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Suman Kumari

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लू से 78 लोगों की मौत: बिहार के कई जिलों में निषेधाज्ञा, पेड़ काटने पर आपराधिक मामला दर्ज होगा, बिहार में भीषण गर्मी और लू को देखते हुए राज्य सरकार ने 22 जून कर तक सभी स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है। वहीं गया जिले में डीएम ने धारा 144 लागू कर दी है। उन्होंने लोगों को सुबह 11 से शाम 4 बजे तक धूम में एकत्रित ना होने के निर्देश दिए हैं। राज्य में लू लगने से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। इसमें औरंगाबाद जिले में 33, गया में 31 और नवादा में 12 और जमुई जिले में दो लोगों की मौत हुई है। सोमवार को मख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हालात की समीक्षा ली और आवश्यक निर्देश दिए। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राज्य के डीएम और डीईओ को एक पत्र भेजा गया है। इसमें सभी स्कूलों को 22 जून तक बंद करने और इसके बाद सभी प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तरीय स्कूल 30 जून तक मॉर्निंग शिफ्ट में ही चलाने का आदेश दिया गया है। गया जिले में दो दिनों में ही 34 लोगों की मौत हो गई है। यहां डीएम अभिषेक सिंह ने आदेश दिया है कि सुबह 11 से शाम 4 बजे तक लोग धूप में एकत्रित ना हों, इस दौरान सरकारी या गैर सरकारी निर्माण कार्य के लिए मजदूर धूप में काम नहीं करेंगे। साथ ही किसी भी तरह का सांस्कृतिक कार्यक्रम या सभा का आयोजन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा इस दौरान मजदूरों से मनरेगा का काम भी नहीं लिया जाएगा। बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक मौसम की यही स्थिति बने रहने की संभावना के मद्देनजर सरकार ने 22 जून तक पूरे राज्यों में सारे स्कूल, कोचिंग संस्थान और कॉलेज को बंद रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जारी निर्माण कार्य सुबह 10 बजे से पहले और शाम में होंगे। @🔰⚜️ jp_soni""⚜️🔰
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🗞बिहार: गरमी के कारण लागल 144 धारा🔥

🗞बिहार: गरमी के कारण लागल 144 धारा🔥 - ShareChat
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2 घंटा पहिले
दिमागी बुखार जैसे संवेदनशील मुद्दे पर हो रही प्रेस वार्ता के दौरान रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे सोते हुए नजर आए। इस पर जदयू ने ट्वीट करते हुए लिथा था, '200 बच्चों की जान जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की प्रेस वार्ता हो रही है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे सो रहे हैं। जाने इनकी मानवीय संवेदना कहां मर गईं?' हालांकि अपना बचाव करते हुए मंत्री का कहना है कि मैं मनन- चिंतन भी करता हूं, सो नहीं रहा था। बिहार में 128 बच्चे एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कारण असमय काल के गाल में समा चुके हैं। इसे दिमागी बुखार और जापानी बुखार के नाम से भी जाना जाता है। कई बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं जो इस समय जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। पर्याप्त इलाज और सुविधा न होने के कारण रोजाना कुछ बच्चों की सांसें थम रही हैं। लेकिन बिहार के सांसद-मंत्री इस मुद्दे को लेकर कितने गंभीर हैं इसके कुछ उदाहरण रोज सामने आ रहे हैं। कोई मंत्री प्रेस वार्ता के बीच क्रिकेट का स्कोर जानना चाहते हैं तो कोई सोने में मशगूल दिखे। एक सांसद ने इसके लिए 4जी को जिम्मेदार ठहराया तो एक को बारिश का इंतजार है। @🔰⚜️ jp_soni""⚜️🔰 @Swati @NISHA YADAV @IsHikA
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🗞 बिहार: चमकी बुखार क कहर

🗞 बिहार: चमकी बुखार क कहर - मुजफ्फरपुट बहर बीमार है । amarujala . com - ShareChat
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2 घंटा पहिले
चमकी बुखार: नीतीश को मुजफ्फरपुर में दिखाए काले झंडे, BJP सांसद बोले- '4जी' से हो रही मौतें, चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर में अब तक 108 बच्चों की मौत होने के 17 दिन बाद मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी मंगलवार को यहां पहुंचे, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा. लोगों ने दोनों को काले झंडे दिखाए और 'गो-बैक' के नारे लगाए., बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार कहर बरपा रही है. पिछले एक हफ्ते में अब तक 108 बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं. हाहाकार के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया. नीतीश मरीजों का हाल जानने के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. बाहर खड़े लोगों ने 'नीतीश गो बैक' के नारे लगाए और उन्हें काला झंडा भी दिखाया. बता दें कि सीएम के दौरे के वक्त ही SKMCH में चमकी बुखार से एक और बच्चे ने दम तोड़ा है., मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी बच्चों की मौत के 17 दिन बाद स्थिति का जायजा लेने यहां पहुंचे थे. सीएम SKMCH अस्‍पताल पहुंचकर मृत बच्‍चों के माता-पिता से मिल रहे थे और इंसेफेलाइटिस पीड़ित बच्‍चों का भी हालचाल पूछ रहे हैं. हालांकि, सीएम के दौरे को लेकर पहले से ही विरोध की आशंका थी जिसको लेकर SKMCH अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे बावजूद इसके लोगों ने परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की.
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🗞 बिहार: चमकी बुखार क कहर

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हम ई पोस्ट क विरोध कर रहल बानी काँहे की इ पोस्ट। ..
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हम रिपोर्ट करल चाहत बानी काँहे की