन राम को पावै । जनम- जनम के दुख बिसरावै ।।  प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।। रघुवर पुर जाई। जहां जन्महरि-्भक्त कहाई।।  सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। विकट रूप धरि लंक जराव।।  अन्तकाल और देवता चित न धरई। हनुमत सेइ सर्व सुख करई।।  भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र ठे ठाज संवारे।। संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।१  ताय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर ताये।।  जे जे ज हनुमान " ठी नाई।। गोसाई | कृपा ठरहु रघुपति ठीन्ही बहुत बडाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।  ঘুচবব  जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महय सुख होई।।  सहस बदन तुम्हरो जस गार्वै। अस कहि श्रीपति कंठ तगार्वै ।।  जो यह पढ़ हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।।  सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।।  तुतसीदास सदा हरि चेरा। ठीजे नाथ हृदय मंह डेरा।।  जम कुवेर दिगपाल जहां ते। कवि कोविद कहि सके ठहांते।।  तुम उपकार सुग्रीवहिं ठीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।।  @ तुम्हरो मंत्र विभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना।।  मंगल मूरति रूप।  पवन तनव संकट हरन , | ताहि मघुर  राम लखन सीता सहित , हृदय बसहु सुर भूप।।  जुग सहस्र जोजन पर  भानू। तील्यो  फल जानू।। - ShareChat
#🙏शुभ मंगलवार🌸
🙏शुभ मंगलवार🌸 - राघव राजाराम पतित पावन सीताराम रघुपति 99 GOOD मंगलवार MORNING जय श्री राम जय श्री राम hemorningpicsxom गुड मॉर्निंग 5 श्री राम ह्नुमान जी की कृपा आप तथा आपके परिवार पर सदा बनी रहे राघव राजाराम पतित पावन सीताराम रघुपति 99 GOOD मंगलवार MORNING जय श्री राम जय श्री राम hemorningpicsxom गुड मॉर्निंग 5 श्री राम ह्नुमान जी की कृपा आप तथा आपके परिवार पर सदा बनी रहे - ShareChat
#🌷शुभ रविवार
🌷शुभ रविवार - शुभ रविवार कभी आपको लगे कि मैं अकेला हूं तो एक नज़र सूरज को क्या करसकता देख लेना, बो अकेला ही सारे संसार को आलोकित करता है !! प्रभत शुभ सूर्यदेव जय भगवान सूर्यदेव की कृपा से सिमृद्ध हो । आपका भविष्य उण्जवल एवं ' शुभ रविवार कभी आपको लगे कि मैं अकेला हूं तो एक नज़र सूरज को क्या करसकता देख लेना, बो अकेला ही सारे संसार को आलोकित करता है !! प्रभत शुभ सूर्यदेव जय भगवान सूर्यदेव की कृपा से सिमृद्ध हो । आपका भविष्य उण्जवल एवं ' - ShareChat