Pradeep Agrawal
ShareChat
click to see wallet page
@prakhar116
prakhar116
Pradeep Agrawal
@prakhar116
🙏🌹 मेरी प्यारी मां🌹🙏
*वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में झाड़ू को कहा और कैसे रखना चाहिए* *वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में झाड़ू रखने के कुछ विशेष नियम होते हैं जिनका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। जिसके कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं।* 🌹*दिशा:-* झाड़ू को दक्षिण-पश्चिम (South-West) या पश्चिम (West) दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखता है। 🌹*स्थान:-* झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए, जैसे कि अलमारियों के नीचे। इसे खुली आंखों के सामने नहीं रखना चाहिए। 🌹*रखने का तरीका:-* झाड़ू को कभी भी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए, इससे घर में कलह हो सकती है। इसे हमेशा लेटाकर रखना चाहिए। 🌹*वर्जित स्थान:-* झाड़ू को रसोई, पूजा घर या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। इससे धन हानि हो सकती है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। 🌹*पुरानी झाड़ू:-* पुरानी या टूटी झाड़ू को घर में नहीं रखना चाहिए। इसे शनिवार को बदलना अच्छा माना जाता है। 🌹*पैर न लगाएं:-* झाड़ू को कभी पैर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। *इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।* *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏 #🌸पॉजिटिव मंत्र #👌 आत्मविश्वास #👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान #👫 हमारी ज़िन्दगी
*वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में झाड़ू को कहा और कैसे रखना चाहिए* *वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में झाड़ू रखने के कुछ विशेष नियम होते हैं जिनका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। जिसके कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं।* 🌹*दिशा:-* झाड़ू को दक्षिण-पश्चिम (South-West) या पश्चिम (West) दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखता है। 🌹*स्थान:-* झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए, जैसे कि अलमारियों के नीचे। इसे खुली आंखों के सामने नहीं रखना चाहिए। 🌹*रखने का तरीका:-* झाड़ू को कभी भी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए, इससे घर में कलह हो सकती है। इसे हमेशा लेटाकर रखना चाहिए। 🌹*वर्जित स्थान:-* झाड़ू को रसोई, पूजा घर या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। इससे धन हानि हो सकती है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। 🌹*पुरानी झाड़ू:-* पुरानी या टूटी झाड़ू को घर में नहीं रखना चाहिए। इसे शनिवार को बदलना अच्छा माना जाता है। 🌹*पैर न लगाएं:-* झाड़ू को कभी पैर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। *इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।* *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏 श्री खाटू श्याम के दीवाने का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App https://primetrace.com/group/489/post/1180110557?utm_source=android_post_share_web&referral_code=QM29Q&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING #❤️जीवन की सीख #✍ आदर्श कोट्स #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #✍️ जीवन में बदलाव
❤️जीवन की सीख - ShareChat
*वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में झाड़ू को कहा और कैसे रखना चाहिए* *वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में झाड़ू रखने के कुछ विशेष नियम होते हैं जिनका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। जिसके कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं।* 🌹*दिशा:-* झाड़ू को दक्षिण-पश्चिम (South-West) या पश्चिम (West) दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखता है। 🌹*स्थान:-* झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए, जैसे कि अलमारियों के नीचे। इसे खुली आंखों के सामने नहीं रखना चाहिए। 🌹*रखने का तरीका:-* झाड़ू को कभी भी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए, इससे घर में कलह हो सकती है। इसे हमेशा लेटाकर रखना चाहिए। 🌹*वर्जित स्थान:-* झाड़ू को रसोई, पूजा घर या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। इससे धन हानि हो सकती है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। 🌹*पुरानी झाड़ू:-* पुरानी या टूटी झाड़ू को घर में नहीं रखना चाहिए। इसे शनिवार को बदलना अच्छा माना जाता है। 🌹*पैर न लगाएं:-* झाड़ू को कभी पैर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। *इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।* *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏
PRADEEP AGRAWAL
*।।ॐ महा लक्ष्मी नमो नमः।।* *।। घर के मुख्य द्वार से धन आकर्षित करने के पारंपरिक उपाय ।।* *घर की गरीबी दीवारों में नहीं, प्रवेश द्वार में छिपी होती है।* घर का प्रवेश स्थान ऊर्जा का पहला संपर्क बिंदु माना जाता है। इसे संतुलित और पवित्र रखने से समृद्धि से जुड़े प्रतीक सक्रिय माने जाते हैं। नीचे दिए गए उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं और नियमितता के साथ किए जाएं तो सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। समृद्धि पहले कदम रखती है, फिर घर धन से भरता है। *1. लक्ष्मी चरण स्थापित करना* दरवाजे के बाहर से अंदर की ओर आते छोटे पदचिन्ह लगाएं। इन्हें शुक्रवार, पूर्णिमा या दीपावली जैसे शुभ अवसर पर लगाना उचित माना जाता है। यह संकेत देता है कि समृद्धि का स्वागत किया जा रहा है। *2. आम पत्तों और नारियल की तोरण* मुख्य द्वार पर 5 या 7 ताजे आम के पत्तों की तोरण बांधें। बीच में नारियल या पारंपरिक बंदनवार लगाया जा सकता है। हर 7 से 10 दिन में पत्तों को बदलना आवश्यक माना जाता है। इसे नकारात्मक प्रभावों को बाहर रोकने का प्रतीक माना जाता है। *3. स्वास्तिक चिह्न बनाना* दरवाजे के दोनों ओर हल्दी या रोली से स्वास्तिक अंकित करें। बुधवार या शुक्रवार को बनाना अधिक शुभ माना जाता है। इसके साथ शुभ और लाभ लिखना मंगलकारी संकेत समझा जाता है। *4. संध्या दीप प्रज्वलन* शाम के समय प्रवेश द्वार के पास छोटा दीपक जलाएं। घी या तिल के तेल का दीपक पारंपरिक रूप से श्रेष्ठ माना जाता है। यह घर में सौम्यता और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का संकेत है। *5. स्वच्छता और सुगंध* दरवाजा टूटा, जंग लगा या गंदा न हो। प्रवेश के सामने कूड़ा या जूते जमा न रखें। प्रतिदिन हल्की सुगंध, धूप या अगरबत्ती का प्रयोग करें। इसे सबसे महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। *।। शुक्रवार विशेष विधि ।।* शुक्रवार को सफेद या गुलाबी पुष्प अर्पित करें। इसके बाद 108 बार मंत्र जप करें: *ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।* नियमित रूप से करने पर वातावरण शांत और संतुलित रखने की परंपरागत मान्यता है। घर का मुख्य द्वार बदलिए, घर की ऊर्जा बदल जाएगी। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏 #☝अनमोल ज्ञान #✍ आदर्श कोट्स #✍️ जीवन में बदलाव #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख
*।।ॐ महा लक्ष्मी नमो नमः।।* *।। घर के मुख्य द्वार से धन आकर्षित करने के पारंपरिक उपाय ।।* *घर की गरीबी दीवारों में नहीं, प्रवेश द्वार में छिपी होती है।* घर का प्रवेश स्थान ऊर्जा का पहला संपर्क बिंदु माना जाता है। इसे संतुलित और पवित्र रखने से समृद्धि से जुड़े प्रतीक सक्रिय माने जाते हैं। नीचे दिए गए उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं और नियमितता के साथ किए जाएं तो सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। समृद्धि पहले कदम रखती है, फिर घर धन से भरता है। *1. लक्ष्मी चरण स्थापित करना* दरवाजे के बाहर से अंदर की ओर आते छोटे पदचिन्ह लगाएं। इन्हें शुक्रवार, पूर्णिमा या दीपावली जैसे शुभ अवसर पर लगाना उचित माना जाता है। यह संकेत देता है कि समृद्धि का स्वागत किया जा रहा है। *2. आम पत्तों और नारियल की तोरण* मुख्य द्वार पर 5 या 7 ताजे आम के पत्तों की तोरण बांधें। बीच में नारियल या पारंपरिक बंदनवार लगाया जा सकता है। हर 7 से 10 दिन में पत्तों को बदलना आवश्यक माना जाता है। इसे नकारात्मक प्रभावों को बाहर रोकने का प्रतीक माना जाता है। *3. स्वास्तिक चिह्न बनाना* दरवाजे के दोनों ओर हल्दी या रोली से स्वास्तिक अंकित करें। बुधवार या शुक्रवार को बनाना अधिक शुभ माना जाता है। इसके साथ शुभ और लाभ लिखना मंगलकारी संकेत समझा जाता है। *4. संध्या दीप प्रज्वलन* शाम के समय प्रवेश द्वार के पास छोटा दीपक जलाएं। घी या तिल के तेल का दीपक पारंपरिक रूप से श्रेष्ठ माना जाता है। यह घर में सौम्यता और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का संकेत है। *5. स्वच्छता और सुगंध* दरवाजा टूटा, जंग लगा या गंदा न हो। प्रवेश के सामने कूड़ा या जूते जमा न रखें। प्रतिदिन हल्की सुगंध, धूप या अगरबत श्री खाटू श्याम के दीवाने का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App https://primetrace.com/group/489/post/1180110297?utm_source=android_post_share_web&referral_code=QM29Q&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING #👫 हमारी ज़िन्दगी #👌 आत्मविश्वास #👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान #🌸पॉजिटिव मंत्र
👫 हमारी ज़िन्दगी - ShareChat
*।।ॐ महा लक्ष्मी नमो नमः।।* *।। घर के मुख्य द्वार से धन आकर्षित करने के पारंपरिक उपाय ।।* *घर की गरीबी दीवारों में नहीं, प्रवेश द्वार में छिपी होती है।* घर का प्रवेश स्थान ऊर्जा का पहला संपर्क बिंदु माना जाता है। इसे संतुलित और पवित्र रखने से समृद्धि से जुड़े प्रतीक सक्रिय माने जाते हैं। नीचे दिए गए उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं और नियमितता के साथ किए जाएं तो सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। समृद्धि पहले कदम रखती है, फिर घर धन से भरता है। *1. लक्ष्मी चरण स्थापित करना* दरवाजे के बाहर से अंदर की ओर आते छोटे पदचिन्ह लगाएं। इन्हें शुक्रवार, पूर्णिमा या दीपावली जैसे शुभ अवसर पर लगाना उचित माना जाता है। यह संकेत देता है कि समृद्धि का स्वागत किया जा रहा है। *2. आम पत्तों और नारियल की तोरण* मुख्य द्वार पर 5 या 7 ताजे आम के पत्तों की तोरण बांधें। बीच में नारियल या पारंपरिक बंदनवार लगाया जा सकता है। हर 7 से 10 दिन में पत्तों को बदलना आवश्यक माना जाता है। इसे नकारात्मक प्रभावों को बाहर रोकने का प्रतीक माना जाता है। *3. स्वास्तिक चिह्न बनाना* दरवाजे के दोनों ओर हल्दी या रोली से स्वास्तिक अंकित करें। बुधवार या शुक्रवार को बनाना अधिक शुभ माना जाता है। इसके साथ शुभ और लाभ लिखना मंगलकारी संकेत समझा जाता है। *4. संध्या दीप प्रज्वलन* शाम के समय प्रवेश द्वार के पास छोटा दीपक जलाएं। घी या तिल के तेल का दीपक पारंपरिक रूप से श्रेष्ठ माना जाता है। यह घर में सौम्यता और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का संकेत है। *5. स्वच्छता और सुगंध* दरवाजा टूटा, जंग लगा या गंदा न हो। प्रवेश के सामने कूड़ा या जूते जमा न रखें। प्रतिदिन हल्की सुगंध, धूप या अगरबत्ती का प्रयोग करें। इसे सबसे महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। *।। शुक्रवार विशेष विधि ।।* शुक्रवार को सफेद या गुलाबी पुष्प अर्पित करें। इसके बाद 108 बार मंत्र जप करें: *ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।* नियमित रूप से करने पर वातावरण शांत और संतुलित रखने की परंपरागत मान्यता है। घर का मुख्य द्वार बदलिए, घर की ऊर्जा बदल जाएगी। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏
PRADEEP AGRAWAL
*🚩🚩जय श्री सीताराम🚩🚩* *प्रीति रीति सब अर्थ की* *परमारथ की नाहिं।* *कह कबीर परमारथी* *बिरला कोई कलि माहिं।।* *अर्थात* संसारी प्रेम-व्यवहार केवल धन के लिए है, परमार्थ के लिए नहीं कबीर जी कहते है कि इस मतलबी युग में तो कोई बिरला ही परमार्थी होता है। *🌹🌹🌹अति उत्तम संदेश🌹🌹🌹* दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा, 'क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है ? बिल गेट्स ने जवाब दिया - हां, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझसे भी अमीर है। *कौन* बिल गेट्स ने बताया: एक समय मे जब मेरी प्रसिद्धि और अमीरी के दिन नहीं थे, मैं न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर था.. वहां सुबह सुबह अखबार देख कर, मैंने एक अखबार खरीदना चाहा तो मेरे पास खुदरा पैसे नहीं थे.. सो, मैंने अखबार लेने का विचार त्याग कर उसे वापस रख दिया.. अखबार बेचने वाले लड़के ने मुझे देखकर पुछा तो मैंने खुदरा पैसे/सिक्के न होने की बात कही.. लड़के ने अखबार देते हुए कहा - यह मैं आपको मुफ्त में देता हूँ.. बात आई-गई हो गई.. कोई तीन माह बाद संयोगवश उसी एयरपोर्ट पर मैं फिर उतरा और अखबार के लिए फिर मेरे पास सिक्के नहीं थे। उस लड़के ने मुझे फिर से अखबार दिया, तो मैंने मना कर दिया। मैं ये नहीं ले सकता.. उस लड़के ने कहा, आप इसे ले सकते हैं, मैं इसे अपने प्रॉफिट के हिस्से से दे रहा हूँ.. मुझे नुकसान नहीं होगा। मैंने अखबार ले लिया...... 19 साल बाद अपने प्रसिद्ध हो जाने के बाद एक दिन मुझे उस लड़के की याद आयी और मैंने उसे ढूंढना शुरू किया। कोई डेढ़ महीने खोजने के बाद आखिरकार वह मिल गया। मैंने पूछा - क्या तुम मुझे पहचानते हो ? लड़का - हां, आप मि. बिल गेट्स हैं. गेट्स - तुम्हे याद है, कभी तुमने मुझे फ्री में अखबार दिए थे ? लड़का - जी हां, बिल्कुल.. ऐसा दो बार हुआ था.. गेट्स- मैं तुम्हारे उस किये हुए की कीमत अदा करना चाहता हूँ.. तुम अपनी जिंदगी में जो कुछ चाहते हो, बताओ, मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगा.. लड़का - सर, लेकिन क्या आप को नहीं लगता कि, ऐसा करके आप मेरे काम की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे.. गेट्स - क्यों लड़का - जब मैंने आपकी मदद की थी, मैं एक गरीब लड़का था, जो अखबार बेचता था और आप मेरी मदद तब कर रहे हैं, जब आप इस दुनिया के सबसे अमीर और सामर्थ्य वाले व्यक्ति हैं.. फिर, आप मेरी मदद की बराबरी कैसे करेंगे...! बिल गेट्स की नजर में, वह व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति से भी अमीर था क्योंकि किसी की मदद करने के लिए उसने अमीर होने का इंतजार नहीं किया था, अमीरी पैसे से नहीं दिल से होती है किसी की मदद करने के लिए अमीर दिल का होना भी बहुत जरूरी है। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏 #👌 अच्छी सोच👍 #👌 आत्मविश्वास #🌸पॉजिटिव मंत्र #☝आज का ज्ञान #👫 हमारी ज़िन्दगी
*🌹🌹बडे़ बुजुर्गो की खुशियां🌹🌹* संध्या ने अपनी नवविवाहिता बहु से कहा, रीमा दादी से कह देना, कल गुझिया और चाट बनाएंगे तो पूजा जल्दी निपटा कर 10:00 बजे तक रसोई में आ जाएंगी। जी मम्मी जी, रीमा सोचने लगी कि ये मम्मी जी भी अजीब है, वे दादी से काम कराने की सोच रही है। वैसे तो जब से शादी हो कर आई हूं यही देखा है कि मम्मी जी रसोई का सभी काम अपने आप ही करती हैं। कभी-कभी साग, धनिया, मटर वगैरा दादी से भी साफ करवा लेती हैं, मैं भी भरसक उनकी सहायता कर रही हूं, फिर भी दादी जी से पापड़ी गुंजिया बनवाना कुछ अच्छा नहीं लगेगा। रीमा सुबह से ही देख रही है आज दादी जी बहुत खुश हैं वे 9:30 बजे ही रसोई में पहुंच गई, मम्मी जी ने उनके लिए कुर्सी रखवा दी है और वह दादी जी से पूछ पूछ कर मैदा में घी, मावे में बुरा मिला रही थी। बहुत ही गलत बात है मम्मी जी की यह सब काम तो वो अपने आप ही कर सकती हैं या फिर मुझ से करा सकती हैं। थोड़ी देर में दादी गुजियां में भरावन भरने लगी, रीमा तल रही थी और संध्या बेल रही थी। फिर शाम को चाट का सामान बनाने के लिए भी दादी रसोई में आ गई। उनसे पूछ कर ही पपड़ी का सामान बना, चटनी में खटाई कितनी डलेगी, नमक कितना, मिर्च कितना, सब संध्या दादी से पूछ पूछकर ही कर रही थी। रीमा मन ही मन सोच रही थी, हे भगवान मम्मी जी को क्या यह चाट, चटनी, जलजीरा बनाना भी नहीं आता मेरी मम्मी तो बहुत होशियार है सब कुछ अपने आप ही बना लेती हैं, कभी साथ में रहने वाली हमारी दादी से कुछ नहीं पूछती, चलो इन्होंने नहीं सीखा, पर अगले साल मैं सब खुद बना लूंगी, इतना सब तो मैं अकेले ही बना सकती हूं। संध्या जी ने पूछा, क्या सोच रही हो ? 'कुछ नहीं मम्मी जी कुछ तो नहीं, मम्मी जी मैं सोच रही थी अब तक आपको गुजिया, मिठाई, चाट चटनी बनाने का अंदाजा नहीं है, आप दादी जी से पूछ पूछकर बना रही हो। सुनते ही संध्या हंसने लगी, नहीं बेटा यह बात नहीं है, त्योहार आदि पर दादी को रसोई में बुलाकर उनकी राय से सामान बनाती हूं तो वो बहुत खुश होती हैं। मैं उनकी नई नवेली बहू बन जाती हूं जिसे वह सब सिखाती हैं और उनका मान अपनी ही नजरों में बढ़ जाता है। त्यौहार का आनंद उनके लिए भी चार गुना हो जाता है।' ओह! रीमा को अपने मायके में अकेले कमरे में शून्य में छत को निहारती अपनी दादी याद आ गई। उसके मन में अपनी सास का मान और उनके व्यक्तित्व के लिए सम्मान और भी बढ़ गया। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏 #☝आज का ज्ञान #👌 आत्मविश्वास #👫 हमारी ज़िन्दगी #🌸पॉजिटिव मंत्र #👌 अच्छी सोच👍
*🌹🌹बडे़ बुजुर्गो की खुशियां🌹🌹* संध्या ने अपनी नवविवाहिता बहु से कहा, रीमा दादी से कह देना, कल गुझिया और चाट बनाएंगे तो पूजा जल्दी निपटा कर 10:00 बजे तक रसोई में आ जाएंगी। जी मम्मी जी, रीमा सोचने लगी कि ये मम्मी जी भी अजीब है, वे दादी से काम कराने की सोच रही है। वैसे तो जब से शादी हो कर आई हूं यही देखा है कि मम्मी जी रसोई का सभी काम अपने आप ही करती हैं। कभी-कभी साग, धनिया, मटर वगैरा दादी से भी साफ करवा लेती हैं, मैं भी भरसक उनकी सहायता कर रही हूं, फिर भी दादी जी से पापड़ी गुंजिया बनवाना कुछ अच्छा नहीं लगेगा। रीमा सुबह से ही देख रही है आज दादी जी बहुत खुश हैं वे 9:30 बजे ही रसोई में पहुंच गई, मम्मी जी ने उनके लिए कुर्सी रखवा दी है और वह दादी जी से पूछ पूछ कर मैदा में घी, मावे में बुरा मिला रही थी। बहुत ही गलत बात है मम्मी जी की यह सब काम तो वो अपने आप ही कर सकती हैं या फिर मुझ से करा सकती हैं। थोड़ी देर में दादी गुजियां में भरावन भरने लगी, रीमा तल रही थी और संध्या बेल रही थी। फिर शाम को चाट का सामान बनाने के लिए भी दादी रसोई में आ गई। उनसे पूछ कर ही पपड़ी का सामान बना, चटनी में खटाई कितनी डलेगी, नमक कितना, मिर्च कितना, सब संध्या दादी से पूछ पूछकर ही कर रही थी। रीमा मन ही मन सोच रही थी, हे भगवान मम्मी जी को क्या यह चाट, चटनी, जलजीरा बनाना भी नहीं आता मेरी मम्मी तो बहुत होशियार है सब कुछ अपने आप ही बना लेती हैं, कभी साथ में रहने वाली हमारी दादी से कुछ नहीं पूछती, चलो इन्होंने नहीं सीखा, पर अगले साल मैं सब खुद बना लूंगी, इतना सब तो मैं अकेले ही बना सकती हूं। संध्या जी ने पूछा, क्या सोच रही हो ? 'कुछ नहीं मम्मी जी कुछ तो नहीं, मम्मी जी मैं सोच रही थी अब तक आपको श्री खाटू श्याम के दीवाने का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App https://primetrace.com/group/489/post/1179816039?utm_source=android_post_share_web&referral_code=QM29Q&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING #✍️ जीवन में बदलाव #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #✍ आदर्श कोट्स #☝अनमोल ज्ञान
✍️ जीवन में बदलाव - ShareChat
*🌹🌹बडे़ बुजुर्गो की खुशियां🌹🌹* संध्या ने अपनी नवविवाहिता बहु से कहा, रीमा दादी से कह देना, कल गुझिया और चाट बनाएंगे तो पूजा जल्दी निपटा कर 10:00 बजे तक रसोई में आ जाएंगी। जी मम्मी जी, रीमा सोचने लगी कि ये मम्मी जी भी अजीब है, वे दादी से काम कराने की सोच रही है। वैसे तो जब से शादी हो कर आई हूं यही देखा है कि मम्मी जी रसोई का सभी काम अपने आप ही करती हैं। कभी-कभी साग, धनिया, मटर वगैरा दादी से भी साफ करवा लेती हैं, मैं भी भरसक उनकी सहायता कर रही हूं, फिर भी दादी जी से पापड़ी गुंजिया बनवाना कुछ अच्छा नहीं लगेगा। रीमा सुबह से ही देख रही है आज दादी जी बहुत खुश हैं वे 9:30 बजे ही रसोई में पहुंच गई, मम्मी जी ने उनके लिए कुर्सी रखवा दी है और वह दादी जी से पूछ पूछ कर मैदा में घी, मावे में बुरा मिला रही थी। बहुत ही गलत बात है मम्मी जी की यह सब काम तो वो अपने आप ही कर सकती हैं या फिर मुझ से करा सकती हैं। थोड़ी देर में दादी गुजियां में भरावन भरने लगी, रीमा तल रही थी और संध्या बेल रही थी। फिर शाम को चाट का सामान बनाने के लिए भी दादी रसोई में आ गई। उनसे पूछ कर ही पपड़ी का सामान बना, चटनी में खटाई कितनी डलेगी, नमक कितना, मिर्च कितना, सब संध्या दादी से पूछ पूछकर ही कर रही थी। रीमा मन ही मन सोच रही थी, हे भगवान मम्मी जी को क्या यह चाट, चटनी, जलजीरा बनाना भी नहीं आता मेरी मम्मी तो बहुत होशियार है सब कुछ अपने आप ही बना लेती हैं, कभी साथ में रहने वाली हमारी दादी से कुछ नहीं पूछती, चलो इन्होंने नहीं सीखा, पर अगले साल मैं सब खुद बना लूंगी, इतना सब तो मैं अकेले ही बना सकती हूं। संध्या जी ने पूछा, क्या सोच रही हो ? 'कुछ नहीं मम्मी जी कुछ तो नहीं, मम्मी जी मैं सोच रही थी अब तक आपको गुजिया, मिठाई, चाट चटनी बनाने का अंदाजा नहीं है, आप दादी जी से पूछ पूछकर बना रही हो। सुनते ही संध्या हंसने लगी, नहीं बेटा यह बात नहीं है, त्योहार आदि पर दादी को रसोई में बुलाकर उनकी राय से सामान बनाती हूं तो वो बहुत खुश होती हैं। मैं उनकी नई नवेली बहू बन जाती हूं जिसे वह सब सिखाती हैं और उनका मान अपनी ही नजरों में बढ़ जाता है। त्यौहार का आनंद उनके लिए भी चार गुना हो जाता है।' ओह! रीमा को अपने मायके में अकेले कमरे में शून्य में छत को निहारती अपनी दादी याद आ गई। उसके मन में अपनी सास का मान और उनके व्यक्तित्व के लिए सम्मान और भी बढ़ गया। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏
PRADEEP AGRAWAL
#🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #✍ आदर्श कोट्स #✍️ जीवन में बदलाव
🌸 सत्य वचन - 0 जय श्री गणेश जैसे पतझड़ सहने वाले वृक्ष ही बसंत में फलते 8, ক্তুলন वैसे संघर्षशील लोग ही जीवन में सफल होते हैं। 0 जय श्री गणेश जैसे पतझड़ सहने वाले वृक्ष ही बसंत में फलते 8, ক্তুলন वैसे संघर्षशील लोग ही जीवन में सफल होते हैं। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #✍️ जीवन में बदलाव #✍ आदर्श कोट्स #🌸 सत्य वचन
☝अनमोल ज्ञान - @ जिय श्री गणेश सब में होता हैं, हुनर तो किसी का छिप जाता हैं না किसी का छप जाता हैं। @ जिय श्री गणेश सब में होता हैं, हुनर तो किसी का छिप जाता हैं না किसी का छप जाता हैं। - ShareChat
#✍️ जीवन में बदलाव #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #✍ आदर्श कोट्स #☝अनमोल ज्ञान
✍️ जीवन में बदलाव - @ जिय श्री गणेश স বব্ধ सबके जीवन होती है। कहानी दुखद अवश्य कामचोर बहाना बनाते हैं तो मेहनत मेहनतकश  करके सफल हो जाते हैं। @ जिय श्री गणेश স বব্ধ सबके जीवन होती है। कहानी दुखद अवश्य कामचोर बहाना बनाते हैं तो मेहनत मेहनतकश  करके सफल हो जाते हैं। - ShareChat