नरेश चंद्र सनातनी
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नरेश चंद्र सनातनी
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‪ऑटो वाले भाई ने सच लिखा है हर अच्छे काम का विरोध—आखिर कांग्रेस का ये कैसा प्रतिशोध लिस्ट लंबी है पर नीचे कुछ उदाहरण ‪ अनुच्छेद 370 का विरोध‬ ‪ भव्य राम मंदिर के निर्माण‬ का विरोध ‪ आयुष्मान भारत और GST‬ का विरोध ‪ सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक‬ पर सवाल ट्रिपल तलाक़ का विरोध देश की नई संसद का विरोध अब नारी शक्ति का विरोध #जागो और जगाओ
जागो और जगाओ - TకTaria বফী-কংন काग्रेंसी भारत विरोघी हो गए हैं 166 TకTaria বফী-কংন काग्रेंसी भारत विरोघी हो गए हैं 166 - ShareChat
*बिहार के इतिहास में पहली बार एक हिंदू मुख्यमंत्री ने जालीदार मुस्लिम टोपी पहनने से इनकार किया*👌 लेकिन ये समझ नहीं आता कि*... ये मुल्ले मौलवी हर वक्त हिंदुओं को जालीदार टोपी पहनाने के चक्कर में ही क्यों लगे रहते हैं ? अरे भाई तुम्हारी धार्मिक परंपरा है तुम अपनी धार्मिक परंपरा का पालन करो जो हिंदू है उसे हिंदू परंपरा का पालन करने दो एक हिंदू तुम्हारी टोपी पहन लेगा तो उससे तुमको कौन सा चरम सुख की प्राप्ति हो जाएगी बे ?? और तुम कहते हो कि हमारे धर्म में टीका लगाना हराम है *तो हिंदू को क्यो जालीदार टोपी पहनाते हो बे ??* 🫩 #जागो और जगाओ
जागो और जगाओ - Vo3 56+ 11:25 LTE *IबहIर क इ।तहास भ पहल। बI२ एक Iहदू भुख्थभत्रI न जIलIदI भु।स्लH टोपी से इनकार किया* पहनने लेकिन ये समझ नहीं आता कि* ये मुल्ले मौलवी हर वक्त हिंदुओं को जालीदार टोपी पहनाने के चक्कर में ही क्यों लगे रहते हैं ? धार्मिक परंपरा है तुम अपनी धार्मिक परंपरा का पालन अरे भाई तुम्हारी करो जो हिंदू है उसे हिंदू परंपरा का पालन करने दो कौन सा चरम सुख की एक हिंदू तुम्हारी टोपी पहन लेगा तो उससे নুসব্ধী प्राप्ति हो जाएगी बे ?? और तुम कहते हो कि हमारे धर्म में टीका लगाना  हराम है *तो हिंदू को क्यो जालीदार टोपी   पहनाते हो बे ??* VTO शगव थारी Vo3 56+ 11:25 LTE *IबहIर क इ।तहास भ पहल। बI२ एक Iहदू भुख्थभत्रI न जIलIदI भु।स्लH टोपी से इनकार किया* पहनने लेकिन ये समझ नहीं आता कि* ये मुल्ले मौलवी हर वक्त हिंदुओं को जालीदार टोपी पहनाने के चक्कर में ही क्यों लगे रहते हैं ? धार्मिक परंपरा है तुम अपनी धार्मिक परंपरा का पालन अरे भाई तुम्हारी करो जो हिंदू है उसे हिंदू परंपरा का पालन करने दो कौन सा चरम सुख की एक हिंदू तुम्हारी टोपी पहन लेगा तो उससे নুসব্ধী प्राप्ति हो जाएगी बे ?? और तुम कहते हो कि हमारे धर्म में टीका लगाना  हराम है *तो हिंदू को क्यो जालीदार टोपी   पहनाते हो बे ??* VTO शगव थारी - ShareChat
अरे बिल तो आखिर गिरना ही था आखिर दो तिहाई बहुमत मिलना ही होता तब क्या NJAC नहीं था टेबल पर रखने के लिए क्या ये अमित शाहऔर मोदी को नहीं पता था? बिल्कुल अच्छे से पता था बिना प्रयोजन कोई उल्टा दांव नहीं खेला जाता आज का दिन भारतीय राजनीति में विपक्ष के 'मूर्खता के उत्सव' के रूप में दर्ज होगा। विपक्ष जिसे अपनी विजय बता रहा है, वह दरअसल उनके राजनीतिक पतन का ट्रिगर पॉइंट ही साबित होगा । राजनीति में तालियां हमेशा जीत का प्रतीक नहीं होतीं, कभी-कभी वे विदाई की गूँज भी होती हैं। मोदी ने जो पटखनी दी है, उसकी धूल जब 2029 के चुनावों में उड़ेगी, तब शायद इन सुतिये विपक्षी नेताओं को समझ आएगा कि कल जो वो ताली पीट रहे थे वह जीत पर नहीं, बल्कि अपनी ही कब्र पर पीट रहे थे। जिस 'इंडी गठबंधन' (I.N.D.I.A.) को लग रहा है कि उन्होंने बिल को रोककर सरकार को घेरा है, दरअसल उन्होंने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है या खुद ही कुल्हाड़ी पर पैर दे मारा है महिला आरक्षण बिल ना पास होने की स्थिति मे विपक्ष के खेमे में भले ही जश्न का माहौल हो लेकिन हकीकत में यह जश्न उस 'सियासी जाल' का चक्र व्यूह है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी चतुराई से बुना है। अब बीजेपी के पास 2029 तक के हर चुनाव के लिए एक अचूक हथियार है। वे जनता के बीच जाकर सीना ठोक कर कहेंगे कि "हम तो महिलाओ अधिकार देना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने तालियां बजाकर इसे रोक दिया।" मोदी ने "साइलेंट वोटर" (महिलाएं) को अपनी ओर खींचने के लिए जो भावनात्मक कार्ड खेला है, विपक्ष ने उस पर जश्न मनाकर खुद को 'महिला विरोधी' के रूप में चित्रित होने का अवसर दे दिया है। #जागो और जगाओ
जागो और जगाओ - अरे बिल तो आखिर गिरना ही था आखिर दो तिहाई बहुमत मिलना ही होता तब क्या NJAC नहीं था टेबल पर रखने के लिए शाहऔर मोदी को नहीं पता था? बिल्कुल अच्छे से पता था क्या ये अमित बिना प्रयोजन कोई उल्टा दांव नहीं खेला जाता आज का दिन भारतीय राजनीति में विपक्ष के ' मूर्खता के उत्सव' के रूप में दर्ज होगा। विपक्ष जिसे अपनी विजय बता रहा है, वह दरअसल उनके राजनीतिक पतन का ट्रिगर पॉइंट ही साबित होगा হাতনীনি ম নালিয়া हमेशा जीत का प्रतीक नहीं होतीं , कभी-कभी वे विदाई की गूँज भी होती हैं। मोदी ने जो पटखनी दी है, उसकी धूल जब २०२९ के चुनावों में उड़ेगी, तब सुतिये विपक्षी नेताओं को समझ आएगा कि कल जो वो ताली 9TTడ క7 पीट रहे थे वह जीत पर नहीं , बल्कि अपनी ही कब्र पर पीट रहे थे। जिस ' इंडी गठबंधन' (I. N.D.I.A. ) को लग रहा है कि उन्होंने बिल को रोककर सरकार को घेरा है, दरअसल उन्होंने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है या खुद ही कुल्हाड़ी पर पैर दे मारा है महिला आरक्षण बिल ना पास होने की स्थिति मे विपक्ष के खेमे में भले ही जश्न का माहौल हो लेकिन हकीकत में यह जश्न उस 'सियासी जाल' का चक्र व्यूह है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी चतुराई से बुना है। बीजेपी के पास २०२९ तक के हर चुनाव के लिए एक अचूक हथियार अब है। वे जनता के बीच जाकर सीना ठोक कर कहेंगे कि "हम तो महिलाओ अधिकार देना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने तालियां बजाकर इसे रोक दिया।' मोदी ने " साइलेंट वोटर" (महिलाएं) को अपनी ओर खींचने के लिए जो भावनात्मक कार्ड खेला है, विपक्ष ने उस पर जश्न मनाकर खुद को ' महिला विरोधी' के रूप में चित्रित होने का अवसर दे दिया है। अरे बिल तो आखिर गिरना ही था आखिर दो तिहाई बहुमत मिलना ही होता तब क्या NJAC नहीं था टेबल पर रखने के लिए शाहऔर मोदी को नहीं पता था? बिल्कुल अच्छे से पता था क्या ये अमित बिना प्रयोजन कोई उल्टा दांव नहीं खेला जाता आज का दिन भारतीय राजनीति में विपक्ष के ' मूर्खता के उत्सव' के रूप में दर्ज होगा। विपक्ष जिसे अपनी विजय बता रहा है, वह दरअसल उनके राजनीतिक पतन का ट्रिगर पॉइंट ही साबित होगा হাতনীনি ম নালিয়া हमेशा जीत का प्रतीक नहीं होतीं , कभी-कभी वे विदाई की गूँज भी होती हैं। मोदी ने जो पटखनी दी है, उसकी धूल जब २०२९ के चुनावों में उड़ेगी, तब सुतिये विपक्षी नेताओं को समझ आएगा कि कल जो वो ताली 9TTడ క7 पीट रहे थे वह जीत पर नहीं , बल्कि अपनी ही कब्र पर पीट रहे थे। जिस ' इंडी गठबंधन' (I. N.D.I.A. ) को लग रहा है कि उन्होंने बिल को रोककर सरकार को घेरा है, दरअसल उन्होंने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है या खुद ही कुल्हाड़ी पर पैर दे मारा है महिला आरक्षण बिल ना पास होने की स्थिति मे विपक्ष के खेमे में भले ही जश्न का माहौल हो लेकिन हकीकत में यह जश्न उस 'सियासी जाल' का चक्र व्यूह है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी चतुराई से बुना है। बीजेपी के पास २०२९ तक के हर चुनाव के लिए एक अचूक हथियार अब है। वे जनता के बीच जाकर सीना ठोक कर कहेंगे कि "हम तो महिलाओ अधिकार देना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने तालियां बजाकर इसे रोक दिया।' मोदी ने " साइलेंट वोटर" (महिलाएं) को अपनी ओर खींचने के लिए जो भावनात्मक कार्ड खेला है, विपक्ष ने उस पर जश्न मनाकर खुद को ' महिला विरोधी' के रूप में चित्रित होने का अवसर दे दिया है। - ShareChat
कक्षा चार की पुस्तक में #जागो और जगाओ
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संस्कार #जागो और जगाओ
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गर्मी में सबको छाया चाहिए तो मित्रों पेड़ लगाइए #जागो और जगाओ
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