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રામપાલ ભગવાન કબીર ભગવાન કીજય છે🙏🙏🙏🙏🙏 #🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓
🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓ - कवीर साहेव नी रोवा रमे संत रामपाल जी महाराज Sant Rampal Ji Maharaj  कवीर साहेव नी रोवा रमे संत रामपाल जी महाराज Sant Rampal Ji Maharaj - ShareChat
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રામપાલ ભગવાન કબીર ભગવાન કે ચરણ કમલ મે દાસ કા કોટિ કોટિ દડવત પ્રણામ છે🙏🙏🙏🙏🙏 #🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓
🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓ - पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब पूर्ण ब्रम्ह कविर्देव ने अपनी नाढ से १६ पुत्रों को पैढा किया। Cs೪ ೨ಖ VOICE OF SAINTS Ge 39 १. कूर्म ७. सुरति २. ज्ञानी ३. विवेक নত ६. संतोष ८. आनंद ५ सहज तनि ओर मंनृतन MRui 3iR Frri सन्य असन्प कायर VಹMi 3IR 31ul -ulad 7 ಬ1  आनद ओर उललास Vdl SI Mull Vr Tau जलरंगी १२. अचिंत 15. 44 १०. निष्काम १३. प्रेम १६. याग सतायन % क्षमा १४४ दयाल Ffడ 3TR WaIG दयालुता ओर करुणा पमा ओर उदारता निष्काम कर्म आरच्याग असीम आर चिननानीत प्रेप ओर फरुणा d 317 HETTIITT योग आरपक्ष कापय voise ofsaints पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब पूर्ण ब्रम्ह कविर्देव ने अपनी नाढ से १६ पुत्रों को पैढा किया। Cs೪ ೨ಖ VOICE OF SAINTS Ge 39 १. कूर्म ७. सुरति २. ज्ञानी ३. विवेक নত ६. संतोष ८. आनंद ५ सहज तनि ओर मंनृतन MRui 3iR Frri सन्य असन्प कायर VಹMi 3IR 31ul -ulad 7 ಬ1  आनद ओर उललास Vdl SI Mull Vr Tau जलरंगी १२. अचिंत 15. 44 १०. निष्काम १३. प्रेम १६. याग सतायन % क्षमा १४४ दयाल Ffడ 3TR WaIG दयालुता ओर करुणा पमा ओर उदारता निष्काम कर्म आरच्याग असीम आर चिननानीत प्रेप ओर फरुणा d 317 HETTIITT योग आरपक्ष कापय voise ofsaints - ShareChat
રામપાલ ભગવાન કબીર ભગવાન કે ચરણ કમલ મે દાસ કા કોટિ કોટિ દડવત પ્રણામ છે🙏🙏🙏🙏🙏 #🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓
🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓ - संत रामपाल जी कबीर , खाट पड़्ै तब झखई , H 3d fl यतन तब कछु बनै नहीं , तनु व्याप मृत्यु पीर।l होकर या रोगी होकर  जिब भावार्थ मानव वृद्ध चारपाई पर पड़ा होता है और आँखों में आँसू बह रहे होते हैं, उस समय कोई बचाव नहीं हो सकता, मृत्यु के समय होने वाली पीडा़ हो रही होती है। कहते हैं कि जो भक्ति नहीं करते, उनका अन्त समय महाकष्टदायक होता है। उसके प्राण सरलता से नहीं निकलते, उसको इतनी पीडा़ होती है जैसे एक लाख बिच्छुओं ने डंक लगा दिया हो। उस समय यम के द्ूत उसका गला बंद कर देते हैं। व्यक्ति न बोल सकता है, न पूरा श्वांस ले पाता है। केवल आँखों से आँसू निकल रहे होते हैं | इसलिए भक्ति तथा शुभ कर्म जो ऊपर बताए हैं, ٦١٦٩ को अवश्य करने चाहिऐं | -Sant Rampal Ji Satlok Ashram Follow us on संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ संत रामपाल जी कबीर , खाट पड़्ै तब झखई , H 3d fl यतन तब कछु बनै नहीं , तनु व्याप मृत्यु पीर।l होकर या रोगी होकर  जिब भावार्थ मानव वृद्ध चारपाई पर पड़ा होता है और आँखों में आँसू बह रहे होते हैं, उस समय कोई बचाव नहीं हो सकता, मृत्यु के समय होने वाली पीडा़ हो रही होती है। कहते हैं कि जो भक्ति नहीं करते, उनका अन्त समय महाकष्टदायक होता है। उसके प्राण सरलता से नहीं निकलते, उसको इतनी पीडा़ होती है जैसे एक लाख बिच्छुओं ने डंक लगा दिया हो। उस समय यम के द्ूत उसका गला बंद कर देते हैं। व्यक्ति न बोल सकता है, न पूरा श्वांस ले पाता है। केवल आँखों से आँसू निकल रहे होते हैं | इसलिए भक्ति तथा शुभ कर्म जो ऊपर बताए हैं, ٦١٦٩ को अवश्य करने चाहिऐं | -Sant Rampal Ji Satlok Ashram Follow us on संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ - ShareChat
રામપાલ ભગવાન કબીર ભગવાન કે ચરણ કમલ મે દાસ કા કોટિ કોટિ દડવત પ્રણામ છે🙏🙏🙏🙏🙏 #🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓
🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓ - संत रामपाल जी कबीर , खाट पड़्ै तब झखई , H 3d fl यतन तब कछु बनै नहीं , तनु व्याप मृत्यु पीर।l होकर या रोगी होकर  जिब भावार्थ मानव वृद्ध चारपाई पर पड़ा होता है और आँखों में आँसू बह रहे होते हैं, उस समय कोई बचाव नहीं हो सकता, मृत्यु के समय होने वाली पीडा़ हो रही होती है। कहते हैं कि जो भक्ति नहीं करते, उनका अन्त समय महाकष्टदायक होता है। उसके प्राण सरलता से नहीं निकलते, उसको इतनी पीडा़ होती है जैसे एक लाख बिच्छुओं ने डंक लगा दिया हो। उस समय यम के द्ूत उसका गला बंद कर देते हैं। व्यक्ति न बोल सकता है, न पूरा श्वांस ले पाता है। केवल आँखों से आँसू निकल रहे होते हैं | इसलिए भक्ति तथा शुभ कर्म जो ऊपर बताए हैं, ٦١٦٩ को अवश्य करने चाहिऐं | -Sant Rampal Ji Satlok Ashram Follow us on संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ संत रामपाल जी कबीर , खाट पड़्ै तब झखई , H 3d fl यतन तब कछु बनै नहीं , तनु व्याप मृत्यु पीर।l होकर या रोगी होकर  जिब भावार्थ मानव वृद्ध चारपाई पर पड़ा होता है और आँखों में आँसू बह रहे होते हैं, उस समय कोई बचाव नहीं हो सकता, मृत्यु के समय होने वाली पीडा़ हो रही होती है। कहते हैं कि जो भक्ति नहीं करते, उनका अन्त समय महाकष्टदायक होता है। उसके प्राण सरलता से नहीं निकलते, उसको इतनी पीडा़ होती है जैसे एक लाख बिच्छुओं ने डंक लगा दिया हो। उस समय यम के द्ूत उसका गला बंद कर देते हैं। व्यक्ति न बोल सकता है, न पूरा श्वांस ले पाता है। केवल आँखों से आँसू निकल रहे होते हैं | इसलिए भक्ति तथा शुभ कर्म जो ऊपर बताए हैं, ٦١٦٩ को अवश्य करने चाहिऐं | -Sant Rampal Ji Satlok Ashram Follow us on संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ - ShareChat
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🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓ - सतलोक ३श्रम सीतापुर {a तारणहार Satlok Ashram @satlokashram Satlok Ashram SupremeGodorg @SatloksitapurUp sitapurofficial Sitapur UP Sitapur UP सतलोक ३श्रम सीतापुर {a तारणहार Satlok Ashram @satlokashram Satlok Ashram SupremeGodorg @SatloksitapurUp sitapurofficial Sitapur UP Sitapur UP - ShareChat
અતિ સુંદર રચના કબીર ભગવાન કી છે🙏🙏🙏🙏🙏 #🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓
🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓ - राम नाम जगत मेंकैसे छाया 2 कबीर साहेब 312 qff विष्णु ' शंभु सनकादी |  मुनियों ने मिलकर विष्णु , शिव व सनकदिक GIథ ब्रह्मा, सब मिलि कीन्ही शून्य समाधी II शून्य समाधि की | सुमिरो करतारा | उस परम कर्ता का कौन-्सा नाम स्मरण करें? কমন নাম कवनह्हिं नाम ध्यान अनुसारा Il किस नाम का ध्यान किया जाए? सबहिं शून्य में ध्यान लगाये | सभी ने शून्य में ध्यान लगाया, जैसे स्वाति नक्षत्र की बूंद को सीप शुद्ध प्रेम से ग्रहण करती है। स्वाति सनेह सीप ज्यों लाये ।। तहिं निरंजन जतन विचारा | तब निरंजन परमात्मा ने विचार किया और शून्य गुफा में शब्द का उच्चारण किया | যুক্চান ~ 9c ತaR Il तब 'रररा' आदि शब्द बार-बार प्रक्रट हुआ, जिससे रररा सु शब्द उठा बहुबारा | मा' (माया) और अक्षरों की रचना हुई | मा अक्षर माया संचारा Il दोउअक्षर को समकर राखा | दोनों अक्षरों (राम) को समान महत्त दिया गया, रामनाम सबहिन अभिलाषा Il राम नाम सभी की अभिलाषा बना | रामनाम लै जगहि दृढ़ायो | ಹಷ ; जिगत को स्थिर किया गया, जिससे राम नाम বীন্তন' कालफन्द कोई पायो ।l काल का फंदा किसी को ज्ञात नहीं हों पाया | इसी विधि से राम नाम की उत्पत्ति हुई है, यह विधि रामनाम उत्पानी | धर्मनि परख लेहु यह बानी Il हे धर्मात्माओं ! इस वाणी को परख कर जानो | वेद & voice fo saints राम नाम जगत मेंकैसे छाया 2 कबीर साहेब 312 qff विष्णु ' शंभु सनकादी |  मुनियों ने मिलकर विष्णु , शिव व सनकदिक GIథ ब्रह्मा, सब मिलि कीन्ही शून्य समाधी II शून्य समाधि की | सुमिरो करतारा | उस परम कर्ता का कौन-्सा नाम स्मरण करें? কমন নাম कवनह्हिं नाम ध्यान अनुसारा Il किस नाम का ध्यान किया जाए? सबहिं शून्य में ध्यान लगाये | सभी ने शून्य में ध्यान लगाया, जैसे स्वाति नक्षत्र की बूंद को सीप शुद्ध प्रेम से ग्रहण करती है। स्वाति सनेह सीप ज्यों लाये ।। तहिं निरंजन जतन विचारा | तब निरंजन परमात्मा ने विचार किया और शून्य गुफा में शब्द का उच्चारण किया | যুক্চান ~ 9c ತaR Il तब 'रररा' आदि शब्द बार-बार प्रक्रट हुआ, जिससे रररा सु शब्द उठा बहुबारा | मा' (माया) और अक्षरों की रचना हुई | मा अक्षर माया संचारा Il दोउअक्षर को समकर राखा | दोनों अक्षरों (राम) को समान महत्त दिया गया, रामनाम सबहिन अभिलाषा Il राम नाम सभी की अभिलाषा बना | रामनाम लै जगहि दृढ़ायो | ಹಷ ; जिगत को स्थिर किया गया, जिससे राम नाम বীন্তন' कालफन्द कोई पायो ।l काल का फंदा किसी को ज्ञात नहीं हों पाया | इसी विधि से राम नाम की उत्पत्ति हुई है, यह विधि रामनाम उत्पानी | धर्मनि परख लेहु यह बानी Il हे धर्मात्माओं ! इस वाणी को परख कर जानो | वेद & voice fo saints - ShareChat
અતિ સુંદર રચના કબીર ભગવાન કી છે🙏🙏🙏🙏🙏 #🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓
🌸આધ્યાત્મિકતા શું છે❓ - राम नाम जगत मेंकैसे छाया 2 कबीर साहेब 312 qff विष्णु ' शंभु सनकादी |  मुनियों ने मिलकर विष्णु , शिव व सनकदिक GIథ ब्रह्मा, सब मिलि कीन्ही शून्य समाधी II शून्य समाधि की | सुमिरो करतारा | उस परम कर्ता का कौन-्सा नाम स्मरण करें? কমন নাম कवनह्हिं नाम ध्यान अनुसारा Il किस नाम का ध्यान किया जाए? सबहिं शून्य में ध्यान लगाये | सभी ने शून्य में ध्यान लगाया, जैसे स्वाति नक्षत्र की बूंद को सीप शुद्ध प्रेम से ग्रहण करती है। स्वाति सनेह सीप ज्यों लाये ।। तहिं निरंजन जतन विचारा | तब निरंजन परमात्मा ने विचार किया और शून्य गुफा में शब्द का उच्चारण किया | যুক্চান ~ 9c ತaR Il तब 'रररा' आदि शब्द बार-बार प्रक्रट हुआ, जिससे रररा सु शब्द उठा बहुबारा | मा' (माया) और अक्षरों की रचना हुई | मा अक्षर माया संचारा Il दोउअक्षर को समकर राखा | दोनों अक्षरों (राम) को समान महत्त दिया गया, रामनाम सबहिन अभिलाषा Il राम नाम सभी की अभिलाषा बना | रामनाम लै जगहि दृढ़ायो | ಹಷ ; जिगत को स्थिर किया गया, जिससे राम नाम বীন্তন' कालफन्द कोई पायो ।l काल का फंदा किसी को ज्ञात नहीं हों पाया | इसी विधि से राम नाम की उत्पत्ति हुई है, यह विधि रामनाम उत्पानी | धर्मनि परख लेहु यह बानी Il हे धर्मात्माओं ! इस वाणी को परख कर जानो | वेद & voice fo saints राम नाम जगत मेंकैसे छाया 2 कबीर साहेब 312 qff विष्णु ' शंभु सनकादी |  मुनियों ने मिलकर विष्णु , शिव व सनकदिक GIథ ब्रह्मा, सब मिलि कीन्ही शून्य समाधी II शून्य समाधि की | सुमिरो करतारा | उस परम कर्ता का कौन-्सा नाम स्मरण करें? কমন নাম कवनह्हिं नाम ध्यान अनुसारा Il किस नाम का ध्यान किया जाए? सबहिं शून्य में ध्यान लगाये | सभी ने शून्य में ध्यान लगाया, जैसे स्वाति नक्षत्र की बूंद को सीप शुद्ध प्रेम से ग्रहण करती है। स्वाति सनेह सीप ज्यों लाये ।। तहिं निरंजन जतन विचारा | तब निरंजन परमात्मा ने विचार किया और शून्य गुफा में शब्द का उच्चारण किया | যুক্চান ~ 9c ತaR Il तब 'रररा' आदि शब्द बार-बार प्रक्रट हुआ, जिससे रररा सु शब्द उठा बहुबारा | मा' (माया) और अक्षरों की रचना हुई | मा अक्षर माया संचारा Il दोउअक्षर को समकर राखा | दोनों अक्षरों (राम) को समान महत्त दिया गया, रामनाम सबहिन अभिलाषा Il राम नाम सभी की अभिलाषा बना | रामनाम लै जगहि दृढ़ायो | ಹಷ ; जिगत को स्थिर किया गया, जिससे राम नाम বীন্তন' कालफन्द कोई पायो ।l काल का फंदा किसी को ज्ञात नहीं हों पाया | इसी विधि से राम नाम की उत्पत्ति हुई है, यह विधि रामनाम उत्पानी | धर्मनि परख लेहु यह बानी Il हे धर्मात्माओं ! इस वाणी को परख कर जानो | वेद & voice fo saints - ShareChat