Mohammad Muaz Hasan
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Allah Gareeb Nawaz (AGN)
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🙋‍♂️السلام علیکم💐 - A ८८ ७७७l ,५ ८ ایند ںاینامرفان ی نیدلاو وك ترغآو (/ ٰنارمعوبا  یلکٹب La A ८८ ७७७l ,५ ८ ایند ںاینامرفان ی نیدلاو وك ترغآو (/ ٰنارمعوبا  یلکٹب La - ShareChat
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🙋‍♂️السلام علیکم💐 - U பஃட یھچا یریمآ % 82J,. نا ٰیلاعت ەسا بج U೭ % il;೭ 0;" ೬#೮  ےنپاوک <(,৬; لامرک ےسد تاجن ےس تافیلکت و تالکشم یگدنز یک تحار و نوکس کرکاطع تمینغ اطع تالاح ےتوہ ےسرزگ ےلہپ گول ہووت ےہاترک ೪0೭ / :,ಿ لوهبوک 6 بادآ ںونابز ینپا روا ہتساج لوھبب 6f مارتحاو ہےتگل ےنرک ادیپ ೪ )/lx( ) ینمت 9 /)! طقسم ८४ U பஃட یھچا یریمآ % 82J,. نا ٰیلاعت ەسا بج U೭ % il;೭ 0;" ೬#೮  ےنپاوک <(,৬; لامرک ےسد تاجن ےس تافیلکت و تالکشم یگدنز یک تحار و نوکس کرکاطع تمینغ اطع تالاح ےتوہ ےسرزگ ےلہپ گول ہووت ےہاترک ೪0೭ / :,ಿ لوهبوک 6 بادآ ںونابز ینپا روا ہتساج لوھبب 6f مارتحاو ہےتگل ےنرک ادیپ ೪ )/lx( ) ینمت 9 /)! طقسم ८४ - ShareChat
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🙋‍♂️السلام علیکم💐 - هللا ہمحر راسی نب راطع تیاور لىل ৮-) _; ; ঝl ১,-) LL (_ <u ینعی ) تب وک ربق یریم ! هللا Lc <_|'' یسیا اجوپ اک هللا ட (৬ కం? LLi ~ یک وہ ( ںوگول نا بضغ ںوھنج ایگوہ تخس تہب رپ مارک ےئایبنا مالسلا ےنپا یک مہیلع ںوربق  ايل انب دجاسم وك वसल्लम ने (दुआ मांगते हुए) रसूलुल्लाह सल्लाहो अलैहि "ऐ अल्लाह! मेरी क़ब्र को बुत (यानी ऐसी इबादत फ़रमाया गाह) न बनाना जिसकी पूजा की जाती हो, अल्लाह का ग़ज़ब उनलोगों पर बहुत सख़्त हो गया जिन्होंने अपने अम्बिया ए अलैहिस्सलाम की कब्रों को मसाजिद (बादत गाह) किराम बना लिया। Muwatta Imam Malik (Hadees Number : 416_ Sahih) هللا ہمحر راسی نب راطع تیاور لىل ৮-) _; ; ঝl ১,-) LL (_ <u ینعی ) تب وک ربق یریم ! هللا Lc <_|'' یسیا اجوپ اک هللا ட (৬ కం? LLi ~ یک وہ ( ںوگول نا بضغ ںوھنج ایگوہ تخس تہب رپ مارک ےئایبنا مالسلا ےنپا یک مہیلع ںوربق  ايل انب دجاسم وك वसल्लम ने (दुआ मांगते हुए) रसूलुल्लाह सल्लाहो अलैहि "ऐ अल्लाह! मेरी क़ब्र को बुत (यानी ऐसी इबादत फ़रमाया गाह) न बनाना जिसकी पूजा की जाती हो, अल्लाह का ग़ज़ब उनलोगों पर बहुत सख़्त हो गया जिन्होंने अपने अम्बिया ए अलैहिस्सलाम की कब्रों को मसाजिद (बादत गाह) किराम बना लिया। Muwatta Imam Malik (Hadees Number : 416_ Sahih) - ShareChat
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🙋‍♂️السلام علیکم💐 - Qabr Ko Pakka Na Banao  Jabir Bin Abdullah Farmate Hain] َصَّصَجُْي ْنَأ َمَّلَسَوِو ಓ ತಂಬರಿ ್ಿಂ ]|  ِهْیَلَع ِهْيَلَع یَنُبُي ْنَأَو ِهْيَلَع َدَعْقُي ْنَأَو Rasoolullah % Ne Qabr Ko Pukhta Karne Us Par Baithne Aur Us Par Tameer Karne Sel Mana Farmaya Hai' 377ః (Sahih Muslim 970 رنیس کمالسا غالپلا AL-BALAGH  LSLAMLC CENTRE Subscribe us on Like us on] I0in US 0n Followus on Vtiakfrstrrelt [ttilfv traitiiitiimn AIC Mumbra Al Balagh Islamic Centre  FB.coMIAIBalaghAIC +91 98337 17414 aicmumbra Qabr Ko Pakka Na Banao  Jabir Bin Abdullah Farmate Hain] َصَّصَجُْي ْنَأ َمَّلَسَوِو ಓ ತಂಬರಿ ್ಿಂ ]|  ِهْیَلَع ِهْيَلَع یَنُبُي ْنَأَو ِهْيَلَع َدَعْقُي ْنَأَو Rasoolullah % Ne Qabr Ko Pukhta Karne Us Par Baithne Aur Us Par Tameer Karne Sel Mana Farmaya Hai' 377ః (Sahih Muslim 970 رنیس کمالسا غالپلا AL-BALAGH  LSLAMLC CENTRE Subscribe us on Like us on] I0in US 0n Followus on Vtiakfrstrrelt [ttilfv traitiiitiimn AIC Mumbra Al Balagh Islamic Centre  FB.coMIAIBalaghAIC +91 98337 17414 aicmumbra - ShareChat
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🙋‍♂️السلام علیکم💐 - अल्लाह तआला ही मुख़्तार ए कुल है मुहम्मद सल्लाहो अलैहि वसल्लम अपना कोई इख़्तियार नहीं रखते! मुख्तार ए॰कुल के शाब्दिक अर्थ पूर्ण अधिकार वाला, स्वतंत्र , सारी शक्तियां जिसके पास हों।  ६ (ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम)! आप फरमा दीजिए कि # శ్రఓ "मेरे इख़्तियार अपना फ़ायदा और नुक़सान भी नहीं, सब कुछ अल्लाह की मर्ज़ी पर टिका है। हर उम्मत के लिये मोहलत की एक मुद्दत है, जब ये मुद्दत पूरी हो जाती है तो घड़ी भर के लिये भी आगे॰पीछे नहीं होती।" सुरह यूनुस (सुरह नंबर १० आयत नंबर 49) ६३ (ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम)! कह दीजिए कि " मैं तुम लोगों के लिये न किसी नुक़सान का इख़्तियार रखता हूँ न किसी भलाई का।" g३ (ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम)! कह दीजिए कि "मुझे अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बचा सकता और न मैं उसके दामन के सिवा कोई जाए-पनाह पा सकता हूँ। सुरह जिन्न (सुरह नंबर : ७२ _ आयत नंबर 21 & 22) & .इब्ने- मुसैयब और अबू-सलमा बिन अब्दुर्रहमान ने बताया कि हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि॰ ) ने कहा कि जब रसूलुल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम पर ये आयत उतारी गई : "और अपने क़रीबी रिश्तेदारों को डराओ। " (कुरआन २६:२१४) तो "ऐ क़ुरैश के लोगो! अपनी जानों को आपने फ़रमाया अल्लाह से ख़रीद लो। मैं अल्लाह के (फ़ैसले के) सामने নদ্কাই कुछ काम नहीं आ सकता। ऐ अब्दुल मुत्तलिब के बेटे अब्बास! मैं अल्लाह के (फ़ैसले के) सामने तुम्हारे कुछ काम नहीं आ के रसूल " की फूफी सफ़िया! मैं अल्लाह के सकता| ऐ अल्लाह (फ़ैसले के) सामने तुम्हारे कुछ काम नहीं आ सकता। ऐ (मेरे माल में से) जो के रसूल " की बेटी फ़ातिमा! अल्लाह मुझ से चाहो माँग लो। मैं अल्लाह के (फ़ैसले के) सामने तुम्हारे कुछ नहीं आ सकता। " काम सहीह मुस्लिम नंबर ५०४  इंटरनेशनल नंबर 206) (हदीस अल्लाह तआला ही मुख़्तार ए कुल है मुहम्मद सल्लाहो अलैहि वसल्लम अपना कोई इख़्तियार नहीं रखते! मुख्तार ए॰कुल के शाब्दिक अर्थ पूर्ण अधिकार वाला, स्वतंत्र , सारी शक्तियां जिसके पास हों।  ६ (ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम)! आप फरमा दीजिए कि # శ్రఓ "मेरे इख़्तियार अपना फ़ायदा और नुक़सान भी नहीं, सब कुछ अल्लाह की मर्ज़ी पर टिका है। हर उम्मत के लिये मोहलत की एक मुद्दत है, जब ये मुद्दत पूरी हो जाती है तो घड़ी भर के लिये भी आगे॰पीछे नहीं होती।" सुरह यूनुस (सुरह नंबर १० आयत नंबर 49) ६३ (ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम)! कह दीजिए कि " मैं तुम लोगों के लिये न किसी नुक़सान का इख़्तियार रखता हूँ न किसी भलाई का।" g३ (ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम)! कह दीजिए कि "मुझे अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बचा सकता और न मैं उसके दामन के सिवा कोई जाए-पनाह पा सकता हूँ। सुरह जिन्न (सुरह नंबर : ७२ _ आयत नंबर 21 & 22) & .इब्ने- मुसैयब और अबू-सलमा बिन अब्दुर्रहमान ने बताया कि हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि॰ ) ने कहा कि जब रसूलुल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम पर ये आयत उतारी गई : "और अपने क़रीबी रिश्तेदारों को डराओ। " (कुरआन २६:२१४) तो "ऐ क़ुरैश के लोगो! अपनी जानों को आपने फ़रमाया अल्लाह से ख़रीद लो। मैं अल्लाह के (फ़ैसले के) सामने নদ্কাই कुछ काम नहीं आ सकता। ऐ अब्दुल मुत्तलिब के बेटे अब्बास! मैं अल्लाह के (फ़ैसले के) सामने तुम्हारे कुछ काम नहीं आ के रसूल " की फूफी सफ़िया! मैं अल्लाह के सकता| ऐ अल्लाह (फ़ैसले के) सामने तुम्हारे कुछ काम नहीं आ सकता। ऐ (मेरे माल में से) जो के रसूल " की बेटी फ़ातिमा! अल्लाह मुझ से चाहो माँग लो। मैं अल्लाह के (फ़ैसले के) सामने तुम्हारे कुछ नहीं आ सकता। " काम सहीह मुस्लिम नंबर ५०४  इंटरनेशनल नंबर 206) (हदीस - ShareChat
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🙋‍♂️السلام علیکم💐 - अल्लाह तआला ही मुख़्तार ए कुल है मुहम्मद सल्लाहो अलैहि वसल्लम अपना कोई इख़्तियार नहीं रखते! मुख्तार ए॰कुल के शाब्दिक अर्थ : पूर्ण अधिकार वाला, स्वतंत्र , सारी शक्तियां जिसके पास हों। ६.ऐ पैग़म्बर सल्लाहो अलैहि वसल्लम! आप के इख़्तियार में कुछ नहीं , अल्लाह तआला चाहे तो उन की तौबा क़ुबूल करे या अज़ाब दे, क्योंकि वह ज़ालिम हैं। सुरह आले इमरान (सुरह नंबर ३ आयत नंबर 128) ६.ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम! आप फरमा दीजिए कि मैं खुद अपनी ज़ात-ए॰ख़ास के लिए किसी नफ़े का इख़्तियार नहीं रखता और न किसी ज़रर (हानि) का, मगर उतना ही जितना अल्लाह तआला ने चाहा हो और अगर मैं ग़ैब (परोक्ष) तो मैं बहुत  की बातें जानता होता से मुनाफ़ा (लाभ) हासिल न पहुंचता मैं तो महज़ कर लेता और कोई नुक़सान 3ea5} डराने वाला और बशारत ( शुभसूचना) देने वाला हूं उन लोगों को जो ईमान रखते हैं। सुरह-अल आराफ़ (सुरह नंबर : ७ _ आयत नंबर 188) ६ी .और ईमानवालों के दिल एक॰दूसरे के साथ जोड़ दिए। तुम धरती की सारी दौलत भी ख़र्च कर डालते तो इन लोगों के दिल न जोड़ सकते थे, मगर वो अल्लाह है जिसने इन लोगों के दिल जोड़े , यक़ीनन वो बड़ा ज़बरदस्त और हिकमतवाला है। सुरह अल-आराफ़ (सुरह नंबर : ८_ आयत नंबर 63) अल्लाह तआला ही मुख़्तार ए कुल है मुहम्मद सल्लाहो अलैहि वसल्लम अपना कोई इख़्तियार नहीं रखते! मुख्तार ए॰कुल के शाब्दिक अर्थ : पूर्ण अधिकार वाला, स्वतंत्र , सारी शक्तियां जिसके पास हों। ६.ऐ पैग़म्बर सल्लाहो अलैहि वसल्लम! आप के इख़्तियार में कुछ नहीं , अल्लाह तआला चाहे तो उन की तौबा क़ुबूल करे या अज़ाब दे, क्योंकि वह ज़ालिम हैं। सुरह आले इमरान (सुरह नंबर ३ आयत नंबर 128) ६.ऐ नबी सल्लाहो अलैहि वसल्लम! आप फरमा दीजिए कि मैं खुद अपनी ज़ात-ए॰ख़ास के लिए किसी नफ़े का इख़्तियार नहीं रखता और न किसी ज़रर (हानि) का, मगर उतना ही जितना अल्लाह तआला ने चाहा हो और अगर मैं ग़ैब (परोक्ष) तो मैं बहुत  की बातें जानता होता से मुनाफ़ा (लाभ) हासिल न पहुंचता मैं तो महज़ कर लेता और कोई नुक़सान 3ea5} डराने वाला और बशारत ( शुभसूचना) देने वाला हूं उन लोगों को जो ईमान रखते हैं। सुरह-अल आराफ़ (सुरह नंबर : ७ _ आयत नंबर 188) ६ी .और ईमानवालों के दिल एक॰दूसरे के साथ जोड़ दिए। तुम धरती की सारी दौलत भी ख़र्च कर डालते तो इन लोगों के दिल न जोड़ सकते थे, मगर वो अल्लाह है जिसने इन लोगों के दिल जोड़े , यक़ीनन वो बड़ा ज़बरदस्त और हिकमतवाला है। सुरह अल-आराफ़ (सुरह नंबर : ८_ आयत नंबर 63) - ShareChat
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