SATISH PANDE
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#motivation
motivation - खुद में ही उलझा हुआ, खुद से ही अनजान हूॅ मैं मंजिल का अता पता नहीं , रास्तों से भटका हुआ हूं मैं , बहोत सोचते मगर सबकी सोच से बाहर हूं मैं , चार है लोग मेरे बारे में दीवारों से है दोस्ती, फिलहाल तो अकेला हूँ मैं. !!!! खुद में ही उलझा हुआ, खुद से ही अनजान हूॅ मैं मंजिल का अता पता नहीं , रास्तों से भटका हुआ हूं मैं , बहोत सोचते मगर सबकी सोच से बाहर हूं मैं , चार है लोग मेरे बारे में दीवारों से है दोस्ती, फिलहाल तो अकेला हूँ मैं. !!!! - ShareChat
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motivation - ٨ ٨ रास्ते कहाँ खत्म होते हैं ज़िंदगी के सफ़र में, मंजिल तो वहीं है जहाँ ख्वाहिशें थम जाएँ। हँसते हुए  जो देख लिया मुझको गैर ने, वो समझ बैठा कि मुझे कोई गम नहीं| दुख अपना हो तो सब रोते हैं यहाँ, के आंसुओं में जो भीगे , वही इंसान है। মুসহী आईना जब भी उठाया करो, देख लिया करो, पहले कहीं कोई दाग अपने 35R किरदार पर तो नहीं| उड़ने दो इन परिंदों को अभी आज़ाद फिज़ाओं में, जो अपने होंगे , वो शाम 35R को लौट आएंगे। ٨ ٨ रास्ते कहाँ खत्म होते हैं ज़िंदगी के सफ़र में, मंजिल तो वहीं है जहाँ ख्वाहिशें थम जाएँ। हँसते हुए  जो देख लिया मुझको गैर ने, वो समझ बैठा कि मुझे कोई गम नहीं| दुख अपना हो तो सब रोते हैं यहाँ, के आंसुओं में जो भीगे , वही इंसान है। মুসহী आईना जब भी उठाया करो, देख लिया करो, पहले कहीं कोई दाग अपने 35R किरदार पर तो नहीं| उड़ने दो इन परिंदों को अभी आज़ाद फिज़ाओं में, जो अपने होंगे , वो शाम 35R को लौट आएंगे। - ShareChat
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motivation - रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं, काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं कमाल है "बिखरे" सब अंदर से है ! यहा...और संवार "जिस्म" को रहें है ! मैं अन्धेरा हूं तो अफसोस क्यूं करूं रौशनी का वजूद 8....!! हुं कि मुझसे खुश  ज़िन्दगी के सफ़र में मैंने अब तक तो यही जाना है, मजबूरियों ने थामा है! ख्वाहिशों का हाथ अक्सर दौलत नहीं , शोहरत नहीं न वाह-वाह चाहिए, कैसे हो ? कहाँ हो ? बस दो लफ़्जों की परवाह चाहिए ! रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं, काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं कमाल है "बिखरे" सब अंदर से है ! यहा...और संवार "जिस्म" को रहें है ! मैं अन्धेरा हूं तो अफसोस क्यूं करूं रौशनी का वजूद 8....!! हुं कि मुझसे खुश  ज़िन्दगी के सफ़र में मैंने अब तक तो यही जाना है, मजबूरियों ने थामा है! ख्वाहिशों का हाथ अक्सर दौलत नहीं , शोहरत नहीं न वाह-वाह चाहिए, कैसे हो ? कहाँ हो ? बस दो लफ़्जों की परवाह चाहिए ! - ShareChat
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motivation - লিৎ; वक़्त तो होता ही है बदलने के ठहरते तो बस लम्हे हैं.. और पोशाक़ से आँकती है दुनिया रूह में उतरकर कब झाँकती है दुनिया... कहीं हर ज़िद पूरी, कहीं ज़रूरत भी अधूरी,  भी नही, कहीं पूरा जीवन कस्तुरी। రెగగేT सुगंध रास्ते मुश्किल है पर हम मंजिल जरूर पायेंगे ये जो किस्मत अकड़ कर बैठी है इसे भी जरूर हरायेंगे उजालों में मिल ही जायेगा कोई ना कोई, तलाश उसकी रखो जो अंधेरों में भी साथ दे লিৎ; वक़्त तो होता ही है बदलने के ठहरते तो बस लम्हे हैं.. और पोशाक़ से आँकती है दुनिया रूह में उतरकर कब झाँकती है दुनिया... कहीं हर ज़िद पूरी, कहीं ज़रूरत भी अधूरी,  भी नही, कहीं पूरा जीवन कस्तुरी। రెగగేT सुगंध रास्ते मुश्किल है पर हम मंजिल जरूर पायेंगे ये जो किस्मत अकड़ कर बैठी है इसे भी जरूर हरायेंगे उजालों में मिल ही जायेगा कोई ना कोई, तलाश उसकी रखो जो अंधेरों में भी साथ दे - ShareChat
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motivation - दर्द दिल में जिस दिन बेहिसाब होता है, g शायरी के वह दिन लाजवाब होता है। छलकती हैं आँखें बिना किसी बात के, जब तब जाकर हर एक लफ्ज़ नवाब होता है. वो जो कहते हैं कि हम बहुत अच्छा लिखते हैं, उन्हें क्या पता कि हर ज़ख्म का एक हिसाब होता है। पढ लेते हैं लोग मेरी खामोशियाँ भी अक्सर, ये चेहरा भी अब खुली हुई किताब होता है। जिसे हुनर समझकर वाह-्वाह करती है, दुनिया असल में किसी अधूरे ख्वाब का अज़ाब होता है। व दर्द दिल में जिस दिन बेहिसाब होता है, g शायरी के वह दिन लाजवाब होता है। छलकती हैं आँखें बिना किसी बात के, जब तब जाकर हर एक लफ्ज़ नवाब होता है. वो जो कहते हैं कि हम बहुत अच्छा लिखते हैं, उन्हें क्या पता कि हर ज़ख्म का एक हिसाब होता है। पढ लेते हैं लोग मेरी खामोशियाँ भी अक्सर, ये चेहरा भी अब खुली हुई किताब होता है। जिसे हुनर समझकर वाह-्वाह करती है, दुनिया असल में किसी अधूरे ख्वाब का अज़ाब होता है। व - ShareChat
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motivation - आजकल सब को TENSION है किसी को FUTURE की ,किसी को पैसे की,और किसी को रिश्तों की॰.. लेकिन सच यह है... हम TENSION में रहते रहते जिंदगी जीना ही भूल जाते है...सोचो जरा... याद भी रहेगी..... ? १०साल बाद तुम्हे आज की यह छोटी सी PROBLEM. . . . नहीं ना... लेकिन आज का खोया हुआ सुकून कभी वापस नहीं आएगा इसलिए PROBLEM से लड़ो... लेकिन जिंदगी जीना मत छोड़ो क्योंकि आखिर में याद वही लम्हे आते हे...जिनमें तुम मुस्कुराए थे.. आजकल सब को TENSION है किसी को FUTURE की ,किसी को पैसे की,और किसी को रिश्तों की॰.. लेकिन सच यह है... हम TENSION में रहते रहते जिंदगी जीना ही भूल जाते है...सोचो जरा... याद भी रहेगी..... ? १०साल बाद तुम्हे आज की यह छोटी सी PROBLEM. . . . नहीं ना... लेकिन आज का खोया हुआ सुकून कभी वापस नहीं आएगा इसलिए PROBLEM से लड़ो... लेकिन जिंदगी जीना मत छोड़ो क्योंकि आखिर में याद वही लम्हे आते हे...जिनमें तुम मुस्कुराए थे.. - ShareChat
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motivation - +55==__}- कुछ इस तरह से बदलने लगी है दुनिया की रिश्तों को भी बेचने लगी है दुनिया भी हद अपने मतलब के खातिर किसी तक जाने लगी है दुनिया अंदर है नफरत बाहर प्रेम का दिखावा करने लगी है दुनिया एक दूसरे की परवाह किये बिना जीने लगी है दुनिया अपनी आप से ही प्यार इस कदर करने लगी है दुनिया | CS +55==__}- कुछ इस तरह से बदलने लगी है दुनिया की रिश्तों को भी बेचने लगी है दुनिया भी हद अपने मतलब के खातिर किसी तक जाने लगी है दुनिया अंदर है नफरत बाहर प्रेम का दिखावा करने लगी है दुनिया एक दूसरे की परवाह किये बिना जीने लगी है दुनिया अपनी आप से ही प्यार इस कदर करने लगी है दुनिया | CS - ShareChat
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motivation - मैं लोगों से मुलाकातों के लम्हे याद रखता ಕ मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहजे याद रखता सर-ए-्महफ़िल निगाहें मुझ पे जिन लोगों की पड़ती हैं निगाहों के हवाले से वो चेहरे याद रखता हूँ ज़रा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से कि जिन पे बोझ मैं डालू वो कंधे याद रखता हूँ दोस्ती जिस से कि उसे निभाऊंगा जी जान से मैं दोस्ती के हवाले से रिश्ते याद रखता हूँ करता है पीछे चलने वालों की, रहबरी जनाजा उन्हें रास्ता दिखाता है जो रास्ता भूल बैठे हैं। मन की आंखो से रब का दीदार करो, दो पल का है अन्धेरा बस सुबह का इन्तजार करो. आपस के बैर मे ए यारो , छोटी सी है ज़़िंदगी क्या रखा है बस, हर किसी से प्यार करो.. ! मैं लोगों से मुलाकातों के लम्हे याद रखता ಕ मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहजे याद रखता सर-ए-्महफ़िल निगाहें मुझ पे जिन लोगों की पड़ती हैं निगाहों के हवाले से वो चेहरे याद रखता हूँ ज़रा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से कि जिन पे बोझ मैं डालू वो कंधे याद रखता हूँ दोस्ती जिस से कि उसे निभाऊंगा जी जान से मैं दोस्ती के हवाले से रिश्ते याद रखता हूँ करता है पीछे चलने वालों की, रहबरी जनाजा उन्हें रास्ता दिखाता है जो रास्ता भूल बैठे हैं। मन की आंखो से रब का दीदार करो, दो पल का है अन्धेरा बस सुबह का इन्तजार करो. आपस के बैर मे ए यारो , छोटी सी है ज़़िंदगी क्या रखा है बस, हर किसी से प्यार करो.. ! - ShareChat
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motivation - वक़्त ऐसा नहीं कि हमारे सारे ज़ख़्म भर दे, ये बस धीरे-धीरे हमें दर्द के साथ चलना सीखा देता है... ये भी नहीं कि ज़़िंदगी की मुश्किलें यूँ ही गायब हो जाएँ, की रोशनी देकर -वक़्त हमें तजुर्बे पर उनसे लड़ना, संभलना और जीतना सिखा देता है... वक़्त ऐसा नहीं कि हमारे सारे ज़ख़्म भर दे, ये बस धीरे-धीरे हमें दर्द के साथ चलना सीखा देता है... ये भी नहीं कि ज़़िंदगी की मुश्किलें यूँ ही गायब हो जाएँ, की रोशनी देकर -वक़्त हमें तजुर्बे पर उनसे लड़ना, संभलना और जीतना सिखा देता है... - ShareChat