Manish Parikh
ShareChat
click to see wallet page
@manishparikh
manishparikh
Manish Parikh
@manishparikh
SPREAD LOVE
#🇮🇳 મેડ ઈન ઇન્ડિયા 🦾 #SC બૂસ્ટ સાથે તમારા વ્યૂઝ કરો સુપરચાર્જ #🏏ભારતીય મહિલા ક્રિકેટ ટીમ #🏅 નીરજ ચોપરા #🤼‍♂️WWE💪
🇮🇳 મેડ ઈન ઇન્ડિયા 🦾 - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#🔴 ક્રાઈમ પર દરેક અપડેટ #🔴 રાજકીય ટ્રેન્ડ્સ #✒ રાજકારણ અપડેટ્સ #🍰 જન્મદિવસ કોટ્સ #🌞 Good Morning કોટ્સ મોશન વિડિઓ
🔴 ક્રાઈમ પર દરેક અપડેટ - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#🚍 પ્રવાસ અને મુસાફરી #🐮ગૌમાતા #🐕 Animal લવર 🐇 #🏕️ પ્રકૃતિ પ્રેમી #📈 શેરબજાર માહિતી
🚍 પ્રવાસ અને મુસાફરી - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#✍️ જીવન કોટ્સ #📝રાધા-કૃષ્ણ કોટ્સ💝 #🙏કૃષ્ણ વચન✍️ #📝ભાઈ બહેન કોટ્સ💝 #💝 લવ કોટ્સ
✍️ જીવન કોટ્સ - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#👌 બેસ્ટ ફ્રેન્ડ #👫 મારા મિત્ર માટે #👨‍👩‍👧‍👦 પરિવાર પ્રેમ #🤝 દોસ્તી શાયરી
👌 બેસ્ટ ફ્રેન્ડ - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#🙋‍♂️ અરવિંદ કેજરીવાલ #💠આમ આદમી પાર્ટી #🙋‍♂️રાહુલ ગાંધી #🙋‍♂️ભૂપેન્દ્ર પટેલ
🙋‍♂️ અરવિંદ કેજરીવાલ - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#👌 બેસ્ટ ફ્રેન્ડ #👫 મારા મિત્ર માટે #👨‍👩‍👧‍👦 પરિવાર પ્રેમ #🤝 દોસ્તી શાયરી #🤣 ફની વિડિઓ 😜
👌 બેસ્ટ ફ્રેન્ડ - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#😇 સુવિચાર #📱 Whastapp લવ સ્ટેટસ #📱વ્હોટ્સએપ સ્ટેટ્સ📱 #💓 લવ સ્ટેટ્સ
😇 સુવિચાર - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#📣 ગુજરાતી લોક ડાયરો 🎶 #🥻દેશી ગુજરાતી લૂક👳‍♂️ #😋ગુજરાતી ફૂડ #👩નારી શક્તિ💪 #🤣નારી ના નખરા💁‍♀️
📣 ગુજરાતી લોક ડાયરો 🎶 - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat
#😇 સુવિચાર #📱 Whastapp લવ સ્ટેટસ #📱વ્હોટ્સએપ સ્ટેટ્સ📱 #💓 લવ સ્ટેટ્સ #🌟જીવનમાં ખુશ કેવી રીતે થવું❓
😇 સુવિચાર - जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। जिनका पेट भरा हुआ है,मतलब जो साधन सम्पन्न है,वो धर्म तत्वज्ञान और मोज शोख का  ज्ञान पिलते फिरते है,जो भूखा है,मतलब लिए जीने के मशक्कत कर रहा है॰वो धनी , बलवान लोगों के द्वारा शोषित हो रहे है,एवं अकेले है।जो निर्बल और पेट से खाली हो,इनका इस्तेमाल आतंकी, चोर कुछ भी బ్ লিত बनाने के किया जा सकता है,क्योंकि ढोंगी समाज साथ नहीं होता।जब इनके समाज और देश का ये हाल हो॰तो स्वामी विवेकानंद भगतसिंह, रानी लक्ष्मीबाई, शिवाजी जैसे वीर और सच्चे संत कहा से आयेंगे। जब जमीन ही उपजाऊ ना हो तो फल कहां से श्रेष्ठ होगा, यही हाल देश और समाज का है,प्रजा में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का अभाव और शत्रु बोध की समझ नहीं ,वो प्रजा विचार और आचार से निर्मालय और नपुसंक होती है।जय हिंद। - ShareChat