Deepak Sharma
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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक लाइक कमेंट एंड फॉलो
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - शीर्षकः जिंदगी जिंदगी बहुत कुछ सिखा देती है, प्यार विचार किरदार व्यवहार। (लेख दीपक शर्मा) शीर्षकः जिंदगी जिंदगी बहुत कुछ सिखा देती है, प्यार विचार किरदार व्यवहार। (लेख दीपक शर्मा) - ShareChat
शेयर और फ़ॉलो ओर कमेंट शीर्षक: वक्त की मार #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
✍मेरे पसंदीदा लेखक - (शीर्षकःवक्त की मार) उम्मीदों के बाजार में , हर सपना नीलम हुआ, पढ़ा लिखा युवा आज, सड़कों पर बदनाम हुआ। डिग्रियों की फाइलें अब, बोझ सी लगने लगी हैं, पेट की ये आग अब, से बाहर जगने लगी हैं। चूल्हों : सब्जी की मंडी में जाकर अब हाथ कांपते हैं , आमदनी अठम्री है, और खचें आसमान नापते हैं। कुर्सी वाले सो रहे हैं, चैन की गहरी नींद में , गरीब की रात कटती हैं॰ कैलकी फ़िक़ की भीत में। मंजर तुम , या फिर कुर्सी छोड़ दो, बदलो अब ये भूखे पेट की चीखों से, ना अपना नाता तोड़ दो। (लेखक दीपक शर्मा) 2026-02-05 From vivo Notes] (शीर्षकःवक्त की मार) उम्मीदों के बाजार में , हर सपना नीलम हुआ, पढ़ा लिखा युवा आज, सड़कों पर बदनाम हुआ। डिग्रियों की फाइलें अब, बोझ सी लगने लगी हैं, पेट की ये आग अब, से बाहर जगने लगी हैं। चूल्हों : सब्जी की मंडी में जाकर अब हाथ कांपते हैं , आमदनी अठम्री है, और खचें आसमान नापते हैं। कुर्सी वाले सो रहे हैं, चैन की गहरी नींद में , गरीब की रात कटती हैं॰ कैलकी फ़िक़ की भीत में। मंजर तुम , या फिर कुर्सी छोड़ दो, बदलो अब ये भूखे पेट की चीखों से, ना अपना नाता तोड़ दो। (लेखक दीपक शर्मा) 2026-02-05 From vivo Notes] - ShareChat
https://youtube.com/shorts/8am2rpi5jv4?feature=share #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक
लेखक की कलम by दीपक शर्मा #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
📚कविता-कहानी संग्रह - {शीर्षकः अभ्यास , ज्ञान अभिमान} करो अभ्यास निरंतर, लगाओ पड़ने पर ज्ञान , बन कर जाओ किसी भी पद, पर मत करो अभिमान। हमेशा खुद बड़ों का लो आशीर्वाद , दो सबको सम्मान। ।| डगमगाएं कदम कहीं , तो धैर्य तुम न खोना, संघर्ष की इस राह में , कभी तुम न रोना। जैसे कुंदन का रूप, तपकर ही निखरता है, अंधेरों को चीरकर ही आती है सुनहरी धूप। | जो झुकता है फल आने पर,वही वृक्ष कहलाता महान , परोपकार की भावना ही , बढ़ाती है जग में मान। पद की गरिमा पद से नहीं होती है व्यवहार से जीतो दुनिया को तुम बस, अपने पावन प्यार से।। (लेखक दीपक शर्मा) 2026-02-02 {शीर्षकः अभ्यास , ज्ञान अभिमान} करो अभ्यास निरंतर, लगाओ पड़ने पर ज्ञान , बन कर जाओ किसी भी पद, पर मत करो अभिमान। हमेशा खुद बड़ों का लो आशीर्वाद , दो सबको सम्मान। ।| डगमगाएं कदम कहीं , तो धैर्य तुम न खोना, संघर्ष की इस राह में , कभी तुम न रोना। जैसे कुंदन का रूप, तपकर ही निखरता है, अंधेरों को चीरकर ही आती है सुनहरी धूप। | जो झुकता है फल आने पर,वही वृक्ष कहलाता महान , परोपकार की भावना ही , बढ़ाती है जग में मान। पद की गरिमा पद से नहीं होती है व्यवहार से जीतो दुनिया को तुम बस, अपने पावन प्यार से।। (लेखक दीपक शर्मा) 2026-02-02 - ShareChat
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - {शीर्षकःदेश का राष्ट्रगान} मेरे देश का राष्ट्रगान है ये, मेरे देश का आत्मसम्मान है ये। मेरा अभिमान है ये, देश की धरोहर की जान है ये। गूंजती है इसकी पावन ध्वनि जब थम सा जाता है हर एक पल। उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम , एक सूत्र मैं बांधता है ये कल। तिरंगे की शान में जब ये सुर मिलते हैं रगो में जोश और जज्बा भर जाता है | ये सिर्फ शब्द नहीं ,वीरों की गाथा है, जो हर भारतीय का मस्तक गर्व से उठाता है। गणतंत्र की इस गौरवशाली बेला पर आओ मिलकर ये कसम खाएं। संविधान और राष्ट्रगान की गरिमा को, हम सदा अपने प्राणों से ऊपर सजाएं। {लेखकः दीपक शर्मा} 2026-01-21 {शीर्षकःदेश का राष्ट्रगान} मेरे देश का राष्ट्रगान है ये, मेरे देश का आत्मसम्मान है ये। मेरा अभिमान है ये, देश की धरोहर की जान है ये। गूंजती है इसकी पावन ध्वनि जब थम सा जाता है हर एक पल। उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम , एक सूत्र मैं बांधता है ये कल। तिरंगे की शान में जब ये सुर मिलते हैं रगो में जोश और जज्बा भर जाता है | ये सिर्फ शब्द नहीं ,वीरों की गाथा है, जो हर भारतीय का मस्तक गर्व से उठाता है। गणतंत्र की इस गौरवशाली बेला पर आओ मिलकर ये कसम खाएं। संविधान और राष्ट्रगान की गरिमा को, हम सदा अपने प्राणों से ऊपर सजाएं। {लेखकः दीपक शर्मा} 2026-01-21 - ShareChat
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