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हरे कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे हरे
#🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स जानें खरमास में व्रत का महत्व और कथा
खरमास 14 मार्च से 14 अप्रैल विशेष
https://www.radheradheje.com/astrology-kharmas-importance-and-story-of-fasting-in-kharmas-in-hindi-significance-mythological-story-of-malmas-in-hindi/
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 15 मार्च 2026*
*⛅दिन - रविवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - चैत्र*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - एकादशी सुबह 09:16 तक तत्पश्चात् द्वादशी*
*⛅नक्षत्र - श्रवण प्रातः 05:56 मार्च 16 तक तत्पश्चात् धनिष्ठा*
*⛅योग - पारिघ सुबह 10:25 तक तत्पश्चात् शिव*
*⛅राहुकाल - शाम 05:05 से शाम 06:35 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:36*
*⛅सूर्यास्त - 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:00 से प्रातः 05:48 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:12 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:11 से मध्यरात्रि 12:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - पापमोचनी एकादशी, षडशीति - मीन संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर 12:36 तक), सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 04:49 से प्रातः 06:36 तक)*
*🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
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*🔹एकादशी में क्या करें, क्या न करें ?🔹*
*🔸1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें । नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें ।*
*🔸2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें ।*
*🔸हर एकादशी को श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
*राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।*
*सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।*
*एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णुसहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
*🔸3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए ।*
*🔸4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।*
*🔸5. एकादशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।*
*🔸6. व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) - इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) - इनका सेवन न करें ।*
*🔸7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।*
*🔸8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।*
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*🔸9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।*
*🔸10. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।*
*🔸11. इस दिन बाल नहीं कटायें ।*
*🔸12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।*
*🔸13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) ।*
*🔸14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।*
पापमोचिनी एकादशी 2026 कब है ? शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा और महत्व #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय
https://www.radheradheje.com/papmochini-ekadashi-2026-kab-hai-shubh-muhurat-vrat-vidhi-katha-mahatva/ #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 14 मार्च 2026*
*⛅दिन - शनिवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - चैत्र*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - दशमी सुबह 08:10 तक तत्पश्चात् एकादशी*
*⛅नक्षत्र - उत्तराषाढ़ा प्रातः 04:49 तक तत्पश्चात् श्रवण*
*⛅योग - वरीयान प्रातः 10:43 तक तत्पश्चात् परिघ*
*⛅राहुकाल - सुबह 09:37 से सुबह 11:07 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:37*
*⛅सूर्यास्त - 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:01 से प्रातः 05:49 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:12 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
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*🔹क्रोध पर नियंत्रण कैसे पायें ?🔹*
#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
*🔸क्रोध भस्मासुर है, करा-कराया सब खाक कर देता है । जिन्हें क्रोध पर नियंत्रण पाना हो वे नीचे दिये गये सरल एवं कारगर उपायों में से एक या अधिक उपायों का लाभ अवश्य लें ।*
*🔸(१) एक कटोरी में जल लेकर उसमें देखते हुए 'ॐ शांति... शांति... शांति... ॐ...' इस प्रकार २१ बार जप करें और वह जल पी लें तो क्रोधी स्वभाव में बदलाहट आयेगी ।*
*🔸(२) जब क्रोध आये तो उस समय अपना विकृत चेहरा आईने में देखने से भी लज्जावश क्रोध भाग जायेगा ।*
*🔸(३) सुबह नींद में से उठते ही बिस्तर पर बैठ के ललाट पर तिलक करने की जगह पर अपने सद्गुरु या इष्ट का ध्यान करें । बाद में संकल्प करते हुए एवं यह मंत्र बोलते हुए क्रोध की मानसिक रूप से अग्नि में आहुति डालें: ॐ क्रोधं जुहोमि स्वाहा ।*
*🔸(४) एक नग आँवले का मुरब्बा रोज सुबह खायें व शाम को एक चम्मच गुलकंद खाकर दूध पी लें, इससे विशेषकर पित्तप्रकोपजनित क्रोध पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी । (शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन न करें ।)*
*🔹कब्जनाशक प्रयोग🔹*
*कब्ज अनेक रोगों का गढ है । कब्ज दूर करने के लिए निम्न उपाय करें ।*
*🔸 रात को हरड़ पानी में भिगोकर रखें । सुबह थोड़ी सी हरड़ उसी पानी में रगड़ें और थोड़ा सा नमक मिलाकर पियें ।*
*🔸 सूर्योदय से पहले खाली पेट रात का रखा हुआ पानी आवश्यकतानुसार पियें (गुनगुना हो तो उत्तम) ।*
*🔸 मेथी के पत्तों की सब्जी खायें ।*
*🔸 धनिया, पुदीना, काला नमक व काली मिर्च की चटनी भोजन के साथ लें ।*
*🔸 श्वास बाहर निकालकर गुदाद्वार का संकोचन विस्तरण (अश्विनी मुद्रा) करने को थलबस्ती कहते हैं। यह प्रयोग रोज तीन-चार बार करने से भी कब्ज दूर होता है और वीर्यहानि, स्वप्नदोष एवं प्रदर रोग से रक्षा होती है । व्यक्तित्व विकसित होता है ।*
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 13 मार्च 2026*
*⛅दिन - शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - चैत्र*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - दशमी पूर्ण रात्रि तक*
*⛅नक्षत्र - पूर्वाषाढ़ा मध्यरात्रि 03:03 तक तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा*
*⛅योग - व्यतीपात प्रातः 10:32 तक तत्पश्चात् वरीयान*
*⛅राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:37 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:38*
*⛅सूर्यास्त - 06:35 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:01 से प्रातः 05:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:13 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज का प्राकट्य दिवस*
*🌥️विशेष - दशमी को कलम्बी शाक खाना त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
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*🔹पूर्ण विकास की १६ सीढ़ियाँ🔹*
*🔹ये १६ बातें समझ लें तो आपका पूर्ण विकास चुटकी में होगा ।*
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*🔸 (१) आत्मबल : अपना आत्मबल विकसित करने के लिए 'ॐ... ॐ.... ॐ... ॐ... ॐ...' ऐसा जप करें ।*
*🔸 (२) दृढ़ संकल्प : कोई भी निर्णय लें तो पहले तीसरे नेत्र पर (भ्रूमध्य में आज्ञाचक्र पर) ध्यान करें फिर निर्णय लें और एक बार कोई भी छोटे-मोटे काम का संकल्प करें तो उसमें लगे रहें ।*
*🔸 (३) निर्भयता : भय आये तो उसके भी साक्षी बन जायें और उसे झाड़कर फेंक दें । यह सफलता की कुंजी है ।*
*🔸 (४) ज्ञान : आत्मा-परमात्मा और प्रकृति का ज्ञान पा लें । यह शरीर 'क्षेत्र' है और आत्मा 'क्षेत्रज्ञ' है । इस शरीररूपी खेत के द्वारा हम कर्म करते हैं अर्थात् बीज बोते हैं और फिर उसके फल मिलते हैं । तो हम क्षेत्रज्ञ हैं शरीर को और कर्मों को जाननेवाले हैं । प्रकृति परिवर्तित होनेवाली है और हम एकरस है। बचपन परिवर्तित हो गया, हम उसको जाननेवाले वही-के-वही हैं । गरीबी अमीरी चली गयी, सुख-दुःख चला गया लेकिन हम हैं अपने- आप, हर परिस्थिति के बाप। ऐसा दृढ़ विचार करने से, ज्ञान का आश्रय लेने से आप निर्भय और निःशंक होने लगेंगे ।*
*🔸 (५) नित्य योग : नित्य योग अर्थात् आप भगवान में थोड़ा शांत होइये और 'भगवान नित्य हैं, आत्मा नित्य है और शरीर मरने के बाद भी मेरा आत्मा रहता है' इस प्रकार नित्य योग की स्मृति करें ।*
*🔸 (६) ईश्वर-चिंतन : सत्यस्वरूप ईश्वर का चिंतन करें ।*
*🔸 (७) श्रद्धा : सत्शास्त्र, भगवान और गुरु में श्रद्धा यह आपके आत्मविकास का बहुमूल्य खजाना है ।*
*🔸 (८) ईश्वर विश्वास : ईश्वर में विश्वास रखें । जो हुआ, अच्छा हुआ, जो हो रहा है, अच्छा है और जो होगा वह भी अच्छा होगा, भले हमें अभी, इस समय बुरा लगता है । विघ्न-बाधा, मुसीबत और कठिनाइयों आती हैं तो विष की तरह लगती हैं लेकिन भीतर अमृत सैंजोये हुए होती हैं । इसलिए कोई भी परिस्थिति आ जाय तो समझ लेना, 'यह हमारी भलाई के लिए आयी है ।' आँधी-तूफान आया है तो फिर शुद्ध वातावरण भी आयेगा ।*
*🔸 (९) सदाचरण : वचन देकर मुकर जाना, झूठ-कपट, चुगली करना आदि दुराचरण से अपने को बचाना ।*
*🔸 १०) संयम : पति-पत्नी के व्यवहार में, खाने-पीने में संयम रखें । इससे मनोबल, बुद्धिबल, आत्मबल का विकास होगा ।*
*🔸 (११) अहिंसा : वाणी, मन, बुद्धि के द्वारा किसीको चोट न पहुंचायें । शरीर के द्वारा जीव- जंतुओं की हत्या, हिंसा न करें ।*
*🔸 (१२) उचित व्यवहार : अपने से श्रेष्ठ पुरुषों का आदर से संग करें । अपने से छोटों के प्रति उदारता, दया रखें । जो अच्छे कार्य में, दैवी कार्य में लगे हैं उनका अनुमोदन करें और जो निपट निराले हैं उनकी उपेक्षा करें । यह कार्यकुशलता में आपको आगे ले जायेगा ।*
*🔸 (१३) सेवा-परोपकार : आपके जीवन में परोपकार, सेवा का सद्गुण होना चाहिए । स्वार्थरहित भलाई के काम प्रयत्नपूर्वक करने चाहिए । इससे आपके आत्मसंतोष, आत्मबल का विकास होता है ।*
*🔸 (१४) तप : अपने जीवन में तपस्या लाइये । कठिनाई सहकर भी भजन, सेवा, धर्म-कर्म आदि में लगना चाहिए ।*
*🔸 (१५) सत्य का पक्ष लेना : कहीं भी कोई बात हो तो आप हमेशा सत्य, न्याय का पक्ष लीजिये । अपनेवाले की तरफ ज्यादा झुकाव और परायेवाले के प्रति क्रूरता करके आप अपनी आत्मशक्ति का गला मत घोटिये । अपनेवाले के प्रति न्याय और दूसरे के प्रति उदारता रखें ।*
*🔸 (१६) प्रेम व मधुर स्वभाव : सबसे प्रेम व मधुर स्वभाव से पेश आइये ।*
*🔸 ये १६ बातें लौकिक उन्नति, आधिदैविक उन्नति और आध्यात्मिक अर्थात् आत्मिक उन्नति आदि सभी उन्नतियों की कुंजियाँ हैं ।*
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 12 मार्च 2026*
*⛅दिन - गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - चैत्र*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - नवमी प्रातः 06:28 मार्च 13 तक तत्पश्चात् दशमी*
*⛅नक्षत्र - मूल मध्यरात्रि 12:43 तक तत्पश्चात् पूर्वाषाढ़ा*
*⛅योग - सिद्धि प्रातः 09:59 तक तत्पश्चात् व्यतीपात*
*⛅राहुकाल - दोपहर 02:06 से दोपहर 03:35 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:39*
*⛅सूर्यास्त - 06:35 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:02 से प्रातः 05:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:13 से दोपहर 01:01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - व्यतीपात योग (सुबह 10:00 से सुबह 10:32 मार्च 13 तक)*
*🌥️विशेष - नवमी को लौकी खाना गौमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
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*🔹अमृततुल्य गोदुग्ध के अनुपम लाभ (भाग-२)🔹*
#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
*🔸(१०) इसमें कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है जो दाँत एवं हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक है । बाल्य और किशोर अवस्था में कैल्शियम की बहुत अधिक आवश्यकता रहती है क्योंकि इस समय हड्डियों का सबसे अधिक विकास होता है । प्रतिदिन दूध का सेवन करना बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है । ३०० मि.ली. दूध में लगभग ३५० मि.ग्रा. कैल्शियम होता है जो तीन साल तक के बच्चों की दैनिक आवश्यकता का आधा है ।*
*🔸(११) दूध में कैंसररोधी तत्त्व पाये जाते हैं जो बड़ी आँत, स्तन व त्वचा का कैंसर होने की सम्भावना को कम करते हैं । सिगरेट और शराब के सेवन से अन्न-नलिका का कैंसर (oesoph- ageal cancer) होने की सम्भावना बढ़ जाती है जबकि दूध के सेवन से यह सम्भावना कम हो जाती है । यह हृदय एवं रक्तवाहिनियों से संबंधित रोगों (cardiovascular disease) से रक्षा करने में सहायक है । रक्तचाप (B.P.) को सामान्य रखने में भी उपयोगी है तथा मधुमेह (diabe- tes) होने की सम्भावना को कम करता है ।*
*🔸(१२) इसमें पाये जानेवाले 'केरोटिन' नामक पीले पदार्थ से आँखों की रोशनी बढ़ती है । रात में दूध का सेवन आँखों के लिए विशेष हितकारी है । ३ से ५ वर्ष के बच्चे की विटामिन 'ए' की दैनिक आवश्यकता की ७५ प्रतिशत आपूर्ति मात्र २५० मि.ली. गोदुग्ध से हो जाती है ।*
*🔸(१३) भिगोये हुए २-३ बादाम २०० मि.ली. दूध के साथ सेवन करने से बच्चों के सूखा रोग (rickets) में लाभ होता है ।*
*🔸(१४) रात में सोने से कुछ घंटे पहले (भोजन एवं दूध में २ घंटे का अंतर रख के) दूध लेने से रक्त के नवनिर्माण में मदद मिलती है । यह विषैले पदार्थों को निष्क्रिय करता है तथा रोगप्रतिकारक शक्ति (immunity) को बढ़ाने भी सहायक है ।*
*🔸(१५) कच्चे दूध की चेहरे पर मालिश करने से वर्ण में निखार आता है ।*
*🔸(१६) आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार रात में दूध पीने से बच्चों की जठराग्नि एवं शरीर की वृद्धि होती है, क्षयरोगियों का बल बढ़ता है तथा वृद्धों में शुक्र धातु की वृद्धि होती है । रात में दूध पीने से अनेक प्रकार के दोषों (रोगों) का शमन होता है ।*
*🔸जिन्हें कफ की समस्या है उन्हें कफ-शमन हेतु दूध में २-३ काली मिर्च तथा आधा से एक ग्राम सोंठ का चूर्ण मिला के सेवन करना विशेष लाभकारी है ।*
*🔸गाय का दूध सात्त्विक होने से बुद्धि अच्छे विचार तथा अच्छे कर्मों की ओर प्रवृत्त होती है । इससे परिशुद्ध भावना उत्पन्न होती रहती है । इन सभी गुणों के कारण इसे 'धरा का अमृत' कहा जाता है । इसलिए मनुष्यों को नित्य गाय के शुद्ध दूध का सेवन करना चाहिए ।*
*🔹सावधानी : नया बुखार, त्वचा रोग, दस्त, कृमि, गठिया तथा दमा (asthma), खाँसी आदि कफ-संबंधी एवं आमजनित समस्याओं में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए ।*
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शीतला अष्टमी, जिसे बसौड़ा भी कहते हैं, चैत्र मास में होली के आठवें दिन मनाया जाता है। भगवती शीतला माता को उत्तर भारत में रोगों को दूर करने वाली माँ कहा जाता है।
मान्यता है कि इस पूजा से शरीर के रोग दूर होते हैं, इस वर्ष शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026 को है।
इस दिन श्वेत पाषाण रूपी माता शीतला की बासी भोजन का भोग लगा कर पूजा की जाती है।
https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 #🌸शीतला सप्तमी🙏📿 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
शुभ मुहूर्त: 11 मार्च को 06:36 AM से 06:27 PM तक।
भोग: मिठाई, मालपुआ, दाल-भात व फल अर्पित करें।
जय शीतला माता🙏🌺
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*Sheetla ashtmi2026 #Basoda : कब है शीतला अष्टमी या बसौड़ा, जानें पूजा विधि महत्व शुभ मुहूर्त*
शीतला अष्टमी, जिसे बसौड़ा भी कहते हैं, चैत्र मास में होली के आठवें दिन मनाया जाता है। भगवती शीतला माता को उत्तर भारत में रोगों को दूर करने वाली माँ कहा जाता है। मान्यता है कि इस पूजा से शरीर के रोग दूर होते हैं, इस वर्ष शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026 को है शुभ मुहूर्त: 11 मार्च को 06:36 AM से 06:27 PM तक। #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌸शीतला सप्तमी🙏📿
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