उमंग सुल्लेरे लेखक
ShareChat
click to see wallet page
@umangsullere
umangsullere
उमंग सुल्लेरे लेखक
@umangsullere
जनपद महोबा उत्तर प्रदेश contact 927708122
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नवीन जी के अभिनन्दन में समर्पित नव वर्ष के अवसर पर सादर सप्रेम भेंट श्री से हो सम्पन्न निरन्तर रूप कमल पर नवल धर ! निष्ठा श्रम के प्रति अपार है हित की तरह प्रबढ़ता !! तिमिर की हो अंध नाशक रुचि रूचिरता ग्रहण परिश्रत थी वादे मानवता कृतज्ञता आभारी !! नन्दन नगर हृदय से करें राष्ट्रीय पद तक बड़ी बढाई वीणा वादिनी कृपा पदयात्रा करके अध्येता !! नई पुरातन आदर्शों की सूक्ष्म दर्शिता जीवन रस की गंगा वाणी से झर लेखकों कवि कुल कमल दिवाकर |[ रचायता लेखक उमंग सुल्लेरे जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 9277081255 राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नवीन जी के अभिनन्दन में समर्पित नव वर्ष के अवसर पर सादर सप्रेम भेंट श्री से हो सम्पन्न निरन्तर रूप कमल पर नवल धर ! निष्ठा श्रम के प्रति अपार है हित की तरह प्रबढ़ता !! तिमिर की हो अंध नाशक रुचि रूचिरता ग्रहण परिश्रत थी वादे मानवता कृतज्ञता आभारी !! नन्दन नगर हृदय से करें राष्ट्रीय पद तक बड़ी बढाई वीणा वादिनी कृपा पदयात्रा करके अध्येता !! नई पुरातन आदर्शों की सूक्ष्म दर्शिता जीवन रस की गंगा वाणी से झर लेखकों कवि कुल कमल दिवाकर |[ रचायता लेखक उमंग सुल्लेरे जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 9277081255 - ShareChat
#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📗प्रेरक पुस्तकें📘
🌐 राष्ट्रीय अपडेट - राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नवीन जी के अभिनन्दन में समर्पित नव वर्ष के अवसर पर सादर सप्रेम भेंट श्री से हो सम्पन्न निरन्तर रूप कमल पर नवल धर ! निष्ठा श्रम के प्रति अपार है हित की तरह प्रबढ़ता !! तिमिर की हो अंध नाशक रुचि रूचिरता ग्रहण परिश्रत थी वादे मानवता कृतज्ञता आभारी !! नन्दन नगर हृदय से करें राष्ट्रीय पद तक बड़ी बढाई वीणा वादिनी कृपा पदयात्रा करके अध्येता !! नई पुरातन आदर्शों की सूक्ष्म दर्शिता जीवन रस की गंगा वाणी से झर लेखकों कवि कुल कमल दिवाकर |[ रचायता लेखक उमंग सुल्लेरे जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 9277081255 राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नवीन जी के अभिनन्दन में समर्पित नव वर्ष के अवसर पर सादर सप्रेम भेंट श्री से हो सम्पन्न निरन्तर रूप कमल पर नवल धर ! निष्ठा श्रम के प्रति अपार है हित की तरह प्रबढ़ता !! तिमिर की हो अंध नाशक रुचि रूचिरता ग्रहण परिश्रत थी वादे मानवता कृतज्ञता आभारी !! नन्दन नगर हृदय से करें राष्ट्रीय पद तक बड़ी बढाई वीणा वादिनी कृपा पदयात्रा करके अध्येता !! नई पुरातन आदर्शों की सूक्ष्म दर्शिता जीवन रस की गंगा वाणी से झर लेखकों कवि कुल कमल दिवाकर |[ रचायता लेखक उमंग सुल्लेरे जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 9277081255 - ShareChat
#umang #mahoba #newpost😍 #news #🎙सामाजिक समस्या
🎙सामाजिक समस्या - कविता महोबा की धरती पर, एक कहानी है अनकहीं , नेताओं के कारनामे भू-माफिया के सगी, बन गए हैं নালান কী তমীন পং दिया, नक्शा बदल दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, बांट लिया सबने मिलकर, क्लीन महोबा ग्रीन महोबा, एक मिशन है उठ खड़े होने का, अधिवक्ता, सामाजिक, पत्रकार, सबको मिलकर लडने का महोबा को बचाना है, भू॰माफियाओं से मुक्त करना है, एकजुट होकर लड़ेंगे , নঞ্সী নী জীনযী उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 कविता महोबा की धरती पर, एक कहानी है अनकहीं , नेताओं के कारनामे भू-माफिया के सगी, बन गए हैं নালান কী তমীন পং दिया, नक्शा बदल दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, बांट लिया सबने मिलकर, क्लीन महोबा ग्रीन महोबा, एक मिशन है उठ खड़े होने का, अधिवक्ता, सामाजिक, पत्रकार, सबको मिलकर लडने का महोबा को बचाना है, भू॰माफियाओं से मुक्त करना है, एकजुट होकर लड़ेंगे , নঞ্সী নী জীনযী उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 - ShareChat
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - कविता महोबा की धरती पर, एक कहानी है अनकहीं , नेताओं के कारनामे भू-माफिया के सगी, बन गए हैं নালান কী তমীন পং दिया, नक्शा बदल दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, बांट लिया सबने मिलकर, क्लीन महोबा ग्रीन महोबा, एक मिशन है उठ खड़े होने का, अधिवक्ता, सामाजिक, पत्रकार, सबको मिलकर लडने का महोबा को बचाना है, भू॰माफियाओं से मुक्त करना है, एकजुट होकर लड़ेंगे , নঞ্সী নী জীনযী उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 कविता महोबा की धरती पर, एक कहानी है अनकहीं , नेताओं के कारनामे भू-माफिया के सगी, बन गए हैं নালান কী তমীন পং दिया, नक्शा बदल दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, बांट लिया सबने मिलकर, क्लीन महोबा ग्रीन महोबा, एक मिशन है उठ खड़े होने का, अधिवक्ता, सामाजिक, पत्रकार, सबको मिलकर लडने का महोबा को बचाना है, भू॰माफियाओं से मुक्त करना है, एकजुट होकर लड़ेंगे , নঞ্সী নী জীনযী उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 - ShareChat
#🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🎙सामाजिक समस्या #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🆕 ताजा अपडेट - कविता महोबा की धरती पर, एक कहानी है अनकहीं , नेताओं के कारनामे भू-माफिया के सगी, बन गए हैं নালান কী তমীন পং दिया, नक्शा बदल दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, बांट लिया सबने मिलकर, क्लीन महोबा ग्रीन महोबा, एक मिशन है उठ खड़े होने का, अधिवक्ता, सामाजिक, पत्रकार, सबको मिलकर लडने का महोबा को बचाना है, भू॰माफियाओं से मुक्त करना है, एकजुट होकर लड़ेंगे , নঞ্সী নী জীনযী उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 कविता महोबा की धरती पर, एक कहानी है अनकहीं , नेताओं के कारनामे भू-माफिया के सगी, बन गए हैं নালান কী তমীন পং दिया, नक्शा बदल दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, बांट लिया सबने मिलकर, क्लीन महोबा ग्रीन महोबा, एक मिशन है उठ खड़े होने का, अधिवक्ता, सामाजिक, पत्रकार, सबको मिलकर लडने का महोबा को बचाना है, भू॰माफियाओं से मुक्त करना है, एकजुट होकर लड़ेंगे , নঞ্সী নী জীনযী उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 - ShareChat
आज वर्तमान परिप्रेक्ष्य में तो अन्धे धृतराष्ट आँखों पर पट्टी बांधे गान्धारी द्रुपद सुता सा आर्तनाद करती जनता सम्पूर्ण भारत के_ अधिकारियों कर्मचारियों में समाहित, भीष्म पितामह की सामर्थ्य की विवशता दुर्योधन का बढ़ता प्रकोप युवकों की बेकारी पर करूण रूदन करती वृद्धावस्था जो दशरथ में समाहित हैं #उमंग_सुल्लेरे_लेखक ✍️ #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🎙सामाजिक समस्या #🆕 ताजा अपडेट
✍मेरे पसंदीदा लेखक - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🎙सामाजिक समस्या #🆕 ताजा अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
✍मेरे पसंदीदा लेखक - उमंग भासत गरिमा शताष्टक इतिहास काव्य संग्रह पुस्तक २०२७ लिका दहन की रात, जलाएं हम अलाव की॰ विजय का ये है गीत अंधकार पर प्रकाश प्रह्लाद की भक्ति थी अटल, सत्य का था ये व्रत लिका की खल कामना, हुई अग्नि में अंततः हत त्याग दो मन की होलिका, अपनाओ सत्य का मार्ग जीवन हो जाए सुंदर, जैसे होली का त्योहार उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 उमंग भासत गरिमा शताष्टक इतिहास काव्य संग्रह पुस्तक २०२७ लिका दहन की रात, जलाएं हम अलाव की॰ विजय का ये है गीत अंधकार पर प्रकाश प्रह्लाद की भक्ति थी अटल, सत्य का था ये व्रत लिका की खल कामना, हुई अग्नि में अंततः हत त्याग दो मन की होलिका, अपनाओ सत्य का मार्ग जीवन हो जाए सुंदर, जैसे होली का त्योहार उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश 927708/255 - ShareChat