अनिल कुमार यादव
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@raj9452626801
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अनिल कुमार यादव
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#MOTIVATIONAL #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
MOTIVATIONAL - दिल की किताब में गुलाब उनका था, रात की नींद में ख्वाब उनका था, कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा जाएंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका मर था दिल की किताब में गुलाब उनका था, रात की नींद में ख्वाब उनका था, कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा जाएंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका मर था - ShareChat
#MOTIVATIONAL #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
MOTIVATIONAL - आहिस्ता चल जिंदगी अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है, कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फर्ज निभाना बाकी है आहिस्ता चल जिंदगी अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है, कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फर्ज निभाना बाकी है - ShareChat
#MOTIVATIONAL #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
MOTIVATIONAL - हमें कहा मालूम था कि इश्क होता क्या है, बस एक तुम मिले और जिंदगी मोहब्बत बन गई उनके आने से ही तो जिंदगी मोहब्बत बनी है। हमें कहा मालूम था कि इश्क होता क्या है, बस एक तुम मिले और जिंदगी मोहब्बत बन गई उनके आने से ही तो जिंदगी मोहब्बत बनी है। - ShareChat
#MOTIVATIONAL #🌞 Good Morning🌞
MOTIVATIONAL - घर के बाहर दिमाग लेकर जाओ , क्यों की दुनिया एक बाजार है.. लेकिन घर के अंदर सिर्फ दिल लेकर जाओ, क्यों की वहां एक परिवार है.. সুসনান घर के बाहर दिमाग लेकर जाओ , क्यों की दुनिया एक बाजार है.. लेकिन घर के अंदर सिर्फ दिल लेकर जाओ, क्यों की वहां एक परिवार है.. সুসনান - ShareChat
#MOTIVATIONAL #🌞 Good Morning🌞
MOTIVATIONAL - ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ.. इंसान बहुत कमाल का है पसन्द करे तो, बुराई नही देखता... नफरत करे तो, अच्छाई नही देखता! शुभ प्रभात ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं, और अनुभव से अर्थ.. इंसान बहुत कमाल का है पसन्द करे तो, बुराई नही देखता... नफरत करे तो, अच्छाई नही देखता! शुभ प्रभात - ShareChat
#😊होली स्पेशल 🤘 #MOTIVATIONAL
😊होली स्पेशल 🤘 - मैं लिख पाऊँ कुछ तो. मैं लिख पाऊँ कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा ख़ुद के हिस्से का दर्द,ग़म सब लिखूँगा. वो मायूसी भरे दिन,वो जागी हुई रातें लिखूँगा अधूरे कुछ शिकायतें कुछ ख्वाब Rgm कुछ शोर अपना, कुछ सन्नाटे लिखूँगा... मैं लिख पाऊँ कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा. मैं लिख पाऊँ कुछ तो. मैं लिख पाऊँ कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा ख़ुद के हिस्से का दर्द,ग़म सब लिखूँगा. वो मायूसी भरे दिन,वो जागी हुई रातें लिखूँगा अधूरे कुछ शिकायतें कुछ ख्वाब Rgm कुछ शोर अपना, कुछ सन्नाटे लिखूँगा... मैं लिख पाऊँ कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा. - ShareChat