राम राम जी शुभ दोपहर #जागो और जगाओ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
#पश्चिम_बंगाल विधानसभा में सोमवार को UCC (समान नागरिक संहिता) विधेयक पेश होने की तैयारी है।
अगर बिल पास होता है, तो बंगाल उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद UCC लागू करने वाला चौथा राज्य बन जाएगा।
साथ ही 'पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026' भी पेश होगा, जिसमें 12 महीने तक प्रिवेंटिव डिटेंशन और 'गुंडा' घोषित व्यक्तियों के खिलाफ एक्सटर्नमेंट ('निष्कासन' या 'तड़ीपार') जैसे सख्त प्रावधान शामिल हैं।
बंगाल की राजनीति के लिए सोमवार का दिन बेहद अहम रहने वाला है।
#WestBengal #UCC #UniformCivilCode #BJP4Bengal #SuvenduAdhikari
#badaltabengal
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@BJP4Bengal #जागो और जगाओ
बारिश के बाद मौसम बड़ा प्यारा होता है #जागो और जगाओ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
जीवन में ट्रेन की तरह है चलते रहो ना थकना है ना रुकना है #जागो और जगाओ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
मित्रों बताइए किस-किस ने इन पत्तों पर भोजन किया है और अपनी पुरानी यादें ताजा कीजिए अपने मित्रों को शेयर कीजिए #जागो और जगाओ
#चमार कोई #नीची जाति नहीँ, बल्कि #सनातन धर्म के रक्षक हैं जिन्होंने मुगलोँ का जुल्म सहा मगर धर्म नही त्यागा..
आप जानकार हैरान हो सकते हैं कि भारत में जिस जाति को चमार बोला जाता है वो असल में #चंवरवंश की #क्षत्रिय जाति है।
इतना ही नहीं बल्कि #महाभारत के #अनुशासन पर्व में भी इस वंश का उल्लेख है। हिन्दू वर्ण व्यवस्था को क्रूर और भेद भाव बनाने वाले हिन्दू नहीं, बल्कि विदेशी आक्रमणकारी थे!
जब भारत पर तुर्कियों का राज था, उस सदी में इस वंश का शासन भारत के पश्चिमी भाग में था, उस समय उनके प्रतापी राजा थे चंवर सेन।
इस राज परिवार के वैवाहिक सम्बन्ध #बप्पा #रावल के वंश के साथ थे। राणा सांगा और उनकी पत्नी झाली रानी ने संत #रैदासजी जो कि चंवरवंश के थे, उनको मेवाड़ का राजगुरु बनाया था। वे चित्तोड़ के किले में बाकायदा प्रार्थना करते थे। इस तरह आज के समाज में जिन्हें चमार बुलाया जाता है, उनका इतिहास में कहीं भी उल्लेख नहीं है।
चमार शब्द का उपयोग पहली बार #सिकंदर लोदी ने किया था।
ये वो समय था जब हिन्दू संत रविदास का चमत्कार बढ़ने लगा था अत: मुगल शासन घबरा गया। सिकंदर लोदी ने सदना #कसाई को संत रविदास को मुसलमान बनाने के लिए भेजा। वह जानता था कि यदि संत #रविदास इस्लाम स्वीकार लेते हैं तो भारत में बहुत बड़ी संख्या में हिन्दू इस्लाम स्वीकार कर लेंगे।
लेकिन उसकी सोच धरी की धरी रह गई, स्वयं सदना कसाई शास्त्रार्थ में पराजित हो कोई उत्तर न दे सके और संत #रविदास की भक्ति से प्रभावित होकर उनका भक्त यानी वैष्णव (हिन्दू) हो गए। उनका नाम सदना कसाई से रामदास हो गया।
दोनों संत मिलकर हिन्दू धर्म के प्रचार में लग गए। जिसके फलस्वरूप सिकंदर लोदी ने क्रोधित होकर इनके #अनुयायियों को अपमानित करने के लिए पहली बार “चमार” शब्द का उपयोग किया था।
उन्होंने संत रविदास को कारावास में डाल दिया। उनसे कारावास में #खाल खिचवाने, #खाल-चमड़ा पीटने, #जूती बनाने इत्यादि काम जबरदस्ती कराया गया। उन्हें मुसलमान बनाने के लिए बहुत शारीरिक कष्ट दिए गए लेकिन उन्होंने कहा:-
“वेद धर्म सबसे बड़ा, #अनुपम सच्चा ज्ञान, फिर मै क्यों छोडू इसे, पढ़ लू झूठ #कुरान।
#वेद धर्म छोडू नहीं, कोसिस करो हज़ार, तिल तिल काटो चाहि, गोदो अंग कटार।”
यातनायें सहने के पश्चात् भी वे अपने #वैदिक धर्म पर अडिग रहे और अपने #अनुयायियों को विधर्मी होने से बचा लिया।
🚩।।सनातन धर्म की जय हो।। 🚩
@highlight #जागो और जगाओ











