@sthapa83
@sthapa83

Suraj Singh

STHAPA83

#😷कोरोना वायरस अपडेट Coronavirus in Pakistan: Coronavirus के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट होकर लड़ रही है, लेकिन पाकिस्तान में अलग ही कहानी चल रही है। यहां के कराची में लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को सरकार की ओर से खाना और राशन दिया गया, लेकिन हिंदुओं के यह मदद देने से इन्कार कर दिया गया। अधिकारियों की ओर से साफ कह दिया गया कि यह राहत मुसलमानों के लिए है। इस तरह पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ भेदभाव एक बार फिर सामने आया। जानकारी के मुताबिक, कराची के रेहरी घोठी में लोगों को सरकार की ओर से यह राहत सामग्री बांटी जा रही थी। सामान लेने के लिए जैसे ही हिंदु समुदाय के लोग भी आए तो उन्हें लौटा दिया गया। बता दें, कोरोना वायरस का असर पाकिस्तान में भी देखा जा रहा है। यहां सरकार ने एहतियातन कदम उठाते हुए लॉकडाउन का ऐलान किया है। वहीं सिंध सरकार ने कराची और इससे सटे शहरों में स्थानीय गैर सरकारी संगठनों को राशन व अन्य जरूरत की चीजें वितरित करने का काम सौंपा है। यह राशन दिहाड़ी मजदूरों के लिए है। हिंदुओं से कही गई यह बात एक स्थानीय कार्यकर्ता ने बताया कि राशन बांटा जा रहा था, तब हिंदू भी पहुंचे, लेकिन उनसे कह दिया गया कि यह मदद सिर्फ मुस्लिमों के लिए है और हिंदू इसके पात्र नहीं हैं। हिंदुओं के साथ ऐसा ही बर्ताव लियारी, साचल घोठ और कराची के अन्य हिस्सों में भी हुआ है। भारत सरकार से मदद की अपील इलाके के पॉलिटिकल एक्टिविस्ट अमजद अय्यूब मिर्जा ने यह घटना सामने आने के बाद भारत सरकार से अपील की है कि वह राजस्थान के रास्ते सिंध तक राहत सामग्री पहुंचाए ताकि हिंदुओं की मदद की जा सके। अमजद का कहना है कि पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत खराब है और इमरान खान सरकार मदद करती नजर नहीं आ रही है। मदद नहीं मिली तो हिंदू भूखे मर जाएंगे।
#

😷कोरोना वायरस अपडेट

😷कोरोना वायरस अपडेट - Coronavirus in Pakistan : राशन बांटा जा रहा था , तब हिंदू भी पहुंचे , लेकिन उनसे कह दिया गया कि यह मदद सिर्फ मुस्लिमों के लिए है । - ShareChat
329 ने देखा
18 घंटे पहले
कोरोना वायरस की वजह से देश में 14 अप्रैल तक लॉक डाउन है। वहीं, इस बीच दूरदर्शन ने घर बैठे लोगों के मनोरंजन के लिए गोल्डन एज के टीवी शोज़ 'रामायण', 'महाभारत' और 'ब्योमकेश बख्शी' को वापस से प्रसारित किया है। ये ऐसे शोज़ हैं, जिन्हें देखने के लिए एक समय दुकानों के सामने भीड़ लग जाती थी। एक किस्म का लॉकडाउन हो जाता था। अब इसके दोबारा प्रसारित होने पर एक अलग किस्म की नॉस्टेलजिक फीलिंग आ रही है। हांलाकि, कुछ ऐसे बच्चे हैं, जिनके लिए यह सब कुछ पहली बार है। डोरेमॉन और शिनचैन जैसे एनिमेटेड शोज़ को देखकर बड़ी होने वाली पीढ़ी के लिए ये मैथोलॉजिकल शो अपने आप में एक इंट्रेस्टिंग चीज है। दादी-नानी की गुम होती कहानियों के बीच राम और अर्जुन जैसे योद्धा के बारे में जानना उनके लिए काफी रोचक-सा है। वह उस मैथोलॉजी को भी समझ रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति का अगूढ़ हिस्सा हैं। इसे भी पढ़े- Coronavirus Lockdown: 'महाभारत' और #🙏रामायण का पुनः प्रसारण📺 'रामायण' के बाद अब 'शक्तिमान', यहां कर सकते हैं बिंज वॉच मध्य प्रदेश की रहने वाली और कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली कनक अग्रवाल कहती हैं कि रामयाण को देखकर एक हिस्टोरिकल फ़ीलिंग आती है। शिनचैन की फैन कनक के लिए ये किरदार किताबों से पहली बार पर्दे पर नज़र आया है। कनक बताती हैं कि राम का ताड़का को माराना काफी एक्साइटेड करने वाला है। वहीं, इसे देखकर भगवान राम के बारे में जानने का मौका भी मिल रहा है। हालांकि, शो काफी पुराना-सा लगता है।
#

🙏रामायण का पुनः प्रसारण📺

🙏रामायण का पुनः प्रसारण📺 - डोरेमॉन और शिनचैन देखने वाले बच्चों ने जब दूरदर्शन पर देखी रामायण , तो ऐसी रही उनकी प्रतिक्रिया - ShareChat
455 ने देखा
19 घंटे पहले
अन्य एप्स पर शेयर करें
Facebook
WhatsApp
लिंक कॉपी करें
डिलीट करें
Embed
मैं इस पोस्ट का विरोध करता हूँ, क्योंकि ये पोस्ट...
Embed Post
अन्य एप्स पर शेयर करें
Facebook
WhatsApp
अनफ़ॉलो
लिंक कॉपी करें
शिकायत करें
ब्लॉक करें
रिपोर्ट करने की वजह: