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#❤️अस्सलामु अलैकुम
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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - మడ 35 u( ُهثاگَرَبو اسیک مسوم మడ 35 u( ُهثاگَرَبو اسیک مسوم - ShareChat
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❤️अस्सलामु अलैकुम - Beshak मेरे "नबी" ने अपने आखिरी खुतबे में नम आंखों के साथ कहा था औरत के मामले में " अल्लाह" से डरना. Beshak मेरे "नबी" ने अपने आखिरी खुतबे में नम आंखों के साथ कहा था औरत के मामले में " अल्लाह" से डरना. - ShareChat
#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - ೭೮ :t ًانہر بیرق تریم ೭ ) ೭ಕ್ಕಿ೫ೆ Vట2y 4412| ஔட %3| ೮ ಒಲ್ಲ % ೮ ೭೮ :t ًانہر بیرق تریم ೭ ) ೭ಕ್ಕಿ೫ೆ Vట2y 4412| ஔட %3| ೮ ಒಲ್ಲ % ೮ - ShareChat
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❤️अस्सलामु अलैकुम - तुम्हे गुरूर है कि तुम्हारा वक्त बोल रहा है हमे यकीन है कि हमारा सब्र बोलेगा क्योंकि نیِرِباصلا عم ۃللا ّنإ तुम्हे गुरूर है कि तुम्हारा वक्त बोल रहा है हमे यकीन है कि हमारा सब्र बोलेगा क्योंकि نیِرِباصلا عم ۃللا ّنإ - ShareChat
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❤️अस्सलामु अलैकुम - Niyat Aye Imaan Waalo Tum Qurbani Ke Jaanwaro Mein Dikhawa Na Karna , Beshak Allah Tumhari Niyato Ko Dekhta Hai Tumhare Dikhave Ko Nahi..! 100 Niyat Aye Imaan Waalo Tum Qurbani Ke Jaanwaro Mein Dikhawa Na Karna , Beshak Allah Tumhari Niyato Ko Dekhta Hai Tumhare Dikhave Ko Nahi..! 100 - ShareChat
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❤️अस्सलामु अलैकुम - बग़ैर फ़्रीज़र के गोश्त महफ़ूज़ रखने का तरीक़ा गोश्त के किलो , किलो के शापर چ) (पॉलीथीन ননা ল, शापरों पर हल्की गाँठ लगा दें लेकिन हवा लगती रहे। #454& अब शापर उन घरों जिन्होंने नहीं की, ये गोश्त क़ुर्बानी क़यामत तक ख़राब नहीं aTl बग़ैर फ़्रीज़र के गोश्त महफ़ूज़ रखने का तरीक़ा गोश्त के किलो , किलो के शापर چ) (पॉलीथीन ননা ল, शापरों पर हल्की गाँठ लगा दें लेकिन हवा लगती रहे। #454& अब शापर उन घरों जिन्होंने नहीं की, ये गोश्त क़ुर्बानी क़यामत तक ख़राब नहीं aTl - ShareChat
#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - ईद उल अज़हा अगर कोई पूछे के तुम ईद उल अज़हा क्यों मनाते हो तो सिर्फ यह के कुर्बानी करते हैं सुन्नत है उसे इब्राहीम >JI Alc की मत कहना कहानी सुनाना... एक बाप था जिसने सारी ज़िंदगी अल्लाह से औलाद मांगी, साल गए... बुढ़ापा आ गया लेकिन दुआ नहीं छोड़़ी फिर अल्लाह गुज़रते ने उन्हें एक बेटा अता किया مالسلا ەیلع सोचो जिस बच्चे को पाने के लिए पूरी ज़िंदगी दुआ की वो बच्चा  कितना अज़ीज़ होगा... लेकिन फिर एक रात अल्लाह ने इब्राहिम PSJI ८c को ख्वाब दिखाया, के अपनी सबसे प्यारी चीज़ में कुर्बान करदो और वो समझ गए के अल्लाह अल्लाह की राह उनसे उनका बेटा मांग रहा है, अब ज़रा सोचो एक बाप के दिल पर होगी लेकिन अल्लाह से मोहब्बत इतनी थी के उन्होंने गुज़री क्या को चुना. . अपनी ख्वाहिश से ज़्यादा अल्लाह की रज़ा जब वो इस्माइल PUJI ८cको लेकर निकले तो बेटा भी अजीब था, यह नहीं कहा बाबा मुझे बचाइए उन्होंने कहा बाबा आप वही कीजिए जिसका अल्लाह ने आपको हुकुम दिया है यह सिर्फ कुर्बानी नहीं थी यह यक़ीन था तवक्कुल था अल्लाह से मोहब्बत थी और जब alc ने अपने बेटे को इब्राहीम करने का इरादा किया कुर्बान مالسلا ম ব্ুবা तो अल्लाह से आसमान भेज दिया क्योंकि अल्लाह खून नहीं देखना चाहता था अल्लाह उनका दिल देखना चाहता था तब से हम ईद उल अज़हा मनाते हैं ताकि हमें याद रहे अल्लाह के लिए कभी कभी अपनी सबसे प्यारी चीज़ भी॰ करनी पड़ती है अपना कुर्बान ९g० अपनी हराम मोहब्बत अपनी बुरी आदतें अपना तकब्बुर असल जानवर की नहीं नफ़्स की होती है इसे शेयर जरूर करें। कुर्बानी Short story ईद उल अज़हा अगर कोई पूछे के तुम ईद उल अज़हा क्यों मनाते हो तो सिर्फ यह के कुर्बानी करते हैं सुन्नत है उसे इब्राहीम >JI Alc की मत कहना कहानी सुनाना... एक बाप था जिसने सारी ज़िंदगी अल्लाह से औलाद मांगी, साल गए... बुढ़ापा आ गया लेकिन दुआ नहीं छोड़़ी फिर अल्लाह गुज़रते ने उन्हें एक बेटा अता किया مالسلا ەیلع सोचो जिस बच्चे को पाने के लिए पूरी ज़िंदगी दुआ की वो बच्चा  कितना अज़ीज़ होगा... लेकिन फिर एक रात अल्लाह ने इब्राहिम PSJI ८c को ख्वाब दिखाया, के अपनी सबसे प्यारी चीज़ में कुर्बान करदो और वो समझ गए के अल्लाह अल्लाह की राह उनसे उनका बेटा मांग रहा है, अब ज़रा सोचो एक बाप के दिल पर होगी लेकिन अल्लाह से मोहब्बत इतनी थी के उन्होंने गुज़री क्या को चुना. . अपनी ख्वाहिश से ज़्यादा अल्लाह की रज़ा जब वो इस्माइल PUJI ८cको लेकर निकले तो बेटा भी अजीब था, यह नहीं कहा बाबा मुझे बचाइए उन्होंने कहा बाबा आप वही कीजिए जिसका अल्लाह ने आपको हुकुम दिया है यह सिर्फ कुर्बानी नहीं थी यह यक़ीन था तवक्कुल था अल्लाह से मोहब्बत थी और जब alc ने अपने बेटे को इब्राहीम करने का इरादा किया कुर्बान مالسلا ম ব্ুবা तो अल्लाह से आसमान भेज दिया क्योंकि अल्लाह खून नहीं देखना चाहता था अल्लाह उनका दिल देखना चाहता था तब से हम ईद उल अज़हा मनाते हैं ताकि हमें याद रहे अल्लाह के लिए कभी कभी अपनी सबसे प्यारी चीज़ भी॰ करनी पड़ती है अपना कुर्बान ९g० अपनी हराम मोहब्बत अपनी बुरी आदतें अपना तकब्बुर असल जानवर की नहीं नफ़्स की होती है इसे शेयर जरूर करें। कुर्बानी Short story - ShareChat
#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - हजरत अबू बकर सिद्दीक रजि .) किसी को दुख देने वाला कभी खुश नहीं रहसकता हजरत उमर बिन खत्ताब रजि किसी की बेबसी पर मत हंसो ये वक्त तुम परभी आ सकता है हजरत उस्मान गनी रजि किसी की आंख तुम्हारी वजह से नम न हो क्योंकि तुम्हें उसके हर आंसू का कर्ज चुकाना होगा हजरत अली रजि मजलूम और नमाजी की आह से डरो क्योंकि आह किसी की भी हो अर्शको चीर कर अल्लाह के पास जाती है हजरत अबू बकर रजि . ) उसे दिन पे आंसू बहाव जिसे तुमने बिना नेकी के गुजरे हैं हजरत अबू बकर सिद्दीक रजि .) किसी को दुख देने वाला कभी खुश नहीं रहसकता हजरत उमर बिन खत्ताब रजि किसी की बेबसी पर मत हंसो ये वक्त तुम परभी आ सकता है हजरत उस्मान गनी रजि किसी की आंख तुम्हारी वजह से नम न हो क्योंकि तुम्हें उसके हर आंसू का कर्ज चुकाना होगा हजरत अली रजि मजलूम और नमाजी की आह से डरो क्योंकि आह किसी की भी हो अर्शको चीर कर अल्लाह के पास जाती है हजरत अबू बकर रजि . ) उसे दिन पे आंसू बहाव जिसे तुमने बिना नेकी के गुजरे हैं - ShareChat
#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - मैंने नफरत करना सीखा ही नहीं क्योंकि 443 हम उस नबी 66 93 3గౌ है जिन्होंने अपने दुश्मन को भी दुआएं दिया करते मैंने नफरत करना सीखा ही नहीं क्योंकि 443 हम उस नबी 66 93 3గౌ है जिन्होंने अपने दुश्मन को भी दुआएं दिया करते - ShareChat