
श्रद्धा मां
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त्यौहार
परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया, वार्षिक तप पारण, मासिक कार्तिकाई > हार्दिक शुभ कामनाए जय जय शनिदेव जी #जय शनिदेव जी
ऐसे करें अक्षय तृतीया की पूजा !
भक्तों, किसी भी व्रत या उपासना का संपूर्ण फल हमें तभी प्राप्त होता है, जब हग अपनी पूजा विधि विधान से करें। इसी प्रकार अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर अक्षय पुण्य फल प्राप्त करने के लिए आप किस प्रकार से भगवान विष्णु की आराधना करें, चलिए इस लेख में जानते हैं।
जानें पूजा-विधि
अक्षय तृतीया के दिन ब्रहा मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करें। यदि यह संभव न हो तो आप घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
स्नान करने के पश्चात इस दिन स्वच्छ पीला वस्त्र धारण करें, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय माना जाता है।
यदि आप इस दिन उपवास रख सकते हैं, तो व्रत का संकल्प लें।
अब भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराकर पवित्र करें
माता लक्ष्मी को प्रसन्न रखने के लिए अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु के साथ उनकी की भी पूजा करें।
इसके बाद उन्हें तुलसी पत्र, पीले फूल की माला आदि चढ़ाएं।
इस दिन नैवेद्य के रूप में जौ, गेंहू, सत्तू, चने की दाल आदि अर्पित करें।
अब भगवान के सामने धूप व दीपक प्रज्वलित करें, एवं आसन पर बैठकर विष्णु चालीसा व विष्णु मंत्रों का पाठ करें।
इसके उपरांत भगवान विष्णु की आरती करें, एवं पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
इस दिन ब्राह्मणों को भोजन अवश्य कराएं और उन्हें फल-फूल, बर्तन, वस्त्र, गौ, भूमि, जल से भरे घड़े, चावल, नमक, घी, चीनी, आदि वस्तुएं दान स्वरूप दें।
अक्षय तृतीया पर यथासंभव सोना-चांदी की खरीददारी अवश्य करें। इससे मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहेगी, और आपका घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहेगा।
तो भक्तों, ये थी अक्षय तृतीया की पूजा विधि। हमारी कामना है कि इस पर्व पर आपकी विष्णु आराथना सफल हो, और आप पर आजीवन जगत पालक श्री हरि का आशीर्वाद बना रहे।
ऐसे ही व्रत, त्यौहार व अन्य धार्मिक जानकारियों के लिए जुड़े रहिए 'श्रीशनि श्रद्धा मंदिर जय जय शनिदेव जी #जय शनिदेव जी
ये है अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त !
भक्तों जय शनिदेव जी श्रीशनि श्रद्धा मंदिर के इस धार्मिक मंच पर आपका स्वागत है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर वर्ष वैशाख मास में शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह पर्व अप्रैल या मई के महीने में पड़ता है। ये पर्व भगवान विष्णु को समर्पित होता है। आपको बता दें कि अक्षय तृतीया को कई जगहों पर आखातीज के नाम से भी जाना जाता हैं।
अक्षय तृतीय कब है?
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार को
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त 10:49 ए एम से 11:57 ए एम तक
अवधि-01 घण्टा 08 मिनट्स
तृतीया तिथि प्रारम्भ - अप्रैल 19, 2026 को 10:49 ए एम बजे से
तृतीया तिथि समाप्त अप्रैल 20, 2026 को 07:27 ए एम बजे तक
जैसा कि आप जानते हैं कि सोना हमेशा भारतीय संस्कृति में धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता रहा है। इसलिए अक्षय तृतीया पर इसकी खरीददारी करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
कहा जाता है कि इस दिन घर में सोना लाने से संपन्नता बनी रहती है।
इस दिन सोना ख़रीदने का शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया पर सोने की खरीदारी 19 अप्रैल, 2026, रविवार को -
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय 10:49 ए एम से 05:31 ए एम, अप्रैल 20
कुल अवधि 18 घण्टे 42 मिनट्स
अक्षय तृतीया के साथ व्याप्त शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्राक्तः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) 10:49 ए एम से 11:57 ए एम
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 01:34 पी एम से 03:10 पी एम
सायाह मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) 06:22 पी एम से 10:33 पी एम
रात्रि मुहूर्त (लाभ) 01:20 ए एम से 02:44 ए एम, अप्रैल 20
उषाकाल मुहूर्त (शुभ)- 04:08 ए एम से 05:31 ए एम, अप्रैल 20
अक्षय तृतीया सोने की खरीदारी 20 अप्रैल 2026, सोमवार को -
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय 05:31 ए एम से 07:27 ए एम तक
कुल अवधि 01 घण्टा 56 मिनट्स
अक्षय तृतीया के साथ व्याप्त शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्रातः मुहूर्त (अमृत) - 05:31 ए एम से 07:08 ए एमअन्य शहरों में अक्षय तृतीया मुहूर्त -
पुणे 10:49 ए एम से 12:34 पी एम तक
नई दिल्ली 10:49 ए एम से 12:20 पी एम तक
चेन्नई 10:49 ए एम से 12:08 पी एम तक
जयपुर 10:49 ए एम से 12:26 पी एम तक
हैदराबाद 10:49 ए एम से 12:15 पी एम तक
गुरुग्राम 10:49 ए एम से 12:21 पी एम तक
चण्डीगढ़ 10:49 ए एम से 12:22 पी एम तक
कोलकाता 10:49 ए एम से 11:36 ए एम तक
मुम्बई 10:49 ए एम से 12:38 पी एम तक
बेंगलूरु 10:49 ए एम से 12:19 पी एम तक
अहमदाबाद 10:49 ए एम से 12:39 पी एम तक
नोएडा 10:49 ए एम से 12:20 पी एम तक
अक्षय तृतीया के दिन का पंचांग-
ब्रह्म मुहूर्त 04:03 ए एम से 04:47 ए एम
प्रातः सन्ध्या 04:25 ए एम से 05:32 ए एम
अभिजित मुहूर्त 11:32 ए एम से 12:23 पी एम
विजय मुहूर्त 02:06 पी एम से 02:57 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 06:21 पी एम से 06:44 पी एम
सायाह सन्ध्या 06:22 पी एम से 07:29 पी एम
अमृत काल 02:26 ए एम, अप्रैल 20 से 03:52 ए एम, अप्रैल 20
निशिता मुहूर्त 11:35 पी एम से 12:19 ए एम, अप्रैल 20
विशेष योग :
त्रिपुष्कर योग 07:10 ए एम से 10:49 ए.एम
रवि योग 04:35 ए एम, अप्रेल 20 से 05:31 ए एम, अप्रैल 20
तो भक्तों, ये थी अक्षय तृतीया के मुहूर्त से जुड़ी जानकारी। हमारी कामना है कि आपका ये व्रत सफल हो, और भगवान विष्णु की संपूर्ण कृपा प्राप्त हो। ऐसे ही व्रत, त्योहार व अन्य धार्मिक जानकारियों के लिए जुड़े रहिए 'श्री शनि मंदिर श्रद्धा #जय शनिदेव जी







