#🆕 ताजा अपडेट #🔴 क्राइम अपडेट AI से बनाई तेंदुए की फर्जी तस्वीर पड़ी भारी, पुलिस ने किया गिरफ्तार....
#🥹लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन🔥 अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA का बड़ा अभियान....
#🥹लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन🔥 पुलिस FIR और SIT जांच में जिन लोगों पर सबसे गंभीर आरोप हैं, उनमें भवन मालिक और वहां व्यवसाय चलाने वाले लोग शामिल हैं।
वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला (भवन मालिक)
रामकृष्ण उपाध्याय (पेट शॉप/क्लिनिक संचालक)
तुषाक/तुषार कृष्ण जायसवाल (एनीमेशन सेंटर संचालक)
सुरेश कुमार साहू (भवन में संचालित संस्थान से जुड़े आरोपी
#🆕 ताजा अपडेट ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने एक व्यक्ति के पास से 1,00,000 से अधिक जीवित कॉकरोच जब्त किए हैं।
#🆕 ताजा अपडेट लखनऊ: शहर की सड़कों पर बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के दौड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रवैया अपना लिया है। दैनिक जागरण (iNext) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस और परिवहन विभाग ने पिछले 24 घंटे में एक विशेष अभियान चलाकर 1,471 गाड़ियों के चालान काटे हैं।विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में अभी भी 3 लाख से ज्यादा वाहन ऐसे हैं जिन पर यह अनिवार्य प्लेट नहीं लगी है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बिना HSRP पकड़े जाने पर भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
#🗞️कल से बदल जाएंगे ये बड़े नियम📃 1 जून 2026 से पूरे देश सहित उत्तर प्रदेश और राजधानी लखनऊ में आम जनता की जेब, बैंकिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, कल से ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की प्रक्रिया बहुत आसान होने जा रही है; अब आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट के लिए आरटीओ (RTO) के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों में टेस्ट देकर सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं, जिसके आधार पर उनका लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
इसी नियम के तहत सड़क सुरक्षा को सख्त करते हुए नाबालिगों (18 साल से कम उम्र) के वाहन चलाने पर सख्त जुर्माने का प्रावधान भी लागू हो रहा है। इसके अलावा, तेल और गैस कंपनियां हर महीने की पहली तारीख की तरह कल सुबह भी एलपीजी (LPG) रसोई गैस सिलेंडरों और हवाई ईंधन (ATF) की नई कीमतों की समीक्षा कर संशोधित दाम जारी करेंगी, जिसका सीधा असर कमर्शियल और घरेलू उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ सकता है।
वित्तीय क्षेत्र में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देशानुसार बैंकों में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों और 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' (लावारिस धन) को उनके सही वारिसों तक पहुंचाने के लिए शुरू किया गया '100 दिन 100 भुगतान' अभियान और अधिक सख्ती से आगे बढ़ेगा, जिससे ग्राहकों को अपने पुराने बंद खातों को दोबारा चालू कराने या पैसे क्लेम करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
4 सबसे मुख्य नियम: अब सरकारी RTO के बजाय सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी ड्राइविंग स्कूलों में टेस्ट देकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया जा सकेगा।
वहीं हर महीने की 1 तारीख की तरह कल सुबह भी गैस कंपनियां कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के नए रेट तय करेंगी।
बैंकों में 10 साल या उससे अधिक समय से बिना किसी लेनदेन के पड़े लावारिस पैसों (Unclaimed Deposits) को लेकर आरबीआई के नियम और कड़े हो रहे हैं।
आखिर में बता दें कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा सड़क पर गाड़ी चलाने पर पैरेंट्स के खिलाफ भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई के नियम कड़े किए गए हैं।
#🆕 ताजा अपडेट #महंगाई का झटका उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी की मार झेल रहे आम उपभोक्ताओं को अब महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने राज्य के सभी श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं के बिल में सीधे 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का आदेश जारी कर दिया है। यह बढ़ी हुई दरें जून 2026 की बिलिंग साइकिल से लागू होने जा रही हैं, जिसका मतलब है कि यदि किसी उपभोक्ता का मासिक बिजली बिल औसतन 1,000 रुपये आता था, तो अब उन्हें जून में 1,100 रुपये का भुगतान करना होगा। पावर कॉरपोरेशन के अनुसार, यह बढ़ोतरी मूल बिजली दरों (Base Tariff) में नहीं की गई है, बल्कि इसे 'फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज' (FPPAS) यानी ईंधन और बिजली खरीद लागत में आई तेजी की भरपाई के लिए लगाया जा रहा है। वहीं इस फैसले का उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कड़ा विरोध किया है और इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए तुरंत वापस लेने तथा मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
बता दें कि 10% अतिरिक्त सरचार्ज जून 2026 के बिजली बिलों में जोड़कर वसूला जाएगा।
सभी उपभोक्ता श्रेणियां (घरेलू, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल) इस नए आदेश के दायरे में आएंगी।
मार्च 2026 की अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए UPPCL ने इस 'फ्यूल सरचार्ज' को लागू किया है।













