श्रद्धा  मां
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श्रद्धा मां
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#जय शनिदेव जी
जय शनिदेव जी - ٥7 ச 57 ٥7 ச 57 - ShareChat
शुभ रात्री #जय शनिदेव जी
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#जय शनिदेव जी
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शनिदेव जी सब पर कृपा बरसाए जय शनिदेव जी #जय शनिदेव जी
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#जय शनिदेव जी
जय शनिदेव जी - shrishanishraddhar [ 23 8d Shalcchnt 0Dlai oas Jelraradr श्री शनि श्रद्धा मंदिर yಲ[Ri] [[u[ [h] आपके विशेष योगदान के लिए आपको यह प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है Sunita vishwakrma Vishwakarma 10 श्री शनि श्रद्धा मंदिर 07Feb 2026 दिनांक I shrishanishraddhar [ 23 8d Shalcchnt 0Dlai oas Jelraradr श्री शनि श्रद्धा मंदिर yಲ[Ri] [[u[ [h] आपके विशेष योगदान के लिए आपको यह प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है Sunita vishwakrma Vishwakarma 10 श्री शनि श्रद्धा मंदिर 07Feb 2026 दिनांक I - ShareChat
रौद्र शनिदेव जी आप सभी समस्त पिर हर ले #जय शनिदेव जी
जय शनिदेव जी - धम UURKAKAN/ নস সী জ্মনি' धम UURKAKAN/ নস সী জ্মনি' - ShareChat
आप सभी पर शनिदेव जी कृपा बनाए रखे #जय शनिदेव जी
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#जय शनिदेव जी
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नमन विपदा, संकट, कष्ट और दारूण दुःख भरपूर किया कर्म बुरे समा बड़ा विकट और क्रूर ईशभजन और सदुपाय, हरैं क्लेश क्रूर ।। शनि कृपा, सदूभाव से रहें दुःख सब दूर ॥ शुख मिले भरपूर जय शनिदेव जी #जय शनिदेव जी
जय शनिदेव जी - ಸ್ತಿ 4 Uis [ 44 1 5 8 క్ె 3 & ७ [ @ 4 00 శ gর 1 క్డీ 0 1 @ ? 8 గ్గ్ీ డ్డీ F % 9 % ৬9 Ile ಇಿ 0 1 b శ్డీ ೩ ಸ್ತಿ 4 Uis [ 44 1 5 8 క్ె 3 & ७ [ @ 4 00 శ gর 1 క్డీ 0 1 @ ? 8 గ్గ్ీ డ్డీ F % 9 % ৬9 Ile ಇಿ 0 1 b శ్డీ ೩ - ShareChat
शनि स्तोत्र शनि देव जी को प्रसन्न करने केलिए करने के लिए पुराणों में एक कथा भी मिलती है कि महाराज दशरथ के राज्यकाल में उनके ज्योतिषियों ने उन्हें बताया कि महाराज, शनि देव रोहिणी नक्षत्र को भेदन करने वाले हैं। जब भी शनिदेव रोहणी नक्षत्र का भेदन करते हैं तो उस राज्य में पूरे बारह वर्ष तक वर्षा नहीं होती है और अकाल पड़ जाता है। इससे प्रजा का जीवित बच पाना असम्भव हो जाता है। महाराज दशरथ को जब यह बात ज्ञात हुई तब वह नक्षत्र मंडल में अपने विशेष रथ द्वारा आकाश मार्ग में शनि का सामना करने के लिए पहुँच गये। शनि देव महाराज दशरथ का यह अदम्य साहस देखकर बहुत प्रसन्न हुए और वरदान मांगने के लिए कहा। शनि देव को प्रसन्न देख महाराज दशरथ ने उनकी स्तुति की और कहा कि है शनि देव! प्रजा के कल्याण हेतु आप रोहिणी नक्षत्र का भेदन न करें। शनि महाराज प्रसन्न थे और उन्होंने तुरन्त उन्हें तथास्तु कहा और उसके साथ यह भी कहा कि जो व्यक्ति आप द्वारा सुनाये गये इस स्तोत्र से जो भी श्रद्धा भावसे मेरी स्तुति करेंगे, उन पर में कभी भी कृपित नहीं होऊँगा (प्राथना हे श्यामवर्णवाले, हे नील कण्ठ वाले । कालाग्नि रूप वाले, हल्के शरीर वाले।। स्वीकारो नमन मेरे, शनि देव हम तुम्हारे। सच्चे सुकर्म वाले, शनि हम शरण तुम्हारे ।। स्वीकारो नमन मेरे । स्वीकारो यजन मेरे ।।१।। हे क्षीण देह वाले, दाढ़ी जटायें पाले। हे दीर्घ नेत्र वाले, शुष्कोदर निराले ।। भय-आकृति तुम्हारी, सब पापियों को मारे। स्वीकारो नमन मेरे। स्वीकारो विनय मेरे ।।२।। हे पुष्ट देहधारी, स्थूल - रोम वाले। कोटर सुनेत्र वाले, हे बज्र देह वाले ।। तुम ही सुयश दिलाते, सौभाग्य के सितारे। स्वीकारो नमन मेरे। स्वीकारो प्रणति मेरे।।३।। हे घोर रौद्र रूपा, भीषण कपाली भूपा।हं नमन सर्वभक्षी, वलिमुख शनि सूपा।। हे भक्तों के भक्त, शनि सब मित्र आपके। हैं पूज्य चरण तेरे। स्वीकारो नमन मेरे ।।४।। हे सूर्य-सुत तपस्वी, भास्कर के भय मनस्वी। हे अधो दृष्टि वाले, हे विश्वमय यशस्वी ।। विश्वास श्रद्धा अर्पित सब कुछ तू ही निभाले। स्वीकारो नमन मेरे। शनि! हम शरण हैं तेरे ।।५।। अतितेज खड्गधारी, है मन्दगति तुम्हारी। तप-दग्ध-देहधारी, नित योगरत अपारी। संकट विकट हटा दे, हे महातेज वाले स्वीकारो नमन मेरे। करो दूर विघ्न मेरे ।।६।। नितप्रति क्षुधार्त रहकर, अतृप्ति में निरत हो। हो पूज्यतम जगत में, अत्यंत करूणा नत हो।। हे ज्ञान नेत्र वाले, पावन प्रकाश वाले। स्वीकारो विनय मेरे। स्वीकारो नमन मेरे।।७।। जिस पर प्रसन्न दृष्टि, वैभव सुयश की दृष्टि।वह जग का राज्य पाये, सम्राट तक कहाये।। उत्तम स्वभाव वाले, तुमसे तिमिर उजाले। स्वीकारो नमन मेरे। स्वीकारो भजन मेरे।।८।। हो वक दृष्टि जिसपै, तत्क्षण विनष्ट होता। मिट जाती राज्यसत्ता, हो के भिखारी रोता ।। डूबे न भक्त-नैय्या पतवार ले बचा ले। स्वीकारो नमन मेरे। शनि पूज्य चरण तेरे ।।9।। हो मूलनाश उनका, दुर्बुद्धि, होती जिन पर। हो देव असुर मानव, हो सिद्ध या विद्याधर। देकर प्रसन्नता प्रभु अपने चरण लगा ले। स्वीकारो नमन मेरे। स्वीकारो भजन मेरे ।।१०।। होकर प्रसन्न हे प्रभु! वरदान यही दीजै। बजरंग भक्त गण को दुनिया में अभय कीजै।। सारे ग्रहों के स्वामी अपना विरद बचाले। स्वीकारो नमन मेरे।रहते है चरण मे तेरे श्री शनिदेव मेरे कृपा करो प्रभु मेरे जय शनिदेव जी सब का कल्याण करना प्रभु #जय शनिदेव जी
जय शनिदेव जी - हमें तो अपने कर्मों ने लूटा, संसार में कहां दम था, हमारी नौका वहां डूबी जहां खुद कर्म बेरहम था. जय शनिदेव जी থনো মা हमें तो अपने कर्मों ने लूटा, संसार में कहां दम था, हमारी नौका वहां डूबी जहां खुद कर्म बेरहम था. जय शनिदेव जी থনো মা - ShareChat