१.६ लाख व्ह्यू · ९ ह प्रतिक्रिया | **बद्रीनाथ मंदिर** में स्थापित भगवान बद्रीविशाल की मूर्ति अद्वितीय और अत्यंत पवित्र है। यह **शालिग्राम शिला** (काले पत्थर) से बनी लगभग 1 मीटर (3.3 फीट) ऊंची **स्वयंभू** (स्वतः प्रकट) प्रतिमा है। इस मूर्ति की सबसे खास बात यह है कि इसमें भगवान विष्णु **ध्यान मुद्रा (पद्मासन)** में विराजमान हैं, जो उनके अन्य स्वरूपों में दुर्लभ है। मूर्ति की चार भुजाएं हैं; दो ऊपरी भुजाओं में शंख और चक्र धारण किए हुए हैं, जबकि अन्य दो हाथ योग मुद्रा में गोद में रखे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 8वीं शताब्दी में **आदि शंकराचार्य** ने इस दिव्य मूर्ति को अलकनंदा नदी के नारद कुंड से निकालकर मंदिर में स्थापित किया था। #badrinathdham #badrinath_kedarnath_gangotari_yamnotari #badrinathyatra2026 | professional traveller_
**बद्रीनाथ मंदिर** में स्थापित भगवान बद्रीविशाल की मूर्ति अद्वितीय और अत्यंत पवित्र है। यह **शालिग्राम शिला** (काले पत्थर) से बनी लगभग 1 मीटर (3.3 फीट)...