Parmod Jain
ShareChat
click to see wallet page
@parmodjain
parmodjain
Parmod Jain
@parmodjain
Jain Sahab
Rupya Ka Rola #Haryanvi comedy
Haryanvi comedy - ShareChat
01:03
#प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री - ShareChat
00:05
Sabji Wala #hindi comedy
hindi comedy - ShareChat
00:59
Bollywood अभिनेता राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामला 2010 का है, जब फिल्म "अता-पता लापता" के लिए ₹5 करोड़ का loan लिया गया था। ब्याज जुड़ते-जुड़ते रकम करीब ₹9 करोड़ हो गई। फिल्म फ्लॉप होने के कारण भुगतान समय पर नहीं हो पाया। Court ने 20-25 बार मोहलत दी, लेकिन बकाया नहीं चुकाया जा सका। 5 फरवरी को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में surrender किया। Court ने 6 महीने की सजा सुनाई है। जानकारी के मुताबिक, सजा पूरी होने के बाद भी लगभग ₹6.5 करोड़ की राशि चुकानी बाकी रहेगी। मामला एक बार फिर Social Media पर चर्चा में है। #बॉलीवुड
बॉलीवुड - ShareChat
राजस्थान के किसानों की एक ही पुकार—अफीम डोडा पोस्त को मिले फसल का दर्जा! सालों से चली आ रही इस जायज मांग को अब और अनदेखा नहीं किया जा सकता। आज सड़क से लेकर सरकार तक, हम अपनी बात पूरी मजबूती और शांति के साथ रख रहे हैं। आइए एक बात स्पष्ट करें: हमारी यह मांग नशा फैलाने के लिए नहीं है, बल्कि किसान को उसकी खून-पसीने की उपज का सही हक दिलाने के लिए है। सरकार को जमीनी हकीकत समझकर जल्द से जल्द नीति में बदलाव करना ही होगा। साथियों, हमारा यह शांतिपूर्ण संघर्ष जारी है और एकजुटता से जीत हमारी ही होगी। #राजस्थान
राजस्थान - 3দিকম  -डोडा पोस्त कलन फसल  रेल और सड़क दोनों बंद अफीम ி কমাব কুক্- अफीम डोडा पोस्तै RI हक़ - हमारी अफीम सरकार  फसल है ठेके तुरंत खोलो কিমান ক্রী 3দিকম  -डोडा पोस्त कलन फसल  रेल और सड़क दोनों बंद अफीम ி কমাব কুক্- अफीम डोडा पोस्तै RI हक़ - हमारी अफीम सरकार  फसल है ठेके तुरंत खोलो কিমান ক্রী - ShareChat
₹70,000 करोड़ का घोटाला! हैदराबाद बिरयानी रेस्टोरेंट की जांच में हुआ खुलासा, पूरे देश में फैला है धंधा हैदराबाद की एक बिरयानी रेस्टोरेंट चेन की जांच में बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक बिलिंग सॉफ्टवेयर में की जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी है। इसमें एक लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट शामिल हैं जिन्होंने कम से कम 70,000 करोड़ रुपये की सेल्स को छिपाया है। हैदराबाद में एक बिरयानी रेस्टोरेंट चेन की जांच में टैक्स चोरी का एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। माना जा रहा है कि फूड एंव बेवरेजेज इंडस्ट्री का यह घोटाला हजारों करोड़ रुपये का हो सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की हैदराबाद जांच यूनिट ने एक बिलिंग सॉफ्टवेयर में 60 टेराबाइट डेटा खंगालने के बाद यह गड़बड़ी पकड़ी है। इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल देशभर में 1 लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट करते हैं। माना जा रहा है कि इन रेस्टोरेंट्स ने 2019-20 से कम से कम 70,000 करोड़ रुपये की सेल्स को छिपाया है। हालांकि अधिकारियों ने अब तक छिपाई गई इनकम पर टैक्स और पेनल्टी की गणना नहीं की है। उनका कहना है कि उन्होंने जिस सॉफ्टवेयर की जांच की है, वह देश के टोटल रेस्टोरेंट बिलिंग सॉफ्टवेयर मार्केट में करीब 10 फीसदी कंट्रोल करता है। जांचकर्ताओं ने 1.8 लाख से अधिक रेस्टोरेंट्स के डेटा को खंगालने के लिए डेटा एनालिसिस और एआई टूल्स का इस्तेमाल किया। इसमें जेनरेटिव एआई भी शामिल है। देशभर में कुल 70,000 करोड़ रुपये की बिक्री में से 13,317 करोड़ रुपये का डेटा डिलीट किया गया। कहां हुई सबसे ज्यादा गड़बड़ी? आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 5,141 करोड़ रुपये की सेल को छिपाया गया। दोनों राज्यों में 40 रेस्टोरेंट्स के सैंपल की फिजिकल और डिजिटल जांच की गई। इनमें करीब 400 करोड़ रुपये की सेल छिपाने का पता चला है। सबसे ज्यादा गड़बड़ी तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र और गुजरात में सामने आई है। कर्नाटक में 2,000 करोड़ रुपये, तेलंगाना में 1,500 करोड़ रुपये और तमिलनाडु में 1,200 करोड़ रुपये का सेल्स डेटा डिलीट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ रेस्टोरेंट्स ने इनकम टैक्स रिटर्न में कम सेल्स दिखाई लेकिन रेकॉर्ड डिलीट करने की जहमत तक नहीं उठाई। सैंपल के आधार पर अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 27 फीसदी सेल्स को छिपाया गया। अधिकारियों ने अहमदाबाद में बिलिंग सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर कंपनी के सेंटर से डेटा एक्सेस किया। इसे हैदराबाद में इनकम टैक्स विभाग के डिजिटल फोरेंसिक एंड एनालिटिक्स लैब में एनालाइज किया गया। #अहमदाबाद
अहमदाबाद - करोड़ 3liga70,000 কা কিযা 'নিযানী ঘরীমালা' करोड़ 3liga70,000 কা কিযা 'নিযানী ঘরীমালা' - ShareChat
"रीलबाजों ने उजाड़ी एक मां की दुनिया: स्टंटबाज स्कॉर्पियो ने ली 23 साल के साहिल की जान, सिंगल मदर ने मांगा इंसाफ 3 फरवरी को दिल्ली में एक कार एक्सीडेंट में मारे गए 23 साल के लड़के की मां ने आरोप लगाया कि नाबालिग रील शूट करते समय अपनी SUV तेज चला रहा था और उसकी लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से उसके बेटे की जान चली गई।" "दिल्ली का द्वारका इलाका एक भयानक सड़क हादसे का गवाह बना, जिसमें 23 साल साहिल धनेशरा की मौत हो गई। आरोप है कि एक नाबालिग ड्राइवर अपनी बहन के साथ सड़क पर 'स्पीड फन रील' बना रहा था, तभी उसकी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साहिल की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। साहिल की मां इन्ना माकन ने नम आंखों से बताया कि साहिल उनका इकलौता सहारा था. एक सिंगल मदर के तौर पर उन्होंने उसे बड़े अरमानों से पालकर काबिल बनाया था।" 3 फरवरी को साहिल अपने ऑफिस जा रहा था. तभी दूसरी लेन से आ रही स्कॉर्पियो (UP57BM3057) ने स्टंट करते हुए उसे अपनी चपेट में ले लिया। इन्ना माकन का आरोप है कि स्कॉर्पियो ड्राइवर अपनी बहन के साथ रील बना रहा था और गाड़ी की रफ्तार रील में साफ देखी जा सकती है. टक्कर के बाद ड्राइवर ने ब्रेक तक नहीं लगाए। इस हादसे में एक कैब ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। इन्ना माकन का कहना है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक 'क्रिमिनल एक्टिविटी' है। ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। सार्वजनिक सड़क पर स्टंट और रील बनाना जानबूझकर दूसरों की जान खतरे में डालना है। आरोपी पक्ष के रसूखदार होने की चर्चाओं के बीच मां ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन से सख्त सजा की मांग की है। "दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी की उम्र 17 साल है। हालांकि, शुरू में दिल्ली पुलिस उस पर बालिग की तरह केस चलाना चाहती थी और इसलिए FIR में उसकी उम्र 19 साल लिखी गई थी। आरोपी के वकील से और डॉक्यूमेंट्स मिले, जिनसे पता चला कि वह नाबालिग है. आरोपी के पिता को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस MV ACT के तहत चार्जशीट में पिता का नाम दर्ज करेगी। एक्सीडेंट के पीड़ित की ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक, मौत का कारण हेमोरेजिक शॉक बताया गया है, जो क्रेनियो-सेरेब्रल चोट और दाहिने ऊपरी अंग के साथ-साथ जरूरी अंगों में चोट लगने की वजह से हुआ. चोटों का नेचर रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट के असर जैसा है।""रीलबाजों ने उजाड़ी एक मां की दुनिया: स्टंटबाज स्कॉर्पियो ने ली 23 साल के साहिल की जान, सिंगल मदर ने मांगा इंसाफ 3 फरवरी को दिल्ली में एक कार एक्सीडेंट में मारे गए 23 साल के लड़के की मां ने आरोप लगाया कि नाबालिग रील शूट करते समय अपनी SUV तेज चला रहा था और उसकी लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से उसके बेटे की जान चली गई।" "दिल्ली का द्वारका इलाका एक भयानक सड़क हादसे का गवाह बना, जिसमें 23 साल साहिल धनेशरा की मौत हो गई। आरोप है कि एक नाबालिग ड्राइवर अपनी बहन के साथ सड़क पर 'स्पीड फन रील' बना रहा था, तभी उसकी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साहिल की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। साहिल की मां इन्ना माकन ने नम आंखों से बताया कि साहिल उनका इकलौता सहारा था. एक सिंगल मदर के तौर पर उन्होंने उसे बड़े अरमानों से पालकर काबिल बनाया था।" 3 फरवरी को साहिल अपने ऑफिस जा रहा था. तभी दूसरी लेन से आ रही स्कॉर्पियो (UP57BM3057) ने स्टंट करते हुए उसे अपनी चपेट में ले लिया। इन्ना माकन का आरोप है कि स्कॉर्पियो ड्राइवर अपनी बहन के साथ रील बना रहा था और गाड़ी की रफ्तार रील में साफ देखी जा सकती है. टक्कर के बाद ड्राइवर ने ब्रेक तक नहीं लगाए। इस हादसे में एक कैब ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। इन्ना माकन का कहना है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक 'क्रिमिनल एक्टिविटी' है। ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। सार्वजनिक सड़क पर स्टंट और रील बनाना जानबूझकर दूसरों की जान खतरे में डालना है। आरोपी पक्ष के रसूखदार होने की चर्चाओं के बीच मां ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन से सख्त सजा की मांग की है। "दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी की उम्र 17 साल है। हालांकि, शुरू में दिल्ली पुलिस उस पर बालिग की तरह केस चलाना चाहती थी और इसलिए FIR में उसकी उम्र 19 साल लिखी गई थी। आरोपी के वकील से और डॉक्यूमेंट्स मिले, जिनसे पता चला कि वह नाबालिग है. आरोपी के पिता को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस MV ACT के तहत चार्जशीट में पिता का नाम दर्ज करेगी। एक्सीडेंट के पीड़ित की ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक, मौत का कारण हेमोरेजिक शॉक बताया गया है, जो क्रेनियो-सेरेब्रल चोट और दाहिने ऊपरी अंग के साथ-साथ जरूरी अंगों में चोट लगने की वजह से हुआ. चोटों का नेचर रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट के असर जैसा है।" #राजधानी दिल्ली
राजधानी दिल्ली - दिल्ली वालों हेल्प करो, मेरे २२ साल के ब्वेटे को रीलबाज ने Scorpio-I से उड़ा दिण Rosi दिल्ली वालों हेल्प करो, मेरे २२ साल के ब्वेटे को रीलबाज ने Scorpio-I से उड़ा दिण Rosi - ShareChat
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बलात्कार मामले में दोषसिद्धि को बदल दिया। अब आरोपी को दुष्कर्म के प्रयास के तहत सजा सुनाई गई है। अदालत ने माना कि योनि के ऊपर लिंग रखना और बिना प्रवेश किए वीर्यपात करना बलात्कार नहीं, बल्कि बलात्कार के प्रयास के तहत आएगा। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सोमवार यानी 16 फरवरी को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अगर योनि में लिंग प्रवेश के बिना ही वीर्यपात हो गया है तो इसे दुष्कर्म नहीं, बल्कि दुष्कर्म का प्रयास माना जाएगा। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को बलात्कार का दोषी पाया था। 6 अप्रैल 2005 को उसे आईपीसी की धारा 376(1) के तहत सात साल की सजा और 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। वहीं आईपीसी की धारा 342 के तहत छह माह की अतिरिक्त सजा सुनाई गई थी। अब हाई कोर्ट ने बलात्कार में दोषसिद्धि को दुष्कर्म के प्रयास की सजा के तौर पर बदल दिया है। उच्च न्यायालय ने आईपीसी की धारा 376(1) के तहत मिली सजा को रद्द कर दिया। उसकी जगह धारा 376/511 का दोषी ठहराया और साढ़े तीन साल की जेल व 200 रुपये का जुर्माना लगाया। आईपीसी की धारा 342 के तहत छह महीने की सजा बरकरार रखी। दोषी को दो महीने के भीतर निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। पीड़िता ने अदालत को क्या बताया? अपने बयान में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने पैंट उतारने के बाद उसकी योनि पर अपना गुप्तांग प्रवेश किया। हालांकि बाद में पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने अपना गुप्तांग उसकी योनी पर लगभग 10 मिनट तक रखा, लेकिन प्रवेश नहीं किया। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने उसके हाथों को कसकर पकड़ रहा था। करीब आठ घंटे तक वह कमरे में रही। जब मां पहुंची तो उन्होंने उसके हाथ और मुंह को खोला। चिकित्सकीय साक्ष्यों से भी जानकारी मिली कि हाइमन बरकरार था। डॉक्टरों ने योनि में लालिमा, दर्द की शिकायत और सफेद स्राव की मौजूदगी देखी। इसके अलावा आंशिक प्रवेश की संभावना जताई। मगर दुष्कर्म के बारे में कोई सटीक राय नहीं दी। अदालत ने पीड़िता के बयान की बारीकी से जांच की और सबूतों का पुनर्मूल्यांकन किया। इसमें पाया कि इस बयान में विरोधाभास और चिकित्सा जांच में हाइमन के बरकरार होने से सिर्फ दुष्कर्म के इरादे से किए गए प्रयास का प्रमाण मिलता है। हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य बनाम बाबुल नाथ मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म साबित करने के लिए पूर्ण प्रवेश, कौमार्य का टूटना या वीर्य का निकलना आवश्यक नहीं है। आईपीसी की धारा 375 में कहा गया है कि केवल प्रवेश ही पर्याप्त है। योनि के भीतर पुरुष जननांग का हल्का सा प्रवेश भी अपराध तय करने के लिय पर्याप्त है। इस मामले में पीड़िता के खुद के बयान से वास्तविक यौन संबंध के बारे में संदेह पैदा होता है। मगर यौन उत्पीड़न और आंशिक यौन संबंध के सबूत मौजूद थे। मगर पूरी तरह से दुष्कर्म के सभी तत्व निर्णायक तौर पर साबित नहीं हुए थे। क्या है मामला? यह मामला 21 मई 2004 का है। छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले के अर्जुनी थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक घटना वाले दिन पीड़िता अपने घर पर अकेले थी। तभी आरोपी शख्स आया है और उससे पूछा कि क्या वह दुकान चलेगी? पैसे मांगने पर आरोपी ने पीड़िता का हाथ पकड़ लिया। जबरन अपने घर ले गया। आरोप के तहत यहां शख्स ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और कमरे में बंद रखा। #छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ - "योनि के ऊपर लिंग रखकर वीर्यपात करना बलात्कार नहा" छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास M [[| మ "योनि के ऊपर लिंग रखकर वीर्यपात करना बलात्कार नहा" छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास M [[| మ - ShareChat
#खाटू श्याम
खाटू श्याम - श्री श्याा देबाय जाः ೮l೮  फाल्गुनी लक्खी मेला २०२६  [ಕ[ರ: 21 २८ फरवरी २०२६ में आप सभी सादर आमंत्रित हैं॰.. एकादशी २७ फरवरी २०२६ IAI निवेदक নংনিমিলাঞ্ী खाटू नरेश (खाटूश्यामजी) समस्त श्याम जगत स्थान : श्री श्याम नगरी, खाटूश्यामजी श्री श्याा देबाय जाः ೮l೮  फाल्गुनी लक्खी मेला २०२६  [ಕ[ರ: 21 २८ फरवरी २०२६ में आप सभी सादर आमंत्रित हैं॰.. एकादशी २७ फरवरी २०२६ IAI निवेदक নংনিমিলাঞ্ী खाटू नरेश (खाटूश्यामजी) समस्त श्याम जगत स्थान : श्री श्याम नगरी, खाटूश्यामजी - ShareChat