MEKHRAM SAHU
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🌴🌹🙏 सप्रेम साहेब बंदगी साहेब 🙏🌹🌴
#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - कबीरा ते नर अन्ध है, गुरु को कहते और 4 हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठै नहीं ठौर II कबीरा ते नर अन्ध है, गुरु को कहते और 4 हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठै नहीं ठौर II - ShareChat
#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - बलिहारी गुरु आपनो , घड़ी-घड़ी सौ सौ बार | मानुष से देवत किया करत न लागी बार Il बलिहारी गुरु आपनो , घड़ी-घड़ी सौ सौ बार | मानुष से देवत किया करत न लागी बार Il - ShareChat
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🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - कबीर तेरी झोपड़ी, गल कटियन के पास| जो करेगा सो पड़ेगा, तू क्यों भया उदास Il 312f : कसाई की दुकान कबीर साहिब कहते हैं कि तेरा घर (आश्रय) कसाइयों के पास है। तू उनके कर्मों को देखता है, तो क्यों उदास होता है? जग में जैसी करनी होती है, वैसी ही भरनी पडती है। यह नियम अटल है। कबीर भजन ज्ञान फगी्भजन -1|1 कबीर तेरी झोपड़ी, गल कटियन के पास| जो करेगा सो पड़ेगा, तू क्यों भया उदास Il 312f : कसाई की दुकान कबीर साहिब कहते हैं कि तेरा घर (आश्रय) कसाइयों के पास है। तू उनके कर्मों को देखता है, तो क्यों उदास होता है? जग में जैसी करनी होती है, वैसी ही भरनी पडती है। यह नियम अटल है। कबीर भजन ज्ञान फगी्भजन -1|1 - ShareChat
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🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - ٩٤ भक्ति आंदोलन Bhakti Andolan | सुकूत वचन माने नहीं , विचार। आपु न करे कहैं कबीर पुकारि के, सपन्यौ गो संसार।। संत कबीर कहते हैं कि मनुष्य संतों और ज्ञानी पुरुषों के सत्य तथा कल्याणकारी वचनों को नहीं मानता और विवेकपूर्वक विचार स्वयं भी नहीं करता। इसी कारण यह पूरा संसार अज्ञान , मोह और भ्रम में डूबा हुआ है। संत कबीरदास @Rahul_Brahmacharya ٩٤ भक्ति आंदोलन Bhakti Andolan | सुकूत वचन माने नहीं , विचार। आपु न करे कहैं कबीर पुकारि के, सपन्यौ गो संसार।। संत कबीर कहते हैं कि मनुष्य संतों और ज्ञानी पुरुषों के सत्य तथा कल्याणकारी वचनों को नहीं मानता और विवेकपूर्वक विचार स्वयं भी नहीं करता। इसी कारण यह पूरा संसार अज्ञान , मोह और भ्रम में डूबा हुआ है। संत कबीरदास @Rahul_Brahmacharya - ShareChat
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - प्यार के लिए कोई रिश्ता जरूरी नहीं है, लेकिन हर रिश्ते में प्यार का होना जरूरी है नहीं ता सारे रिश्ते बेमानी हा जाएंगे। ~पंथ श्री हुजूर प्रकाशमुनि नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVAL OIkabirdharmdasvanshavali.org प्यार के लिए कोई रिश्ता जरूरी नहीं है, लेकिन हर रिश्ते में प्यार का होना जरूरी है नहीं ता सारे रिश्ते बेमानी हा जाएंगे। ~पंथ श्री हुजूर प्रकाशमुनि नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVAL OIkabirdharmdasvanshavali.org - ShareChat
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🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - ९*७@2 लागी आगि समुद्र में , प्रकट न होय। धुआँ की जाने जो जारि मुआ , की जारै लई होय।। कबीर कहते हैं कि यदि समुद्र के भीतर आग लग जाए, तो उसका बाहर दिखाई नहीं देता। धुआँ उसी प्रकार जो व्यक्ति भीतर ही विरह, भीतर प्रेम या आत्मज्ञान की अग्नि में जलता है, उसकी आंतरिक अवस्था को सामान्य लोग नहीं समझ सकते। .0 कौन जाने कि वह वास्तव में अज्ञान और अहंकार को जलाकर मुत्तत हो गया है, या फिर माया और संसार की वासनाओं में जल रहा है? इसका सच्चा ज्ञान केवल वही जानता है जिसने स्वयं उस अनुभव को ক্িমা ক্ী | সাদ 9೦ಎ೨: ९*७@2 लागी आगि समुद्र में , प्रकट न होय। धुआँ की जाने जो जारि मुआ , की जारै लई होय।। कबीर कहते हैं कि यदि समुद्र के भीतर आग लग जाए, तो उसका बाहर दिखाई नहीं देता। धुआँ उसी प्रकार जो व्यक्ति भीतर ही विरह, भीतर प्रेम या आत्मज्ञान की अग्नि में जलता है, उसकी आंतरिक अवस्था को सामान्य लोग नहीं समझ सकते। .0 कौन जाने कि वह वास्तव में अज्ञान और अहंकार को जलाकर मुत्तत हो गया है, या फिर माया और संसार की वासनाओं में जल रहा है? इसका सच्चा ज्ञान केवल वही जानता है जिसने स्वयं उस अनुभव को ক্িমা ক্ী | সাদ 9೦ಎ೨: - ShareChat
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🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - जो तु चाहे मुझ को, छाड़ जगत की आस ( मुझ ही जैसा हो रहो, तो बस कुछ तेरे पास II जो तु चाहे मुझ को, छाड़ जगत की आस ( मुझ ही जैसा हो रहो, तो बस कुछ तेरे पास II - ShareChat
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🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - सत्यनाम कहैं कबीर मैं जाना  66 66 मैं जानकर मैं समझकर मैं देखकर कहता हूं। इसीलिए तो कबीर साहेब की वाणी में बड़ा ओज है, बड़ी गहराई है। दुनियां के जितने धर्मगुरू हैं उनको कहना चाहिए कि वे सबसे बड़े कंगाल हैं, जिनके पास अपनी सम्पत्ति नहीं होती और सद्रगुरू के पास अपनी निज की सम्पन्ति होती है, अपना निज का अनुभव होता है जो सद्गुरू होंगे , वही अपना 99 निज का अनुभव कह पायेंगे गृन्धमुनि नाम साहब ~पंथ श्री KABIR DHARMDAS VANSHAVALI Olkabirdharmdasvanshavali org सत्यनाम कहैं कबीर मैं जाना  66 66 मैं जानकर मैं समझकर मैं देखकर कहता हूं। इसीलिए तो कबीर साहेब की वाणी में बड़ा ओज है, बड़ी गहराई है। दुनियां के जितने धर्मगुरू हैं उनको कहना चाहिए कि वे सबसे बड़े कंगाल हैं, जिनके पास अपनी सम्पत्ति नहीं होती और सद्रगुरू के पास अपनी निज की सम्पन्ति होती है, अपना निज का अनुभव होता है जो सद्गुरू होंगे , वही अपना 99 निज का अनुभव कह पायेंगे गृन्धमुनि नाम साहब ~पंथ श्री KABIR DHARMDAS VANSHAVALI Olkabirdharmdasvanshavali org - ShareChat