Mohammad Muaz Hasan
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Allah Gareeb Nawaz (AGN)
#🙋‍♂️السلام علیکم💐 #وصیلہ #🕌عقیدت #🙏 عقیدت #📝اسلام کا پیغام 🕌
🙋‍♂️السلام علیکم💐 - जायज़ वसीला क्या है? .तीसरा तरीक़ा  5 ،،44 বঁসান" करवा सकते हैं बशर्ते वह हयाते ज़िन्दगी में हो न कि क़ब्र वाली ज़िन्दगी में रज़ियल्लाहु अन्हु नबी सल्लाहो अलैहि ೯R೯ ತಗ वसल्लम की वफ़ात के बाद उनके चचा हज़रत अब्बास লিৎ रज़ियल्लाहु अन्हु से बारिश के 337 4<41$/ सहीह बुखारी (हदीस नंबर 3710) रज़ियल्लाहु अन्हु के दौरे॰ख़िलाफत में, 37 जब ge 4sT =1 रज़ियल्लाहु अन्हु नबी सल्लाहो 3 अलैहि वसल्लम की क़ब्र पर नहीं गए न ही उनके वसीले  53/ की, बल्कि वो अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हु के घर उनको दुआ के लिए कहा गए और सहीह बुखारी (हदीस नंबर 1010) यहां तीसरा तरीक़ा यह साबित हुआ कि "नेक इंसान" से दुआ करवा सकते हैं बशर्ते कि वो हयाते ज़िन्दगी में हो न कि क़ब्र वाली ज़िन्दगी में। अलावा क़ुरआन और सहीह हदीस में इसके कहीं भी अलग तरीक़ा नहीं मिलता। जायज़ वसीला क्या है? .तीसरा तरीक़ा  5 ،،44 বঁসান" करवा सकते हैं बशर्ते वह हयाते ज़िन्दगी में हो न कि क़ब्र वाली ज़िन्दगी में रज़ियल्लाहु अन्हु नबी सल्लाहो अलैहि ೯R೯ ತಗ वसल्लम की वफ़ात के बाद उनके चचा हज़रत अब्बास লিৎ रज़ियल्लाहु अन्हु से बारिश के 337 4<41$/ सहीह बुखारी (हदीस नंबर 3710) रज़ियल्लाहु अन्हु के दौरे॰ख़िलाफत में, 37 जब ge 4sT =1 रज़ियल्लाहु अन्हु नबी सल्लाहो 3 अलैहि वसल्लम की क़ब्र पर नहीं गए न ही उनके वसीले  53/ की, बल्कि वो अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हु के घर उनको दुआ के लिए कहा गए और सहीह बुखारी (हदीस नंबर 1010) यहां तीसरा तरीक़ा यह साबित हुआ कि "नेक इंसान" से दुआ करवा सकते हैं बशर्ते कि वो हयाते ज़िन्दगी में हो न कि क़ब्र वाली ज़िन्दगी में। अलावा क़ुरआन और सहीह हदीस में इसके कहीं भी अलग तरीक़ा नहीं मिलता। - ShareChat
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🙋‍♂️السلام علیکم💐 - जायज़ वसीला क्या है? इसके बारे में हमें क़ुरआन और सहीह हदीस से सिर्फ तीन तरीक़ा मिलता है अल्लाह के सिफ़ाती नामों का @এমলা নবীক্ূা वसीला ले सकते हैं हैं बहुत अच्छे नाम तो उसे इन ४और अल्लाह ही के 4 দ্তুব্ধাহী" सुरह आराफ़ (सुरह नंबर 7_সামন ননব  180) इससे साबित हुआ कि अल्लाह के सिफ़ाती नामों का वसीला ले सकते हैं। दूसरा तरीक़ा नेक आमाल के वसीले से अल्लाह से दुआ ९ऐ ईमान वालों अल्लाह से डरो और उसकी तरफ वसीला ढूंढो  तर्जुमा कंजुल ईमान (सुरह मायदा _ आयत नंबर 35) के हदीस में है कि ॰तीन आदमी" "सहीह gR जब ग़ार में फंस गए तो तीनों ने बारी-बारी से अपने नेक आमाल के वसीले से अल्लाह से दुआ की और फिर अल्लाह ने उन को निजात दी। सहीह बुखारी (हदीस नंबर 3465) यहां से वसीले का दूसरा तरीक़ा साबित हुआ कि अपने नेक आमाल जो सिर्फ अल्लाह के लिए किया जाए उस आमाल का वसीला ले सकते हैं। जायज़ वसीला क्या है? इसके बारे में हमें क़ुरआन और सहीह हदीस से सिर्फ तीन तरीक़ा मिलता है अल्लाह के सिफ़ाती नामों का @এমলা নবীক্ূা वसीला ले सकते हैं हैं बहुत अच्छे नाम तो उसे इन ४और अल्लाह ही के 4 দ্তুব্ধাহী" सुरह आराफ़ (सुरह नंबर 7_সামন ননব  180) इससे साबित हुआ कि अल्लाह के सिफ़ाती नामों का वसीला ले सकते हैं। दूसरा तरीक़ा नेक आमाल के वसीले से अल्लाह से दुआ ९ऐ ईमान वालों अल्लाह से डरो और उसकी तरफ वसीला ढूंढो  तर्जुमा कंजुल ईमान (सुरह मायदा _ आयत नंबर 35) के हदीस में है कि ॰तीन आदमी" "सहीह gR जब ग़ार में फंस गए तो तीनों ने बारी-बारी से अपने नेक आमाल के वसीले से अल्लाह से दुआ की और फिर अल्लाह ने उन को निजात दी। सहीह बुखारी (हदीस नंबर 3465) यहां से वसीले का दूसरा तरीक़ा साबित हुआ कि अपने नेक आमाल जो सिर्फ अल्लाह के लिए किया जाए उस आमाल का वसीला ले सकते हैं। - ShareChat
#🙋‍♂️السلام علیکم💐 #📝اسلام کا پیغام 🕌 #🕌عقیدت #🙏 عقیدت #عقیدہ بچانا ضروری ہے
🙋‍♂️السلام علیکم💐 - पैग़म्बर सल्लाहो अलैहि वसल्लम और औलिया के वसीले से दुआ मांगना कहां तक सही है? क़ुरआन से वसीला की जो पहली दलील दी जाती है वह ये है :- ऐ ईमान वालों , अल्लाह से डरो और उसकी तरफ वसीला ढूंढो।  (तर्जुमा-कंजुल ईमान अहमद रज़ा बरेलवी) (सुरह अल-्मायदा आयत नंबर 35) वसीला लफ्ज़ को वसीला ही इस्तेमाल किया वज़ाहत बिल्कुल अरबी के আাৎ নী मानी যক্ী ক্ীণা T लफ़्ज़ी मानी क़ुर्ब (नज़दीकी) होता है 49<7 47 "मतलब यह है कि अल्लाह की मना कर्दा कामों से उस की तरफ यानी जो रुका   रहे, कुर्बत থাম नज़दीकी तलाश करे। वसीले के यही मायने हज़रत रज़ियल्लाहु अन्हु से मन्कूल है। हज़रत इब्ने अब्बास मुजाहिद, हज़रत वाईल, हज़रत हसन, हज़रत इब्ने ज़ैद रज़ियल्लाहु अन्हु और बहुत से मुफस्सीरीन से भी मरवी है। तफ़सीर इब्ने कसीर (सुरह मायदा आयत नंबर ३५ की तफसीर) जब हम सहाबा किराम के फ़हम के इस तरह सही तर्जुमा पर ग़ौर करें तो तर्जुमा है "8 मुताबिक़ ईमान वालों, अल्लाह से डरते रहो और उसका क़ुर्ब (नज़दीकी) तलाश करो।" सुरह अल॰मायदा (सुरह नंबर ५_ आयत नंबर 35) पैग़म्बर सल्लाहो अलैहि वसल्लम और औलिया के वसीले से दुआ मांगना कहां तक सही है? क़ुरआन से वसीला की जो पहली दलील दी जाती है वह ये है :- ऐ ईमान वालों , अल्लाह से डरो और उसकी तरफ वसीला ढूंढो।  (तर्जुमा-कंजुल ईमान अहमद रज़ा बरेलवी) (सुरह अल-्मायदा आयत नंबर 35) वसीला लफ्ज़ को वसीला ही इस्तेमाल किया वज़ाहत बिल्कुल अरबी के আাৎ নী मानी যক্ী ক্ীণা T लफ़्ज़ी मानी क़ुर्ब (नज़दीकी) होता है 49<7 47 "मतलब यह है कि अल्लाह की मना कर्दा कामों से उस की तरफ यानी जो रुका   रहे, कुर्बत থাম नज़दीकी तलाश करे। वसीले के यही मायने हज़रत रज़ियल्लाहु अन्हु से मन्कूल है। हज़रत इब्ने अब्बास मुजाहिद, हज़रत वाईल, हज़रत हसन, हज़रत इब्ने ज़ैद रज़ियल्लाहु अन्हु और बहुत से मुफस्सीरीन से भी मरवी है। तफ़सीर इब्ने कसीर (सुरह मायदा आयत नंबर ३५ की तफसीर) जब हम सहाबा किराम के फ़हम के इस तरह सही तर्जुमा पर ग़ौर करें तो तर्जुमा है "8 मुताबिक़ ईमान वालों, अल्लाह से डरते रहो और उसका क़ुर्ब (नज़दीकी) तलाश करो।" सुरह अल॰मायदा (सुरह नंबर ५_ आयत नंबर 35) - ShareChat
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#🙋‍♂️السلام علیکم💐 #📖نبی ﷺ کا فرمان♥ #📝اسلام کا پیغام 🕌 #🙏 عقیدت #عقیدہ بچانا ضروری ہے
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#🙋‍♂️السلام علیکم💐 #📖نبی ﷺ کا فرمان♥ #📝اسلام کا پیغام 🕌 #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻 #👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑
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