हम तो आपकी मधु-भरी आँखों को कमल कहते हैं,
आपकी सूरत को धरती का ताजमहल कहते हैं।
आपकी ज़ुल्फ़ों को सावन की घटा कहते हैं,
आपकी मुस्कान को दुनिया की दुआ कहते हैं।
कदम पड़ जाएँ जहाँ आपके, जन्नत-सा लगे,
आपकी सादगी को हम खुदा की अदा कहते हैं।
लबों से जो झरे, शहद की धार लगे हमको,
आपकी बातों को मुकम्मल ग़ज़ल कहते हैं। ❤️ #🌹फक्त तुझ्यासाठी.. #😍 awww... 🥰😘❤️ #🌹प्रेमरंग #💗प्रेम #😘खर प्रेम