@vivekanand_kashyap143
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🙏 दीपावली शुभकामनायें

🎊🎉🎉🎉🎉🎉🎊🎉💐 एक घर मे *पांच दिए* जल रहे थे। एक दिन पहले एक दिए ने कहा - इतना जलकर भी *मेरी रोशनी की* लोगो को *कोई कदर* नही है... तो बेहतर यही होगा कि मैं बुझ जाऊं। वह दिया खुद को व्यर्थ समझ कर बुझ गया । जानते है वह दिया कौन था ? वह दिया था *उत्साह* का प्रतीक । यह देख दूसरा दिया जो *शांति* का प्रतीक था, कहने लगा - मुझे भी बुझ जाना चाहिए। निरंतर *शांति की रोशनी* देने के बावजूद भी *लोग हिंसा कर* रहे है। और *शांति* का दिया बुझ गया । *उत्साह* और *शांति* के दिये के बुझने के बाद, जो तीसरा दिया *हिम्मत* का था, वह भी अपनी हिम्मत खो बैठा और बुझ गया। *उत्साह*, *शांति* और अब *हिम्मत* के न रहने पर चौथे दिए ने बुझना ही उचित समझा। *चौथा* दिया *समृद्धि* का प्रतीक था। सभी दिए बुझने के बाद केवल *पांचवां दिया* *अकेला ही जल* रहा था। हालांकि पांचवां दिया सबसे छोटा था मगर फिर भी वह *निरंतर जल रहा* था। तब उस घर मे एक *लड़के* ने प्रवेश किया। उसने देखा कि उस घर मे सिर्फ *एक ही दिया* जल रहा है। वह खुशी से झूम उठा। चार दिए बुझने की वजह से वह दुखी नही हुआ बल्कि खुश हुआ। यह सोचकर कि *कम से कम* एक दिया तो जल रहा है। उसने तुरंत *पांचवां दिया उठाया* और बाकी के चार दिए *फिर से* जला दिए । जानते है वह *पांचवां अनोखा दिया* कौन सा था ? वह था *उम्मीद* का दिया... इसलिए *अपने घर में* अपने *मन में* हमेशा उम्मीद का दिया जलाए रखिये । चाहे *सब दिए बुझ जाए* लेकिन *उम्मीद का दिया* नही बुझना चाहिए । ये एक ही दिया *काफी* है बाकी *सब दियों* को जलाने के लिए .... 🙏🏻🙏🏻🙏 दीपावली शुभकामनायें 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 #🙏 दीपावली शुभकामनायें #👍 दिये जलायें प्रकाश फैलायें #👍 सुरक्षित दीपावली #📔 किस्से-कहानी #🎙 स्वरचित साहित्य
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18 दिन पहले
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मैं इस पोस्ट का विरोध करता हूँ, क्योंकि ये पोस्ट...
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