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Delhi Violence : बुलंदशहर व बिजनौर में छतों पर मिले पत्थर, प्रदेश में जुमे की नमाज पर शांति UP News UP News उत्तर प्रदेश में आज जुमे की नमाज के बाद भी कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। जुमे की नमाज को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस काफी अलर्ट थी। लखनऊ, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में हिंसा के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज पर उत्तर प्रदेश में पुलिस के हाई अलर्ट के बाद भी बिजनौर तथा बुलंदशहर में लोगों की घर पर बड़ी मात्रा में एकत्र ईंट तथा पत्थर मिले। उत्तर प्रदेश में आज जुमे की नमाज के बाद भी कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। जुमे की नमाज को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस काफी अलर्ट थी। पूर्वी तथा मध्य उत्तर प्रदेश में भी मस्जिदों के बाहर सख्त पहरा लगा था। UP News उत्तर प्रदेश में आज जुमे की नमाज के बाद भी कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। जुमे की नमाज को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस काफी अलर्ट थी। लखनऊ, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में हिंसा के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज पर उत्तर प्रदेश में पुलिस के हाई अलर्ट के बाद भी बिजनौर तथा बुलंदशहर में लोगों की घर पर बड़ी मात्रा में एकत्र ईंट तथा पत्थर मिले। उत्तर प्रदेश में आज जुमे की नमाज के बाद भी कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। जुमे की नमाज को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस काफी अलर्ट थी। पूर्वी तथा मध्य उत्तर प्रदेश में भी मस्जिदों के बाहर सख्त पहरा लगा था। प्रदेश के दिल्ली से सटे जिलों में विशेष सतर्कता रही। अन्य जगहों पर भी फोर्स काफी मुस्तैद थी। यूपी में बीते दिसंबर में हुई हिंसा के बाद छाई शांति पर एक बार फिर खतरे का बादल मंडरा रहा था। प्रदेश में माहौल खराब होने की आशंका के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया था। मेरठ, बागपत, शामली, बिजनौर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर के साथ सहारनपुर की जामा मस्जिद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी। मुजफ्फरनगर में एसपी सिटी विनीत भटनागर के नेतृत्व में जमा मस्जिद के आसपास भारी पुलिस बल था। बागपत की की कैराना कोतवाली में डीएम और एसपी ने पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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8 घंटे पहले
रामपुर: पहले गई अब्दुल्ला की विधायकी, अब आजम को जेल, जानिए क्या है बर्थ सर्टिफिकेट केस अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam Khan) के खिलाफ दो जन्म प्रमाणपत्र, दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड बनवाने के आरोप में मामला दर्ज है. रामपुर. बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में आखिरकार सपा सांसद आजम खान (SP MP Azam Khan) और उनकी पत्नी सपा विधायक तजीन फातमा के साथ अब्दुल्ला को 7 दिन की जेल (Jail) हो गई है. बता दें कि इसी से जुड़े मामले में गलत हलफनामा देने के कारण अब्दुल्ला आजम रामपुर की स्वार सीट से अपनी विधायकी गवां चुके हैं. मामले में आजम परिवार कई बार कोर्ट में हाजिर होने से बच रहा था. इसे लेकर रामपुर कोर्ट की तरफ से मुनादी और कुर्की का आदेश तक जारी हुआ था. हाल ही में रामपुर की निचली अदालत में 24 फरवरी को समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातमा और बेटे अब्दुल्ला आजम की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी. ये है पूरा मामला बता दें कि अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो-दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने, दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड बनवाने के मुकदमे दर्ज हैं. इनमें तीन मुकदमे बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराए हैं. उनका आरोप है कि अब्दुल्ला ने दो जन्म प्रमाणपत्र बनवा रखे हैं. आकाश का आरोप है कि अब्दुल्ला का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आजम और उनकी पत्नी ने जो शपथ पत्र दिया है, उसमें झूठ बोला है. पासपोर्ट और पैन कार्ड में भी हेराफेरी इसमें एक जन्म प्रमाणपत्र उन्होंने रामपुर नगर पालिका से बनवाया है, जिसमें उनकी जन्मतिथि एक जनवरी 1993 दर्शाई गई है. दूसरा लखनऊ के अस्पताल से भी एक जन्म प्रमाणपत्र बनवा लिया, जिसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 है. बाद में पासपोर्ट और पैन कार्ड में उम्र ठीक कराने के लिए भी दूसरा पासपोर्ट और दूसरा पैन कार्ड बनवा लिया, जिसमें दूसरी जन्मतिथि है. बता दें कि इसी केस से जुड़े एक मामले में पिछले साल दिसंबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी थी. अब्दुल्ला आजम साल 2017 में स्वार सीट से विधायक चुने गए थे. कोर्ट ने चुनाव के दौरान दिए गए उनके हलफनामे में उम्र को गलत पाया. स तरह गई अब्दुल्ला की विधायकी इस मामले में साल 2017 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता नवाब काजिम अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में बताया गया कि विधानसभा चुनाव दौरान अब्दुल्ला आजम ने हलफनामे में अपनी उम्र की गलत जानकारी दी थी. नवाब काजिम अली ने चुनाव अर्जी में अब्दुल्ला को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य बताते हुए उनका निर्वाचन रद्द किए जाने और रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से नए सिरे से चुनाव कराए जाने की मांग की थी.तीन साल पहले दर्ज की थी बड़ी जीत काजिम अली ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि वर्ष 2017 में चुनाव के वक्त आजम खान के बेटे न्यूनतम निर्धारित उम्र 25 वर्ष के नहीं थे. चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने फर्जी कागजात दाखिल किए थे और झूठा हलफनामा दाखिल किया था. बसपा नेता की ओर से अब्दुल्ला आजम की 10वीं कक्षा की मार्कशीट के साथ कई अहम दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि को आधार बनाया गया था. अब्दुल्ला आजम सपा सांसद आजम खान के छोटे बेटे हैं. वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब्दुल्ला आजम ने पहली बार चुनाव लड़ा था और रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से भारी मतों से जीत दर्ज की थी.
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2 दिन पहले
दिल्ली हिंसा का UP में असर, गाजियाबाद के बाद अब नोएडा में शराब की दुकानें बंद दिल्ली में नागरिकता संशोधन एक्ट के नाम हुई हिंसा को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सतर्कता बढ़ती जा रही है. दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में शराब की दुकानों को बंद किया गया है. दिल्ली हिंसा का यूपी में असरनोएडा में शराब की कई दुकानें बंददिल्ली से सटे इलाकों में बंद हुईं दुकानें देश की राजधानी दिल्ली में नागरिकता संशोधन एक्ट के नाम पर हुई हिंसा का असर अब उत्तर प्रदेश में भी दिख रहा है. दिल्ली से सटे बॉर्डर इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है. एहतियात के तौर पर उत्तर प्रदेश के नोएडा में दिल्ली से सटे इलाके में शराब की दुकानें बंद कर दी गई हैं. इसके अलावा गाजियाबाद के इलाके में भी हर वाहन की जांच की जा रही है. नोएडा में शराब की दुकानें बंद दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाकों में आगजनी और तनाव के माहौल को देखते हुए जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने गौतमबुद्ध नगर में दिल्ली से सटी तमाम शराब की दुकानों को बंद करवाने का निर्देश जारी किया है. सुरक्षा के मद्देनजर आज दिल्ली से सटे 3 कि.मी. तक नोएडा में शराब की दुकानें बंद रहेंगी. गाजियाबाद में धारा 144, पुलिस सतर्क दिल्ली से ही सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी हिंसा के बाद अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने यहां शहर में धारा 144 लगा दी है. नोएडा की तरह ही गाजियाबाद में भी शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है. दिल्ली-गाजियाबाद के तीन बॉर्डर को सील कर दिया गया है और कई इलाकों में चेकिंग के बाद ही वाहनों को आने दिया जा रहा है. दिल्ली में बढ़ी मरने वालों की संख्या नागरिकता संशोधन एक्ट के मसले पर दिल्ली की सड़कों पर दो गुट आमने-सामने आ गए. पिछले तीन दिनों से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं. बता दें कि अभी तक दिल्ली हिंसा में 18 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें एक पुलिसकर्मी भी शहीद हुआ है. दिल्ली में मंगलवार से ही पुलिस अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर शांति मार्च निकाल रही है. पुलिस की ओर से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बैठक की जा रही है, लोगों से शांति की अपील की जा रही है.
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2 दिन पहले
उन्नाव दुष्कर्म मामला / कुलदीप सेंगर की विधानसभा सदस्यता रद्द, कोर्ट ने सुनाई थी आजीवन कारावास की सजा विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने जारी की सूचना कहा- सजा के ऐलान के दिन से रिक्त मानी जाएगी बांगरमऊ सीट उन्नाव. उत्तर प्रदेश के उन्नाव में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता बांगरमऊ से विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई है। प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सजा के ऐलान के दिन यानी 20 दिसंबर 2019 से ही उनकी सदस्यता खत्म मानी जाएगी। इससे बांगरमऊ विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। इस सीट पर उपचुनाव होगा। लेकिन, इसकी तिथि का ऐलान अभी होना बाकी है।  2017 का था मामला उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस घटना के बाद जुलाई, 2019 में पीड़ित की कार की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। हादसे में पीड़ित की चाची और मौसी की मौत हो गई थी। पीड़ित लड़की और उसके वकील तभी से दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। फिलहाल, सेंगर तिहाड़ जेल में बंद है। भाजपा भी पार्टी से कर चुकी है निष्कासित तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी मानते हुए कहा था कि एक ताकतवर इंसान के खिलाफ पीड़ित का बयान सच्चा और निष्कलंक है। भाजपा ने एक अगस्त 2019 को सेंगर को पार्टी से निकाल दिया था। कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी शशि सिंह को बरी कर दिया था। 20 दिसंबर को कोर्ट ने सुनाई थी सजा सामूहिक दुष्कर्म के 2 साल पुराने मामले में दोषी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (53) को दिल्ली के कोर्ट ने 20 दिसंबर को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि उसे मृत्यु तक जेल में रखा जाए। सेंगर पर 25 लाख रु. जुर्माना भी लगाया गया था।
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3 दिन पहले
बलिया: पहले से आंसर लिखी कॉपियों के साथ पकड़ी गई इंटर की चार छात्राएं बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरु होने के करीब 10 मिनट बाद जब चेकिंग की जा रही थी, तभी चार छात्राओं के पास पहले से लिखी आंसर कॉपियां थीं. बलिया. तमाम सख्ती के बावजूद यूपी बोर्ड परीक्षा (UP Board Exam 2020) में नकल के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला बलिया (Ballia) के सिकंदरपुर क्षेत्र के मां मालती देवी इंटर कॉलेज का है, जहां यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की रसायन विज्ञान की परीक्षा के दौरान चार छात्राएं के पास पहले से लिखी हुई आंसर कॉपी बरामद की गई. चेकिंग के दौरान परीक्षा दे रही इन छात्राओं को पकड़ा गया. बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरु होने के करीब 10 मिनट बाद जब चेकिंग की जा रही थी, तभी चार छात्राओं के पास पहले से लिखी आंसर कॉपियां थीं. मामले सामने आते ही विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया. फिलहाल डीआईओएस की तहरीर पर केन्द्र व्यावस्थापक, कक्ष निरीक्षक समेत दोषी परीक्षार्थियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्यवाई की जा रही है. लेकिन मामला सामने आने के बाद एक बार फिर जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा की शुचिता और नकलविहीन परीक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है. एसडीएम ने कही ये बात एसडीएम अन्नपूर्णा गर्ग आज लगभग दो बजे के करीब लेखपाल का फोन आया कि कुछ बच्चों को लिखी हुई कॉपियां वितरित की जा रही हैं. जिसके बाद तुरंत मौके पर [पहुंची. देखा तो छात्राओं के कॉपी में 8 से 10 सवालों के जवाब लिखे हैं. 10 मिनट में इतने सवालों के जवाब नहीं लिखे जा सकते. इसके बाद कक्ष निरीक्षक, व्यवस्थापक और छात्राओं को पुलिस के पास बेह्ज दिया गया. 10 मिनट में नहीं लिख सकते कॉपी डीआईओएस भाष्कर मिश्रा ने बताया कि मां मालती देवी इंटर कॉलेज में छार परीक्षार्थियों की कॉपियां 10 मिनट में पूरी लिखी हुई मिली. जांच में यह पाया गया कि 10 मिनट में सभी सवालों के जवाब नहीं दिए जा सकते. जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
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3 दिन पहले
यूपी में लटकी सरकारी नौकरियां : 11 बड़ी भर्तियों में फंसे हुए हैं 1.60 लाख पद, देखें UPPSC, UPSESSB, UPBEB, UPHESC की पूरी लिस्ट प्रयागराज की चार भर्ती संस्थाओं की 11 प्रमुख भर्तियों में 159024 पदों पर चयन का युवाओं को इंतजार है। इनमें से ज्यादातर भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है जबकि कुछ की अभी शुरू ही नहीं हो सकी है। कुछ अन्य भर्तियों के विवाद न्यायालयों में विचाराधीन होने के कारण बेरोजगार युवाओं का इंतजार खत्म नहीं हो पा रहा है। बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं की हालत यह हो गई है कि उनका पढ़ाई से ज्यादा समय न्यायालय में चल रही सुनवाई और भर्ती संस्थाओं के चक्कर लगाने में गुजर रहा है। कभी धरना देने के लिए जाते हैं तो कभी परिणाम कब आएगा या भर्ती कब तक शुरू होगी, इसकी जानकारी करने के लिए। घर वालों और रिश्तेदारों के ताने सुन इनका तनाव भी बढ़ रहा है। आलम यह है कि ताने से बचने के लिए कई युवा अब त्योहारों पर भी घर जाने से बचने लगे हैं। लोक सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, बेसिक शिक्षा परिषद की इन 11 भर्तियों में शामिल लाखों आवेदकों की प्रदेश सरकार से बस यही मांग है कि लंबित भर्तियों को जल्द से जल्द पूरा कर परिणाम घोषित किया जाए।  नए आयोग से युवाओं को उम्मीद मार्च 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश सरकार ने उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड तथा बेसिक शिक्षा परिषद को समाप्त कर नया आयोग बनाने की कवायद शुरू की थी। इस चक्कर में लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई थी। यहां तक की उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष समेत कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था लेकिन लगभग एक साल बाद प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। उसके बाद दोनों संस्थाओं में अध्यक्ष और सदस्यों की नए सिरे से नियुक्ति कर फरवरी 2018 से भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। अब एक बार फिर सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इसके चलते उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में लगभग 50 हजार पदों पर चयन एक बार फिर अटक गया है। युवाओं को उम्मीद है कि आयोग के क्रियाशील होने के बाद इन पदों पर भर्तियां शुरू हो सकेंगी। भर्तियों का अंक गणित 1. परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक भर्ती- 69000 पद (न्यायालय में विचाराधीन) 2. समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती-1170 पद (लंबित) 3. परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा अंशकालिक अनुदेशक भर्ती- 32022 पद (न्यायालय में विचाराधीन) 4. सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षक-प्राचार्य भर्ती-39704 पद (शुरू होनी है) 5. सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती- 4300 पद (शुरू होनी है) 6. सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 373 पद (लंबित) 7. सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 3900 पद (शुरू होनी है) 8. सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य भर्ती-290 पद (लंबित) 9. परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में उर्दू शिक्षक भर्ती- 4000 पद (न्यायालय में विचाराधीन) 10. राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती- 3287 पद (लंबित) 11. संस्कृत विद्यालय एवं महाविद्यालय में रिक्त सहायक अध्यापकों की भर्ती-978 पद (शुरू होनी है)  कुल योग 159024 आज से होगी भर्तियों की पड़ताल आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान आज से लोक सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड तथा बेसिक शिक्षा परिषद की लंबित भर्तियों की पड़ताल शुरू कर रहा है। इस क्रम में आज परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 69000 सहायक अध्यापक की भर्ती की पड़ताल की जाएगी।
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3 दिन पहले
लखनऊ में बीटेक छात्र हत्याकांड: बसपा के पूर्व विधायक का बेटा अमन बहादुर गिरफ्तार बता दें अमन बहादुर बसपा के पूर्व विधायक समर बहादुर का बेटा है. पुलिस का कहना है कि प्रशांत सिंह की हत्या में अमन बहादुर भी शामिल था. लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के गोमती नगर में बीटेक छात्र की चाकुओं से गोदकर हत्या मामले में पुलिस ने बीबीडी छात्र अमन बहादुर को गिरफ्तार किया है. बता दें अमन बहादुर बसपा के पूर्व विधायक समर बहादुर का बेटा है. पुलिस का कहना है कि प्रशांत सिंह की हत्या में अमन बहादुर भी शामिल था. दिनदहाड़े चाकुओं से गोदकर की हत्या बता दें शुक्रवार (21 फरवरी) को राजधानी के पॉश माने जाने वाले गोमतीनगर इलाके में एक बीटेक छात्र की दिनदहाड़े चाकुओं से गोदकर हत्या (Murder) कर दी गई थी. घटना को अलकनंदा अपार्टमेंट के गेट पर अंजाम दिया गया. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही छात्र प्रशंत का कुछ लोगों से विवाद हुआ था. जानकारी के अनुसार प्रशांत किसी की इनोवा कार से अलकनंदा अपार्टमेंट आ रहा था. इनोवा जब अलकनंदा अपार्टमेंट के गेट पर पहुंची तो बदमाशों ने कार को रोक लिया और इनोवा का शीशा तोड़कर प्रशांत को बाहर निकाला. इसके बाद अपार्टमेंट के गेट पर ही उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी. घटना के बाद पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और जांच कर रहे हैं. वहीं इनोवा चला रहे साजिद ने बताया कि वह लोग लोहिया पार्क की तरफ से आ रहे थे. प्रशांत को उसे अलकनंदा पर छोड़ना था. गेट पर जैसे ही बैरियर खुला, तभी 12 से 15 लड़के घेर लिए और मारना पीटना शुरू कर दिए. हमें निकालकर इधर मार रहे थे, वहीं दूसरी तरफ प्रशांत पर चाकुओं से हमला कर दिया, वह भागा और थोड़ी दूर पर जाकर गिर गया. साजिद ने बताया कि ये लोग गालियां देते हुए बस यही है, यही है कह रहे थे.
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7 दिन पहले
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