Dashrath Singh urf Ram Pal Singh
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@onlytruthdsingh9415049053
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Dashrath Singh urf Ram Pal Singh
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I am Dashrarth Singh an individual an RTI activist
#📒 मेरी डायरी Dr Arun Kumar has been advised to my son in law Ajay Pal Singh some medicines after surgery. He is taking accordingly. May God bless him back to health soon 🙏! डॉ. अरुण कुमार ने मेरे दामाद अजय पाल सिंह को सर्जरी के बाद कुछ दवाएं बताई हैं। वह उनके अनुसार दवाएं ले रहे हैं। भगवान उन्हें जल्द ही ठीक करें 🙏! Dashrath Singh urf Ram Pal Singh (An individual an RTI activist) Mobile 📲+919415049053
📒 मेरी डायरी - AAVYA MULTISPECIALITY HOSPITAL, BALRAMPUR DISCHARGE SUMMARY (SURGERY) 9e8 طal Siصal Anu Sinca طمl Husband / Father Name PatientName Bakoarebu mubuakbuy Qedaxy Giahqapuul Address 3Im ZeheAol_LnnA MRDNo 435 26 WardlBed AgelGender allgided boess 181126 Discharge  Date of Date of Admission Slouhe Kuma Final Diagnosis  Consultant Incharge HydaDcelo_ m S) Investigation Date A ೩೦cL Cs ^4 Treatment Provided 119 6 dolp 18_ Condition atDischarge : Cured, Relleve, Expired, LAMA,Absconded, Refferred Iocdorta ! sm~ Tv-BD T- Discharge Medications 7!-30 Smakacar Soom Td |0 ೧೮I ) NA-day 'Rkutor(om' ~D ~TDS] Tab D 10010 NZ _ C স"2%@- Galved | C LC 100 Qb - Zhci' ಯ3(0( - +00 Discharge Instruction : 4dy8 Signature M.O. Follow Up Appointments (५ MoA fcc Iz Name- 2||[96 Suxtmtmf 81T EMERGENCY No. 9616474205 AAVYA MULTISPECIALITY HOSPITAL, BALRAMPUR DISCHARGE SUMMARY (SURGERY) 9e8 طal Siصal Anu Sinca طمl Husband / Father Name PatientName Bakoarebu mubuakbuy Qedaxy Giahqapuul Address 3Im ZeheAol_LnnA MRDNo 435 26 WardlBed AgelGender allgided boess 181126 Discharge  Date of Date of Admission Slouhe Kuma Final Diagnosis  Consultant Incharge HydaDcelo_ m S) Investigation Date A ೩೦cL Cs ^4 Treatment Provided 119 6 dolp 18_ Condition atDischarge : Cured, Relleve, Expired, LAMA,Absconded, Refferred Iocdorta ! sm~ Tv-BD T- Discharge Medications 7!-30 Smakacar Soom Td |0 ೧೮I ) NA-day 'Rkutor(om' ~D ~TDS] Tab D 10010 NZ _ C স"2%@- Galved | C LC 100 Qb - Zhci' ಯ3(0( - +00 Discharge Instruction : 4dy8 Signature M.O. Follow Up Appointments (५ MoA fcc Iz Name- 2||[96 Suxtmtmf 81T EMERGENCY No. 9616474205 - ShareChat
#📒 मेरी डायरी This is an invitation from Banwari Lal Tiwari for his niece marriage ceremony which has been organised by him at celebration marriage lawn Tulsipur road Balrampur. If God wants I will be there on that occasion 🙏
📒 मेरी डायरी - ।।ओँ श्री गणेशाय नमः ।। वक़तुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रमः। ऊँ सर्व मंगल मांगल्ये , शिवे सर्वार्थ साधिके निर्विघ्नं कुरू मे देव सर्व कार्येपु सर्वदा।। शरण्ये त्रयम्बिके गौरी, नारायणि नमोस्तुते  सांगलिक कार्यक्रम - शुभ विवाह ললপুলন  विदाई १२ फरवरी २०२६ ११ फरवरी २०२६ १३ फरवरी २०२६ दिन-गुरुवार दिन-्बुघवार নিন-থুকনায శగ স্তরীৎল মলিনহান লীল, तुलसीपुर रोड , बलरामपुर p बाल आग्रष्ठ-छोगी पार्टी बजेगा गाना मेरी दीदी की शादी में जलूल- जलूल आना काजल , प्रियांशी , निधि मंगल कलश द्वार सजा है पड़ रही है खुशियों की घड़ियाँ , स्वागत में आपके आने पर देवगण भी बरसा रहे हें आशीषों की झड़ियाँ।  स्नेही स्वजन , परमपिता परमेश्वरकी असीम अनुकम्पा से आयु. थिवांगी (थालू ) चि॰ वेद प्रकाश मिश्रा ( सोनू ) सुपौत्र स्व॰ विश्वनाथ मिश्रा -ஸ 7ஈரர सुपोन्नी  श्रीमती अँनीता तिवारी एवं स्व० गिरयारी लाल तिवारी 20 सुपुत्र॰श्री राजकुमार मिश्रा " বতরমী निकट पुराना पुलिस चौकी , बलरामपुर मो॰ रामनगर 3 এষানোশে নাশল যামনযায g६ दाम्पत्य सूत्र बन्धन ७६ जनपद बलसमपर मघुर वेला पर पधार कर वर- कन्या को अपने अक्षय आशीष दर्शनाभिलाषीः বিলীন मृदुल ज्योत्सना से अलंकृत कर हमें अनुग्रहीत करें। বীপু লিমাবী पवन तिवारी बनवारी लाल तिवारी विजय तिवारी ॰ अजय तिवारी स्वागताकांक्षी সা0 সবালাল নালান सोरम तिवारी सूरज तिवारी दीपू तिवारी निकट पुलिस चौकी . बलरामपुर ST राहल तिवारी সী0 ন0-9839570567, 7905350338  एवं समस्त तिवारी परिवार ।।ओँ श्री गणेशाय नमः ।। वक़तुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रमः। ऊँ सर्व मंगल मांगल्ये , शिवे सर्वार्थ साधिके निर्विघ्नं कुरू मे देव सर्व कार्येपु सर्वदा।। शरण्ये त्रयम्बिके गौरी, नारायणि नमोस्तुते  सांगलिक कार्यक्रम - शुभ विवाह ললপুলন  विदाई १२ फरवरी २०२६ ११ फरवरी २०२६ १३ फरवरी २०२६ दिन-गुरुवार दिन-्बुघवार নিন-থুকনায శగ স্তরীৎল মলিনহান লীল, तुलसीपुर रोड , बलरामपुर p बाल आग्रष्ठ-छोगी पार्टी बजेगा गाना मेरी दीदी की शादी में जलूल- जलूल आना काजल , प्रियांशी , निधि मंगल कलश द्वार सजा है पड़ रही है खुशियों की घड़ियाँ , स्वागत में आपके आने पर देवगण भी बरसा रहे हें आशीषों की झड़ियाँ।  स्नेही स्वजन , परमपिता परमेश्वरकी असीम अनुकम्पा से आयु. थिवांगी (थालू ) चि॰ वेद प्रकाश मिश्रा ( सोनू ) सुपौत्र स्व॰ विश्वनाथ मिश्रा -ஸ 7ஈரர सुपोन्नी  श्रीमती अँनीता तिवारी एवं स्व० गिरयारी लाल तिवारी 20 सुपुत्र॰श्री राजकुमार मिश्रा " বতরমী निकट पुराना पुलिस चौकी , बलरामपुर मो॰ रामनगर 3 এষানোশে নাশল যামনযায g६ दाम्पत्य सूत्र बन्धन ७६ जनपद बलसमपर मघुर वेला पर पधार कर वर- कन्या को अपने अक्षय आशीष दर्शनाभिलाषीः বিলীন मृदुल ज्योत्सना से अलंकृत कर हमें अनुग्रहीत करें। বীপু লিমাবী पवन तिवारी बनवारी लाल तिवारी विजय तिवारी ॰ अजय तिवारी स्वागताकांक्षी সা0 সবালাল নালান सोरम तिवारी सूरज तिवारी दीपू तिवारी निकट पुलिस चौकी . बलरामपुर ST राहल तिवारी সী0 ন0-9839570567, 7905350338  एवं समस्त तिवारी परिवार - ShareChat
ईलीगलिक्स इलाहाबाद उच्च न्यायालय निर्णय सूचना प्रणाली (निर्णय/आदेश पाठ प्रारूप में) यह सूचना/संदर्भ के लिए अप्रमाणित प्रति है। प्रामाणिक प्रति के लिए कृपया केवल प्रमाणित प्रति देखें। किसी भी त्रुटि की स्थिति में, कृपया इसे उप रजिस्ट्रार (कॉपीिंग) के समक्ष प्रस्तुत करें। इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच निर्णय सुरक्षित रखा गया (दिनांक: 10.4.2019) डिलीवरी की तारीख: 22.04.2019 कोर्ट नंबर-7 मामला: समेकन संख्या 3485 वर्ष 1980 याचिकाकर्ता: अली अकबर और एक अन्य प्रतिवादी: गोंडा के उप निदेशक, समेकन विभाग और एक अन्य Counsel for Petitioner: H.D. Srivastava, H.S.Sahai,U S Sahai, Uma Shankar Sahai प्रतिवादी के वकील: एस. मिर्ज़ा, एस.एम. वसीम, शफीक मिर्ज़ा माननीय राजन रॉय.जे. सुना। यह रिट याचिका उप निदेशक समेकन (डी.डी.सी.) के दिनांक 21.4.1979 के आदेश के विरुद्ध दायर की गई है, जिसके द्वारा डी.डी.सी. ने समेकन अधिकारी (एस.ओ.सी.) और समेकन अधिकारी (सी.ओ.) के आदेश को रद्द कर दिया है और विपक्षी पक्ष की आपत्तियों पर विचार करने के लिए मामले को वापस भेज दिया है। मामले के संक्षिप्त तथ्य यह हैं कि विवादित भूमि, जिसका गटा क्रमांक 1012 है और क्षेत्रफल 1.65 एकड़ है, याचिकाकर्ताओं अली अकबर और अब्दुल हमीर द्वारा पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्यम से खरीदी गई थी और उन्होंने स्वयं को उस भूमि के संबंध में पंजीकृत कराया था। वे भूमिधर के रूप में पंजीकृत रहे। यहां तक कि मूल वर्ष खतौनी में भी उन्हें भूमिधर के रूप में दर्ज किया गया था और इस संबंध में कोई विवाद नहीं है। विपक्षी पार्टी संख्या 2 अब्दुल कयूम मंसूर द्वारा कोई आपत्ति नहीं उठाई गई। याचिका लंबित रहने के दौरान अब्दुल कयूम मंसूर की मृत्यु हो गई और उनके कानूनी वारिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश अधिनियम की धारा 9 के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद... जोत समेकन अधिनियम 1953 (जिसे आगे 'अधिनियम 1968' कहा गया है) के तहत 27.3.1968 से लेकर अधिनियम 1953 की धारा 10 के अंतर्गत दिनांक 30.11.1968 की अधिसूचना तक, धारा 11ए का प्रतिबंध लागू हो गया और उसके बाद धारा 9ए(2) के तहत स्वामित्व आदि पर कोई आपत्ति नहीं उठाई जा सकी। लगभग 10 वर्ष बाद, अर्थात् 1978 में, विपक्षी पक्ष संख्या 2 ने स्वयं कब्रिस्तान इंतज़ामिया समिति, तुलसीपुर, गोंडा के सचिव के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई कि वह उक्त समिति के सचिव/मुतवल्ली थे और तुलसीपुर के मुसलमानों ने कई वर्ष पहले गटा संख्या 1012 पर पेड़ लगाए थे और उक्त भूखंड में अपने मृतकों को दफनाया था। यह भी कहा गया कि विवादित भूमि मूलतः महाराजा बलरामपुर की थी। ज़मींदारी प्रथा के उन्मूलन से पहले, और तब से यह तुलसीपुर गाँव के मुसलमानों की ज़मीन बन चुकी थी, अभिलेखों में त्रुटि के कारण यह महाराजा बलरामपुर के नाम पर दर्ज रही। अली अकबर और अब्दुल हमीद ने चालाकी से ज़मीन को अपने नाम दर्ज करवा लिया, जबकि कब्रिस्तान इंतज़ामिया समिति ने उन्हें महाराजा बलरामपुर से विक्रय विलेख निष्पादित करवाने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी। उक्त व्यक्तियों ने इंतज़ामिया समिति के नाम पर ज़मीन खरीदने के बजाय अली अकबर के नाम पर खरीद ली, जबकि विक्रय राशि इंतज़ामिया समिति द्वारा ही अदा की गई थी। इंतज़ामिया समिति के सदस्यों को इस धोखाधड़ी की जानकारी नहीं हो सकी, लेकिन जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने आपत्ति उठाई। यह भी आरोप लगाया गया कि ज़मीन पर एक कब्रिस्तान मौजूद था और अभिलेखों में इसे गलती से बाग के रूप में दर्ज किया गया था। विपक्षी पार्टी संख्या 2 की उक्त आपत्ति को सी.डी. द्वारा खारिज कर दिया गया। 18.12.1978 को इस आधार पर आपत्ति दर्ज की गई कि यह समय-बाधित थी, क्योंकि धारा 9ए(2) के तहत अधिसूचना 27.3.1968 को प्रकाशित होने के बाद, धारा 10 के तहत अधिसूचना 30.11.1968 को प्रकाशित हुई थी और इसके अलावा, धारा 20 के तहत अधिसूचना 20.3.1969 को जारी की गई थी और अनंतिम योजना को धारा 23 के तहत 31.3.1969 को पुष्टि कर दी गई थी, इसलिए आपत्ति लगभग 11 वर्षों तक विलंबित रही। उक्त आदेश के विरुद्ध पूर्ववर्ती विपक्षी पार्टी संख्या 2 ने एस.ओ.सी. के समक्ष अपील दायर की, जिसे 17.1.1979 को समेकन अधिकारी के आदेश की पुष्टि करते हुए खारिज कर दिया गया। ऐसा करते समय एस.ओ.सी. ने टिप्पणी की कि किसी भी इंतज़ामिया समिति के अस्तित्व को स्थापित करने वाला कोई दस्तावेज रिकॉर्ड में नहीं है। धारा 9ए(2) के तहत प्रकाशन पर अभिलेखों के अंश खातेदारों को दिए जाते हैं, उसके बाद अभिलेखों को प्रमाणित/पुष्टि की जाती है, इसलिए आपत्तियों को दाखिल करने में 11 से अधिक की देरी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, खासकर जब चालू महीने में यानी जनवरी 1979 में ही समेकन संचालन को बंद करने के संबंध में धारा 52 के तहत अधिसूचना जारी की जानी है। उक्त आदेश के विरुद्ध विपक्षी पक्ष संख्या 2 ने पुनरीक्षण याचिका दायर की। पुनरीक्षण न्यायालय ने दिनांक 21.4.1979 के अपने आदेश में सी.ओ. और एस.ओ.सी. के आदेशों में किसी भी प्रकार की अनुचितता, त्रुटि या अवैधता का उल्लेख किए बिना, केवल इस आधार पर उनके आदेशों को रद्द कर दिया कि ऐसा प्रतीत होता है कि भूमि सार्वजनिक उपयोग की है और सहायक समेकन अधिकारी (ए.सी.ओ.) के अनुसार उक्त भूमि पर कब्रें थीं। तदनुसार, उनका मत था कि केवल आपत्तियां दर्ज करने में देरी के कारण पुनरीक्षणकर्ता को खारिज नहीं किया जा सकता है और मामले पर सी.ओ. द्वारा गुण-दोष के आधार पर विचार किया जाना आवश्यक है, इसलिए उन्होंने मामले को वापस भेज दिया। इस न्यायालय ने मूल अभिलेखों को देखना चाहा, लेकिन जैसा कि इस न्यायालय के पूर्व आदेश में पहले ही उल्लेख किया जा चुका है, वे प्राप्त नहीं हो सके। अब, निर्विवाद तथ्य यह है कि याचिकाकर्ताओं के पक्ष में एक विक्रय विलेख है, जिनमें से एक की रिट याचिका के लंबित रहने के दौरान मृत्यु हो गई है और उनके कानूनी वारिस अभिलेखों में दर्ज हैं। सन् 1953 के उस विलेख के अनुसार, भूमि संख्या 1012 और उस पर स्थित उपवन सहित भूमि याचिकाकर्ताओं को बेची गई थी। पूर्व विपक्षी पक्ष संख्या 2 सहित किसी भी ग्रामीण ने उक्त विलेख को रद्द करने के लिए कोई मुकदमा दायर नहीं किया, इस आधार पर कि भूमि को कब्रिस्तान इंतज़ामिया समिति के माध्यम से मुस्लिम समुदाय द्वारा खरीदा गया था और विक्रय राशि का भुगतान उनके द्वारा किया गया था। लेकिन याचिकाकर्ताओं को विलेख निष्पादित करवाने का कार्य सौंपा गया था, और उन्होंने इसे अपने नाम पर निष्पादित करवा लिया। उस समय ऐसे विलेख को रद्द करने के लिए मुकदमा दायर करने की समय सीमा तीन वर्ष थी, जो सन् 1956 में समाप्त हो गई। वास्तव में, आज तक विपक्षी पक्ष संख्या 2 द्वारा ऐसा कोई मुकदमा दायर नहीं किया गया है और न ही ऐसा कोई आरोप है कि गांव के किसी अन्य व्यक्ति ने विलेख को रद्द करने के लिए ऐसा कोई मुकदमा दायर किया हो। यदि किसी अन्य व्यक्ति ने मुकदमा दायर किया है, तो जाहिर है कि वह कानून के अनुसार आगे बढ़ेगा, लेकिन विपक्षी पार्टी संख्या 2 के संबंध में, इस बात में कोई विवाद नहीं है कि ऐसा कोई मुकदमा दायर नहीं किया गया था। समेकन की प्रक्रिया 1960 के दशक में शुरू हुई। अधिनियम 1953 की धारा के तहत अधिसूचना 27.3.1968 को प्रकाशित हुई थी। इससे पहले, परास्नातक किया गया और कुछ प्रपत्र तैयार किए गए। ग्रामीणों को उक्त परास्नातक के दौरान और उससे पहले भी समेकन प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिली। मूल वर्ष खतौनी में, अर्थात् जिस वर्ष समेकन की प्रक्रिया शुरू हुई, याचिकाकर्ता प्रश्नगत भूमि के भूमिधर के रूप में दर्ज थे। यह निर्विवाद है कि पूर्ववर्ती विपक्षी पार्टी संख्या 2 या कथित कब्रिस्तान इंतज़ामिया समिति का प्रश्नगत भूमि के संबंध में कभी भी पंजीकृत स्वामित्व नहीं था, और न ही यह निर्विवाद है कि उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में कभी भी कब्रिस्तान या सार्वजनिक उपयोगिता के रूप में दर्ज नहीं थी। यह भी निर्विवाद है कि पूर्ववर्ती जमींदार महाराजा बलरामपुर याचिकाकर्ताओं को भूमि बेचने की तिथि के बाद भी प्रश्नगत भूमि के संबंध में पंजीकृत रहे। धारा 9 के तहत अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद भी, जब पीड़ित व्यक्तियों द्वारा आपत्तियां दर्ज की जानी थीं, तब भी किसी ऐसी कब्रिस्तान इंतज़ामिया समिति द्वारा आपत्तियां दर्ज की गईं, जिसका अस्तित्व ही संदिग्ध है, जैसा कि एस.ओ.सी. ने देखा है, और न ही उसकी कानूनी स्थिति। अभिलेखों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि विपक्षी पार्टी संख्या 2 किसी भी समय सचिव या मुतवल्ली के रूप में निर्वाचित या नियुक्त हुई हो, या प्रश्नगत भूमि के संबंध में कोई वक्फ पंजीकृत किया गया हो। विपक्षी पार्टी संख्या 2 द्वारा याचिकाकर्ताओं द्वारा कथित धोखाधड़ी के संबंध में उठाई गई आपत्तियों की प्रकृति ऐसी नहीं है जिससे विक्रय विलेख प्रथम दृष्टया शून्य हो जाए। दावों को सिद्ध करना आवश्यक था। विपक्षी पार्टी संख्या 2 या इंतज़ामिया समिति द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके अलावा, जैसा कि समेकन अधिकारी के आदेश में बताया गया है, आपत्तियां लगभग साढ़े ग्यारह वर्षों के बाद दायर की गईं, वह भी तब जब न केवल धारा अधिसूचना दस वर्ष पहले यानी 30.11.1968 को प्रकाशित हो चुकी थी और धारा 11-ए का प्रतिबंध लागू हो चुका था, बल्कि धारा 23 के तहत अधिसूचना भी प्रकाशित और पुष्टि हो चुकी थी और समेकन प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली थी। इस स्थिति में, न्यायालय का मत है कि डी.डी.सी. ने इस आधार पर सी.ओ. और एस.ओ.सी. के निष्कर्षों को खारिज करके अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया कि भूमि सार्वजनिक उपयोगिता भूमि प्रतीत होती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि प्रतिकूल कब्जे का कोई दावा नहीं उठाया गया था। दरअसल, याचिकाकर्ता के विद्वान वकील ने स्वीकार किया कि स्वामित्व का दावा करते समय प्रतिकूल कब्जे का भी दावा किया गया था। विपक्षी पार्टी संख्या 2 का दावा, कथित इंतज़ामिया समिति के सचिव के रूप में, बिना किसी प्रमाण के, बलरामपुर के तत्कालीन महाराजा के साथ हुए एक कथित लेन-देन पर आधारित है, जिसके तहत कथित रूप से भूमि को कब्रिस्तान इंतज़ामिया समिति को बेचा जाना था। हालांकि, विक्रय विलेख याचिकाकर्ताओं के नाम पर पंजीकृत था, लेकिन इस संबंध में मुकदमा दायर करने के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कोई मुकदमा कार्यवाही शुरू नहीं की गई। विपक्षी पार्टी संख्या 2 ने फॉर्म 24 दाखिल नहीं किया, जिससे वास्तविक स्थिति का खुलासा हो सकता था, जिसका पता पहले दर्ज की गई प्रविष्टियों के अलावा आंशिक जांच के दौरान चला। इस मामले में, डी.डी.सी. का दिनांक 21.4.1979 का आदेश मान्य नहीं है और इसे रद्द किया जाता है। डी.डी.सी. द्वारा दिनांक 19.10.1980 को पारित किया गया बाद का आदेश, जिसमें आवेदन वापस लेने का आदेश दिया गया था, स्वतः ही समाप्त हो जाता है। रिट याचिका उपरोक्त शर्तों पर स्वीकार की जाती है। डी.डी.सी. के फैसले को रद्द करने का परिणाम यह है कि विपक्षी पार्टी संख्या 2 की वे आपत्तियां, जिन्हें सी.ओ. और एस.ओ.सी. ने पहले ही खारिज कर दिया था, अब भी खारिज हैं। इसके बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। (राजन रॉय, न्यायमूर्ति)। आदेश की तिथि: 22.04.2019 ए.निगम इलाहाबाद उच्च न्यायालय और लखनऊ स्थित इसकी बेंच द्वारा दिए गए अधिक निर्णयों/आदेशों के लिए http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/StartWebSearch.do #📒 मेरी डायरी पर जाएं। अस्वीकरण
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#📒 मेरी डायरी Today my youngest daughter Ankita Singh has been obtained Employability Enhancement Certificate! Many many congratulations to her! Best of luck! आज मेरी सबसे छोटी बेटी अंकिता सिंह को एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट मिला है! उसे बहुत-बहुत बधाई! बेस्ट ऑफ लक! Dashrath Singh urf Ram Pal Singh (An individual an RTI activist) Mobile 📲+919415049053
📒 मेरी डायरी - Rise CENTUM mahindra AABIL {ು Impacne 1v {OUOrOk CERTIFICATE OF COMPLETION This certificate is presented to Ankita from Vocation Center, Balrampur for successfully completing the Employability Enhancement Training supported by Mahindra & Mahindra Ltd. under Kaabil" Program and implemented by Centum Foundation in FY25-26. 00 Authorized Sienatory Centum Foundation Rise CENTUM mahindra AABIL {ು Impacne 1v {OUOrOk CERTIFICATE OF COMPLETION This certificate is presented to Ankita from Vocation Center, Balrampur for successfully completing the Employability Enhancement Training supported by Mahindra & Mahindra Ltd. under Kaabil" Program and implemented by Centum Foundation in FY25-26. 00 Authorized Sienatory Centum Foundation - ShareChat
#📒 मेरी डायरी Issue has been resolved thanks 🙏 to MVVNL Balrampur.
📒 मेरी डायरी - ShareChat
#📒 मेरी डायरी I have sorry to say an indent had been sent by assistant engineer disribution Mr Ajeet Kumar to assistant engineer metre Mr Naeemuddin but issue has not been resolved. This is unfortunate if it is happening with the consumer. Take it serious in the interest MVVNL. Dashrath Singh urf Ram Pal Singh (An individual an RTI activist) Mobile 📲+919415049053
📒 मेरी डायरी - ಶ 1 5 4 = ३ > 41[ ம gঁ ಕಿಕಷಿಶಿ ೬ I 3 డ్డ్ 1 ಸಿ కీడ్డీ క్టేక్టీక్టీ P > ؟ డ్డ = IM 1 N < 3 1 ಶ ड् ర త్ణే 8 ؟ 1 8 8 3 ّ ೯೩ గ్గే g 8 ठ ಕ నె ಶ್ಮಿಕಿ ಕ g g 8 = = ಔಕ್ಷಕ್ಕಿ % Scanned with OKEN Scanner ಶ 1 5 4 = ३ > 41[ ம gঁ ಕಿಕಷಿಶಿ ೬ I 3 డ్డ్ 1 ಸಿ కీడ్డీ క్టేక్టీక్టీ P > ؟ డ్డ = IM 1 N < 3 1 ಶ ड् ర త్ణే 8 ؟ 1 8 8 3 ّ ೯೩ గ్గే g 8 ठ ಕ నె ಶ್ಮಿಕಿ ಕ g g 8 = = ಔಕ್ಷಕ್ಕಿ % Scanned with OKEN Scanner - ShareChat