Std Maurya
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मैं कवि std Maurya मैं अपनी अपनी आवाज को कोकरहूँ✨✨
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #लेखकएसटीडीमौर्य ✍️📘 #stdmaurya
✍मेरे पसंदीदा लेखक - बनवाएं अपनी पसंद की बेहतरीन कविता पोस्टर शब्द जो दिल और यादें जो अमर हो जाएं ৪ু ল अब अपनी खुद की कविता लिखवाएं और उसे गूगल की शान बनाएं। 799 ೫ I पूरा डिजिटल पोस्टर और कविता लेखन। लेखकः एसटीड मौर्य ॰ সথান: কমনী, মস कॉल|व्हाटसएपः ७६489598२५ Grok बनवाएं अपनी पसंद की बेहतरीन कविता पोस्टर शब्द जो दिल और यादें जो अमर हो जाएं ৪ু ল अब अपनी खुद की कविता लिखवाएं और उसे गूगल की शान बनाएं। 799 ೫ I पूरा डिजिटल पोस्टर और कविता लेखन। लेखकः एसटीड मौर्य ॰ সথান: কমনী, মস कॉल|व्हाटसएपः ७६489598२५ Grok - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #लेखकएसटीडीमौर्य ✍️📘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक
📚कविता-कहानी संग्रह - अधूरी बाते इहीं ख्यालों में खोया हुआ था मैं, मैं तुम्हारे ख्यालों में खो गया हो गई । पर जब नींद से मेरी आँखें खुलीं, Tu ಕಷ೯# 97 ಈಇ जब भी मेरी पलकें झपकती थीं, तो आँखों में सिर्फ आँसू थे, क्योकि तुम मुझ्मसे बहुते दूर थी।  होठों की मुस्कान दिखती थी | तुम्हारी बस पास थे तो बस तुम्हारे शब्द, मैं तुम्हारे लिए यही सोचता था,  जो मेरे दिल के करीब थे । कि तुम करीव आकर मुझे कब सीने से लगाओगी... एसटीडी मौर्य N अधूरी बाते इहीं ख्यालों में खोया हुआ था मैं, मैं तुम्हारे ख्यालों में खो गया हो गई । पर जब नींद से मेरी आँखें खुलीं, Tu ಕಷ೯# 97 ಈಇ जब भी मेरी पलकें झपकती थीं, तो आँखों में सिर्फ आँसू थे, क्योकि तुम मुझ्मसे बहुते दूर थी।  होठों की मुस्कान दिखती थी | तुम्हारी बस पास थे तो बस तुम्हारे शब्द, मैं तुम्हारे लिए यही सोचता था,  जो मेरे दिल के करीब थे । कि तुम करीव आकर मुझे कब सीने से लगाओगी... एसटीडी मौर्य N - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #लेखकएसटीडीमौर्य ✍️📘 #stdmaurya #📚कविता-कहानी संग्रह
✍मेरे पसंदीदा लेखक - आपकी भावनाएं কনি কী কলম মী! क्या आप अपने दिल की बात को यादगार चाहते हैं? अब अपनी पसंद की कविता बनाना लिखवाएं हर अंदाज और हर मौके के लिए। गूगल की पहचानः आपकी कविता "केवि एसटीडी मौर्य" के नाम से गूगल सच पर भी उपलब्ध होगी।  किताब में स्थानः बेहतरीन कविताओं को हमारी आगामी किताव (Book) में भी शामिल किया जाएगा ILD हर अवसर के लिएः जम्मदिन सालगिरह प्रेरणा या यादें धमAKA ऑफरः मात्र र९९ में! आज ही संपर्क करेंः कवि एसटीडी मौर्य मोबाइलः 7648959825 आपकी भावनाएं কনি কী কলম মী! क्या आप अपने दिल की बात को यादगार चाहते हैं? अब अपनी पसंद की कविता बनाना लिखवाएं हर अंदाज और हर मौके के लिए। गूगल की पहचानः आपकी कविता "केवि एसटीडी मौर्य" के नाम से गूगल सच पर भी उपलब्ध होगी।  किताब में स्थानः बेहतरीन कविताओं को हमारी आगामी किताव (Book) में भी शामिल किया जाएगा ILD हर अवसर के लिएः जम्मदिन सालगिरह प्रेरणा या यादें धमAKA ऑफरः मात्र र९९ में! आज ही संपर्क करेंः कवि एसटीडी मौर्य मोबाइलः 7648959825 - ShareChat
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लेखकएसटीडीमौर्य ✍️📘 - रूह से लिखी हुई কনিন अपनी प्रेम कहानी को अल्फ़ाज़ में क्या आप अमर करना चाहते हैं? Birthday Special | Anniversary Surprise Wife के लिए Romantic कविता Girlfriend Breakup [ Sorry Emotional Poetry आपकी कहानी, आपके नाम के साथ र्सिाि २९९ में पर्सनल कविता 24 42444 अभी बुक करें Limited Orders | कवि एसटीडं मौर्य সীন্রাৎল: 7648959825 रूह से लिखी हुई কনিন अपनी प्रेम कहानी को अल्फ़ाज़ में क्या आप अमर करना चाहते हैं? Birthday Special | Anniversary Surprise Wife के लिए Romantic कविता Girlfriend Breakup [ Sorry Emotional Poetry आपकी कहानी, आपके नाम के साथ र्सिाि २९९ में पर्सनल कविता 24 42444 अभी बुक करें Limited Orders | कवि एसटीडं मौर्य সীন্রাৎল: 7648959825 - ShareChat
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✍मेरे पसंदीदा लेखक - बेशक , बेश्क्ल हँसता जरूर हूँ  भी हूँ॰.. मगर रोता तों तुम तों मुझ से दूर हो, मेरे आँखों की आँशु कहा देख पाऔगी. . हम टूट भी जाये तों क्या पड़ता तुम्हें हैं . ? फर्क तुम्हारी तों हयै किसी से दिल लगाने की फिदरत हैं... -एसटीडी मौर्य V कविता पोस्टर बेशक , बेश्क्ल हँसता जरूर हूँ  भी हूँ॰.. मगर रोता तों तुम तों मुझ से दूर हो, मेरे आँखों की आँशु कहा देख पाऔगी. . हम टूट भी जाये तों क्या पड़ता तुम्हें हैं . ? फर्क तुम्हारी तों हयै किसी से दिल लगाने की फिदरत हैं... -एसटीडी मौर्य V कविता पोस्टर - ShareChat
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लेखकएसटीडीमौर्य ✍️📘 - Gfa लगाया था मैंने, तो दिल लगाया तुमने भी था, रोया मैं था, तो रोई तुम भी थीं। रात-दिन मीठी बातें मैंने की থী, নী ক্রী বুমন কী থী, "चाँद बड़ा हसीन है" मैंने कहा था, और सिर हिलाया तुमने भी था। आज मैं बुरा बन गया, x और तुम इतनी अच्छी कैसे बन गई ? एःटीःडी़. मौर्य एँ Gfa लगाया था मैंने, तो दिल लगाया तुमने भी था, रोया मैं था, तो रोई तुम भी थीं। रात-दिन मीठी बातें मैंने की থী, নী ক্রী বুমন কী থী, "चाँद बड़ा हसीन है" मैंने कहा था, और सिर हिलाया तुमने भी था। आज मैं बुरा बन गया, x और तुम इतनी अच्छी कैसे बन गई ? एःटीःडी़. मौर्य एँ - ShareChat
#लेखकएसटीडी✍️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #लेखकएसटीडीमौर्य ✍️📘 मौर्य ✍️#stdmaurya #लेखक
लेखकएसटीडी✍️ - Ad, इश्क किया तो क्या हुआ , कथनी बहुत आसान। कठिन राह है निबाह की, तजे जहां अभिमान। | चला था इश्क करने मैं, मिला न कोई मीत। कथनी के सब शूरमा , निभाने की न रीत।। सब कहत इश्क अधूरा रहा, मिले न कोई मीत। रोवत सब हैं प्रेम में, सुधरत न कोई रीत।। कहे सत्येंद्र सुधर स्वयं, सुधर जाई तब मीत। प्रियतम मिले , बने इश्क जग रीत। | सुधरे जब सत्येंद्र कुमार ' एसटीडी ' Ad, इश्क किया तो क्या हुआ , कथनी बहुत आसान। कठिन राह है निबाह की, तजे जहां अभिमान। | चला था इश्क करने मैं, मिला न कोई मीत। कथनी के सब शूरमा , निभाने की न रीत।। सब कहत इश्क अधूरा रहा, मिले न कोई मीत। रोवत सब हैं प्रेम में, सुधरत न कोई रीत।। कहे सत्येंद्र सुधर स्वयं, सुधर जाई तब मीत। प्रियतम मिले , बने इश्क जग रीत। | सुधरे जब सत्येंद्र कुमार ' एसटीडी ' - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #stdmaurya #लेखकएसटीडी✍️ मौर्य एसटीडीमौर्य
📚कविता-कहानी संग्रह - मैं क्या लिखूँ_ मोहब्बत लिखूँ या नफ़ूरत... नफरत के शहर में मोहब्बत नहीं भाती , मोहब्बत के शहर में नफ़नरत नहीं भाती | लिखकर दोनों , मैं सबकी नज़रों में बुरा बन जाता हूँ॰ फिर तुम ही बताऔ , मैं क्या लिखूँ? मोहब्बत काा शहर भी अब मोहब्बत से कोरा है, और नफ़ुरत के शहर में मोहब्बत का शोर है। को बुरा ` कोई मोहब्बत ` कहता है, तो कोई नफ़नरत को.. तुम ही बताऔ मैं क्या लिखूँ, अब लिखूँ या मोहब्बत लिखूँ? नफ़रत -एसटीडी मौर्य & मैं क्या लिखूँ_ मोहब्बत लिखूँ या नफ़ूरत... नफरत के शहर में मोहब्बत नहीं भाती , मोहब्बत के शहर में नफ़नरत नहीं भाती | लिखकर दोनों , मैं सबकी नज़रों में बुरा बन जाता हूँ॰ फिर तुम ही बताऔ , मैं क्या लिखूँ? मोहब्बत काा शहर भी अब मोहब्बत से कोरा है, और नफ़ुरत के शहर में मोहब्बत का शोर है। को बुरा ` कोई मोहब्बत ` कहता है, तो कोई नफ़नरत को.. तुम ही बताऔ मैं क्या लिखूँ, अब लिखूँ या मोहब्बत लिखूँ? नफ़रत -एसटीडी मौर्य & - ShareChat
#🤘My Status😎 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #stdmaurya
🤘My Status😎 - जरूरी हैं क्या बात बात में मुझसे लड़ती हो, कुछ पल में मुझसे गले लिपट जाती हो। डाँट दूँ तो तुम मुंह फुला लेती हो.. मुँह फुलाना ज़रूरी है क्या? तुससे दूर चला जाऊँ, नयनों से आँसुओं की दरिया बहाने लगती हो। मिलने की सिफ़ारिश करने लगती हो, भर न मिलूँ तो आँखों से दरिया बहा देती हो। पल है क्या? दरिया बहाना ज़रूरी का ताज समझती हो, फूलों मुरझा न जाउँ बड़ा खयाल रखती हो। खयाल रखने से मना कर दूँ तो मुँह फुलाना ज़रूरी है क्या? कवि -एसटीडी मौर्य जरूरी हैं क्या बात बात में मुझसे लड़ती हो, कुछ पल में मुझसे गले लिपट जाती हो। डाँट दूँ तो तुम मुंह फुला लेती हो.. मुँह फुलाना ज़रूरी है क्या? तुससे दूर चला जाऊँ, नयनों से आँसुओं की दरिया बहाने लगती हो। मिलने की सिफ़ारिश करने लगती हो, भर न मिलूँ तो आँखों से दरिया बहा देती हो। पल है क्या? दरिया बहाना ज़रूरी का ताज समझती हो, फूलों मुरझा न जाउँ बड़ा खयाल रखती हो। खयाल रखने से मना कर दूँ तो मुँह फुलाना ज़रूरी है क्या? कवि -एसटीडी मौर्य - ShareChat
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