Pradeep Agrawal
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🙏🌹 मेरी प्यारी मां🌹🙏
*🚩🚩जय श्री सीताराम🚩🚩* *प्रीति रीति सब अर्थ की* *परमारथ की नाहिं।* *कह कबीर परमारथी* *बिरला कोई कलि माहिं।।* *अर्थात* संसारी प्रेम-व्यवहार केवल धन के लिए है, परमार्थ के लिए नहीं कबीर जी कहते है कि इस मतलबी युग में तो कोई बिरला ही परमार्थी होता है। *🌹🌹🌹अति उत्तम संदेश🌹🌹🌹* दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा, 'क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है ? बिल गेट्स ने जवाब दिया - हां, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझसे भी अमीर है। *कौन* बिल गेट्स ने बताया: एक समय मे जब मेरी प्रसिद्धि और अमीरी के दिन नहीं थे, मैं न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर था.. वहां सुबह सुबह अखबार देख कर, मैंने एक अखबार खरीदना चाहा तो मेरे पास खुदरा पैसे नहीं थे.. सो, मैंने अखबार लेने का विचार त्याग कर उसे वापस रख दिया.. अखबार बेचने वाले लड़के ने मुझे देखकर पुछा तो मैंने खुदरा पैसे/सिक्के न होने की बात कही.. लड़के ने अखबार देते हुए कहा - यह मैं आपको मुफ्त में देता हूँ.. बात आई-गई हो गई.. कोई तीन माह बाद संयोगवश उसी एयरपोर्ट पर मैं फिर उतरा और अखबार के लिए फिर मेरे पास सिक्के नहीं थे। उस लड़के ने मुझे फिर से अखबार दिया, तो मैंने मना कर दिया। मैं ये नहीं ले सकता.. उस लड़के ने कहा, आप इसे ले सकते हैं, मैं इसे अपने प्रॉफिट के हिस्से से दे रहा हूँ.. मुझे नुकसान नहीं होगा। मैंने अखबार ले लिया...... 19 साल बाद अपने प्रसिद्ध हो जाने के बाद एक दिन मुझे उस लड़के की याद आयी और मैंने उसे ढूंढना शुरू किया। कोई डेढ़ महीने खोजने के बाद आखिरकार वह मिल गया। मैंने पूछा - क्या तुम मुझे पहचानते हो ? लड़का - हां, आप मि. बिल गेट्स हैं. गेट्स - तुम्हे याद है, कभी तुमने मुझे फ्री में अखबार दिए थे ? लड़का - जी हां, बिल्कुल.. ऐसा दो बार हुआ था.. गेट्स- मैं तुम्हारे उस किये हुए की कीमत अदा करना चाहता हूँ.. तुम अपनी जिंदगी में जो कुछ चाहते हो, बताओ, मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगा.. लड़का - सर, लेकिन क्या आप को नहीं लगता कि, ऐसा करके आप मेरे काम की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे.. गेट्स - क्यों लड़का - जब मैंने आपकी मदद की थी, मैं एक गरीब लड़का था, जो अखबार बेचता था और आप मेरी मदद तब कर रहे हैं, जब आप इस दुनिया के सबसे अमीर और सामर्थ्य वाले व्यक्ति हैं.. फिर, आप मेरी मदद की बराबरी कैसे करेंगे...! बिल गेट्स की नजर में, वह व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति से भी अमीर था क्योंकि किसी की मदद करने के लिए उसने अमीर होने का इंतजार नहीं किया था, अमीरी पैसे से नहीं दिल से होती है किसी की मदद करने के लिए अमीर दिल का होना भी बहुत जरूरी है। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏 #👌 अच्छी सोच👍 #👌 आत्मविश्वास #🌸पॉजिटिव मंत्र #☝आज का ज्ञान #👫 हमारी ज़िन्दगी
*🌹🌹बडे़ बुजुर्गो की खुशियां🌹🌹* संध्या ने अपनी नवविवाहिता बहु से कहा, रीमा दादी से कह देना, कल गुझिया और चाट बनाएंगे तो पूजा जल्दी निपटा कर 10:00 बजे तक रसोई में आ जाएंगी। जी मम्मी जी, रीमा सोचने लगी कि ये मम्मी जी भी अजीब है, वे दादी से काम कराने की सोच रही है। वैसे तो जब से शादी हो कर आई हूं यही देखा है कि मम्मी जी रसोई का सभी काम अपने आप ही करती हैं। कभी-कभी साग, धनिया, मटर वगैरा दादी से भी साफ करवा लेती हैं, मैं भी भरसक उनकी सहायता कर रही हूं, फिर भी दादी जी से पापड़ी गुंजिया बनवाना कुछ अच्छा नहीं लगेगा। रीमा सुबह से ही देख रही है आज दादी जी बहुत खुश हैं वे 9:30 बजे ही रसोई में पहुंच गई, मम्मी जी ने उनके लिए कुर्सी रखवा दी है और वह दादी जी से पूछ पूछ कर मैदा में घी, मावे में बुरा मिला रही थी। बहुत ही गलत बात है मम्मी जी की यह सब काम तो वो अपने आप ही कर सकती हैं या फिर मुझ से करा सकती हैं। थोड़ी देर में दादी गुजियां में भरावन भरने लगी, रीमा तल रही थी और संध्या बेल रही थी। फिर शाम को चाट का सामान बनाने के लिए भी दादी रसोई में आ गई। उनसे पूछ कर ही पपड़ी का सामान बना, चटनी में खटाई कितनी डलेगी, नमक कितना, मिर्च कितना, सब संध्या दादी से पूछ पूछकर ही कर रही थी। रीमा मन ही मन सोच रही थी, हे भगवान मम्मी जी को क्या यह चाट, चटनी, जलजीरा बनाना भी नहीं आता मेरी मम्मी तो बहुत होशियार है सब कुछ अपने आप ही बना लेती हैं, कभी साथ में रहने वाली हमारी दादी से कुछ नहीं पूछती, चलो इन्होंने नहीं सीखा, पर अगले साल मैं सब खुद बना लूंगी, इतना सब तो मैं अकेले ही बना सकती हूं। संध्या जी ने पूछा, क्या सोच रही हो ? 'कुछ नहीं मम्मी जी कुछ तो नहीं, मम्मी जी मैं सोच रही थी अब तक आपको गुजिया, मिठाई, चाट चटनी बनाने का अंदाजा नहीं है, आप दादी जी से पूछ पूछकर बना रही हो। सुनते ही संध्या हंसने लगी, नहीं बेटा यह बात नहीं है, त्योहार आदि पर दादी को रसोई में बुलाकर उनकी राय से सामान बनाती हूं तो वो बहुत खुश होती हैं। मैं उनकी नई नवेली बहू बन जाती हूं जिसे वह सब सिखाती हैं और उनका मान अपनी ही नजरों में बढ़ जाता है। त्यौहार का आनंद उनके लिए भी चार गुना हो जाता है।' ओह! रीमा को अपने मायके में अकेले कमरे में शून्य में छत को निहारती अपनी दादी याद आ गई। उसके मन में अपनी सास का मान और उनके व्यक्तित्व के लिए सम्मान और भी बढ़ गया। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏 #☝आज का ज्ञान #👌 आत्मविश्वास #👫 हमारी ज़िन्दगी #🌸पॉजिटिव मंत्र #👌 अच्छी सोच👍
*🌹🌹बडे़ बुजुर्गो की खुशियां🌹🌹* संध्या ने अपनी नवविवाहिता बहु से कहा, रीमा दादी से कह देना, कल गुझिया और चाट बनाएंगे तो पूजा जल्दी निपटा कर 10:00 बजे तक रसोई में आ जाएंगी। जी मम्मी जी, रीमा सोचने लगी कि ये मम्मी जी भी अजीब है, वे दादी से काम कराने की सोच रही है। वैसे तो जब से शादी हो कर आई हूं यही देखा है कि मम्मी जी रसोई का सभी काम अपने आप ही करती हैं। कभी-कभी साग, धनिया, मटर वगैरा दादी से भी साफ करवा लेती हैं, मैं भी भरसक उनकी सहायता कर रही हूं, फिर भी दादी जी से पापड़ी गुंजिया बनवाना कुछ अच्छा नहीं लगेगा। रीमा सुबह से ही देख रही है आज दादी जी बहुत खुश हैं वे 9:30 बजे ही रसोई में पहुंच गई, मम्मी जी ने उनके लिए कुर्सी रखवा दी है और वह दादी जी से पूछ पूछ कर मैदा में घी, मावे में बुरा मिला रही थी। बहुत ही गलत बात है मम्मी जी की यह सब काम तो वो अपने आप ही कर सकती हैं या फिर मुझ से करा सकती हैं। थोड़ी देर में दादी गुजियां में भरावन भरने लगी, रीमा तल रही थी और संध्या बेल रही थी। फिर शाम को चाट का सामान बनाने के लिए भी दादी रसोई में आ गई। उनसे पूछ कर ही पपड़ी का सामान बना, चटनी में खटाई कितनी डलेगी, नमक कितना, मिर्च कितना, सब संध्या दादी से पूछ पूछकर ही कर रही थी। रीमा मन ही मन सोच रही थी, हे भगवान मम्मी जी को क्या यह चाट, चटनी, जलजीरा बनाना भी नहीं आता मेरी मम्मी तो बहुत होशियार है सब कुछ अपने आप ही बना लेती हैं, कभी साथ में रहने वाली हमारी दादी से कुछ नहीं पूछती, चलो इन्होंने नहीं सीखा, पर अगले साल मैं सब खुद बना लूंगी, इतना सब तो मैं अकेले ही बना सकती हूं। संध्या जी ने पूछा, क्या सोच रही हो ? 'कुछ नहीं मम्मी जी कुछ तो नहीं, मम्मी जी मैं सोच रही थी अब तक आपको श्री खाटू श्याम के दीवाने का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App https://primetrace.com/group/489/post/1179816039?utm_source=android_post_share_web&referral_code=QM29Q&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING #✍️ जीवन में बदलाव #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #✍ आदर्श कोट्स #☝अनमोल ज्ञान
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*🌹🌹बडे़ बुजुर्गो की खुशियां🌹🌹* संध्या ने अपनी नवविवाहिता बहु से कहा, रीमा दादी से कह देना, कल गुझिया और चाट बनाएंगे तो पूजा जल्दी निपटा कर 10:00 बजे तक रसोई में आ जाएंगी। जी मम्मी जी, रीमा सोचने लगी कि ये मम्मी जी भी अजीब है, वे दादी से काम कराने की सोच रही है। वैसे तो जब से शादी हो कर आई हूं यही देखा है कि मम्मी जी रसोई का सभी काम अपने आप ही करती हैं। कभी-कभी साग, धनिया, मटर वगैरा दादी से भी साफ करवा लेती हैं, मैं भी भरसक उनकी सहायता कर रही हूं, फिर भी दादी जी से पापड़ी गुंजिया बनवाना कुछ अच्छा नहीं लगेगा। रीमा सुबह से ही देख रही है आज दादी जी बहुत खुश हैं वे 9:30 बजे ही रसोई में पहुंच गई, मम्मी जी ने उनके लिए कुर्सी रखवा दी है और वह दादी जी से पूछ पूछ कर मैदा में घी, मावे में बुरा मिला रही थी। बहुत ही गलत बात है मम्मी जी की यह सब काम तो वो अपने आप ही कर सकती हैं या फिर मुझ से करा सकती हैं। थोड़ी देर में दादी गुजियां में भरावन भरने लगी, रीमा तल रही थी और संध्या बेल रही थी। फिर शाम को चाट का सामान बनाने के लिए भी दादी रसोई में आ गई। उनसे पूछ कर ही पपड़ी का सामान बना, चटनी में खटाई कितनी डलेगी, नमक कितना, मिर्च कितना, सब संध्या दादी से पूछ पूछकर ही कर रही थी। रीमा मन ही मन सोच रही थी, हे भगवान मम्मी जी को क्या यह चाट, चटनी, जलजीरा बनाना भी नहीं आता मेरी मम्मी तो बहुत होशियार है सब कुछ अपने आप ही बना लेती हैं, कभी साथ में रहने वाली हमारी दादी से कुछ नहीं पूछती, चलो इन्होंने नहीं सीखा, पर अगले साल मैं सब खुद बना लूंगी, इतना सब तो मैं अकेले ही बना सकती हूं। संध्या जी ने पूछा, क्या सोच रही हो ? 'कुछ नहीं मम्मी जी कुछ तो नहीं, मम्मी जी मैं सोच रही थी अब तक आपको गुजिया, मिठाई, चाट चटनी बनाने का अंदाजा नहीं है, आप दादी जी से पूछ पूछकर बना रही हो। सुनते ही संध्या हंसने लगी, नहीं बेटा यह बात नहीं है, त्योहार आदि पर दादी को रसोई में बुलाकर उनकी राय से सामान बनाती हूं तो वो बहुत खुश होती हैं। मैं उनकी नई नवेली बहू बन जाती हूं जिसे वह सब सिखाती हैं और उनका मान अपनी ही नजरों में बढ़ जाता है। त्यौहार का आनंद उनके लिए भी चार गुना हो जाता है।' ओह! रीमा को अपने मायके में अकेले कमरे में शून्य में छत को निहारती अपनी दादी याद आ गई। उसके मन में अपनी सास का मान और उनके व्यक्तित्व के लिए सम्मान और भी बढ़ गया। *विचार और शेयर करें* 🙏🌹🌹🙏
PRADEEP AGRAWAL
#🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #✍ आदर्श कोट्स #✍️ जीवन में बदलाव
🌸 सत्य वचन - 0 जय श्री गणेश जैसे पतझड़ सहने वाले वृक्ष ही बसंत में फलते 8, ক্তুলন वैसे संघर्षशील लोग ही जीवन में सफल होते हैं। 0 जय श्री गणेश जैसे पतझड़ सहने वाले वृक्ष ही बसंत में फलते 8, ক্তুলন वैसे संघर्षशील लोग ही जीवन में सफल होते हैं। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #✍️ जीवन में बदलाव #✍ आदर्श कोट्स #🌸 सत्य वचन
☝अनमोल ज्ञान - @ जिय श्री गणेश सब में होता हैं, हुनर तो किसी का छिप जाता हैं না किसी का छप जाता हैं। @ जिय श्री गणेश सब में होता हैं, हुनर तो किसी का छिप जाता हैं না किसी का छप जाता हैं। - ShareChat
#✍️ जीवन में बदलाव #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #✍ आदर्श कोट्स #☝अनमोल ज्ञान
✍️ जीवन में बदलाव - @ जिय श्री गणेश স বব্ধ सबके जीवन होती है। कहानी दुखद अवश्य कामचोर बहाना बनाते हैं तो मेहनत मेहनतकश  करके सफल हो जाते हैं। @ जिय श्री गणेश স বব্ধ सबके जीवन होती है। कहानी दुखद अवश्य कामचोर बहाना बनाते हैं तो मेहनत मेहनतकश  करके सफल हो जाते हैं। - ShareChat
#🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #✍ आदर्श कोट्स #✍️ जीवन में बदलाव
🌸 सत्य वचन - @ जय श्री गणेश बोलने का अधिकार चाहिए নী का साहस भी होना चाहिए सुनने @ जय श्री गणेश बोलने का अधिकार चाहिए নী का साहस भी होना चाहिए सुनने - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #✍️ जीवन में बदलाव #✍ आदर्श कोट्स #🌸 सत्य वचन
☝अनमोल ज्ञान - ( जय श्री गणेश चुप रहने से सारा कलेश तो खत्म हो जाता है, परंतु कहीं ना कहीं सच भी मर जाता है। ( जय श्री गणेश चुप रहने से सारा कलेश तो खत्म हो जाता है, परंतु कहीं ना कहीं सच भी मर जाता है। - ShareChat
#✍️ जीवन में बदलाव #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #✍ आदर्श कोट्स #☝अनमोल ज्ञान
✍️ जीवन में बदलाव - wu AiqUII सुबह की प्रार्थना पूरी हो जाती है, इसलिए मांगते हैं हम ईश्वर से आपकी  खुशी : आप हमेशा हंसते मुस्कुराते रहिए। wu AiqUII सुबह की प्रार्थना पूरी हो जाती है, इसलिए मांगते हैं हम ईश्वर से आपकी  खुशी : आप हमेशा हंसते मुस्कुराते रहिए। - ShareChat
#🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #✍ आदर्श कोट्स #✍️ जीवन में बदलाव
🌸 सत्य वचन - जम शीगणश लोगों के सुख दुख आप में सदैव मौजूद रहते हो, নী ये जरुरी नही किवो लोग भी आपके सुख दुख र्मे मौजूद ही रहेंगे क्यीकि हर किसी का दिल एक समान नही होता है। जम शीगणश लोगों के सुख दुख आप में सदैव मौजूद रहते हो, নী ये जरुरी नही किवो लोग भी आपके सुख दुख र्मे मौजूद ही रहेंगे क्यीकि हर किसी का दिल एक समान नही होता है। - ShareChat