#🙏गुरु महिमा😇
17 फरवरी को उस महान संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। और देखते ही देखते पूरे विश्व में अपने तत्वज्ञान का परचम लहरा दिया।
15, 16, 17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में उनके सभी आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें संपूर्ण विश्व को आमंत्रित किया गया है।
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#🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
17 फ़रवरी 2026 - जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का 39वां बोध दिवस || सभी सतलोक आश्रमों में।
#🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🤗जया किशोरी जी🕉️ आने वाला है संत रामपाल जी महाराज का बोध दिवस होगा बहुत बड़ा भंडारा पूरा विश्व आमंत्रित किया जा रहा है आप सभी भी जरूर आना।





![santrampaljimaharaj - के दानी , सतगुरू भक्ति मुक्ति MI] ಭalಲ सतगुरू बिना न छूटै खानी। | ui TI सतगुरू भक्ति कराकर मुक्ति प्रदान करते ह। - संत रामपाल जी वे भक्ति तथा मुक्ति के दाता है। महाराज सतगुरू के बिना चार खानी ( अण्डज जेरज उद्भज , श्वेतज , येचार खानी है ॰ जन्म - मरण होता है। ) काःयह चक नहीं छुटता। इनम अण्डज प्राणी अण्डे से उत्पन्न होते हैं जैसे पक्षी , इसको अण्डज खानी कहते है। ச जो जेर से उत्पन्न होते हैं , जैसे मानव तथा पशु। उदद्रज जो स्वयं उत्पन्न होते है, जैसे गेहूं में सरसी , ढ़ोरा तथा किसी पदार्थ होने पर उसमें कीडे उत्पन्न होना , उद्भज खानी है। के खट्टा ঋ্নত जो पसीने से उत्पन्न होते है जैसे मानव शरीर या पशु के शरीर में ढेरे , जूम , चिचड.आदि ये श्रेतज खानी कहलाती है। इस प्रकार चार खानी से जीव उत्पन्न है जो कुल ८४ लाख प्रकार की होते योनि अर्थात् शरीर का जीव धारण करते हैँ और जन्मते -मरते है। यह चार खानी का संकट सतगुरू बिना नहीं मिट ( समाप्त हो) सकता। SAT KABIR SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR SUPREMEGOD ORG KIDAYA के दानी , सतगुरू भक्ति मुक्ति MI] ಭalಲ सतगुरू बिना न छूटै खानी। | ui TI सतगुरू भक्ति कराकर मुक्ति प्रदान करते ह। - संत रामपाल जी वे भक्ति तथा मुक्ति के दाता है। महाराज सतगुरू के बिना चार खानी ( अण्डज जेरज उद्भज , श्वेतज , येचार खानी है ॰ जन्म - मरण होता है। ) काःयह चक नहीं छुटता। इनम अण्डज प्राणी अण्डे से उत्पन्न होते हैं जैसे पक्षी , इसको अण्डज खानी कहते है। ச जो जेर से उत्पन्न होते हैं , जैसे मानव तथा पशु। उदद्रज जो स्वयं उत्पन्न होते है, जैसे गेहूं में सरसी , ढ़ोरा तथा किसी पदार्थ होने पर उसमें कीडे उत्पन्न होना , उद्भज खानी है। के खट्टा ঋ্নত जो पसीने से उत्पन्न होते है जैसे मानव शरीर या पशु के शरीर में ढेरे , जूम , चिचड.आदि ये श्रेतज खानी कहलाती है। इस प्रकार चार खानी से जीव उत्पन्न है जो कुल ८४ लाख प्रकार की होते योनि अर्थात् शरीर का जीव धारण करते हैँ और जन्मते -मरते है। यह चार खानी का संकट सतगुरू बिना नहीं मिट ( समाप्त हो) सकता। SAT KABIR SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR SUPREMEGOD ORG KIDAYA - ShareChat santrampaljimaharaj - के दानी , सतगुरू भक्ति मुक्ति MI] ಭalಲ सतगुरू बिना न छूटै खानी। | ui TI सतगुरू भक्ति कराकर मुक्ति प्रदान करते ह। - संत रामपाल जी वे भक्ति तथा मुक्ति के दाता है। महाराज सतगुरू के बिना चार खानी ( अण्डज जेरज उद्भज , श्वेतज , येचार खानी है ॰ जन्म - मरण होता है। ) काःयह चक नहीं छुटता। इनम अण्डज प्राणी अण्डे से उत्पन्न होते हैं जैसे पक्षी , इसको अण्डज खानी कहते है। ச जो जेर से उत्पन्न होते हैं , जैसे मानव तथा पशु। उदद्रज जो स्वयं उत्पन्न होते है, जैसे गेहूं में सरसी , ढ़ोरा तथा किसी पदार्थ होने पर उसमें कीडे उत्पन्न होना , उद्भज खानी है। के खट्टा ঋ্নত जो पसीने से उत्पन्न होते है जैसे मानव शरीर या पशु के शरीर में ढेरे , जूम , चिचड.आदि ये श्रेतज खानी कहलाती है। इस प्रकार चार खानी से जीव उत्पन्न है जो कुल ८४ लाख प्रकार की होते योनि अर्थात् शरीर का जीव धारण करते हैँ और जन्मते -मरते है। यह चार खानी का संकट सतगुरू बिना नहीं मिट ( समाप्त हो) सकता। SAT KABIR SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR SUPREMEGOD ORG KIDAYA के दानी , सतगुरू भक्ति मुक्ति MI] ಭalಲ सतगुरू बिना न छूटै खानी। | ui TI सतगुरू भक्ति कराकर मुक्ति प्रदान करते ह। - संत रामपाल जी वे भक्ति तथा मुक्ति के दाता है। महाराज सतगुरू के बिना चार खानी ( अण्डज जेरज उद्भज , श्वेतज , येचार खानी है ॰ जन्म - मरण होता है। ) काःयह चक नहीं छुटता। इनम अण्डज प्राणी अण्डे से उत्पन्न होते हैं जैसे पक्षी , इसको अण्डज खानी कहते है। ச जो जेर से उत्पन्न होते हैं , जैसे मानव तथा पशु। उदद्रज जो स्वयं उत्पन्न होते है, जैसे गेहूं में सरसी , ढ़ोरा तथा किसी पदार्थ होने पर उसमें कीडे उत्पन्न होना , उद्भज खानी है। के खट्टा ঋ্নত जो पसीने से उत्पन्न होते है जैसे मानव शरीर या पशु के शरीर में ढेरे , जूम , चिचड.आदि ये श्रेतज खानी कहलाती है। इस प्रकार चार खानी से जीव उत्पन्न है जो कुल ८४ लाख प्रकार की होते योनि अर्थात् शरीर का जीव धारण करते हैँ और जन्मते -मरते है। यह चार खानी का संकट सतगुरू बिना नहीं मिट ( समाप्त हो) सकता। SAT KABIR SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR SUPREMEGOD ORG KIDAYA - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_141614_12ae9074_1771516140233_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=233_sc.jpg)





