sinky
ShareChat
click to see wallet page
@sawarnarana
sawarnarana
sinky
@sawarnarana
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - எதிகளி ঈস না িলা पति मिला पर माँ जैसा आँचल ना मिला सास मिली पर ससुर मिले पर पापा... जैसा लाड़ ना मिला बहन जैसी सहेली ना मिली ननद मिली पर ससुराल तो मिला पर मायके जैसा प्यार ना मिला स्त्री को सब मिला पर अपना कोई ना मिला எதிகளி ঈস না িলা पति मिला पर माँ जैसा आँचल ना मिला सास मिली पर ससुर मिले पर पापा... जैसा लाड़ ना मिला बहन जैसी सहेली ना मिली ननद मिली पर ससुराल तो मिला पर मायके जैसा प्यार ना मिला स्त्री को सब मिला पर अपना कोई ना मिला - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - कोई भी रिश्ता चुनो बस इतना ध्यान रखना कि उसे समय दो, सच्चे दिल और आत्मा से निभाओ। जहाँ सामने वाला आपकी भावनाओं, ऊर्जा और प्यार की कद्र न करे... वहाँ अपनी ऊर्जा बर्बाद मत करो। ऐसे रिश्तों से दूर रहो जहाँ manipulation मजबूरी या बार-बार ignore किया जाता होे। कोई भी रिश्ता चुनो बस इतना ध्यान रखना कि उसे समय दो, सच्चे दिल और आत्मा से निभाओ। जहाँ सामने वाला आपकी भावनाओं, ऊर्जा और प्यार की कद्र न करे... वहाँ अपनी ऊर्जा बर्बाद मत करो। ऐसे रिश्तों से दूर रहो जहाँ manipulation मजबूरी या बार-बार ignore किया जाता होे। - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा, हंस चुगेगा दाना- दुनका, कौआ मोती खाएगा। सोएगी, झूठ महल बनाएगा सच्चाई भूखी नेकी सिसकेगी कोने में पाप सरेआम मुस्काएगा ज्ञानी बैठा मौन रहेगा, मूर्ख शोर मचाएगा, धर्म खडा बाजार में बिकने अधर्म सिंहासन पाएगा, अपने होंगे बेगाने पराया अपना बन जाएगा स्वार्थ की इस आंधी में॰ प्रेम कहीं छिप जाए सच्चाई सोएगी, झूठ महल बनाएगा भूखी नेकी सिसकेगी कोने में पाप सरेआम मुस्काएगा , रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा, हंस चुगेगा दाना- दुनका, कौआ मोती खाएगा। सोएगी, झूठ महल बनाएगा सच्चाई भूखी नेकी सिसकेगी कोने में पाप सरेआम मुस्काएगा ज्ञानी बैठा मौन रहेगा, मूर्ख शोर मचाएगा, धर्म खडा बाजार में बिकने अधर्म सिंहासन पाएगा, अपने होंगे बेगाने पराया अपना बन जाएगा स्वार्थ की इस आंधी में॰ प्रेम कहीं छिप जाए सच्चाई सोएगी, झूठ महल बनाएगा भूखी नेकी सिसकेगी कोने में पाप सरेआम मुस्काएगा , - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - प्यारी सखियों. हमारी बारी आए ना. जब तो बेटा चाहे " राजा बेटा" बने या ना बने. पर तुम् एक अच्छी सास् ज़रूर बनना . ताकि सच में * रानी बेटी' अपने ससुराल में राज कर T shayri Dil se प्यारी सखियों. हमारी बारी आए ना. जब तो बेटा चाहे " राजा बेटा" बने या ना बने. पर तुम् एक अच्छी सास् ज़रूर बनना . ताकि सच में * रानी बेटी' अपने ससुराल में राज कर T shayri Dil se - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - प्यारी सखियों. हमारी बारी आए ना. जब तो बेटा चाहे " राजा बेटा" बने या ना बने. पर तुम् एक अच्छी सास् ज़रूर बनना . ताकि सच में * रानी बेटी' अपने ससुराल में राज कर T shayri Dil se प्यारी सखियों. हमारी बारी आए ना. जब तो बेटा चाहे " राजा बेटा" बने या ना बने. पर तुम् एक अच्छी सास् ज़रूर बनना . ताकि सच में * रानी बेटी' अपने ससुराल में राज कर T shayri Dil se - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #📒 मेरी डायरी
❤️जीवन की सीख - हरिकथा अनंताः पवित्र उपदेश मुनीसन्ह गाई।।  নন নন বরূথা प्रबंध बनाई II पुनीत II TRಗ बिबिध प्रसंग अनूप बखाने। करहिं न सुनि आचरजु सयाने II मुनीश्वरोंने परम पवित्र काव्यरचना करके उनकी कथाओंका  (সা) নন-নন गान किया हे ओर भाति भौतिके अनुपम प्रसंगोंका वर्णन किया हे जिनको सुनकर समझदार (विवेकी ) लोग आश्चर्य नहीं करते II २ ।l सुनकि हरि अनंत हरिकथा अनंता। Il कहहिं बहुबिधि सब संता Il सुनहिं रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए ।I (भा. ) श्रीहरि अनन्त हैं (उनका कोई पार नहीं पा सकता ) ओर उनकी कथा भी अनन्त हैः सब संतलोग उसे बहुत प्रकारसे कहते सुनते हैं। श्रीरामचन्द्रजीके सुन्दर चरित्र करोड़ कल्पोंमें भी गाये नहीं जा सकते II ३ I। II यह प्रसंग मैं कहा भवानी II हरिमायाँ मोहहिं मुनि ग्यानी Il Il प्रभु कौतुकी प्रनत हितकारी। दुखहारीIl  सेवत सुलभ सकल ]| (भा. ) (शिवजी कहते हें कि) हे पार्वती! मेने यह बतलानेके लिये इस प्रसंगको कहा कि ज्ञानी मुनि भी भगवान् की मायासे मोहित हो जाते हें। प्रभु कोतुकी al (लीलामय ) हें ओर शरणागतका हित करनेवाले हें।वे करनेमें बहुत दुःखोंके हरनेवाले हैं II II हैं II४ Il सुलभ ओर सव हरिकथा अनंताः पवित्र उपदेश मुनीसन्ह गाई।।  নন নন বরূথা प्रबंध बनाई II पुनीत II TRಗ बिबिध प्रसंग अनूप बखाने। करहिं न सुनि आचरजु सयाने II मुनीश्वरोंने परम पवित्र काव्यरचना करके उनकी कथाओंका  (সা) নন-নন गान किया हे ओर भाति भौतिके अनुपम प्रसंगोंका वर्णन किया हे जिनको सुनकर समझदार (विवेकी ) लोग आश्चर्य नहीं करते II २ ।l सुनकि हरि अनंत हरिकथा अनंता। Il कहहिं बहुबिधि सब संता Il सुनहिं रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए ।I (भा. ) श्रीहरि अनन्त हैं (उनका कोई पार नहीं पा सकता ) ओर उनकी कथा भी अनन्त हैः सब संतलोग उसे बहुत प्रकारसे कहते सुनते हैं। श्रीरामचन्द्रजीके सुन्दर चरित्र करोड़ कल्पोंमें भी गाये नहीं जा सकते II ३ I। II यह प्रसंग मैं कहा भवानी II हरिमायाँ मोहहिं मुनि ग्यानी Il Il प्रभु कौतुकी प्रनत हितकारी। दुखहारीIl  सेवत सुलभ सकल ]| (भा. ) (शिवजी कहते हें कि) हे पार्वती! मेने यह बतलानेके लिये इस प्रसंगको कहा कि ज्ञानी मुनि भी भगवान् की मायासे मोहित हो जाते हें। प्रभु कोतुकी al (लीलामय ) हें ओर शरणागतका हित करनेवाले हें।वे करनेमें बहुत दुःखोंके हरनेवाले हैं II II हैं II४ Il सुलभ ओर सव - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - श्रीमद्भगवद्नीता ने सिखाया, संसार में कोई तुम्हारा नहीं है, कर्म ही साथ रहेंगे। केवल R নুদ্কাই शिव पुराण ने सिखाया, अंत में सब भस्म हो जाना है, इसलिए अहंकार का कोई स्थान नहीं है। चाणक्य नीति ने सिखाया, जरूरत से ज्यादा सीधा होना खुद के विनाश का कारण बन जाता है। हनुमान चालीसा ने सिखाया, विश्वास  और समर्पण से अटूट असंभव कार्य भी सुगम हो जाते हैं। श्रीमद्भगवद्नीता ने सिखाया, संसार में कोई तुम्हारा नहीं है, कर्म ही साथ रहेंगे। केवल R নুদ্কাই शिव पुराण ने सिखाया, अंत में सब भस्म हो जाना है, इसलिए अहंकार का कोई स्थान नहीं है। चाणक्य नीति ने सिखाया, जरूरत से ज्यादा सीधा होना खुद के विनाश का कारण बन जाता है। हनुमान चालीसा ने सिखाया, विश्वास  और समर्पण से अटूट असंभव कार्य भी सुगम हो जाते हैं। - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - दहेज में इतना सारा सामान देने के बाद पिता रिश्तेदारों से कहता है की मैंने मेरी बेटी की शादी ऐसी जगह की है जहां किसी चीज की कमी नहीं है दहेज में इतना सारा सामान देने के बाद पिता रिश्तेदारों से कहता है की मैंने मेरी बेटी की शादी ऐसी जगह की है जहां किसी चीज की कमी नहीं है - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - अहं का श्मशान 00 जो जग गया वह चेतन हुआ, जो डूब गया - वह ध्यान हुआ| सच्चे मन से ध्यान धरे जो, उसका अह स्वय श्मशान हुआ। भस्म रमाकर बैठ गया, से दूर हुआ। वह माया के छल 1067ಲ जो पार लगा इस भवसागर से वही तो सच्चा ज्ञान हुआ। ७० नमो शिवाय अहं का श्मशान 00 जो जग गया वह चेतन हुआ, जो डूब गया - वह ध्यान हुआ| सच्चे मन से ध्यान धरे जो, उसका अह स्वय श्मशान हुआ। भस्म रमाकर बैठ गया, से दूर हुआ। वह माया के छल 1067ಲ जो पार लगा इस भवसागर से वही तो सच्चा ज्ञान हुआ। ७० नमो शिवाय - ShareChat