💞कुछ गहरा सा लिखना था ,
इश्क से ज्यादा क्या लिखूँ.....
कुछ ठहरा सा लिखना था ,
दर्द से ज्यादा क्या लिखूँ....
कुछ समंदर सा लिखना था ,
आँखों से ज्यादा क्या लिखूँ....
कुछ अपना सा लिखना था ,
आँसू से ज्यादा क्या लिखूँ...
कुछ खुशबू सा लिखना था ,
किरदार से ज्यादा क्या लिखूँ....
सुनो अब जिंदगी लिखनी है
तुमसे ज्यादा क्या लिखूँ..💞 #🌹प्रेमरंग 1साल हो गया आपको महादेव 🙏💐⏳😥