Social Message
ShareChat
click to see wallet page
@socialmessage
socialmessage
Social Message
@socialmessage
✨ शब्द छोटे हो, लेकिन असर गहरा होना चाहिए✨
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - सत्यम ,शिवम ( सुंदरम हैं सत्य ही शिव है, शिव ही कहते सुंदर है, लेकिन कैसे? आत्मिक बोध सत्यम ,शिवम ( सुंदरम हैं सत्य ही शिव है, शिव ही कहते सुंदर है, लेकिन कैसे? आत्मिक बोध - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - सजगता में ही सरलता 8 छुपी Uu 6 (आत्मा) की पहचान ही जागरूकता है , जो चेतना अपने प्रति सजग है , जागरुक है वही सरल और निरमान 478/ आत्मिक बोध सजगता में ही सरलता 8 छुपी Uu 6 (आत्मा) की पहचान ही जागरूकता है , जो चेतना अपने प्रति सजग है , जागरुक है वही सरल और निरमान 478/ आत्मिक बोध - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - जागरूकता ही चेतना की जीवंतता qHJ8 जागरूकता से समझ बढ़ती है, और समझ मौन का आधार है। जागरूकता ही चेतना की जीवंतता qHJ8 जागरूकता से समझ बढ़ती है, और समझ मौन का आधार है। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 9%8: विष्णु  **त्रिमूर्ति के चित्र में को और ब्रह्मा को आभूषण दिखाएं है जबकि शंकर को कोई आभूषण नहीं दिखाए गए हैं कोई सजावट नही उत्तर है * *सजावट या श्रृंगार 4cla* *ఢగ *$48,* **d सजावट* XX *शंकर तो एक* योगी* *जाती* है जबकित X *पुरुष है।, आत्मिक बोश 9%8: विष्णु  **त्रिमूर्ति के चित्र में को और ब्रह्मा को आभूषण दिखाएं है जबकि शंकर को कोई आभूषण नहीं दिखाए गए हैं कोई सजावट नही उत्तर है * *सजावट या श्रृंगार 4cla* *ఢగ *$48,* **d सजावट* XX *शंकर तो एक* योगी* *जाती* है जबकित X *पुरुष है।, आत्मिक बोश - ShareChat
Follow the आत्मिक बोध channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VbAykPT8V0tsv724HN1M #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ जीवन की सीख
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #अमृत ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना राम मतलब रमण करने वाली बुद्धि। योगी पुरुष सत्य ज्ञान में रमण | करता है सोई राम है। राम तो लीला करते है।लीला माने खेल खेल खेलते ٨؟١ है, राम जगत के कल्याण के आत्मिक बोध जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना राम मतलब रमण करने वाली बुद्धि। योगी पुरुष सत्य ज्ञान में रमण | करता है सोई राम है। राम तो लीला करते है।लीला माने खेल खेल खेलते ٨؟١ है, राम जगत के कल्याण के आत्मिक बोध - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🌷शुभ रविवार
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - शिवर्लिंग चेतना की परम स्थिति का प्रतीक है। चेतना माने जिसमें चैतन्यता है, जो सोया हुआ नहीं जीता है, जिसमें परम आनंद का ज्ञान है जागरूकता है, बुद्धत्व है, समझ है, अनुभव है। शिवर्लिंग चेतना की परम स्थिति का प्रतीक है। चेतना माने जिसमें चैतन्यता है, जो सोया हुआ नहीं जीता है, जिसमें परम आनंद का ज्ञान है जागरूकता है, बुद्धत्व है, समझ है, अनुभव है। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🌙 गुड नाईट
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - নুন अजब रचा भगवान खिलौना माटी का आत्मिक बोध নুন अजब रचा भगवान खिलौना माटी का आत्मिक बोध - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - @కేగ गुरु कौन जिसको सदगुरु @కT कहा जाएं? सत जो हमेशा रहे। कभी विनाश ना हो, उसको सत कहा जाता 81 VCDZ5IgT3 miny आत्मिक बोध @కేగ गुरु कौन जिसको सदगुरु @కT कहा जाएं? सत जो हमेशा रहे। कभी विनाश ना हो, उसको सत कहा जाता 81 VCDZ5IgT3 miny आत्मिक बोध - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #सत्य वाणी#सद्गतिमार्ग#आत्मज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - कहां जाता है विधि से ही सिद्धि मिलती है जो भी काम कायदे अनुसार किया जाता है तभी उसका फायदा मिलता है, अध्यात्म में क्या विधि है कि अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो माना अपनी आत्मिक स्थिति में रहकर के ही ज्ञान को समझो। जैसे दुनिया में नियम के अनुसार ही काम होते हैं अर्थशास्त्र के नियम , के नियम, विज्ञान के नियम, गणित भूगोल के नियम सामाजिक शास्त्र के नियम , हैं तभी उन विषयों होते को समझा जा सकता है ऐसे ही आध्यात्मिक ज्ञान में भी नियम लिए भी कुछ शाश्वत नियम काम करते हैं चैतन्य आत्मा के होते है जिन नियमों को वह अपने लिए पहले पहले इस्तेमाल करती है अपने ऊपर लागू करती है, ताकि उसका कोई भी उल्टारिजल्ट हो तो वह उसको ठीक कर सके उसके बाद आत्मा देती है। अपना अनुभव दूसरी आत्मिक बोध कहां जाता है विधि से ही सिद्धि मिलती है जो भी काम कायदे अनुसार किया जाता है तभी उसका फायदा मिलता है, अध्यात्म में क्या विधि है कि अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो माना अपनी आत्मिक स्थिति में रहकर के ही ज्ञान को समझो। जैसे दुनिया में नियम के अनुसार ही काम होते हैं अर्थशास्त्र के नियम , के नियम, विज्ञान के नियम, गणित भूगोल के नियम सामाजिक शास्त्र के नियम , हैं तभी उन विषयों होते को समझा जा सकता है ऐसे ही आध्यात्मिक ज्ञान में भी नियम लिए भी कुछ शाश्वत नियम काम करते हैं चैतन्य आत्मा के होते है जिन नियमों को वह अपने लिए पहले पहले इस्तेमाल करती है अपने ऊपर लागू करती है, ताकि उसका कोई भी उल्टारिजल्ट हो तो वह उसको ठीक कर सके उसके बाद आत्मा देती है। अपना अनुभव दूसरी आत्मिक बोध - ShareChat