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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 25 जनवरी 2026* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - शिशिर* *⛅मास - माघ* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - सप्तमी रात्रि 11:10 तक तत्पश्चात् अष्टमी* *⛅नक्षत्र - रेवती दोपहर 01:35 तक तत्पश्चात् अश्विनी* *⛅योग - सिद्ध सुबह 11:46 तक तत्पश्चात् साध्य* *⛅राहुकाल - शाम 04:46 से शाम 06:08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 07:09* *⛅सूर्यास्त - 06:09 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:25 से प्रातः 06:17 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:17 से दोपहर 01:01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:13 जनवरी 26 से रात्रि 01:05 जनवरी 26 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - नर्मदा जयंती, रथ सप्तमी, रविवारी सप्तमी (सूर्योदय से रात्रि 11:10 तक), सर्वार्थसिद्धि योग (दोपहर 01:35 से सुबह 07:09 जनवरी 26 तक)* *🌥️विशेष - सप्तमी को ताड़ फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 *🔹 रविवार विशेष🔹* *🔸 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* *🔸 रविवार के दिन आँवला, मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)* *🔸 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)* *🔸 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।* *🔸 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।* *🔸 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना एवं पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।* #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय - आज का पंचांग मास॰ माघ, पक्ष शुक्ल www.radheradheje.com  रितु- शिशिर दिन- रविवार ಹಪ- 25-01-2026 तिथि॰ सप्तमी (२३:१० से अष्टमी ) नक्षत्र रेवती सूर्य नक्षत्र॰ श्रवण चंद्रनक्षत्र॰ रेवती लोग॰  मकर सिद्ध (11:57345) crur-IR चन्द्र राशि- मीन (१३१३५ से मेष ) सूर्य राशि॰ मकर चोघडिया, दिन मुहूर्त ೩೩ उद्वेग 0७:10 08:३३ अशुभ राहूकाल १६:४६ १८:०8 अशुभ यम र्घंटा १२:३९ - १४:०२ अशुभ 4708:33 09255 ೩೫ गुली काल १५:२४ = १६:४६ लाभ09:55 ११:१७ शुभ अभिजित १२:१७ 12:39 ?7 अमृत ११:१७ १३:०१ शुभ 836வ16:41 १४:०२ अशुभ c12:39 १७:२४ अशुभ gau 18808 20846 ೩೫ शुभ १४:०२ १५:२४ शुभ र्ंड मूल अहोरात्र अशुभ रोग १५:२४ १६:४६ अशुभ 94455 07:10 उद्वेग १६:४६ १३:३५ अशुभ 18:08 3[?7 र्थ आरोग्य सप्तमी क॒ हार्दैिक शुथकायन्ाए Radekadtee आज का पंचांग मास॰ माघ, पक्ष शुक्ल www.radheradheje.com  रितु- शिशिर दिन- रविवार ಹಪ- 25-01-2026 तिथि॰ सप्तमी (२३:१० से अष्टमी ) नक्षत्र रेवती सूर्य नक्षत्र॰ श्रवण चंद्रनक्षत्र॰ रेवती लोग॰  मकर सिद्ध (11:57345) crur-IR चन्द्र राशि- मीन (१३१३५ से मेष ) सूर्य राशि॰ मकर चोघडिया, दिन मुहूर्त ೩೩ उद्वेग 0७:10 08:३३ अशुभ राहूकाल १६:४६ १८:०8 अशुभ यम र्घंटा १२:३९ - १४:०२ अशुभ 4708:33 09255 ೩೫ गुली काल १५:२४ = १६:४६ लाभ09:55 ११:१७ शुभ अभिजित १२:१७ 12:39 ?7 अमृत ११:१७ १३:०१ शुभ 836வ16:41 १४:०२ अशुभ c12:39 १७:२४ अशुभ gau 18808 20846 ೩೫ शुभ १४:०२ १५:२४ शुभ र्ंड मूल अहोरात्र अशुभ रोग १५:२४ १६:४६ अशुभ 94455 07:10 उद्वेग १६:४६ १३:३५ अशुभ 18:08 3[?7 र्थ आरोग्य सप्तमी क॒ हार्दैिक शुथकायन्ाए Radekadtee - ShareChat
अचला सप्तमी (सूर्य सप्तमी) महत्व, स्नान विधि और व्रत कथा रथ सप्तमी पर्व माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन मनाया जाता है, इस दिन भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करके उनकी विधिपूर्वक पूजा की जाती है। #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स रथ सप्तमी को विभिन्न नामों से जाना जाता है, माघ शुक्ल सप्तमी के कारण इसे माघी सप्तमी, अचला सप्तमी, आरोग्य सप्तमी, रथ आरोग्य सप्तमी और अर्क सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। रथ सप्तमी के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करके उगते हुए सूर्य का दर्शन एवं उन्हें ॐ घृणि सूर्याय नम: कहते हुए जल अर्पित करें। सूर्यदेव की किरणों को लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल दें। सूर्यदेव को जल देने के पश्चात् लाल आसन पर बैठकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर मंत्र का 108 बार जप करें। रथ सप्‍तमी के दिन सूर्य देव की पूजा करने से और दान- पुण्य करने से व्यक्ति को निरोगी शरीर और सफलता-यश का वरदान मिलता है। https://www.radheradheje.com/achala-saptami-surya-saptami-importance-bath-method-fast-and-story-in-hindi-surya-saptami-worship-method-in-hindi/
माँ नर्मदा का धार्मिक महत्त्व और पौराणिक कथा अलौकिक और पुण्यदायिनी माँ नर्मदा के जन्मदिवस यानी माघ शुक्ल सप्तमी को नर्मदा महोत्सव मनाया जाता है, इस दिन नर्मदा नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है। #maanarmada2026 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स https://www.radheradheje.com/maa-narmada-religious-significance-and-mythology-of-maa-narmada-in-hindi-narmadashtakam-with-hindi-meaning/
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Maa Narmada माँ नर्मदा का धार्मिक महत्त्व और पौराणिक कथा
अलौकिक और पुण्यदायिनी माँ नर्मदा के जन्मदिवस यानी माघ शुक्ल सप्तमी को नर्मदा महोत्सव मनाया जाता है। पतित पावनी पुण्य सलिला माँ नर्मदा जी अमरकंटक से प्रवाहित होकर रत्नासागर में समाहित हुई है, शिवजी ने इन्हें अजर-अमर होने का वरदान दिया है और इन्हें अस्थि-पंजर | राखिया को भी शिव रूप में परिवर्तित होने का आशीर्वाद प्राप्त है। इसका प्रमाण मार्कण्डेय ऋषि ने मार्कण्डेय पुराण में दिया है। नर्मदाजी का तट सुर्भीक्ष माना गया है, शास्त्रों के अनुसार माँ नर्मदा के पूजन, दीपदान, स्नान एवं दर्शन मात्र से मनुष्य के पापों का नाश हो जाता है। महाभारत, रामायण सहित अनेक हिंदू धर्म शास्त्रों में माँ नर्मदा का उल्लेख मिलता है।
#🌺बसंत पंचमी Status⏳ #🪔बसंत पंचमी की शुभकामनाएं🙏🌸
🌺बसंत पंचमी Status⏳ - वस्ंत पंचमी शुमकांमनाएं বীণা মশ্কন চাথ ম; মননপর্নী চ্রী আণঠ; মাথ ম; मिले माका आधीर्याद आपको छन दिन  চন মান চী মুনানক আণবধী লীননবনী মূ্তা কা ঐচ নীচান | वर्वात पचमी की नर्दिक 8मकामगा | वस्ंत पंचमी शुमकांमनाएं বীণা মশ্কন চাথ ম; মননপর্নী চ্রী আণঠ; মাথ ম; मिले माका आधीर्याद आपको छन दिन  চন মান চী মুনানক আণবধী লীননবনী মূ্তা কা ঐচ নীচান | वर्वात पचमी की नर्दिक 8मकामगा | - ShareChat
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 23 जनवरी 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - शिशिर* *⛅मास - माघ* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - पञ्चमी रात्रि 01:46 जनवरी 24 तक तत्पश्चात् षष्ठी* *⛅नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद दोपहर 02:33 तक तत्पश्चात् उत्तर भाद्रपद* *⛅योग - परिघ शाम 03:59 तक तत्पश्चात् शिव* *⛅राहुकाल - सुबह 11:17 से दोपहर 12:39 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 07:10* *⛅सूर्यास्त - 06:08 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:25 से प्रातः 06:17 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:17 से दोपहर 01:01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:13 जनवरी 24 से रात्रि 01:05 जनवरी 24 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - वसंत पंचमी, सुभाषचंद्र बोस जयंती* *🌥️विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 *🔹धन-लाभ के साथ पायें पुण्यलाभ व आरोग्य🔹* *🔸व्यवसाय में लाभ नहीं हो रहा हो तो शुक्रवार के दिन शाम की संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास देशी गाय के घी या तिल के तेल का दीपक जलायें । परब्रह्म-प्रकाशस्वरूपा दीपज्योति को नमस्कार करें और निम्न मंत्रों का उच्चारण करें :* *दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः ।* *दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥* *शुभं करोतु कल्याणमारोग्यं सुखसम्पदाम् ।* *शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥* *🔸इससे धन-लाभ होता है, साथ ही पापों का नाश होता है । शत्रु का विनाश होकर शत्रुओं की वृद्धि रुकती है तथा आयु-आरोग्य की प्राप्ति होती है ।* *🔹शास्त्रों में वृक्षारोपण की महत्ता🔹* *👉 पद्म पुराण में पुलस्त्यजी भीष्मजी से कहते हैं कि "वृक्ष पुत्रहीन पुरुष को पुत्रवान होने का फल देते हैं । इतना ही नहीं, वे अधिदेवतारूप से तीर्थों में जाकर वृक्ष लगानेवालों को पिंड भी देते हैं ।* *👉 अतः भीष्म ! तुम यत्नपूर्वक पीपल के वृक्ष लगाओ । वह अकेला ही तुम्हें एक हजार पुत्रों का फल देगा।* *👉 पीपल का पेड़ लगाने से मनुष्य निरोग व धनी होता है ।* *👉 पलाश से ब्रहातेज, खैर से आरोग्य व नीम से आयु की प्राप्ति होती है ।* *👉 नीम लगानेवालों पर भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं ।* *👉 चंदन और कटहल के वृक्ष क्रमशः पुण्य और लक्ष्मी देनेवाले हैं ।* *👉 चम्पा सौभाग्य-प्रदायक है । इसी प्रकार अन्यान्य वृक्ष भी यथायोग्य फल प्रदान करते हैं ।* *👉 जो लोग वृक्ष लगाते हैं उन्हें (परलोक में) प्रतिष्ठा प्राप्त होती है और जो वृक्ष व गोचर भूमि का उच्छेद करते हैं उनकी २१ पीढ़ियाँ रौरव नरक में पकायी जाती हैं ।"* *👉 'भविष्य पुराण में आता है कि 'जो व्यक्ति छाया, फूल और फल देनेवाले वृक्षों का रोपण करता है या मार्ग में तथा देवालय में वृक्षों को लगाता हैं वह अपने पितरों को बड़े-बड़े पापों से तारता है और रोपणकर्ता इस मनुष्यलोक में महती कीर्ति तथा शुभ परिणाम को प्राप्त करता है तथा पूर्वकालीन और भावी पितरों को स्वर्ग में जाकर भी तारता ही रहता है ।* *👉 विधिपूर्वक वृक्षों का रोपण करने से स्वर्ग-सुख प्राप्त होता है और रोपणकर्ता के तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं ।* *👉 वृक्ष के आरोपण में वैशाख मास श्रेष्ठ एवं ज्येष्ठ अशुभ है। आषाढ, श्रावण तथा भाद्रपद ये भी श्रेष्ठ हैं ।'* *👉 अग्नि पुराण में आता है कि 'दक्षिण में गूलर और पश्चिम में पीपल का वृक्ष उत्तम माना जाता है । लगाये हुए वृक्षों को ग्रीष्मकाल में प्रातः-सायं, शीत ऋतु में मध्याह्न के समय तथा वर्षाकाल में भूमि के सूख जाने पर सींचना चाहिए ।'* *🔸अतः ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या का हल करना हो, पर्यावरण की सुरक्षा करनी हो, अपना इहलोक व परलोक सँवारना हो, आर्थिक लाभ पाना हो... किसी भी दृष्टि से देखा जाय तो वृक्षों का रोपण, संरक्षण-संवर्धन जरूरी है और हर व्यक्ति का कर्तव्य है ।* #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय *🔸अपने जन्मदिवस या अन्य किसी शुभ अवसर पर कम-से-कम १ वृक्ष लगाने का अवश्य संकल्प करें और दूसरों को वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित भी करें ।*
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - आज का पंचांग ঞ৪৩ এ&থু্ wwwradheradheje com Rg- RRR दिन- शुक्रवार iச 23-01-2026 तिथि- पंचमी (२५:४६ से षष्ठी ) पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र सूर्य नक्षत्र- उत्तराषाढा चंद्र नक्षत्र॰ पूर्वभाद्रपदा लोग॰  मकर परिघ करण- बव(१४४१० से बालव) चन्द्र राशि- करुम्भ (८१३३ से मीन) सूर्य राशि॰ मकर शुभ मुहूर्त चोघडिया , दिन १२:३९ अशुभ राहूकाल ११:१७ 4707811 08:३३ शुभ यम घंटा १५:२३ - १६:४५ अशुभ 09:55 && &708:33 गुली काल 08:३३ < 09855 &709:55 ११:१७ शुभ अभिजित १२४१७ - १३:०१ शुभ १२:३९ अशुभ ಊG 11817 दूर मुहूर्त ०९३२२ - १०३०६ अशुभ 812839 १४:०१ शुभ 8738513:01 13844 ঔথঙ रोग १४४०१ १५:२३ अशुभ वर्ज्यम २४:०४० २५:३९* अशुभ उद्वेग १५:२३ १६:४५ अशुभ gaq18:07 २०:४५ शुभ 4716:45 १८:०७ शुभ पंचक॰ अहोरात्र अशुभ वशत चचर्म पर्व क शुथकाशन्ाऐ Radhekadhicfe आज का पंचांग ঞ৪৩ এ&থু্ wwwradheradheje com Rg- RRR दिन- शुक्रवार iச 23-01-2026 तिथि- पंचमी (२५:४६ से षष्ठी ) पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र सूर्य नक्षत्र- उत्तराषाढा चंद्र नक्षत्र॰ पूर्वभाद्रपदा लोग॰  मकर परिघ करण- बव(१४४१० से बालव) चन्द्र राशि- करुम्भ (८१३३ से मीन) सूर्य राशि॰ मकर शुभ मुहूर्त चोघडिया , दिन १२:३९ अशुभ राहूकाल ११:१७ 4707811 08:३३ शुभ यम घंटा १५:२३ - १६:४५ अशुभ 09:55 && &708:33 गुली काल 08:३३ < 09855 &709:55 ११:१७ शुभ अभिजित १२४१७ - १३:०१ शुभ १२:३९ अशुभ ಊG 11817 दूर मुहूर्त ०९३२२ - १०३०६ अशुभ 812839 १४:०१ शुभ 8738513:01 13844 ঔথঙ रोग १४४०१ १५:२३ अशुभ वर्ज्यम २४:०४० २५:३९* अशुभ उद्वेग १५:२३ १६:४५ अशुभ gaq18:07 २०:४५ शुभ 4716:45 १८:०७ शुभ पंचक॰ अहोरात्र अशुभ वशत चचर्म पर्व क शुथकाशन्ाऐ Radhekadhicfe - ShareChat
सरस्वती पूजा विधि 2026 | मंत्र, ध्यान, विश्वजय कवच व लाभ मां सरस्वती विद्या, बुद्धि, कला, संगीत और वाणी की देवी हैं। बसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनकर, पीले फूल चढ़ाकर और पीले प्रसाद से पूजा करने से बुद्धि तेज होती है, परीक्षा में सफलता मिलती है और जीवन में ज्ञान की प्राप्ति होती है। आइए पंचांग के आधार पर सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय जानते हैं #सरस्वतीपूजाविधि2026 #🙏सरस्वती भजन, मंत्र और आरती🪔 #🙏🏻मां सरस्वती 🌺 #🙏🏻मां सरस्वती 🌺 https://www.radheradheje.com/saraswati-puja-vidhi-mantra-kavach/
अहंकार और संस्कार में फर्क है, अहंकार दूसरों को झुकाकर खुश होता है, संस्कार स्वयं झुककर खुश होता है.. https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #☝ मेरे विचार #🌺राधा कृष्ण💞 #📒 मेरी डायरी For more information Visit my website: radheradheje.com #devotion #radheradheje #god #faith #bhakti #devotional #krishna #spirituality #prayer #meditation #harekrishna #peace #peaceful #india ‌#sanatandharma‌ #radhakrishna #radhe #radheradhe #radha #radheshyam #shyam #khatushyamji #iskcon #temple #video #trending #vrindavan #mathuravrindavandiaries🙏🏻❣️ #🌸 जय श्री कृष्ण😇
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - अहंकार और संस्कार में फर्क है, अहंकार = दूसरों को झुकाकर H खुश होता है, संस्कार स्वयं झुककर खुश 8 होता है॰. ಔadhekadice' अहंकार और संस्कार में फर्क है, अहंकार = दूसरों को झुकाकर H खुश होता है, संस्कार स्वयं झुककर खुश 8 होता है॰. ಔadhekadice' - ShareChat
बसंत पंचमी 2026 | सरस्वती पूजा तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व मंत्र माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा, बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है।यह दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और विद्या के उत्सव के रूप में मनाया जाता है, देवी सरस्वती को बुद्धि, वाणी और शिक्षा की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त इस दिन सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा, बसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त में मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान में वृद्धि होती है और माँ शारदा का आर्शीवाद प्राप्त होता है। #BasantPanchami #SaraswatiPuja #VasantaPanchami #hindufestivals #radheradheje #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स https://www.radheradheje.com/basant-panchami-2026-saraswati-puja-vidhi/
संस्कारो पर नाज 〰️〰️🌼🌼〰️〰️ बेटा अब खुद कमाने वाला हो गया था ...इसलिए बात-बात पर अपनी माँ से झगड़ पड़ता था ये वही माँ थी जो बेटे के लिए पति से भी लड़ जाती थी। मगर अब फाइनेसिअली इंडिपेंडेंट बेटा पिता के कई बार समझाने पर भी इग्नोर कर देता और कहता, "यही तो उम्र है शौक की,खाने पहनने की, जब आपकी तरह मुँह में दाँत और पेट में आंत ही नहीं रहेगी तो क्या करूँगा।" बहू खुशबू भी भरे पूरे परिवार से आई थी, इसलिए बेटे की गृहस्थी की खुशबू में रम गई थी। बेटे की नौकरी अच्छी थी तो फ्रेंड सर्किल उसी हिसाब से मॉडर्न थी। बहू को अक्सर वह पुराने स्टाइल के कपड़े छोड़ कर मॉडर्न बनने को कहता, मगर बहू मना कर देती .....,वो कहता "कमाल करती हो तुम, आजकल सारा ज़माना ऐसा करता है,मैं क्या कुछ नया कर रहा हूँ। तुम्हारे सुख के लिए सब कर रहा हूँ और तुम हो कि उन्हीं पुराने विचारों में अटकी हो। क्वालिटी लाइफ क्या होती है तुम्हें मालूम ही नहीं।" और बहू कहती "क्वालिटी लाइफ क्या होती है, ये मुझे जानना भी नहीं है, क्योकि लाइफ की क्वालिटी क्या हो, मैं इस बात में विश्वास रखती हूँ।" आज अचानक पापा आई. सी. यू. में एडमिट हुए थे। हार्ट अटेक आया था। डॉक्टर ने पर्चा पकड़ाया, तीन लाख और जमा करने थे। डेढ़ लाख का बिल तो पहले ही भर दिया था मगर अब ये तीन लाख भारी लग रहे थे। वह बाहर बैठा हुआ सोच रहा था कि अब क्या करे। उसने कई दोस्तों को फ़ोन लगाया कि उसे मदद की जरुरत है, मगर किसी ने कुछ तो किसी ने कुछ बहाना कर दिया। आँखों में आँसू थे और वह उदास था तभी खुशबू खाने का टिफिन लेकर आई और बोली,"अपना ख्याल रखना भी जरुरी है। ऐसे उदास होने से क्या होगा? हिम्मत से काम लो, बाबू जी को कुछ नहीं होगा आप चिन्ता मत करो। कुछ खा लो फिर पैसों का इंतजाम भी तो करना है आपको मैं यहाँ बाबूजी के पास रूकती हूँ आप खाना खाकर पैसों का इंतजाम कीजिये। "पति की आँखों से टप -टप आँसू झरने लगे। "कहा न आप चिन्ता मत कीजिये। जिन दोस्तों के साथ आप मॉडर्न पार्टियां करते हैं आप उनको फ़ोन कीजिये, देखिए तो सही, कौन कौन मदद को आता हैं। "पति खामोश और सूनी निगाहों से जमीन की तरफ़ देख रहा था। कि खुशबू का हाथ उसकी पीठ पर आ गया। और वह पीठ को सहलाने लगी। "सबने मना कर दिया। सबने कोई न कोई बहाना बना दिया खुशबू।आज पता चला कि ऐसी दोस्ती तब तक की है जब तक जेब में पैसा है। किसी ने भी हाँ नहीं कहा जबकि उनकी पार्टियों पर मैंने लाखों उड़ा दिये।" "इसी दिन के लिए बचाने को तो माँ-बाबा कहते थे। खैर, कोई बात नहीं, आप चिंता न करो, हो जाएगा सब ठीक। कितना जमा कराना है?" "अभी तो तनख्वाह मिलने में भी समय है, आखिर चिन्ता कैसे न करूँ खुशबू ?"* "तुम्हारी ख्वाहिशों को मैंने सम्हाल रखा है।" "क्या मतलब....?" "तुम जो नई नई तरह के कपड़ो और दूसरी चीजों के लिए मुझे पैसे देते थे वो सब मैंने सम्हाल रखे हैं। माँ जी ने फ़ोन पर बताया था, तीन लाख जमा करने हैं। मेरे पास दो लाख थे। बाकी मैंने अपने भैया से मंगवा लिए हैं। टिफिन में सिर्फ़ एक ही डिब्बे में खाना है बाकी में पैसे हैं।" खुशबू ने थैला टिफिन सहित उसके हाथों में थमा दिया। "खुशबू ! तुम सचमुच अर्धांगिनी हो, मैं तुम्हें मॉडर्न बनाना चाहता था, हवा में उड़ रहा था। मगर तुमने अपने संस्कार नहीं छोड़े. आज वही काम आए हैं। " सामने बैठी माँ के आँखो में आंसू थे उसे आज खुद के नहीं बल्कि पराई माँ के संस्कारो पर नाज था और वो बहु के सर पर हाथ फेरती हुई ऊपरवाले का शुक्रिया अदा कर रही थी..!! 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #☝आज का ज्ञान
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - आज का अमृत तन की भूख सहज है, तीन पाव की सेर | मन की भूख अनंत है, निगलै मेरु समेरू। | इच्छाओं के भंडार कोष के समान है जिसमें हर पल अर्थात मन उन नई महत्वाकांक्षा के बीज जन्म लेते रहते हैं| यह कभी तृप्त नहीं होता | अंकुश लगाना अति आवश्यक है। मनुष्य को अतः मन की इस भूख पर चाहिए। मन को नियंत्रित कर संतोष करना सीखना आज का अमृत तन की भूख सहज है, तीन पाव की सेर | मन की भूख अनंत है, निगलै मेरु समेरू। | इच्छाओं के भंडार कोष के समान है जिसमें हर पल अर्थात मन उन नई महत्वाकांक्षा के बीज जन्म लेते रहते हैं| यह कभी तृप्त नहीं होता | अंकुश लगाना अति आवश्यक है। मनुष्य को अतः मन की इस भूख पर चाहिए। मन को नियंत्रित कर संतोष करना सीखना - ShareChat
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 राधा रानी #🌺राधा कृष्ण💞 #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - आपकी अनुपस्थिति में भी जो आपके নাপ ক ydি 1 1 वफादार रहे॰. वही जीवन में आपके अपने कहलाने के ಕ ٤٠٠ এাস Radheladheje | आपकी अनुपस्थिति में भी जो आपके নাপ ক ydি 1 1 वफादार रहे॰. वही जीवन में आपके अपने कहलाने के ಕ ٤٠٠ এাস Radheladheje | - ShareChat