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“बच्चों की परवरिश: मार ज़रूरी है या सही तरीका?” 👧 #sharechat #follow #comment name in box
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#comment name in box ऐसे पौधों के नाम दे रही हूँ जिनके बारे में घर में कहाँ लगाएँ, कब लगाएँ और क्या फायदे हैं —
🌱 घर में लगाने योग्य 10 पौधे – जगह, समय और फायदे
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1️⃣ तुलसी
कहाँ लगाएँ: घर के आँगन या बालकनी में, पूर्व या उत्तर दिशा
कब लगाएँ: फरवरी–मार्च या जुलाई–अगस्त
फायदे:
✔️ हवा शुद्ध करती है
✔️ सर्दी-खाँसी में लाभ
✔️ घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है
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2️⃣ एलोवेरा (घृतकुमारी)
कहाँ लगाएँ: बालकनी या खिड़की के पास
कब लगाएँ: मार्च–अप्रैल
फायदे:
✔️ त्वचा और बालों के लिए उपयोगी
✔️ हल्की जलन में राहत
✔️ कम देखभाल में बढ़ता है
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3️⃣ मनी प्लांट
कहाँ लगाएँ: ड्रॉइंग रूम या बालकनी (पानी या मिट्टी में)
कब लगाएँ: साल भर
फायदे:
✔️ हवा की नमी संतुलित करता है
✔️ घर की सुंदरता बढ़ाता है
✔️ वास्तु के अनुसार शुभ
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4️⃣ स्नेक प्लांट
कहाँ लगाएँ: बेडरूम के कोने में
कब लगाएँ: मार्च–अक्टूबर
फायदे:
✔️ रात में ऑक्सीजन छोड़ता है
✔️ नींद बेहतर करता है
✔️ बहुत कम पानी चाहिए
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5️⃣ करी पत्ता
कहाँ लगाएँ: धूप वाली बालकनी या छत
कब लगाएँ: फरवरी–मार्च
फायदे:
✔️ खाने में ताज़ा स्वाद
✔️ पाचन में मदद
✔️ बालों के लिए लाभकारी
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6️⃣ पुदीना
कहाँ लगाएँ: रसोई की खिड़की या बालकनी
कब लगाएँ: फरवरी–मार्च
फायदे:
✔️ गैस और अपच में राहत
✔️ ठंडक देने वाला पौधा
✔️ जल्दी फैलता है
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7️⃣ लेमन ग्रास
कहाँ लगाएँ: छत या खुले गमले में
कब लगाएँ: मार्च–जून
फायदे:
✔️ मच्छर दूर रखता है
✔️ चाय में उपयोगी
✔️ खुशबूदार वातावरण
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8️⃣ गुलाब
कहाँ लगाएँ: छत या बालकनी (पूरी धूप में)
कब लगाएँ: अक्टूबर–नवंबर
फायदे:
✔️ घर की शोभा बढ़ाता है
✔️ पूजा और सजावट में उपयोग
✔️ मन को प्रसन्न करता है
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9️⃣ अरेका पाम
कहाँ लगाएँ: ड्रॉइंग रूम या एंट्री एरिया
कब लगाएँ: फरवरी–मार्च
फायदे:
✔️ हवा में नमी बढ़ाता है
✔️ प्रदूषण कम करता है
✔️ घर को फ्रेश लुक देता है
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🔟 अजवाइन का पौधा (ओवा लीफ)
कहाँ लगाएँ: रसोई की खिड़की
कब लगाएँ: फरवरी–मार्च
फायदे:
✔️ पेट दर्द में उपयोगी
✔️ पत्तियाँ सीधे इस्तेमाल कर सकते हैं
✔️ बहुत कम देखभाल चाहिए



![sharechat - " बच्चों की परवरिशः मार ज़रूरी है या सही तरीका?" ऐसा बच्चा बदमाश नहीं होता, वह उस समय भावनाओं पर कंट्रोल खो चुका होता है ज़ोर ज़ोर से रो रहा हो, उस समय उसका दिमाग समझने की स्थिति में नहीं जव बच्चा हाता घरमें नियम সতনুন৪ী; moment # उस तो बाहरकी गलत सीख अपने आप मारना छँट जाती है। चिल्लाना बच्चा जो देखेगा वही सीखेगा आप कैसे बोलते है, बड़ों से कैसे पेश समझाना आते हैं - वही संस्कार बनेंगे lecture देना बहुत प्यार/ काम नहीं करता कुछ भी लेकिन हर बात मानना मारने से बच्चा डर के कारण रुकता है, सुधारता नहीं "यह सही हे। यह गलत हे - साफ डर से चुप हुआ बच्चा आगे चलकर होना चाहिए झूठ बोलना सीखता है मारसे डर आता है, संस्कार नहीं अकेले में वही गलती दोहराता है गलतकाम परnatural punishment & खुद aggressive बनता है १. खिलौना फेंका खिलौना कुछ ज़िद्दी बच्चा अक्सर attention और control चाहता है समय के लिए हटा रोना कोई नाटक नहीं, बल्कि emotion का release होता है २ बदतमीज़ी खेल बंद रोते समय बच्चे को शांत होने का समय देना सबसे ज़रूरी है उस समय बस इतना कहना काफी हैः सुधार एक दिन में नहीं होता, "मैं यहीं हूँ, शांत हो जाओ फिर बात करेंगे " समय लगता हे #4 रोना खत्म होने तक बहस या समझाइश नहीं करनी चाहिए सही तरीका ५= १० बार लगातार अपनाने से बच्चा शांत होने के बाद ही समझाना असर करता है ज़िद का pattern टूटता है बाद में साफनसाफ कहना चाहिएः সাংম নাব্মোলিক্ থানি নিলনী "रोने से चीज़ें नहीं मिलती, बात करने से मिलती हैं" जिस चीज़ के लिए बच्चा ज़िद कर रहा था, लेकिन स्थायी सुधार नहीं वो चीज़ बिल्कुल नहीं देनी चाहिए बिना मार, सही नियम और अगर ज़िद पर चीज़ दे दी गई॰ तो बच्चा सीखता हैः consequence = "ज़ोर से रोऊँगा तो सब मिल जाएगा" self control सीखता हे ర] अगली बार वही बच्चा २ग सबसे ज़रूरी बातः ज़्यादा रोएगा Consistency (हर बार वही नियम) ज़्यादा ड्रामा करेगा नियम बदलेंगे तो बच्चा नहीं सुधरेगा ज़िद करेगा 4I6T " बच्चों की परवरिशः मार ज़रूरी है या सही तरीका?" ऐसा बच्चा बदमाश नहीं होता, वह उस समय भावनाओं पर कंट्रोल खो चुका होता है ज़ोर ज़ोर से रो रहा हो, उस समय उसका दिमाग समझने की स्थिति में नहीं जव बच्चा हाता घरमें नियम সতনুন৪ী; moment # उस तो बाहरकी गलत सीख अपने आप मारना छँट जाती है। चिल्लाना बच्चा जो देखेगा वही सीखेगा आप कैसे बोलते है, बड़ों से कैसे पेश समझाना आते हैं - वही संस्कार बनेंगे lecture देना बहुत प्यार/ काम नहीं करता कुछ भी लेकिन हर बात मानना मारने से बच्चा डर के कारण रुकता है, सुधारता नहीं "यह सही हे। यह गलत हे - साफ डर से चुप हुआ बच्चा आगे चलकर होना चाहिए झूठ बोलना सीखता है मारसे डर आता है, संस्कार नहीं अकेले में वही गलती दोहराता है गलतकाम परnatural punishment & खुद aggressive बनता है १. खिलौना फेंका खिलौना कुछ ज़िद्दी बच्चा अक्सर attention और control चाहता है समय के लिए हटा रोना कोई नाटक नहीं, बल्कि emotion का release होता है २ बदतमीज़ी खेल बंद रोते समय बच्चे को शांत होने का समय देना सबसे ज़रूरी है उस समय बस इतना कहना काफी हैः सुधार एक दिन में नहीं होता, "मैं यहीं हूँ, शांत हो जाओ फिर बात करेंगे " समय लगता हे #4 रोना खत्म होने तक बहस या समझाइश नहीं करनी चाहिए सही तरीका ५= १० बार लगातार अपनाने से बच्चा शांत होने के बाद ही समझाना असर करता है ज़िद का pattern टूटता है बाद में साफनसाफ कहना चाहिएः সাংম নাব্মোলিক্ থানি নিলনী "रोने से चीज़ें नहीं मिलती, बात करने से मिलती हैं" जिस चीज़ के लिए बच्चा ज़िद कर रहा था, लेकिन स्थायी सुधार नहीं वो चीज़ बिल्कुल नहीं देनी चाहिए बिना मार, सही नियम और अगर ज़िद पर चीज़ दे दी गई॰ तो बच्चा सीखता हैः consequence = "ज़ोर से रोऊँगा तो सब मिल जाएगा" self control सीखता हे ర] अगली बार वही बच्चा २ग सबसे ज़रूरी बातः ज़्यादा रोएगा Consistency (हर बार वही नियम) ज़्यादा ड्रामा करेगा नियम बदलेंगे तो बच्चा नहीं सुधरेगा ज़िद करेगा 4I6T - ShareChat sharechat - " बच्चों की परवरिशः मार ज़रूरी है या सही तरीका?" ऐसा बच्चा बदमाश नहीं होता, वह उस समय भावनाओं पर कंट्रोल खो चुका होता है ज़ोर ज़ोर से रो रहा हो, उस समय उसका दिमाग समझने की स्थिति में नहीं जव बच्चा हाता घरमें नियम সতনুন৪ী; moment # उस तो बाहरकी गलत सीख अपने आप मारना छँट जाती है। चिल्लाना बच्चा जो देखेगा वही सीखेगा आप कैसे बोलते है, बड़ों से कैसे पेश समझाना आते हैं - वही संस्कार बनेंगे lecture देना बहुत प्यार/ काम नहीं करता कुछ भी लेकिन हर बात मानना मारने से बच्चा डर के कारण रुकता है, सुधारता नहीं "यह सही हे। यह गलत हे - साफ डर से चुप हुआ बच्चा आगे चलकर होना चाहिए झूठ बोलना सीखता है मारसे डर आता है, संस्कार नहीं अकेले में वही गलती दोहराता है गलतकाम परnatural punishment & खुद aggressive बनता है १. खिलौना फेंका खिलौना कुछ ज़िद्दी बच्चा अक्सर attention और control चाहता है समय के लिए हटा रोना कोई नाटक नहीं, बल्कि emotion का release होता है २ बदतमीज़ी खेल बंद रोते समय बच्चे को शांत होने का समय देना सबसे ज़रूरी है उस समय बस इतना कहना काफी हैः सुधार एक दिन में नहीं होता, "मैं यहीं हूँ, शांत हो जाओ फिर बात करेंगे " समय लगता हे #4 रोना खत्म होने तक बहस या समझाइश नहीं करनी चाहिए सही तरीका ५= १० बार लगातार अपनाने से बच्चा शांत होने के बाद ही समझाना असर करता है ज़िद का pattern टूटता है बाद में साफनसाफ कहना चाहिएः সাংম নাব্মোলিক্ থানি নিলনী "रोने से चीज़ें नहीं मिलती, बात करने से मिलती हैं" जिस चीज़ के लिए बच्चा ज़िद कर रहा था, लेकिन स्थायी सुधार नहीं वो चीज़ बिल्कुल नहीं देनी चाहिए बिना मार, सही नियम और अगर ज़िद पर चीज़ दे दी गई॰ तो बच्चा सीखता हैः consequence = "ज़ोर से रोऊँगा तो सब मिल जाएगा" self control सीखता हे ర] अगली बार वही बच्चा २ग सबसे ज़रूरी बातः ज़्यादा रोएगा Consistency (हर बार वही नियम) ज़्यादा ड्रामा करेगा नियम बदलेंगे तो बच्चा नहीं सुधरेगा ज़िद करेगा 4I6T " बच्चों की परवरिशः मार ज़रूरी है या सही तरीका?" ऐसा बच्चा बदमाश नहीं होता, वह उस समय भावनाओं पर कंट्रोल खो चुका होता है ज़ोर ज़ोर से रो रहा हो, उस समय उसका दिमाग समझने की स्थिति में नहीं जव बच्चा हाता घरमें नियम সতনুন৪ী; moment # उस तो बाहरकी गलत सीख अपने आप मारना छँट जाती है। चिल्लाना बच्चा जो देखेगा वही सीखेगा आप कैसे बोलते है, बड़ों से कैसे पेश समझाना आते हैं - वही संस्कार बनेंगे lecture देना बहुत प्यार/ काम नहीं करता कुछ भी लेकिन हर बात मानना मारने से बच्चा डर के कारण रुकता है, सुधारता नहीं "यह सही हे। यह गलत हे - साफ डर से चुप हुआ बच्चा आगे चलकर होना चाहिए झूठ बोलना सीखता है मारसे डर आता है, संस्कार नहीं अकेले में वही गलती दोहराता है गलतकाम परnatural punishment & खुद aggressive बनता है १. खिलौना फेंका खिलौना कुछ ज़िद्दी बच्चा अक्सर attention और control चाहता है समय के लिए हटा रोना कोई नाटक नहीं, बल्कि emotion का release होता है २ बदतमीज़ी खेल बंद रोते समय बच्चे को शांत होने का समय देना सबसे ज़रूरी है उस समय बस इतना कहना काफी हैः सुधार एक दिन में नहीं होता, "मैं यहीं हूँ, शांत हो जाओ फिर बात करेंगे " समय लगता हे #4 रोना खत्म होने तक बहस या समझाइश नहीं करनी चाहिए सही तरीका ५= १० बार लगातार अपनाने से बच्चा शांत होने के बाद ही समझाना असर करता है ज़िद का pattern टूटता है बाद में साफनसाफ कहना चाहिएः সাংম নাব্মোলিক্ থানি নিলনী "रोने से चीज़ें नहीं मिलती, बात करने से मिलती हैं" जिस चीज़ के लिए बच्चा ज़िद कर रहा था, लेकिन स्थायी सुधार नहीं वो चीज़ बिल्कुल नहीं देनी चाहिए बिना मार, सही नियम और अगर ज़िद पर चीज़ दे दी गई॰ तो बच्चा सीखता हैः consequence = "ज़ोर से रोऊँगा तो सब मिल जाएगा" self control सीखता हे ర] अगली बार वही बच्चा २ग सबसे ज़रूरी बातः ज़्यादा रोएगा Consistency (हर बार वही नियम) ज़्यादा ड्रामा करेगा नियम बदलेंगे तो बच्चा नहीं सुधरेगा ज़िद करेगा 4I6T - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_451117_2abaf62a_1769741445187_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=187_sc.jpg)








