#🗞️पॉलिटिकल अपडेट पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा अब सड़कों से निकलकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने भरी अदालत में सवाल दाग दिया कि आखिर वो न्याय के लिए कहां जाएं? उनका कहना है कि चुनाव आयोग, जो लोकतंत्र का प्रहरी माना जाता है, वह उनकी एक भी शिकायत नहीं सुन रहा है। यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक शिकायत नहीं, बल्कि उस सियासी घमासान का सबूत है जो इस वक्त बंगाल और दिल्ली के बीच चल रहा है।
ममता बनर्जी के इस तीखे तेवर ने वहां मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब एक राज्य की मुख्यमंत्री की ही सुनवाई नहीं हो रही, तो निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जाए? उनकी आवाज में ना सिर्फ नाराजगी थी, बल्कि एक सवाल भी था कि क्या संवैधानिक संस्थाओं के सामने उनके रास्ते बंद किए जा रहे हैं? अब यह मामला सिर्फ चुनावी रैलियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि न्याय के मंदिर में एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट इस 'अनसुनी' पुकार पर क्या कदम उठाता है।