#🎭Whatsapp status आज से लगभग 507 वर्ष पूर्व (मास माघ, शुक्ल पक्ष, तिथि एकादशी वि. स. 1575 सन् 1518 को) परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी ने उत्तरप्रदेश के मगहर कस्बे से लाखों लोगों के सामने सशरीर सतलोक (ऋतधाम) को प्रस्थान किया था। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 27 से 29 जनवरी 2026 तक निर्वाण दिवस सतलोक आश्रमों में मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में तीन दिवसीय शुद्ध देसी घी से निर्मित निःशुल्क विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आप सभी सह परिवार सादर आमंत्रित हैं।
इन समागमों में भोजन प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं को गीता में वर्णित पांचो यज्ञों का फल प्राप्त होता है ।
#🎭Whatsapp status परम संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सान्निध्य में परमेश्वर कबीर साहेब जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में 27 से 29 जनवरी 2026 को सतलोक आश्रमों में भव्य भंडारा होने जा रहा है। आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथ
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#कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस
#🎭Whatsapp status पूज्य संत रामपाल जी महाराज जी के दिव्य सान्निध्य में अमर ग्रंथ साहेब का अखंड पाठ, शुद्ध देशी घी से निर्मित मोहन भंडारा, रक्तदान शिविर, दहेजमुक्त विवाह, और आध्यात्मिक प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम होंगे।
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#🎭Whatsapp status परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी के 508वें निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में सतगुरु रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 27 से 29 जनवरी 2026 को अमरग्रन्थ साहेब के 3 दिवसीय अखंड पाठ का आयोजन किया जा रहा है।
आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
धर्म तो धसकै नहीं, धसकै तीनों लोक।
खैरायत में खैर है, कीजै आत्म पोख ।।
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https://www.satsaheb.org/kannad-invitation-5/ #🎭Whatsapp status
#🎭Whatsapp status ತಮ್ಮ ಗುರು ಕಬೀರ್ ಪರಮೇಶ್ವರ್ ಜಿ ಅವರ ಅಂತಿಮ ವಿಧಿಗಳನ್ನು ತಮ್ಮದೇ ಆದ ಆಚರಣೆಗಳ ಪ್ರಕಾರ ಮಾಡಲು ಬಯಸಿದ ಹಿಂದೂಗಳು ಮತ್ತು ಮುಸ್ಲಿಮರ ನಡುವೆ ವಿವಾದವಿತ್ತು. ಕಬೀರ್ ಜಿ ಅವರ ದೇಹದ ಬದಲಿಗೆ ಪರಿಮಳಯುಕ್ತ ಹೂವುಗಳು ಕಂಡುಬಂದವು. ಇದು ಭೀಕರ ಹಿಂದೂ-ಮುಸ್ಲಿಂ ಯುದ್ಧವನ್ನು ತಪ್ಪಿಸಿತು. ಅವರೆಲ್ಲರೂ ಒಬ್ಬರನ್ನೊಬ್ಬರು ಅಪ್ಪಿಕೊಂಡು ಮಗುವಿನ ತಾಯಿ ಸತ್ತಂತೆ ಅಳುತ್ತಿದ್ದರು. ಕಬೀರ್ ಪರಮೇಶ್ವರ್ ಜಿ ತೋರಿಸಿದ ಶಕ್ತಿ ಇದು, ಇದು ಅಂತರ್ಯುದ್ಧವನ್ನು ತಪ್ಪಿಸಿತು.
#🎭Whatsapp status #पहचान_अविनाशी_प्रभु_की
कीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो।
दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।।
माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि.सं. 1575 सन् 1518 को अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर केवल सुगन्धित पुष्प मिले थे।
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#🎭Whatsapp status #पहचान_अविनाशी_प्रभु_की
508 वर्ष पहले परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं।
कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर लाखों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए।
तभी आकाशवाणी करते हैं -
"उठा लो पर्दा, नहीं है मुर्दा।"
और हुआ भी वैसा ही चादर उठाने पर, शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले। और कबीर परमात्मा सशरीर अपने सतलोक गए।
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#🎭Whatsapp status #पहचान_अविनाशी_प्रभु_की
कबीर साहेब वि.स. 1575 सन् 1518 माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी को धार्मिक सामंजस्य और भाईचारे की जो विरासत छोड़कर गए हैं, उसे मगहर में आज भी जीवंत रूप में देखा जा सकता है। मगहर में जहाँ से कबीर जी सहशरीर सतलोक गए थे, वहां आज भी यादगार मौजूद है।
कबीर, विहंसी कहयो तब तीनसै, मजार करो संभार।
हिन्दू तुरक नहीं हौ, ऐसा वचन हमार।।
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