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#📚प्रतियोगी परीक्षा विशेष🏆 #📘परीक्षा अपडेट और तैयारी💯
📚प्रतियोगी परीक्षा विशेष🏆 - Saechண202டு इस बार रविवार को पेश होगा केंद्रोय बजट! इस साल 1 फरवरी रविवार को पड़ रही है इसी दिन संत रविदास जयंती भी है शेयर बाजार और कई दफ्तर बंद रहते हैं ঐথ ভ্3া রী बजट शेयर बाजार भी खुल सकता है २०१७ से 1 फरवरी को पेश हो रहा है बजट VISTAAR NEWS Saechண202டு इस बार रविवार को पेश होगा केंद्रोय बजट! इस साल 1 फरवरी रविवार को पड़ रही है इसी दिन संत रविदास जयंती भी है शेयर बाजार और कई दफ्तर बंद रहते हैं ঐথ ভ্3া রী बजट शेयर बाजार भी खुल सकता है २०१७ से 1 फरवरी को पेश हो रहा है बजट VISTAAR NEWS - ShareChat
#यूपी बजट पेश #केन्द्रीय बजट 2023
यूपी बजट पेश - Sharechat @sanjay Kumar tiwari इतिहास बजट भाषणा का सबसे लंबी स्पीच निर्मला सीतारमण २ घंटे ४२ मिनट 2020 सबसे छोटी स्पीच हीरूभाई पटेल 1977 ८०० शब्द सबसे लंबे बजट भाषणा निर्मला सीतारमण २ घटे ४२ मिनट 2020 सिंह २ घंटे १५ मिनट जसवंत 2003 मनमोहन सिंह 2 ఇ2 1991 पी चिदंबरम ক্রহীন 2 ঘe 2013 निर्मला सीतारमण करीब 2 घंटे 2019 Sharechat @sanjay Kumar tiwari इतिहास बजट भाषणा का सबसे लंबी स्पीच निर्मला सीतारमण २ घंटे ४२ मिनट 2020 सबसे छोटी स्पीच हीरूभाई पटेल 1977 ८०० शब्द सबसे लंबे बजट भाषणा निर्मला सीतारमण २ घटे ४२ मिनट 2020 सिंह २ घंटे १५ मिनट जसवंत 2003 मनमोहन सिंह 2 ఇ2 1991 पी चिदंबरम ক্রহীন 2 ঘe 2013 निर्मला सीतारमण करीब 2 घंटे 2019 - ShareChat
#हैप्पी गुरु रविदास जयंती
हैप्पी गुरु रविदास जयंती - रबिदास का परिचय | नाम = संत रविदास उपनाम = रैदास 1398 కే: जन्म = गोवर्धनपुरा (वाराणसी) जन्म स्थान १५२८ ई मृत्यु वाराणसी मृत्युनस्थान far संतोरख दास 24| माता = कलसा मीराबाई शिष्या निर्गुण ब्रह्म की 9/5 जाति = चमार (जाटव) गुरु = रामानन्द और कबीर साहेब [ पेशा संत, दार्शनिक, समाज सुधारक और मोची भाषा-शैली = अवधी , राजस्थानी, खडी बोली, उर्दू संत रविदास के जन्म के विषय में विभिन्न भ्रांतिया  परिचय सामान्य विद्वान  १३७७ ई. तथा कुछ १३७८ ई. तथा कुछ है। कुछ इनका जन्म faz5 1398 $. সানন ;1 रैदास ने साधु संतों की संगति से पर्याप्त व्यवहारिक ज्ञान याप्त किया निर्गुण संप्रदाय के बहुत प्रसिद्ध संत तथा कबीर के समकालीन था।ये थे। रविदास की वाणी भक्ति की सच्ची भावना, समाज के व्यापक న हितकारी तथा मानव प्रेम से ओतनप्रोत थी। मूर्ति पूजा, तीर्थ यात्रा जैसे [9ೆ೯' নিল্কল ' दिखावों में रविदास का वह व्यक्ति की 9 नःथा। आंतरिक भावनाओं और आपसी भाई-चारे को ही सच्चा धर्म मानते " व्यावहारिक  थे। रैदास ने अपनी काव्य रचना में सरल प्रयोग  भाषा का किया है। रविदास को उपमा और रूपक अलंकार से विशेष प्रेम था। सीधे-साधे व्यदों में संत कवि ने हृदय के भाव बड़ी सफाई से प्रकट किए रबिदास का परिचय | नाम = संत रविदास उपनाम = रैदास 1398 కే: जन्म = गोवर्धनपुरा (वाराणसी) जन्म स्थान १५२८ ई मृत्यु वाराणसी मृत्युनस्थान far संतोरख दास 24| माता = कलसा मीराबाई शिष्या निर्गुण ब्रह्म की 9/5 जाति = चमार (जाटव) गुरु = रामानन्द और कबीर साहेब [ पेशा संत, दार्शनिक, समाज सुधारक और मोची भाषा-शैली = अवधी , राजस्थानी, खडी बोली, उर्दू संत रविदास के जन्म के विषय में विभिन्न भ्रांतिया  परिचय सामान्य विद्वान  १३७७ ई. तथा कुछ १३७८ ई. तथा कुछ है। कुछ इनका जन्म faz5 1398 $. সানন ;1 रैदास ने साधु संतों की संगति से पर्याप्त व्यवहारिक ज्ञान याप्त किया निर्गुण संप्रदाय के बहुत प्रसिद्ध संत तथा कबीर के समकालीन था।ये थे। रविदास की वाणी भक्ति की सच्ची भावना, समाज के व्यापक న हितकारी तथा मानव प्रेम से ओतनप्रोत थी। मूर्ति पूजा, तीर्थ यात्रा जैसे [9ೆ೯' নিল্কল ' दिखावों में रविदास का वह व्यक्ति की 9 नःथा। आंतरिक भावनाओं और आपसी भाई-चारे को ही सच्चा धर्म मानते व्यावहारिक  थे। रैदास ने अपनी काव्य रचना में सरल प्रयोग  भाषा का किया है। रविदास को उपमा और रूपक अलंकार से विशेष प्रेम था। सीधे-साधे व्यदों में संत कवि ने हृदय के भाव बड़ी सफाई से प्रकट किए - ShareChat
#हैप्पी गुरु रविदास जयंती #रविदास #🙏 जय रविदास
हैप्पी गुरु रविदास जयंती - ~[ [   १ फरवरी २०२६ आप सभी देशवासियों को हमारी तरफ से सतगुर्त रविदास जी महाराज जी की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं பவகுடுவிரீ]ப்ப ~[ [   १ फरवरी २०२६ आप सभी देशवासियों को हमारी तरफ से सतगुर्त रविदास जी महाराज जी की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं பவகுடுவிரீ]ப்ப - ShareChat
#✍🏻भारतीय संविधान📕 #📚प्रतियोगी परीक्षा विशेष🏆 #📘परीक्षा अपडेट और तैयारी💯
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#हैप्पी गुरु रविदास जयंती #रविदास #🙏 जय रविदास
हैप्पी गुरु रविदास जयंती - संत रविदास का जीवन परिचय Woen by Uday गोवर्धनपुरा(वाराणसी) जन्मस्थान= 5= 1388 41 13985. 1 मृत्यु= १५२८ई. मृत्युस्थान= वाराणसी  ా उपनाम= रैदास 5 पिता= सन्तोरव दास माता= कलसा देवी शिष्या= मीराबाई भक्ति= निर्गुण ब्रह्म की जाति= चमार(जाटव) Vaar <r गुरु= रामानंद और कबीर साहेब पेशा= संत दार्शनिक समाज सुधारक मोची औरभगवान भाषाशैली= अवधी, राजस्थानी खड़ीबोली उर्दू, फारसी  संत रविदास के जन्म के विषय में सामान्यपरिचय विभिन्न भ्रांतियां हैं। कुछ विद्वान  इनका जन्म १३७७ई विद्वान  १३९८ई. मानते हैं। तथा कुछ १३८८ई.तथा कुछ रैदास ने साधु संतों की संगति से पर्याप्त व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त किया था। ये निर्गुण संप्रदाय के बहुत प्रसिद्ध संत तथा कबीर के समकालीन थे। रविदास की वाणी भक्ति की सच्ची भावना समाज के व्यापक हितकारी तथा मानव प्रेम से ओतःप्रोत थी। मूर्तिपूजा तीर्थयात्रा  % जैसे दिखावों में रविदास का बिल्कुल भी॰ ন থা] वह व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानते थे। रैदास ने अपनी काव्य रचना में सरल व्यावहारिक भाषा का प्रयोग किया है। रैदास को उपमा और रूपक अलंकार विशेष प्रिय रहे हैं। सीधे सादे पदों में संत कवि ने हृदय के भाव बड़ी सफाई से प्रकट किए हैं। - चैनल को सब्सक्राइब करें  লিৎ ऐसी ही वीडियो पाने के संत रविदास का जीवन परिचय Woen by Uday गोवर्धनपुरा(वाराणसी) जन्मस्थान= 5= 1388 41 13985. 1 मृत्यु= १५२८ई. मृत्युस्थान= वाराणसी  ా उपनाम= रैदास 5 पिता= सन्तोरव दास माता= कलसा देवी शिष्या= मीराबाई भक्ति= निर्गुण ब्रह्म की जाति= चमार(जाटव) Vaar <r गुरु= रामानंद और कबीर साहेब पेशा= संत दार्शनिक समाज सुधारक मोची औरभगवान भाषाशैली= अवधी, राजस्थानी खड़ीबोली उर्दू, फारसी  संत रविदास के जन्म के विषय में सामान्यपरिचय विभिन्न भ्रांतियां हैं। कुछ विद्वान  इनका जन्म १३७७ई विद्वान  १३९८ई. मानते हैं। तथा कुछ १३८८ई.तथा कुछ रैदास ने साधु संतों की संगति से पर्याप्त व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त किया था। ये निर्गुण संप्रदाय के बहुत प्रसिद्ध संत तथा कबीर के समकालीन थे। रविदास की वाणी भक्ति की सच्ची भावना समाज के व्यापक हितकारी तथा मानव प्रेम से ओतःप्रोत थी। मूर्तिपूजा तीर्थयात्रा  % जैसे दिखावों में रविदास का बिल्कुल भी॰ ন থা] वह व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानते थे। रैदास ने अपनी काव्य रचना में सरल व्यावहारिक भाषा का प्रयोग किया है। रैदास को उपमा और रूपक अलंकार विशेष प्रिय रहे हैं। सीधे सादे पदों में संत कवि ने हृदय के भाव बड़ी सफाई से प्रकट किए हैं। - चैनल को सब्सक्राइब करें  লিৎ ऐसी ही वीडियो पाने के - ShareChat
#सुंदर विचार #सुंदर कलाबाज
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#धार्मिक इतिहास #इतिहास स्मृति #आज का इतिहास
धार्मिक इतिहास - ஆலி தூgaRST মনয্রুম जलीय जीव ( प्रथम अवतार, जल में जीवन की शुरुआत ) मत्स्य उभयचर (जल और थल दोनों पर सक्षम ) ಕ್ಗ್ को जल से बाहर निकाला ) (पृथ्वी  থল কা পথড वराह पशु व मानव के बीच की कड़ी (विकास का महत्वपूर्ण चरण  नरसिंह  त्रेतायुग  बौना मानव ( लघु रूप में शक्ति का प्रदर्शन ) IHA शस्त्र प्रयोग करने वाला मानव ( अन्याय के खिलाफ संघर्ष) परशुराम समुदाय में रहने वाला मानव (मर्यादा और सामाजिक संरचना ) राम द्वापरयुग पशुपालन करने वाला मानव (प्रेम, ज्ञान और कर्मयोग ) தன बुद्ध - कृषि कर्म को बढ़ावा देने वाला मानव ( अहिंसा और करुणा  संदेश ) का ಫಸಶಾ : भविष्य का मानव (अधर्म का नाश, नए युग का आरंभ ) कल्कि वर्तमान युग, संघर्ष और तकनीक का समय | ) ஆலி தூgaRST মনয্রুম जलीय जीव ( प्रथम अवतार, जल में जीवन की शुरुआत ) मत्स्य उभयचर (जल और थल दोनों पर सक्षम ) ಕ್ಗ್ को जल से बाहर निकाला ) (पृथ्वी  থল কা পথড वराह पशु व मानव के बीच की कड़ी (विकास का महत्वपूर्ण चरण  नरसिंह  त्रेतायुग  बौना मानव ( लघु रूप में शक्ति का प्रदर्शन ) IHA शस्त्र प्रयोग करने वाला मानव ( अन्याय के खिलाफ संघर्ष) परशुराम समुदाय में रहने वाला मानव (मर्यादा और सामाजिक संरचना ) राम द्वापरयुग पशुपालन करने वाला मानव (प्रेम, ज्ञान और कर्मयोग ) தன बुद्ध - कृषि कर्म को बढ़ावा देने वाला मानव ( अहिंसा और करुणा  संदेश ) का ಫಸಶಾ : भविष्य का मानव (अधर्म का नाश, नए युग का आरंभ ) कल्कि वर्तमान युग, संघर्ष और तकनीक का समय | ) - ShareChat
#सफलता #जीवन की सफलता #सफलता के मंत्र
सफलता - ShareCinat @ 3n ज्ो वृक्ष पतझड़ सह लेता है वही बसंत देखता है, और जो इंसान संघर्ष कर लेता है वही सफलता पाता है! ShareCinat @ 3n ज्ो वृक्ष पतझड़ सह लेता है वही बसंत देखता है, और जो इंसान संघर्ष कर लेता है वही सफलता पाता है! - ShareChat