ईश्वर ने सृजन का दिव्य अधिकार अपने अतिरिक्त सिर्फ नारी को ही प्रदान किया है। नारी ही वह शक्ति है, जिसके होने मात्र से ही जीवन का अंकुरण तथा संवर्धन संभव हो पाता है। एक महिला सिर्फ बच्चे को जन्म ही नहीं देती, बल्कि उसमें संस्कार, संवेदना तथा करुणा का बीजारोपण भी करती है। नारी के साहस में परिवर्तन की शक्ति और उसकी करुणा में मानवता का विस्तार निहित है। #InternationalWomensDay के अवसर पर विश्व-सर्जना की अधिकारिणी, आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली समस्त नारी-शक्ति को हृदय से नमन और कोटिशः प्रणाम 🙏🏻
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान