इस देश में कानून बचा है...???
मुख्य अपराधी जिसने मनुस्मृति जलाकर भारतीय जनता के मन को आहत किया और कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश की । वो अभी भी खुला घूम रहा है, क्योंकि वह एक विशेष वर्ण से आता है और दूसरी ओर एक को सिर्फ सच बोलने के लिए गिरफ्तार किया जाता है , क्योंकि वह एक ब्राह्मण है...
क्या इस देश में सरकार के द्वारा जाति आधारित दुश्मनी चल रही है ? क्या इस देश में संविधान के आर्टिकल 14 (कानून के लिए सब बराबर है ) का पालन हो रहा है ? #जागो और जगाओ
इस देश में अगर कोई सनातन धर्म की बात करेगा, गौहत्या हत्या पर रोक लगने की बात करेगा, हिन्दू ल़डकियों का लव जिहाद पर रोक लगने, हिन्दुओं का धर्मांतरण रुकने, हिन्दुओं का दिन दहाड़े कत्लेआम रुकने, आए दिन हिन्दुओं के देवी देवताओं के अपमान पर अगर कोई बात करेगा तो उसके साथ हमारी सरकार व कानून कठोर से कठोर कार्यवाही करेगा, लेकिन यही काम विधर्मी करेंगे तो उनके लिए सब माफ़ है, अभी कुछ दिन पहले मथुरा में दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित, डॉ प्रकाश सिंह के साथ हुआ था और वही अब गौतम खट्टर जी के साथ हो रहा है!
ये है गौतम खट्टर जी इनकी गलती बस इतनी थी की इन्होने अपने भाषण मे वीडियो मे गोवा मे ईसाई पादरीयों द्वारा किये गए जुल्म के इतिहास को बताने का दुस्साहस किया था....
गोवा बीजेपी की सरकार को ये नागवार गुजरा कोई हिंदूवादी नेता मेरे वोट बैंक को कैसे टारगेट कर सकता है, बिना हमारी अनुमति के.... अपने क्रिस्चियन आकाओ को खुश करने के लिए , गोवा की बीजेपी सरकार उसके मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के आदेश पर गोवा पुलिस गोवा सरकार की है या झेवियर की अत्याचारी फौज ?
वक्ता गौतम खट्टर पर फ़र्ज़ी मुकदमा किया, उससे भी ख़तरनाक, वह घर पर नहीं मिले तो उनके 18 वर्षीय छोटे भाई माधव खट्टर को उठा कर ले गई?
किसी आतंकवादी की तरह उनके चेहरे को काला नक़ाब लगा कर कोर्ट में पेश किया।
क्या गोवा में फिर पुर्तगाली अत्याचारी शासन की वापसी हो गई है?
Gautam Khattar ऐतिहासिक सच बोलने पर हिंदू वक्ताओं का भाई गिरफ्तार?
#JusticeForKhattar #GoaPolice #जागो और जगाओ
गौतम खट्टर और माधव खट्टर की गिरफ्तारी के विरोध में सभा आयोजित की गई है।
📅 26 अप्रैल 2026, शाम 6 बजे
📍 स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक
👥 आयोजक: गोवा हिंदू रक्षा मंच
हिंदू समाज से शामिल होने की अपील। #जागो और जगाओ
बेंगलुरु, कर्नाटक से CET (Common Entrance Test) परीक्षा के दौरान एक बेहद संवेदनशील और विवादित मामला सामने आया है। 24-25 अप्रैल 2026 को मडिवाला स्थित 'कृपनिधि कॉलेज' परीक्षा केंद्र पर कई छात्रों को अपना जनेऊ और कलाई पर बंधा कलावा उतारने के लिए मजबूर किया गया
#students #exams #CET #जागो और जगाओ
सनातनी विचारधारा मित्र ही मित्रता सूची में शामिल करें #जागो और जगाओ
अमानवीयता,अपमान और भेदभाव की हद पार कर ली गई !! हिंदू लड़कियों की नथों पर #एडहेसिव #टेप चिपकाया गया....
बुर्कों-हिजाबों पर कोई कार्रवाई नहीं....
#चिकमगलूर के MES कॉलेज में परीक्षा कर्मचारियों ने उस समय भारी आक्रोश पैदा कर दिया, जब उन्होंने कर्नाटक CET परीक्षा के दौरान 'गहने न पहनने' के नियम को सख्ती से लागू करते हुए, कई हिंदू छात्राओं की पारंपरिक नथों (मुगुती) पर सीधे एडहेसिव टेप चिपका दिया....उससे पहले जबरन नथुनी उतरवा ली गई...
इससे पहले हिंदू छात्रों के जनेऊ जबरन उतरवाए गए थे!
वहीं दूसरी और, इन्ही परीक्षा केंद्रों में बुर्कों और हिजाबों पर न तो कोई विरोध जताया गया और न ही उन पर कोई प्रतिबंध लगाया गया. उन्हें खुली छुट थी
क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है..? यह अन्याय, अपमान, उपेक्षा और अत्याचार की पराकाष्ठा नहीं है ?😡
#Hinducause #जागो और जगाओ
🚨 पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ चर्चित नामों—गौतम खट्टर, अजीत भारती और रतन रंजन—को लेकर अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। इन मामलों ने अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर बहस तेज कर दी है।
गौतम खट्टर के मामले में गोवा पुलिस द्वारा लुकआउट सर्कुलर जारी होने और उनके परिवार से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी की बात सामने आई। इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
अजीत भारती के मामले में एक पैरोडी कंटेंट को लेकर कानूनी धाराएँ लगाए जाने की चर्चा है। इसमें BNS की गंभीर धाराओं का इस्तेमाल होने की बात कही जा रही है, जिससे बहस और बढ़ गई है।
वहीं रतन रंजन पेज को लेकर भी नोटिस जारी होने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग राज्यों की इन घटनाओं को कुछ लोग एक पैटर्न के रूप में देख रहे हैं।
इन सभी मामलों के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी समान रूप से लागू हो रही है, या फिर अलग-अलग परिस्थितियों में इसका उपयोग अलग तरीके से हो रहा है?
डिस्क्लेमर: यह पोस्ट उपलब्ध जानकारियों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी व्यक्ति या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना उद्देश्य नहीं है। वास्तविक तथ्यों के लिए आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें। #जागो और जगाओ












