alhamd khan
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#🕋Molana tarik jameel Beautiful Bayan🕋⭐🤲 #🕋 mera payara islam 🕋 #❤️जीवन की सीख
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00:59
#🕋 mera payara islam 🕋 #❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋Molana tarik jameel Beautiful Bayan🕋⭐🤲 #❤️जीवन की सीख
🕋 mera payara islam 🕋 - ShareChat @hayate zindagi क़ब्र का अँधेरा , तन्हाई, और फिर क़यामत का जब ज़मीन बोलेगी , हाथ गवाही देंगे . जाएगी उस हिसाब सेजो और रूह काँप हमने कभी सोचा भी नहीं था। अल्लाह का ताज़िरा फ़रिश्तों की गवाही , और हरवो लम्हा जब है नाफरमानी की q सामने होगा। उस दिन कोई झूठ नहीं चलेगा , कोई सिफारिश नहीं चलेगी बस आमाल का तोल होगा। आज जो वक्त मिला है, वही तौबा का रास्ता है॰बरना कल की चीखें क़िसी काम की नहीं होंगी। ShareChat @hayate zindagi क़ब्र का अँधेरा , तन्हाई, और फिर क़यामत का जब ज़मीन बोलेगी , हाथ गवाही देंगे . जाएगी उस हिसाब सेजो और रूह काँप हमने कभी सोचा भी नहीं था। अल्लाह का ताज़िरा फ़रिश्तों की गवाही , और हरवो लम्हा जब है नाफरमानी की q सामने होगा। उस दिन कोई झूठ नहीं चलेगा , कोई सिफारिश नहीं चलेगी बस आमाल का तोल होगा। आज जो वक्त मिला है, वही तौबा का रास्ता है॰बरना कल की चीखें क़िसी काम की नहीं होंगी। - ShareChat
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❤️जीवन की सीख - ShareChat
00:37
#🕋 mera payara islam 🕋 #❤️अस्सलामु अलैकुम #❤️जीवन की सीख
🕋 mera payara islam 🕋 - ShareChat @5 = नमाज़ कबूल होने की शर्त क्या है? हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं.. लेकिन क्या कभी सोचा कि हमारी नमाज़ सच में कबूल हो रही है? क्या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः ९ अल्लाह उस नमाज़ को कबूल नहीं करता जिसमें दिल हाज़िर न हो। " यानी सिर्फ जिस्म का खड़ा होना काफी नहीं, नमाज़ में दिल का जुड़ना भी जरूरी है। जब नमाज़ में दिमाग  इधर उधर भागता रहे, जल्दी जल्दी रुकू॰सज्दा हो जाए, तो नमाज़ सिर्फ एक आदत बन जाती है, इबादत नहीं। असली नमाज़ वह है जिसमें इंसान महसूस करे कि वह अपने रब के सामने खडा है और 6 उससे बात कर रहा है। इसलिए अगली नमाज़ से कोशिश करेंः धीरे पढ़़ें , समझकर पढ़़ें , और दिल को भी साथ लेकर खड़े हों। क्योंकि... कबूल वही नमाज़ होती है, जिसमें दिल भी शामिल हो। अल्लाह! हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा और हमें दिल से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे। आमीन। ShareChat @5 = नमाज़ कबूल होने की शर्त क्या है? हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं.. लेकिन क्या कभी सोचा कि हमारी नमाज़ सच में कबूल हो रही है? क्या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः ९ अल्लाह उस नमाज़ को कबूल नहीं करता जिसमें दिल हाज़िर न हो। " यानी सिर्फ जिस्म का खड़ा होना काफी नहीं, नमाज़ में दिल का जुड़ना भी जरूरी है। जब नमाज़ में दिमाग  इधर उधर भागता रहे, जल्दी जल्दी रुकू॰सज्दा हो जाए, तो नमाज़ सिर्फ एक आदत बन जाती है, इबादत नहीं। असली नमाज़ वह है जिसमें इंसान महसूस करे कि वह अपने रब के सामने खडा है और 6 उससे बात कर रहा है। इसलिए अगली नमाज़ से कोशिश करेंः धीरे पढ़़ें , समझकर पढ़़ें , और दिल को भी साथ लेकर खड़े हों। क्योंकि... कबूल वही नमाज़ होती है, जिसमें दिल भी शामिल हो। अल्लाह! हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा और हमें दिल से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे। आमीन। - ShareChat
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01:01
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01:30
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01:22
#🕋 mera payara islam 🕋 #🕋Molana tarik jameel Beautiful Bayan🕋⭐🤲 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🌞 Good Morning🌞
🕋 mera payara islam 🕋 - SrerreChe a जिस दरवाज़े पर आपकी क़दर न हो, वहाँ दस्तक देना अपनी इज़्ज़त गिराने जैसा है। और जहाँ से बात करने की चाहत ही खत्म हो जाए, वहाँ बार-बार समझाने की कोशिश रिश्ते को नहीं , बस दिल को थका देती है। याद रखो -रिश्ते मोहब्बत से चलते हैं, मजबूरी या तरस से नहीं | जब किसी जगह अपनी अहमियत महसूस न हो, तो ख़ामोशी से पीछे हट जाना ही सबसे बड़ा जवाब और सबसे ऊँचा सम्मान होता है। SrerreChe a जिस दरवाज़े पर आपकी क़दर न हो, वहाँ दस्तक देना अपनी इज़्ज़त गिराने जैसा है। और जहाँ से बात करने की चाहत ही खत्म हो जाए, वहाँ बार-बार समझाने की कोशिश रिश्ते को नहीं , बस दिल को थका देती है। याद रखो -रिश्ते मोहब्बत से चलते हैं, मजबूरी या तरस से नहीं | जब किसी जगह अपनी अहमियत महसूस न हो, तो ख़ामोशी से पीछे हट जाना ही सबसे बड़ा जवाब और सबसे ऊँचा सम्मान होता है। - ShareChat
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01:01
#🕋 mera payara islam 🕋 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️Love You Papa ❤️
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