Dharmendra Kushwaha
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#पुलवामा अटैक #पुलवामा #पुलवामा अटैक #पुलवामा अटैक
पुलवामा अटैक - १४ फरवरी BLACK DAY १४ फरवरी BLACK DAY - ShareChat
#देश के गद्दार #देश का सबसे बड़ा गद्दार कौन ? #देश के गद्दार😡😡😡 #💯 कड़वी 🤔बाते 💯 #कड़वी मगर सच्ची बातें
देश के गद्दार - ShareChat
#💯 कड़वी 🤔बाते 💯 #कड़वी पर सच्ची बातें #कड़वी बाते #कड़वी मगर सच्ची बातें #सच्ची बाते
💯 कड़वी 🤔बाते 💯 - आज की शिक्षा इंसान को इंसान से राक्षस और जानवर बना रही है। तभी तो आजकल इंसान माँस खाने से लेकर जिस्म बैचने खरीदने तक का काम रहा है। यहाँ तक कि पैसों के लिऐ इंसान को मारने में भी संकोच नहीं कर रहा। आज की शिक्षा इंसान को इंसान से राक्षस और जानवर बना रही है। तभी तो आजकल इंसान माँस खाने से लेकर जिस्म बैचने खरीदने तक का काम रहा है। यहाँ तक कि पैसों के लिऐ इंसान को मारने में भी संकोच नहीं कर रहा। - ShareChat
#देश का सबसे बड़ा गद्दार कौन ? #देश के गद्दार😡😡😡 #देश के गद्दार #कड़वी पर सच्ची बातें #💯 कड़वी 🤔बाते 💯
देश का सबसे बड़ा गद्दार कौन ? - देश की बड़ी आबादी को आज भी पीने के लिऐ साफ पानी नहीं मिल पा रहा है, लेकिन बूचड़खानों में २४ घंटे लाखों लीटर पानी जीवों का रक्त सा़फ करने में बर्बाद किया जाता है। देश में ऐसे मक्कार नेता हैं। जो रोजगार देने के नाम पर सिर्फ बूचड़खाने ही खुलवाते हैं। देश की बड़ी आबादी को आज भी पीने के लिऐ साफ पानी नहीं मिल पा रहा है, लेकिन बूचड़खानों में २४ घंटे लाखों लीटर पानी जीवों का रक्त सा़फ करने में बर्बाद किया जाता है। देश में ऐसे मक्कार नेता हैं। जो रोजगार देने के नाम पर सिर्फ बूचड़खाने ही खुलवाते हैं। - ShareChat
#शुद्द शाकाहार भोजन #शाकाहार सुखद आहार🍆🍆🥕🌽🥔🥑🥝🥒 #शाकाहार अपनाओ #शाकाहार-सर्वोत्तम-आहार🥦🥕🥒🍅🥬🍆🧅 #शाकाहार है शुद्ध आहार 🫛🍅🍈
शुद्द शाकाहार भोजन - संडे हो या मंडे कभी ना खाना अंडे। जो भी माँसाहार करने को बोले उसको मारो जोर से डंडे। संडे हो या मंडे कभी ना खाना अंडे। जो भी माँसाहार करने को बोले उसको मारो जोर से डंडे। - ShareChat
#कड़वी बाते #सच्ची बाते #कड़वी मगर सच्ची बातें #कड़वी पर सच्ची बातें #💯 कड़वी 🤔बाते 💯
कड़वी बाते - १४ फरवरी को या तो ब्लैक डे मनायें या पितृ  पूजन दिवस मनायें। फिर मातृ लेकिन पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण बिल्कुल ना करें । १४ फरवरी को या तो ब्लैक डे मनायें या पितृ  पूजन दिवस मनायें। फिर मातृ लेकिन पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण बिल्कुल ना करें । - ShareChat
#देश का सबसे बड़ा गद्दार कौन ? #देश के गद्दार #देश के गद्दार😠 #देश के गद्दार😡😡😡
देश का सबसे बड़ा गद्दार कौन ? - पहले गुनाहों का देवता, फिर हवस का पुजारी घूसखोर पंडित। तुम लोग फिल्म बना और अब रहे हा या देश में अराजकता फैला रहे हो बे ? पहले गुनाहों का देवता, फिर हवस का पुजारी घूसखोर पंडित। तुम लोग फिल्म बना और अब रहे हा या देश में अराजकता फैला रहे हो बे ? - ShareChat
#💯 कड़वी 🤔बाते 💯 #कड़वी मगर सच्ची बातें #सच्ची बाते #कड़वी बाते
💯 कड़वी 🤔बाते 💯 - अच्छाई केवल सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी होनी चाहिऐ। केवल फोटो खिंचवाने या वीडियो बनाने के लिऐ सिलेक्टिव अच्छाई ना दिखायें | रील में नहीं रियल में अच्छे बने। इंसान बने , कार्टून नहीं। अच्छाई केवल सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी होनी चाहिऐ। केवल फोटो खिंचवाने या वीडियो बनाने के लिऐ सिलेक्टिव अच्छाई ना दिखायें | रील में नहीं रियल में अच्छे बने। इंसान बने , कार्टून नहीं। - ShareChat
#कड़वी पर सच्ची बातें #कड़वी मगर सच्ची बातें #💯 कड़वी 🤔बाते 💯 #सच्ची बाते #कड़वी बाते
कड़वी पर सच्ची बातें - कल ये कूल, हॉट दिखना, माँस खाने को नॉनवेज बोलना, पिज्जा, आज बर्गर, हॉटडॉग जैसा गंदा और घटिया भोजन करना , पब में पार्टी करना, शराब पीना , कानफोड़ू संगीत सुनना, ऐडवेंचर के नाम पर जान को जोखिम में डालना, ये सब राक्षसी प्रवृत्ति है। इसलिऐ अगर थोड़ी सी बुद्धि है तो खुद के इशारों पर नाचने वाला खिलौना मत बनें। को अच्छा इंसान बनाये। दूसरों कल ये कूल, हॉट दिखना, माँस खाने को नॉनवेज बोलना, पिज्जा, आज बर्गर, हॉटडॉग जैसा गंदा और घटिया भोजन करना , पब में पार्टी करना, शराब पीना , कानफोड़ू संगीत सुनना, ऐडवेंचर के नाम पर जान को जोखिम में डालना, ये सब राक्षसी प्रवृत्ति है। इसलिऐ अगर थोड़ी सी बुद्धि है तो खुद के इशारों पर नाचने वाला खिलौना मत बनें। को अच्छा इंसान बनाये। दूसरों - ShareChat
#कड़वी मगर सच्ची बातें #कड़वी बाते #कड़वी पर सच्ची बातें #💯 कड़वी 🤔बाते 💯 #सच्ची बाते
कड़वी मगर सच्ची बातें - में कुछ वेलेन्टाईन डे मनाने वाले महामूर्खों को वेलेन्टाईन के बारे भी पता नहीं है। केवल टी॰वी॰ सीरियल, बिकाऊ मीडिया, घटिया फिल्मों और विदेशी अखबारों को देख कर वेलेन्टाईन वेलेन्टाईन महामूर्खों को कौन समझाये कि पाश्चात्य बोल रहे हैं। अब इन संस्कृति अलग है, और भारतीय संस्कृति अलग है। में कुछ वेलेन्टाईन डे मनाने वाले महामूर्खों को वेलेन्टाईन के बारे भी पता नहीं है। केवल टी॰वी॰ सीरियल, बिकाऊ मीडिया, घटिया फिल्मों और विदेशी अखबारों को देख कर वेलेन्टाईन वेलेन्टाईन महामूर्खों को कौन समझाये कि पाश्चात्य बोल रहे हैं। अब इन संस्कृति अलग है, और भारतीय संस्कृति अलग है। - ShareChat