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#💓 मोहब्बत दिल से ##️⃣DilShayarana💘 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💞दिल की धड़कन #Bicycleday
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💞दिल की धड़कन - विश्व साइकिल दिवस ३ जून २०२६ स्वास्थ्य इतिहास नियमित साइकिलिंग साइकिल १८१७ ப हृदय रोगों के जोखिम में बनाई गई थी। को कम करती है। qಾfaRu বঙ্না মাহকিলিয থুন साइकिल परिवहन का कार्बन उत्सर्जन सबसे ऊर्जा कुशल करती है। साधन है। पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए, साइकिल अपनाएं! विश्व साइकिल दिवस ३ जून २०२६ स्वास्थ्य इतिहास नियमित साइकिलिंग साइकिल १८१७ ப हृदय रोगों के जोखिम में बनाई गई थी। को कम करती है। qಾfaRu বঙ্না মাহকিলিয থুন साइकिल परिवहन का कार्बन उत्सर्जन सबसे ऊर्जा कुशल करती है। साधन है। पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए, साइकिल अपनाएं! - ShareChat
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अलविदा सुमन जी ##️⃣DilShayarana💘 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #💞दिल की धड़कन
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💓 मोहब्बत दिल से - आइये हम सब हिम्मत करें और जाने सच के साथ कितना जी मे हम  रहें हैं हम! ? अफ़सोस जिस समाज प्रेम नहीं स्वीकार कर सके ना जी पा रहें हैं, ना ही खुद के बनाये उसूलो पर रह पा रहें हैं, आखिर हम जा कहाँ रहें हैं? प्रेम जो जीवन और प्रकृति के जड़ मे हैं वो भी स्वीकार नहीं विवाह व्यबस्था हो लिव इन रिलेशन हो लव मैरिज या अरेंज हो, दोस्ती हो, आखिर कहीं भी स्त्री के साथ विकृत अंत क्यों! ? स्त्री वजूद समझेगी? और कब समाज उसे बसम्मान कब खुद का स्वीकारेगा? कबतक वो प्रेम समर्पण के नाम पर मरती रहेगी और रिश्तों के नाम पर कत्ल होता रहेगा? कभी प्रेमी या दोस्त उसके शरीर, उसकी भावनाओं के साथ खेलकर टुकड़े टुकड़े करके जमीदोंज कर देते तो कभी प्रेम के नाम पर घरवाले ऑनर किलिंग करते! आखिर ये अमानवीय और हिंसक खेल कब तक??? W मौत से पहले दोस्त को मेजा था Twisha Sharma & आइये हम सब हिम्मत करें और जाने सच के साथ कितना जी मे हम  रहें हैं हम! ? अफ़सोस जिस समाज प्रेम नहीं स्वीकार कर सके ना जी पा रहें हैं, ना ही खुद के बनाये उसूलो पर रह पा रहें हैं, आखिर हम जा कहाँ रहें हैं? प्रेम जो जीवन और प्रकृति के जड़ मे हैं वो भी स्वीकार नहीं विवाह व्यबस्था हो लिव इन रिलेशन हो लव मैरिज या अरेंज हो, दोस्ती हो, आखिर कहीं भी स्त्री के साथ विकृत अंत क्यों! ? स्त्री वजूद समझेगी? और कब समाज उसे बसम्मान कब खुद का स्वीकारेगा? कबतक वो प्रेम समर्पण के नाम पर मरती रहेगी और रिश्तों के नाम पर कत्ल होता रहेगा? कभी प्रेमी या दोस्त उसके शरीर, उसकी भावनाओं के साथ खेलकर टुकड़े टुकड़े करके जमीदोंज कर देते तो कभी प्रेम के नाम पर घरवाले ऑनर किलिंग करते! आखिर ये अमानवीय और हिंसक खेल कब तक??? W मौत से पहले दोस्त को मेजा था Twisha Sharma & - ShareChat