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#🌞सुप्रभात सन्देश
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#🌞 Good Morning🌞 #🌞सुप्रभात सन्देश
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#🌷शुभ सोमवार
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#🌷शुभ रविवार
🌷शुभ रविवार - ४अचानक से एक दिन बारी आएगी तुम्हारी और तुम्हे वो सब मिलेगा जिसके तुम हकदार हो॰ ४अचानक से एक दिन बारी आएगी तुम्हारी और तुम्हे वो सब मिलेगा जिसके तुम हकदार हो॰ - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏
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#🪔शुभ शनिवार🙏
🪔शुभ शनिवार🙏 - 101 T3ru है। हे गरुड़! फिर उनसे  पराण যত5   शरीरों  గార বন্স ম পানা स्थित ಗ पर्यन्त सूक्ष्म लिंग शरीर को पाता  ोते है और যেক मरते हॅ॰ ஈ17 #7` पक्षी = ;f) கிச पदा दुःख से ఫ్లౌ (ृक्षादि {7ಫ7' और देवता के होते हें।हे ஈ= वाले  मोक्ष =#ீ## ஈர் ೯್ T सेइस ೯ 3Tufd ' वृक्षादि মমা থী সযনান ले बाद कीट, तदनन्तर देवल्व को पाकर मोक्ष  से  पूछते हो जाता हॅ। हजारों बार चार प्रकार के शरीरों  को সান্ন ম চী সনুম্ব घारण कर- छोड़ता हुआ अच्छे कर्मों से स्वरूप , कलारहित मनृुष्य होकर जो ज्ञानी होता है॰बढू पोश् को ఫ सबके   कर्ता चौरासी लाख योनियों में देह द्वैतरहित भगवान घारण करने वाले शरीरों में मनुष्य देह के बिना रहित , निर्विकार तत्त्वज्ञान नहीं प्राप्त हाता हे। (बिना तत्वज्ञान के नन्द भगवान क नहीं होता हे) हजारों अथवा हजार करोड़ गोक्ष  अनादि अविद्या 1 जन्मों में कमी पुण्य के संचय से प्राणी मनुष्य  37 जन्म को पाता ह।नाल कीसीढी रूप दुलश रजीव अनादि मनुष् जन्म को /ाकर जो आत्मा कोननहीं = े मित्र होता कोन है।जो उससे बढ़कर पापी rlrae ण्य और मनुष्य इस उत्तम नरदेह ओर इद्द्रियों की सुन्दरता সর্ী युक्त को॰पाकर अपने आत्मा का हित नठी जानत प ह, बह विहाघातक होता ह। चिना शरार . 9 101 T3ru है। हे गरुड़! फिर उनसे  पराण যত5   शरीरों  గార বন্স ম পানা स्थित ಗ पर्यन्त सूक्ष्म लिंग शरीर को पाता  ोते है और যেক मरते हॅ॰ ஈ17 #7` पक्षी = ;f) கிச पदा दुःख से ఫ్లౌ (ृक्षादि {7ಫ7' और देवता के होते हें।हे ஈ= वाले  मोक्ष =#ீ## ஈர் ೯್ T सेइस ೯ 3Tufd ' वृक्षादि মমা থী সযনান ले बाद कीट, तदनन्तर देवल्व को पाकर मोक्ष  से  पूछते हो जाता हॅ। हजारों बार चार प्रकार के शरीरों  को সান্ন ম চী সনুম্ব घारण कर- छोड़ता हुआ अच्छे कर्मों से स्वरूप , कलारहित मनृुष्य होकर जो ज्ञानी होता है॰बढू पोश् को ఫ सबके   कर्ता चौरासी लाख योनियों में देह द्वैतरहित भगवान घारण करने वाले शरीरों में मनुष्य देह के बिना रहित , निर्विकार तत्त्वज्ञान नहीं प्राप्त हाता हे। (बिना तत्वज्ञान के नन्द भगवान क नहीं होता हे) हजारों अथवा हजार करोड़ गोक्ष  अनादि अविद्या 1 जन्मों में कमी पुण्य के संचय से प्राणी मनुष्य  37 जन्म को पाता ह।नाल कीसीढी रूप दुलश रजीव अनादि मनुष् जन्म को /ाकर जो आत्मा कोननहीं = े मित्र होता कोन है।जो उससे बढ़कर पापी rlrae ण्य और मनुष्य इस उत्तम नरदेह ओर इद्द्रियों की सुन्दरता সর্ী युक्त को॰पाकर अपने आत्मा का हित नठी जानत प ह, बह विहाघातक होता ह। चिना शरार . 9 - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🙏कर्म क्या है❓ #🤗जया किशोरी जी🕉️
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#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🙏 देवी दर्शन🌸
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#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
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#🙏 देवी दर्शन🌸 #🙏शुभ मंगलवार🌸
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