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📚 महापुरुषों के विचार और जीवन दर्शन 🕊️ explorer
##spritual knowledge 🙏 #philosophy #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #👌 दोहे
#spritual knowledge 🙏 - कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नाँहिं| सीस उतारै हाथि करि, মী ঐঠ ঘ২ মাঁকি Il 3থ: प्रेम का यह मार्ग बहुत कठिन है। यह कोई खेल या मजाक का स्थान नहीं है।जो अपने अहंकार और स्वार्थ का त्याग है, वही इसमें करता प्रवेश कर सकता है। यह प्रेम त्याग , समर्पण और अहंकार के मिट जाने का मार्ग है। अहंकार का त्याग ঈস কা ঘয तक मैं॰ है, तब तक प्रेम नहीं | பq सच्चा प्रेम त्याग मांगता है प्रेम लेना नहीं, देना सिखाता है। নিনম্পনা ৪্ী সনহা ব্লাং # झुकने वाला ही प्रेम के घर में जा सकता है। समर्पण ही मिलन है सीस उतारे हथि करि, समर्पण करने पर ही परमात्मा और प्रेम की মী ঐঠ ঘং মাঁভি| प्राप्ति होती है। प्रेम का मार्ग वीरों का है, जहॉ ` मैं' मिटता है और `तू' ही `तू' रह जाता है कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नाँहिं| सीस उतारै हाथि करि, মী ঐঠ ঘ২ মাঁকি Il 3থ: प्रेम का यह मार्ग बहुत कठिन है। यह कोई खेल या मजाक का स्थान नहीं है।जो अपने अहंकार और स्वार्थ का त्याग है, वही इसमें करता प्रवेश कर सकता है। यह प्रेम त्याग , समर्पण और अहंकार के मिट जाने का मार्ग है। अहंकार का त्याग ঈস কা ঘয तक मैं॰ है, तब तक प्रेम नहीं | பq सच्चा प्रेम त्याग मांगता है प्रेम लेना नहीं, देना सिखाता है। নিনম্পনা ৪্ী সনহা ব্লাং # झुकने वाला ही प्रेम के घर में जा सकता है। समर्पण ही मिलन है सीस उतारे हथि करि, समर्पण करने पर ही परमात्मा और प्रेम की মী ঐঠ ঘং মাঁভি| प्राप्ति होती है। प्रेम का मार्ग वीरों का है, जहॉ ` मैं' मिटता है और `तू' ही `तू' रह जाता है - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #philosophy #👌 दोहे #🙏गुरु महिमा😇 ##spritual knowledge 🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - सब जग सूता कीलवन्रतक्षा द्ौर भरि, কী नींद संत न आवै नींद! काल खडा सिर ऊपरै , ज्यों तौरणि आया बींद।। 312: संसार के लोग अज्ञान और मोह की गहरी नींद में सोए हुए हैं, लेकिन संत जागते रहते हैं। उन्हें हर समय मृत्यु का स्मरण रहता है, जो उनके सिर के ऊपर खडी है, जैसे बारात द्वार पर खडी होती है। सीखः जीवन अनमोल है॰ समय व्यर्थ न करें। संदेश मृत्यु को याद रखने से अहंकार और जो व्यकति मृत्यु की सच्चाई को मोह समाप्त होते हैं। মমভা লনা ই, নন্ী মন্ী গথী को ईश्वर स्मरण, जागरूक व्यक्ति हर क्षण में जागृत है और वही जीवन भलाई और आत्मचिंतन में लगाता है। को सही दिशा में जी पाता है। अज्ञान की नींद से जागें और जीवन को सार्थक बनाएं। जागो! समय अमूल्य है, काल प्रतीक्षा नहीं करता| हर क्षण को सजगता और भक्ि में लगाएं। सब जग सूता कीलवन्रतक्षा द्ौर भरि, কী नींद संत न आवै नींद! काल खडा सिर ऊपरै , ज्यों तौरणि आया बींद।। 312: संसार के लोग अज्ञान और मोह की गहरी नींद में सोए हुए हैं, लेकिन संत जागते रहते हैं। उन्हें हर समय मृत्यु का स्मरण रहता है, जो उनके सिर के ऊपर खडी है, जैसे बारात द्वार पर खडी होती है। सीखः जीवन अनमोल है॰ समय व्यर्थ न करें। संदेश मृत्यु को याद रखने से अहंकार और जो व्यकति मृत्यु की सच्चाई को मोह समाप्त होते हैं। মমভা লনা ই, নন্ী মন্ী গথী को ईश्वर स्मरण, जागरूक व्यक्ति हर क्षण में जागृत है और वही जीवन भलाई और आत्मचिंतन में लगाता है। को सही दिशा में जी पाता है। अज्ञान की नींद से जागें और जीवन को सार्थक बनाएं। जागो! समय अमूल्य है, काल प्रतीक्षा नहीं करता| हर क्षण को सजगता और भक्ि में लगाएं। - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #philosophy ##spritual knowledge 🙏 #👌 दोहे #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गुरु महिमा😇 - संत कबीर का दोहा 31೫: हाड़ जलै ज्यूँ लकड़ी , का शरीरजूलता है, तो उसकी हड़ियाँ केस जले ज्यूँ घास| जलकीड़हैं करबहल  घास की तरह सब तन जलता देखि करि, जलकर राख जाते हैं। यह दूश्य  ಭಾT ಹಷಿೆ 3ಷIl देखकर कबीर उदास हाे जाते हैें। कबीर उदास क्यों हुए? उन्हें मूत्यू का द्ूश्य उदास नहीं करता, हाड़ जलै केस जले बल्कि मनूष्य की अज्ञानता उदास करती है। ज्यूँ घास ज्यूँ लकड़ी को ही सब कुछ मानते हैं।। लोग शरीर हड़ियाँ लकड़ी की जीवन का वास्तविक उद्नेश्य भूल जाते हैं। बाल घास की तरह अहंकार , लोभ और मोह में उलझे रहते हैं। तरह जलकर भम्म जलकससाख बन हो जाती हैं। जाते हैं। आत्मज्ञान और ईश्वर स्मरण से दूर रहते हैं लिए ; जीवन के सीख १. शरीर नश्वर है २. अहंकार छोड़ें समय का सदुपयोग करें ३. आत्मा पर ध्यान दें ५. सत्य की खोज करें जीवन सीमित है॰ इस सत्य को जिस शरीर पर गर्व शरीर की देखभाल भौतिक वस्तुओं  है, वह भी एक दिन स्वीकार करने से आवश्यक है লকিন इसलिए हर दिन को जाकर अपने आत्मिक विकास जीवन के प्रति सही সিভ্নী স সিল वास्तविक स्वरूप को सारथक बनाए। दृष्टिकोण आता है। सबस जानने का प्रयास करें। महत्वपूर्ण  जाएगा | নিষ্কষঘ कबीर का संदेश शरीर मिट्टी का है और मिट्टी में  মিল मृत्यू का स्मरण भय पैदा करने के लिए नहीं जाएगा बल्कि जागूति का द्वार खोलने के लिए है। लेकिन आत्मा शाश्त है। इसलिए इस जीवन में सत्य, प्रेम , करुणा और ईश्वर ्स्मरण को अपनाएँ जो व्यक्तिं नश्वरता को समझ लेता है॰ वही सच्चे अर्थीं में जीवन जीता है। यही जीवन का सच्चा उद्नेश्य है। स्मरण रहे - शरीर क्षणभंगुर है, आत्मा अमर है, और सत्य ही शाश्वत है। संत कबीर का दोहा 31೫: हाड़ जलै ज्यूँ लकड़ी , का शरीरजूलता है, तो उसकी हड़ियाँ केस जले ज्यूँ घास| जलकीड़हैं करबहल  घास की तरह सब तन जलता देखि करि, जलकर राख जाते हैं। यह दूश्य  ಭಾT ಹಷಿೆ 3ಷIl देखकर कबीर उदास हाे जाते हैें। कबीर उदास क्यों हुए? उन्हें मूत्यू का द्ूश्य उदास नहीं करता, हाड़ जलै केस जले बल्कि मनूष्य की अज्ञानता उदास करती है। ज्यूँ घास ज्यूँ लकड़ी को ही सब कुछ मानते हैं।। लोग शरीर हड़ियाँ लकड़ी की जीवन का वास्तविक उद्नेश्य भूल जाते हैं। बाल घास की तरह अहंकार , लोभ और मोह में उलझे रहते हैं। तरह जलकर भम्म जलकससाख बन हो जाती हैं। जाते हैं। आत्मज्ञान और ईश्वर स्मरण से दूर रहते हैं लिए ; जीवन के सीख १. शरीर नश्वर है २. अहंकार छोड़ें समय का सदुपयोग करें ३. आत्मा पर ध्यान दें ५. सत्य की खोज करें जीवन सीमित है॰ इस सत्य को जिस शरीर पर गर्व शरीर की देखभाल भौतिक वस्तुओं  है, वह भी एक दिन स्वीकार करने से आवश्यक है লকিন इसलिए हर दिन को जाकर अपने आत्मिक विकास जीवन के प्रति सही সিভ্নী স সিল वास्तविक स्वरूप को सारथक बनाए। दृष्टिकोण आता है। सबस जानने का प्रयास करें। महत्वपूर्ण  जाएगा | নিষ্কষঘ कबीर का संदेश शरीर मिट्टी का है और मिट्टी में  মিল मृत्यू का स्मरण भय पैदा करने के लिए नहीं जाएगा बल्कि जागूति का द्वार खोलने के लिए है। लेकिन आत्मा शाश्त है। इसलिए इस जीवन में सत्य, प्रेम , करुणा और ईश्वर ्स्मरण को अपनाएँ जो व्यक्तिं नश्वरता को समझ लेता है॰ वही सच्चे अर्थीं में जीवन जीता है। यही जीवन का सच्चा उद्नेश्य है। स्मरण रहे - शरीर क्षणभंगुर है, आत्मा अमर है, और सत्य ही शाश्वत है। - ShareChat
संत कबीर का अनमोल दोहा | जीवन बदल देने वाली सीख | Kabir Ke Doheमेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा | Kabir Das Quotes Hindiअहंकार छोड़ो, जीवन में शांति पाओ | Sant Kabir VicharKabir Ke Dohe With Meaning | Spiritual Wisdom For Lifeकबीर के दोहे जो बदल देंगे आपकी सोच | Hindi Motivational Quotesसमर्पण और संतोष का रहस्य | Kabir Das Ji Ke Anmol Vachan #KabirKeDohe #SantKabir #KabirDas #HindiQuotes #HindiVichar #AnmolVachan #SpiritualQuotes #MotivationalQuotesHindi #LifeLessons #PositiveThoughts #SanatanVichar #BhaktiVichar #IndianWisdom #DailyMotivation #SpiritualJourney #WisdomQuotes#MindsetShift #SelfRealization #PeacefulMind #ViralPins #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #philosophy #👌 दोहे ##spritual knowledge 🙏 #🙏गुरु महिमा😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - संत कबीर का अमर दोहा जिस मरनै थै जग डरै , सो मेरे आनंद| मरिहूँ कब देखिहूँ, पूरन परमानंद।। q संत कबीर अर्थ गहरा रहस्य कबीर के अनुसार सबसे बड़ा डर मृत्यु का नहीं, संत कबीर कहते हैं कि जिस मृत्यु से पूरा संसार बल्कि अपने अहंकार को छोड़ने का है। मनुष्य शरीर भयभीत रहता है, वही मृत्यु मेरे लिए आनंद का से नहीं, अपने विचारों, और पहचान से है। वे सांसारिक शरीर की मृत्यु की नहीं, इच्छाओं करण चिपका रहता है। बल्कि अहंकार , मोह, और अज्ञान के लालच 'मैं ' समाप्त होता है, तब आत्मा अपने जब यह मरने की बात कर रहे हैं।   वास्तविक स्वरूप को पहचानती है। यही अवस्था परमानंद की है, जहां न दुख है, न भय, न चिंता।  कबीर उत्सुकता से कहते हैं कि वह क्षण कब मेरा झूठा ' मैं' समाप्त होगा और मैं आएगा जिब पूर्ण आनंद का परम सत्य परमात्मा तथा সনুমন কর্মা| अहकार परमानद इस दोहे से मिलने वाली सीख आज के जीवन में महत्व मृत्यु जीवन का अंत नहीं , परिवर्तन है। एक चिता  आज अधिकांश लोग भविष्य की और मृत्यु  असफलता के डर बीमारी सवसे पहले अहंकार का मरना आवश्यक है। के भय में जीते हें। कबीर हमें सिखाते हॅ कि भय से भागने के बजाय उसके पार जो व्यक्ति सत्य को जान लेता है॰ वह मृत्यु से नर्ही डरता |  देखने को आवश्यकता है। परम आनंद बाहरी वस्वुओं में नहीं, जब हम अपने भीतर के अहंकार , कोथ और लोभ को छोड़ते हे तब जीवन  आत्मज्ञान में है। हल्का और शांत हो जाता हे। भय से मुक्ति ही आध्यात्मिक स्वतंत्रता है।  निष्कर्ष संत कबीर का यह दोहा हमें सिखाता है कि जिस मृत्यु से संसार डरता है, वही आत्मज्ञान प्राप्त व्यक्ति के लिए परम आनंद का मार्ग बन जाती है। और मनुष्य  अहंकार मिटता है, तब परमात्मा का अनुभव होता है  पूर्ण परमानंद की अवस्था को प्राप्त करता है।  कबीर के लिए मृत्यु अंत नहीं , बल्कि परम सत्य से मिलने का उत्सव है। " संत कबीर का अमर दोहा जिस मरनै थै जग डरै , सो मेरे आनंद| मरिहूँ कब देखिहूँ, पूरन परमानंद।। q संत कबीर अर्थ गहरा रहस्य कबीर के अनुसार सबसे बड़ा डर मृत्यु का नहीं, संत कबीर कहते हैं कि जिस मृत्यु से पूरा संसार बल्कि अपने अहंकार को छोड़ने का है। मनुष्य शरीर भयभीत रहता है, वही मृत्यु मेरे लिए आनंद का से नहीं, अपने विचारों, और पहचान से है। वे सांसारिक शरीर की मृत्यु की नहीं, इच्छाओं करण चिपका रहता है। बल्कि अहंकार , मोह, और अज्ञान के लालच 'मैं ' समाप्त होता है, तब आत्मा अपने जब यह मरने की बात कर रहे हैं।   वास्तविक स्वरूप को पहचानती है। यही अवस्था परमानंद की है, जहां न दुख है, न भय, न चिंता।  कबीर उत्सुकता से कहते हैं कि वह क्षण कब मेरा झूठा ' मैं' समाप्त होगा और मैं आएगा जिब पूर्ण आनंद का परम सत्य परमात्मा तथा সনুমন কর্মা| अहकार परमानद इस दोहे से मिलने वाली सीख आज के जीवन में महत्व मृत्यु जीवन का अंत नहीं , परिवर्तन है। एक चिता  आज अधिकांश लोग भविष्य की और मृत्यु  असफलता के डर बीमारी सवसे पहले अहंकार का मरना आवश्यक है। के भय में जीते हें। कबीर हमें सिखाते हॅ कि भय से भागने के बजाय उसके पार जो व्यक्ति सत्य को जान लेता है॰ वह मृत्यु से नर्ही डरता |  देखने को आवश्यकता है। परम आनंद बाहरी वस्वुओं में नहीं, जब हम अपने भीतर के अहंकार , कोथ और लोभ को छोड़ते हे तब जीवन  आत्मज्ञान में है। हल्का और शांत हो जाता हे। भय से मुक्ति ही आध्यात्मिक स्वतंत्रता है।  निष्कर्ष संत कबीर का यह दोहा हमें सिखाता है कि जिस मृत्यु से संसार डरता है, वही आत्मज्ञान प्राप्त व्यक्ति के लिए परम आनंद का मार्ग बन जाती है। और मनुष्य  अहंकार मिटता है, तब परमात्मा का अनुभव होता है  पूर्ण परमानंद की अवस्था को प्राप्त करता है।  कबीर के लिए मृत्यु अंत नहीं , बल्कि परम सत्य से मिलने का उत्सव है। " - ShareChat
संत कबीर का अनमोल दोहा | जीवन बदल देने वाली सीख | Kabir Ke Doheमेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा | Kabir Das Quotes Hindiअहंकार छोड़ो, जीवन में शांति पाओ | Sant Kabir VicharKabir Ke Dohe With Meaning | Spiritual Wisdom For Lifeकबीर के दोहे जो बदल देंगे आपकी सोच | Hindi Motivational Quotesसमर्पण और संतोष का रहस्य | Kabir Das Ji Ke Anmol Vachan #KabirKeDohe #SantKabir #KabirDas #HindiQuotes #HindiVichar #AnmolVachan #SpiritualQuotes #MotivationalQuotesHindi #LifeLessons #PositiveThoughts #SanatanVichar #BhaktiVichar #IndianWisdom #DailyMotivation #SpiritualJourney #WisdomQuotes#MindsetShift #SelfRealization #PeacefulMind #ViralPins #🙏गुरु महिमा😇 ##spritual knowledge 🙏 #👌 दोहे #philosophy #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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http://www.flipkart.com/harsh-narrow-fab-powerstrip-pro-wire-stripping-crimping-tool-cutter/p/itm38367a7efcb8f?pid=CUTHHV3V4MHQ5ZUQ&marketplace=FLIPKART&cmpid=content_appretar_ToolsAndMeasuringEquipments&affid=inf_92a8215b-45d9-4b9c-826d-0a2d02c432e0 #kabir Kabir ke dohe #👌 दोहे #philosophy #spritual ##spritual knowledge 🙏 #🙏गुरु महिमा😇
👌 दोहे - संत कबीर का दोहाः पूर्ण समर्पण का भाव दोहा कबीर कुत्ता राम का, मेरा नाऊँ | সুনিয়া गलै राम की जेवड़ी , जित खैंचे तित जाऊँ।। . संत कबीर दोहे का अर्थ संत कबीर इस दोहे में अपने अहंकार को मिटाकर ईश्नर के प्रति हैं।वे कहते हैं कि मैं राम का कुत्ता पूर्ण समर्पण की भावना वताते  हूँ और मेरा नाम " मुतिया " है। मेरे गले में राम की प्रेम रूपी रस्सी राम की इच्छा बंधी है, वे मुझे जिस दिशा में ले जाते हैँ, मैं उसी दिशा में चला जाता हूँ । यहाँ " कुत्ता " शब्द विनम्रता और निष्ठा का प्रतीक है। जेसे एक वफादार अपने स्वामी के प्रति पूरी तरह समर्पित रहता है, stt वैसे ही भक्त को अपने ईश्वर पर विश्वास रखमा चाहिए। चिंतन जीवन संदेश বিনসনা हम अक्सर सोचते हैं कि सब कुछ इस दोहे का संदेश है कि जब मनूष्य अपने अहंकार , नियन्रण চপা जिद और इच्छाओं को छोड़कर ईश्वर की इच्छा को ৭ বীনা ঘাটিব; লক্কিন ক্রর্ণরীয বনান ট ক্ি समपण स्वीकार करता है॰ तव जीवन में शाति और सहजता आती है। जीवन की यात्रा र्मे विश्वास, विनम्रता और समर्पण का अर्थ हार मानना नही, बल्कि सत्य ओर  समर्पण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। धर्म के मार्ग पर विश्वास के साथ चलना है। विश्वास शांति जहाँ अहंकार समाप्त होता है बहीं से सच्चे ज्ञान की शुरूआत होती है।" संत कबीर का दोहाः पूर्ण समर्पण का भाव दोहा कबीर कुत्ता राम का, मेरा नाऊँ | সুনিয়া गलै राम की जेवड़ी , जित खैंचे तित जाऊँ।। . संत कबीर दोहे का अर्थ संत कबीर इस दोहे में अपने अहंकार को मिटाकर ईश्नर के प्रति हैं।वे कहते हैं कि मैं राम का कुत्ता पूर्ण समर्पण की भावना वताते  हूँ और मेरा नाम " मुतिया " है। मेरे गले में राम की प्रेम रूपी रस्सी राम की इच्छा बंधी है, वे मुझे जिस दिशा में ले जाते हैँ, मैं उसी दिशा में चला जाता हूँ । यहाँ " कुत्ता " शब्द विनम्रता और निष्ठा का प्रतीक है। जेसे एक वफादार अपने स्वामी के प्रति पूरी तरह समर्पित रहता है, stt वैसे ही भक्त को अपने ईश्वर पर विश्वास रखमा चाहिए। चिंतन जीवन संदेश বিনসনা हम अक्सर सोचते हैं कि सब कुछ इस दोहे का संदेश है कि जब मनूष्य अपने अहंकार , नियन्रण চপা जिद और इच्छाओं को छोड़कर ईश्वर की इच्छा को ৭ বীনা ঘাটিব; লক্কিন ক্রর্ণরীয বনান ট ক্ি समपण स्वीकार करता है॰ तव जीवन में शाति और सहजता आती है। जीवन की यात्रा र्मे विश्वास, विनम्रता और समर्पण का अर्थ हार मानना नही, बल्कि सत्य ओर  समर्पण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। धर्म के मार्ग पर विश्वास के साथ चलना है। विश्वास शांति जहाँ अहंकार समाप्त होता है बहीं से सच्चे ज्ञान की शुरूआत होती है।" - ShareChat
संत कबीर का दोहा: बुरी बात का जवाब बुरी बात से नहीं देना चाहिए ,👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 https://divinemelodies24x7.blogspot.com/2026/06/blog-post_681.html ☝️☝️☝️☝️☝️☝️☝️☝️☝️☝️☝️ ##spritual knowledge 🙏 #spritual #philosophy #👌 दोहे #✍मेरे पसंदीदा लेखक संत कबीर का अनमोल दोहा | जीवन बदल देने वाली सीख | Kabir Ke Doheमेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा | Kabir Das Quotes Hindiअहंकार छोड़ो, जीवन में शांति पाओ | Sant Kabir VicharKabir Ke Dohe With Meaning | Spiritual Wisdom For Lifeकबीर के दोहे जो बदल देंगे आपकी सोच | Hindi Motivational Quotesसमर्पण और संतोष का रहस्य | Kabir Das Ji Ke Anmol Vachan🔥 Hashtags#KabirKeDohe#SantKabir#KabirDas#HindiQuotes#HindiVichar#AnmolVachan#SpiritualQuotes#MotivationalQuotesHindi#LifeLessons#PositiveThoughts#SanatanVichar#BhaktiVichar#IndianWisdom#DailyMotivation#SpiritualJourney#WisdomQuotes#MindsetShift#SelfRealization#PeacefulMind#ViralPins
#spritual knowledge 🙏 - संत कबीर का दोहा आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक| कह कबीर नहीं उलटिए, নম্ী বক্ ক্রী কৈ Il अर्थ कोई हमें बुरा बोलता है, जब तो वह केवल एक बार की बात होती है। अगर हम भी गुस्से में जवाब লকিন देने लगें तो वही बात कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए समझदार व्यकति को अपशब्दों का जवाब शांति और धैर्य से देना चाहिए। आज के समय में महत्व সীনন ম মীস্ত্র गुस्से में दिया गया जवाब अक्सर रिश्तों सोशल मीडिया और रोजमर्रा की जिंदगी खराब कर देता है। जो व्यकति अपने में छोटी छोटी बातों पर विवाद बढ़ जाते हैं। मन और वाणी पर नियंत्रण रखता है कबीर का यह दोहा हमें याद दिलाता है वही वास्तव में मजबूत होता है। कि हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं , शांति से रहने वाला व्यकति ಹ दूसरों कभी-कभी मौन ही सबसे अच्छा उत्तर होता है। व्यवहार से प्रभावित नहीं होता। विचार ।जो अपने शब्दों को नियंत्रित कर लेता है, वह अपने जीवन को नियंत्रित कर लेता है। | संत कबीर का दोहा आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक| कह कबीर नहीं उलटिए, নম্ী বক্ ক্রী কৈ Il अर्थ कोई हमें बुरा बोलता है, जब तो वह केवल एक बार की बात होती है। अगर हम भी गुस्से में जवाब লকিন देने लगें तो वही बात कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए समझदार व्यकति को अपशब्दों का जवाब शांति और धैर्य से देना चाहिए। आज के समय में महत्व সীনন ম মীস্ত্র गुस्से में दिया गया जवाब अक्सर रिश्तों सोशल मीडिया और रोजमर्रा की जिंदगी खराब कर देता है। जो व्यकति अपने में छोटी छोटी बातों पर विवाद बढ़ जाते हैं। मन और वाणी पर नियंत्रण रखता है कबीर का यह दोहा हमें याद दिलाता है वही वास्तव में मजबूत होता है। कि हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं , शांति से रहने वाला व्यकति ಹ दूसरों कभी-कभी मौन ही सबसे अच्छा उत्तर होता है। व्यवहार से प्रभावित नहीं होता। विचार ।जो अपने शब्दों को नियंत्रित कर लेता है, वह अपने जीवन को नियंत्रित कर लेता है। | - ShareChat