saru
ShareChat
click to see wallet page
@saru1279
saru1279
saru
@saru1279
बिन फेरे हम तेरे
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - अधूरा मगर पवित्र प्रेम शादीशुदा के बाद भी अगर గెI किसी से प्रेम हो जाए, तो उसे हर बार पाप मत समझो। कुछ रिश्ते किस्मत से नहीं, दिल गहराइयों से जुड़ते हैं। जिसे तुम से छुपाकर रखते दुनिया हो, वो कोई खेल नहीं, बल्कि एक सच्चा एहसास होता है। எ 418 बेवफ़ा कहें, पर तुम्हें हर अधूरा रिश्ता गलत नहीं होता। कुछ प्रेम राधा-कृष्ण जैसे होते हैं-अधूरे ज़रूर, मगर सबसे पवित्र 3 अधूरा मगर पवित्र प्रेम शादीशुदा के बाद भी अगर గెI किसी से प्रेम हो जाए, तो उसे हर बार पाप मत समझो। कुछ रिश्ते किस्मत से नहीं, दिल गहराइयों से जुड़ते हैं। जिसे तुम से छुपाकर रखते दुनिया हो, वो कोई खेल नहीं, बल्कि एक सच्चा एहसास होता है। எ 418 बेवफ़ा कहें, पर तुम्हें हर अधूरा रिश्ता गलत नहीं होता। कुछ प्रेम राधा-कृष्ण जैसे होते हैं-अधूरे ज़रूर, मगर सबसे पवित्र 3 - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - ShareChat
00:11
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - गलत इंसान से शादी करकै ೨ stree ig/ Imai , किसी की समझदार बेटी भी पागल औरत बन जाती है #stree_vibes #mai_stree #stree_sangini गलत इंसान से शादी करकै ೨ stree ig/ Imai , किसी की समझदार बेटी भी पागल औरत बन जाती है #stree_vibes #mai_stree #stree_sangini - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - जिस के तले हममें कोपलें ச सांसो की सरिता हमारी रगों में छूटी जिसकी शाखों पे हमने झूले होंगें जाने कितने झूले जिसके कांधों पे चढ़ के देखे होंगे जाने कितने मेले जिसने खुद की जड़ से सींचा बुझते एक जीवन को जिसने साज संवारा   उजड़े एक उपवन को जिसकी परछाई में हमने पंखो को खोला जिसने हमारे सपनों को पैसे में न तोला..... घना दर्द था सीने में पर कभी नहीं कुछ बोला  होठों पर मुस्कान रखी बस ,तन पर जिम्मेदारी का एक झोला ,.... . 20:37 day Father's जिस के तले हममें कोपलें ச सांसो की सरिता हमारी रगों में छूटी जिसकी शाखों पे हमने झूले होंगें जाने कितने झूले जिसके कांधों पे चढ़ के देखे होंगे जाने कितने मेले जिसने खुद की जड़ से सींचा बुझते एक जीवन को जिसने साज संवारा   उजड़े एक उपवन को जिसकी परछाई में हमने पंखो को खोला जिसने हमारे सपनों को पैसे में न तोला..... घना दर्द था सीने में पर कभी नहीं कुछ बोला  होठों पर मुस्कान रखी बस ,तन पर जिम्मेदारी का एक झोला ,.... . 20:37 day Father's - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - मुंह पे मिठास और पीठ पीछे बकवास... यही तो है सस्ते लोगो की औकात...! ! 1 @bad_girl_avni2 मुंह पे मिठास और पीठ पीछे बकवास... यही तो है सस्ते लोगो की औकात...! ! 1 @bad_girl_avni2 - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी, उन तमाम ख़्वाहिशों को. जिन्हें जीना चाहा था मैंने, पर वक़्त ने इजाज़त ही ना दी। कुछ सपने थे, जो आँखों में ही रह गए, कुछ रास्ते थे, जो कदमों तक आकर मुड़ गए, मैं चाहती थी खुलकर आसमान छूना, पर ज़िम्मेदारियों के धागों में बंध कर रुक गई। मेरी भी ख्वाहिश थी बेवजह मुस्कुराने की, बिना डरे, बेपरवाह उड़़ जाने की, पर हर बार खुद को ही समझा लिया मैंने , और दिल को चुप कराना सीख लिया मैंने। कभी लिखूँगी उस " मैं॰ को, जो कहीं भीड़ में खो गई है, जो हँसती तो है हर रोज़़, पर अंदर से थोड़ी सी रो गई है। कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी. Iehen igeheart Follow कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी, उन तमाम ख़्वाहिशों को. जिन्हें जीना चाहा था मैंने, पर वक़्त ने इजाज़त ही ना दी। कुछ सपने थे, जो आँखों में ही रह गए, कुछ रास्ते थे, जो कदमों तक आकर मुड़ गए, मैं चाहती थी खुलकर आसमान छूना, पर ज़िम्मेदारियों के धागों में बंध कर रुक गई। मेरी भी ख्वाहिश थी बेवजह मुस्कुराने की, बिना डरे, बेपरवाह उड़़ जाने की, पर हर बार खुद को ही समझा लिया मैंने , और दिल को चुप कराना सीख लिया मैंने। कभी लिखूँगी उस " मैं॰ को, जो कहीं भीड़ में खो गई है, जो हँसती तो है हर रोज़़, पर अंदर से थोड़ी सी रो गई है। कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी. Iehen igeheart Follow - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ज़िंदगी चल रही है. ना वैसी जैसी सोची थी, ना वैसी जैसी चाही थी. बस जैसी मिल रही है, वैसी ही जी जा रही है. कभी हँसी के दो पल मिल जाते हैं, तो कभी बिना वजह आँखें भर आती हैं. कभी सब अपना सा लगता है, तो कभी भीड़ में भी अकेलापन घेर लेता है. ख्वाब अब भी हैं, पर उन्हें पूरा करने की हिम्मत थोड़ी सी कम पड़ जाती है. और जिम्मेदारियाँ इतनी बढ़ गई हैं, লিব' वक्त भी कम रह गया है. कि खुद के लोग बदलते गए, हालात बदलते गए. और हम हर बार खुद को లIsT-ulsT qadd Tg ज़िंदगी चल रही है. कभी संभलकर , कभी बिखरकर. पर रुकती नहीं. शायद इसलिए हम भी रुकना नहीं सीख पाते. ज़िंदगी चल रही है. ना वैसी जैसी सोची थी, ना वैसी जैसी चाही थी. बस जैसी मिल रही है, वैसी ही जी जा रही है. कभी हँसी के दो पल मिल जाते हैं, तो कभी बिना वजह आँखें भर आती हैं. कभी सब अपना सा लगता है, तो कभी भीड़ में भी अकेलापन घेर लेता है. ख्वाब अब भी हैं, पर उन्हें पूरा करने की हिम्मत थोड़ी सी कम पड़ जाती है. और जिम्मेदारियाँ इतनी बढ़ गई हैं, লিব' वक्त भी कम रह गया है. कि खुद के लोग बदलते गए, हालात बदलते गए. और हम हर बार खुद को లIsT-ulsT qadd Tg ज़िंदगी चल रही है. कभी संभलकर , कभी बिखरकर. पर रुकती नहीं. शायद इसलिए हम भी रुकना नहीं सीख पाते. - ShareChat
#राधे कृष्णा
राधे कृष्णा - = కి = కి - ShareChat
#राधे कृष्णा
राधे कृष्णा - Radhakishna1q1 Radhakishna1q1 - ShareChat
#राधे कृष्णा
राधे कृष्णा - ShareChat