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@poetmpmusafir123
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दूसरों के ख़ुशी में ख़ुश होना एक महानता की निशानी ह.
#✒️दर्द भरल शायरी स्टेटस
✒️दर्द भरल शायरी स्टेटस - जो सामने कहते तो हँस कर के टाल देते हम् , तुम एक मारते तो दूजा भी गाल देते हम , वो तो तुम हो जिसे सुनकर के भी रोना आया, गै़र कोई होता तो जबाँ निकाल देते हम। | Musufir जो सामने कहते तो हँस कर के टाल देते हम् , तुम एक मारते तो दूजा भी गाल देते हम , वो तो तुम हो जिसे सुनकर के भी रोना आया, गै़र कोई होता तो जबाँ निकाल देते हम। | Musufir - ShareChat
#✒️दर्द भरल शायरी स्टेटस
✒️दर्द भरल शायरी स्टेटस - वक्त की आँच में हर रंग पिघल जाता है वक्त आने पर सूरज भी॰ ढल जाता   है 0 ا कौन रख पाया है सच को नक़ाब में सदा कुछ देर के लिए बस मन बहल जाता है. वक्त की आँच में हर रंग पिघल जाता है वक्त आने पर सूरज भी॰ ढल जाता   है 0 ا कौन रख पाया है सच को नक़ाब में सदा कुछ देर के लिए बस मन बहल जाता है. - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #🏠घर-परिवार #❤️ Love You Maa ❤️
🌞 Good Morning🌞 - পিনূ-$ भक्तिदोहावली সান-িনাব্ী তী সনুত  ননযবযম্সান] व्यर्थ भक्तिउसकी सभी, सुनेनकभी भगवान।l आशीषों से मातके, दुखमिटते हैंतुरंत। जोजन इनको त्यागता , निश्चितउसका अंत।। माता पिता सेजगतमें , बड़ानदेव सुजान। जोचरणों को पूजता, जगमें पाता मान।l सेवा से माँ-बापकी, बढ़े आयु औरज्ञान। यशवैभव सबमिलतहै, बनतजीवधनवान Il देयकष्टमाँ बापको , करेनीचउपहास। कहत मनोज उस जीवका, निश्चय सत्यानाश]]  aitgoToo | পিনূ-$ भक्तिदोहावली সান-িনাব্ী তী সনুত  ননযবযম্সান] व्यर्थ भक्तिउसकी सभी, सुनेनकभी भगवान।l आशीषों से मातके, दुखमिटते हैंतुरंत। जोजन इनको त्यागता , निश्चितउसका अंत।। माता पिता सेजगतमें , बड़ानदेव सुजान। जोचरणों को पूजता, जगमें पाता मान।l सेवा से माँ-बापकी, बढ़े आयु औरज्ञान। यशवैभव सबमिलतहै, बनतजीवधनवान Il देयकष्टमाँ बापको , करेनीचउपहास। कहत मनोज उस जीवका, निश्चय सत्यानाश]]  aitgoToo | - ShareChat
#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #💞Heart touching शायरी✍️ ##️⃣DilShayarana💘
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - अपनी दीवानगी को प्यार न कहिये साहब, ऐसे वैसों को तो दिलदार न कहिये साहब, इस ज़माने में मोहब्बत की बड़ी क़ीमत है धोखे बाज़ो से जरा बचके निकलिए साहब। Musafir . अपनी दीवानगी को प्यार न कहिये साहब, ऐसे वैसों को तो दिलदार न कहिये साहब, इस ज़माने में मोहब्बत की बड़ी क़ीमत है धोखे बाज़ो से जरा बचके निकलिए साहब। Musafir . - ShareChat
#💞Heart touching शायरी✍️ #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #😒दर्द भरी शायरी🌸 #दोस्ती
💞Heart touching शायरी✍️ - दोस्त क्या ख़ूब वफ़ाओं का सिला देते हैँ ताबिश देहल्वी दोस्त क्या ख़ूब वफ़ाओं का सिला देते हैं हर नए मोड़ पर एक ज़ख़्म नया देते हैं নুস ম নী ঐয ঘড়ী-সয ক্ী মুলাকান ফ্ষ্ী लोग सदियों की रफ़ाक़त को भुला देते हैं भी न हो और दिल भी जले कैसे मुम्किन है कि धुआँ चोट पड़ती है तो पत्थर भी सदा देते हैं कौन होता है मुसीबत में किसी का ऐ दोस्त आग लगती है तो पत्ते भी हवा देते हैं जिन पे होता है बहुत दिल को भरोसा ' ताबिश' वक़्त पड़ने पे वही लोग दग़ा देते हैं दोस्त क्या ख़ूब वफ़ाओं का सिला देते हैँ ताबिश देहल्वी दोस्त क्या ख़ूब वफ़ाओं का सिला देते हैं हर नए मोड़ पर एक ज़ख़्म नया देते हैं নুস ম নী ঐয ঘড়ী-সয ক্ী মুলাকান ফ্ষ্ী लोग सदियों की रफ़ाक़त को भुला देते हैं भी न हो और दिल भी जले कैसे मुम्किन है कि धुआँ चोट पड़ती है तो पत्थर भी सदा देते हैं कौन होता है मुसीबत में किसी का ऐ दोस्त आग लगती है तो पत्ते भी हवा देते हैं जिन पे होता है बहुत दिल को भरोसा ' ताबिश' वक़्त पड़ने पे वही लोग दग़ा देते हैं - ShareChat
#😒दर्द भरी शायरी🌸 #💔मरीज-ए-इश्क❤ #💞Heart touching शायरी✍️ #बेहतरीन उर्दू शायरी✍️
😒दर्द भरी शायरी🌸 - हम मरहम थे हम मर गए, जां उनके नाम कर गए। सबको समेट के रखते थे, और हम ख़ुद ही बिखर गए।। Musafir हम मरहम थे हम मर गए, जां उनके नाम कर गए। सबको समेट के रखते थे, और हम ख़ुद ही बिखर गए।। Musafir - ShareChat
#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - की तरह मैं ये काम करता हूँ इबादतों मेरा उसूल है, पहले सलाम करता हूँ!! मुख़ालिफ़त से मेरी शख़्सियत सँवरती है मैं दुश्मनों का बडा एहतराम करता हूँू!! मैं अपनी जेब में अपना पता नहीं रखता, सफ़र में सिर्फ यही एहतमाम करता हूँू! मैं डर गया हूँ बहुत सायादार पेड़ों से ज़रा सी धूप बिछाकर क़याम करता हू!! मुझे ख़ुदा ने ग़़ज़़ल का दयार बख़्शा है मैं मोहब्बत के नाम करता हूँू!! সনন बशीर बद्र साहब की तरह मैं ये काम करता हूँ इबादतों मेरा उसूल है, पहले सलाम करता हूँ!! मुख़ालिफ़त से मेरी शख़्सियत सँवरती है मैं दुश्मनों का बडा एहतराम करता हूँू!! मैं अपनी जेब में अपना पता नहीं रखता, सफ़र में सिर्फ यही एहतमाम करता हूँू! मैं डर गया हूँ बहुत सायादार पेड़ों से ज़रा सी धूप बिछाकर क़याम करता हू!! मुझे ख़ुदा ने ग़़ज़़ल का दयार बख़्शा है मैं मोहब्बत के नाम करता हूँू!! সনন बशीर बद्र साहब - ShareChat
##️⃣DilShayarana💘 #💞Heart touching शायरी✍️ #💔मरीज-ए-इश्क❤ #😒दर्द भरी शायरी🌸
#️⃣DilShayarana💘 - सूखा गुलाब मेरी हथेली पे रख गये। अपना नकाब मेरी हथेली पे रख गये। लिए मेरी तो इल्तजा थी چ खुशी मगर बिखरा वो ख्वाब मेरी हथेली पे रख गये क्या क्या सितम किये थे जमाने ने उनके साथ, सारा हिसाब मेरी हथेली पे रख गये। यूँ कर बढ़ा गये हैं वो जालिम तलब मेरी, थोड़ी शराब मेरी हथेली पे रख गये। रूमाल तो मेरा ही था लेकिन वो पौंछ कर, आँखों का आब मेरी हथेली पे रख गये। हर वर्क पर लिखे जो तराने सननी वही, वापस किताब मेरी हथेली पे रख गये। सूखा गुलाब मेरी हथेली पे रख गये। अपना नकाब मेरी हथेली पे रख गये। लिए मेरी तो इल्तजा थी چ खुशी मगर बिखरा वो ख्वाब मेरी हथेली पे रख गये क्या क्या सितम किये थे जमाने ने उनके साथ, सारा हिसाब मेरी हथेली पे रख गये। यूँ कर बढ़ा गये हैं वो जालिम तलब मेरी, थोड़ी शराब मेरी हथेली पे रख गये। रूमाल तो मेरा ही था लेकिन वो पौंछ कर, आँखों का आब मेरी हथेली पे रख गये। हर वर्क पर लिखे जो तराने सननी वही, वापस किताब मेरी हथेली पे रख गये। - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️ #😒दर्द भरी शायरी🌸 #💞Heart touching शायरी✍️ #💔मरीज-ए-इश्क❤ ##️⃣DilShayarana💘
📖 कविता और कोट्स✒️ - मेरी ज़िन्दगी के हालात मेरी ज़िंदगी में कुछ ऐसे भी मुक़ाम आए जिन्हें भूल चुके थे, याद वही हर बार आए। वास्ता भी न था जिनसे मेरा बुराई का कभी, सुना है उनकी ज़ुबां पर भी मेरे ही नाम आए। ऐ दिल-ए-्नादान! ये तूने कैसा सितम किया, कि तुझको उकसाने के तोहमतें मुझ पे आए। तुझे गले लगाकर कह सकूँ हाल-ए-दिल अपना, काश मेरी ज़िंदगी में भी ऐसी कोई शाम आए। हज़ारों होंगे तुमपे मरने वाले इस जहाँ में, ज़रूरी तो नहीं ' मुसाफिर' का भी नाम आए। मेरी ज़िन्दगी के हालात मेरी ज़िंदगी में कुछ ऐसे भी मुक़ाम आए जिन्हें भूल चुके थे, याद वही हर बार आए। वास्ता भी न था जिनसे मेरा बुराई का कभी, सुना है उनकी ज़ुबां पर भी मेरे ही नाम आए। ऐ दिल-ए-्नादान! ये तूने कैसा सितम किया, कि तुझको उकसाने के तोहमतें मुझ पे आए। तुझे गले लगाकर कह सकूँ हाल-ए-दिल अपना, काश मेरी ज़िंदगी में भी ऐसी कोई शाम आए। हज़ारों होंगे तुमपे मरने वाले इस जहाँ में, ज़रूरी तो नहीं ' मुसाफिर' का भी नाम आए। - ShareChat
#📖Whatsapp शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️ #❤️जीवन की सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #👍मोटिवेशनल कोट्स✌
📖Whatsapp शायरी - कितना अज़ीब है ना दिसंबर और जनवरी का रिश्ता जैसे यादों और नए वादों gాIoft ' কিবন্সা কা दोनों काफी नाज़ुक है ढोनो गें गहराई ढोनों व़क्त के राही हैं ढोनो ने ठोकर खाई यूंँ तो ढोनो का है वही ` चेहरा ` वही रंग उतनी ही तारीखें उतनी ही ठंड पर पहचान अलग है दोनो अलग है अंदाज़ और अलग है ढँग एक अंत है एक शुरुआत जैसे रात से सुबह और सुबह से रात एक गें याढ है तो ढूसरे गें आस को विश्वास तजुर्बा है तो एक को ढूसरे  कितना अज़ीब है ना दिसंबर और जनवरी का रिश्ता जैसे यादों और नए वादों gాIoft ' কিবন্সা কা दोनों काफी नाज़ुक है ढोनो गें गहराई ढोनों व़क्त के राही हैं ढोनो ने ठोकर खाई यूंँ तो ढोनो का है वही ` चेहरा ` वही रंग उतनी ही तारीखें उतनी ही ठंड पर पहचान अलग है दोनो अलग है अंदाज़ और अलग है ढँग एक अंत है एक शुरुआत जैसे रात से सुबह और सुबह से रात एक गें याढ है तो ढूसरे गें आस को विश्वास तजुर्बा है तो एक को ढूसरे - ShareChat