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#यथार्थ_गीता_ज्ञान #🌞 Good Morning🌞 #🌷शुभ रविवार #❤️अस्सलामु अलैकुम #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें DEBATE: क्या राम जी से भी बड़ा है कोई और राम ? रामचरितमानस से महाखुलासा || देखिए आज दोपहर 12 बजे सिर्फ SA News Channel पर।*
यथार्थ_गीता_ज्ञान - @ NEWS दुशरथूपुत्र रम & प्रयद। पुरूपेल्तप्र ২ कोई ओर है वो या तरडी बहत 4 RELEASING TODAY (30-11-25) AT12*00 PM; ONLYON SA NEWS @ NEWS दुशरथूपुत्र रम & प्रयद। पुरूपेल्तप्र ২ कोई ओर है वो या तरडी बहत 4 RELEASING TODAY (30-11-25) AT12*00 PM; ONLYON SA NEWS - ShareChat
https://www.facebook.com/share/v/1AVgh3oBhT/ #❤️अस्सलामु अलैकुम #🙏गीता ज्ञान🛕 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #यथार्थ_गीता_ज्ञान
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🌞 Good Morning🌞 - ४गीता ` 5எ श्री कृष्ण ने नहीं कहा":- कुरुक्षेत्र के मैदान में पवित्र गीता जी का ज्ञान सुनाते  जब समय अध्याय ११ श्लोक ३२ में पवित्र गीता बोलने वाला प्रभु कह रहा है कि  अर्जुन मैं बढा हुआ काल हूँl अब सर्व लोकों को खाने के लिए प्रकट हुआ हूँ। ९ जरा सोचें कि श्री कृष्ण जी तो पहले से ही श्री अर्जुन जी के साथ थे। यदि पवित्र गीता जी के ज्ञान को श्री कृष्ण जी बोल रहे होते तो यह नहीं कहते कि अब प्रवृत्त हुआ हूँ। जगतगुरु तत्वदर्शी संत र्मपालु जी महाराज संत रामपाल जी महारान जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download dpid च निःशुलक निःशुल्क नामदीक्षा ; পুদক সাম কনে ক লিতর মপক যূন়্য; Bea Fa ~917496801823 ४गीता ` 5எ श्री कृष्ण ने नहीं कहा":- कुरुक्षेत्र के मैदान में पवित्र गीता जी का ज्ञान सुनाते  जब समय अध्याय ११ श्लोक ३२ में पवित्र गीता बोलने वाला प्रभु कह रहा है कि  अर्जुन मैं बढा हुआ काल हूँl अब सर्व लोकों को खाने के लिए प्रकट हुआ हूँ। ९ जरा सोचें कि श्री कृष्ण जी तो पहले से ही श्री अर्जुन जी के साथ थे। यदि पवित्र गीता जी के ज्ञान को श्री कृष्ण जी बोल रहे होते तो यह नहीं कहते कि अब प्रवृत्त हुआ हूँ। जगतगुरु तत्वदर्शी संत र्मपालु जी महाराज संत रामपाल जी महारान जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download dpid च निःशुलक निःशुल्क नामदीक्षा ; পুদক সাম কনে ক লিতর মপক যূন়্য; Bea Fa ~917496801823 - ShareChat
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यथार्थ_गीता_ज्ञान - गीता গান गीता अध्याय १८ श्लोक ६२ अध्याय १८ का श्लोक ६२ हे भारत! तू सब प्रकार से उस परमेश्वर की की ही शरण में जा। उस परमात्मा की कृपा तम् एव शरणम् गच्छ सर्वभावेन भारत ही तू तत्प्रसादात् पराम् शान्तिम स्थानम् प्राप्स्यसि परम शान्ति को तथा सदा रहने 81847//62// वाले सतलोक को प्राप्त होगा| भारत) हे भारत! तू ( सर्वभावेन ) सब प्रकारसे अनुवादः (तम्) उस परमेश्वरकी ( एव) ही (शरणम् ) शरणमें संत रामपाल जी महाराज जी से (गच्छ) जा। (तत्प्रसादात्) उस परमात्माकी कृपा से ही निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क  तू (पराम् ) परम (शान्तिम्) शान्तिको तथा ( शाश्वतम्) +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : वाला सत ( स्थानम्) स्थान। धाम। लाक को रहने Hcl अर्थात् सत्लोक को (प्राप्स्यसि) प्राप्त होगा। (६२) गीता গান गीता अध्याय १८ श्लोक ६२ अध्याय १८ का श्लोक ६२ हे भारत! तू सब प्रकार से उस परमेश्वर की की ही शरण में जा। उस परमात्मा की कृपा तम् एव शरणम् गच्छ सर्वभावेन भारत ही तू तत्प्रसादात् पराम् शान्तिम स्थानम् प्राप्स्यसि परम शान्ति को तथा सदा रहने 81847//62// वाले सतलोक को प्राप्त होगा| भारत) हे भारत! तू ( सर्वभावेन ) सब प्रकारसे अनुवादः (तम्) उस परमेश्वरकी ( एव) ही (शरणम् ) शरणमें संत रामपाल जी महाराज जी से (गच्छ) जा। (तत्प्रसादात्) उस परमात्माकी कृपा से ही निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क  तू (पराम् ) परम (शान्तिम्) शान्तिको तथा ( शाश्वतम्) +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : वाला सत ( स्थानम्) स्थान। धाम। लाक को रहने Hcl अर्थात् सत्लोक को (प्राप्स्यसि) प्राप्त होगा। (६२) - ShareChat
📌📌क्या आप जानते हैं ?📌📌 📝 ब्रम्हा, विष्णु, महेश के माता-पिता कौन हैं ? 📝 शेरावाली माता (दुर्गा अष्टांगी) का पति कौन है ? 📝 हमको जन्म देने व मारने में किस प्रभु का स्वार्थ है ? 📝 हम सभी देवी-देवताओं की इतनी भक्ति करते हैं, फिर भी दुखी क्यों हैं ? 📝ब्रम्हा, विष्णु, महेश तीनो स्वयं त्रिलोकीनाथ होने के बाद भी आखिर किसकी भक्ति करते हैं ? 📝 पूर्ण संत की क्या पहचान होती है एवं पूर्ण मोक्ष कैसे मिलेगा ? 📝पूर्ण परमात्मा साकार है या निराकार ? 📝 किसी भी गुरु की शरण में जाने से मुक्ति संभव है या नहीं ? 📝तीर्थ, व्रत, तर्पण, श्राध्द निकालने से लाभ संभव है या नहीं ? 📝श्री कृष्ण जी काल नहीं थे, फिर भी उन्होंने गीता अध्याय 11 श्लोक 32 में स्वयं को काल क्यों कहा है ? 📝पूर्ण परमात्मा कौन तथा कैसा है ? कहाँ रहता है ? कैसे मिलता है ? किसने देखा है ? 📝 समाधि अभ्यास(Meditation) हरे राम, हरे कृष्ण, हरिओम, हंस, तीन व पाँच नामों तथा वाहेगुरु आदि- आदि नामों के जाप से सुख एवं मुक्ति संभव है या नहीं ? 📝 वर्तमान समय में प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं के अनुसार वह महान संत कौन है ? इन सभी प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए कृपया पढे़ पुस्तक ज्ञान गंगा या जीने की राह या गीता तेरा ज्ञान अमृत और सुनिए संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन साधना चैनल पर शाम को 7:30 से 8:30 बजे तक ! 👇👇👇👇👇👇 अधिक जानकारी के लिए निचे लिंक पर क्लिक करे। https://youtube.com/@SaintRampalJiMaharaj #🌞 Good Morning🌞 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👉 लोगों के लिए सीख👈 ◾🔲◾🔲◾🔲◾🔲◾🔲 #यथार्थ_गीता_ज्ञान
🌞 Good Morning🌞 - गता {[ र्त रमपाल जी महाराज द्वारा खुलासा में अर्जुन गीता अध्याय ११ श्लोक २१ कहा कि आप तो देवताओं के समूह के समूह रहे हैं जो आपकी स्तुति हाथ जोड़कर भयभीत होकर कर रहे हैं। महर्षियों को ग्रास (खा' तथा सिद्धों के समुदाय आप से अपने जीवन की मंगल कामना कर रहे हैं। गीता মাথ बताया कि हे अर्जुन। मैं बढ़ा हुआ काल हूँ अध्याय ११ श्लोक ३२ में गीता ज्ञान दाता अब प्रवृत हुआ हूँ अर्थात् श्री कृष्ण के शरीर में अब प्रवेश हुआ हूँ মব অকিয়া কা নাহা विपक्ष की सर्व सेनाः तू युद्ध नहीं करेगा तो भी नष्ट हा जाएगी | কতা इससे सिद्ध अध्याय ११ का श्लोक २१ 831 अच्याय ११ का श्लाक ३२ ( भगवान उयाची अमी हि त्वाम सुरसंघा विशन्ति केचित भीताः।  कालः अरिगि लोकक्षपकृत प्रवृद्ध  लोकान समाहर्नम कि गीता ಹr णन्ति ख्वरिते डते उक्त्चा ५६ पयृत्त प्रार्जलयः भविष्यन्ति सर्वे ऋत अपे त्वाम अवस्थिताः महर्षिसिद्वसंपाः FeTfaT TTuT://321  লাম মুনিমি: দুব্ধলামি:1/2111 श्री कृष्ण स्तुवन्ति " SI6 अनुवादः  लोकक्षयकृत लोकाटको नाश करनेवाली " अनुवादः ( अमी) वे ही ( सुरसंघा हि) देवताओके समूह ।प्रवृद्ध ) बढा हुआ ( कालः ) काल [ अरमि॰ (೯) =5 তী ক থঠীয ম (ಹar' त्वाम) आपर्मे ( विशन्ति प्रवेश करते ह ओर (लोकान) इन लोकोको (समाहर्तुम्) न२ करने के कुछ ( भीताः ) भयभीत होकर (प्रारजलयः ) हाथ जोड़  लिये ( प्रवृत्तः ) प्रकट हुआ " इसलिय (य महर्षिसिद्धसंघाः)  পানন उच्चारण करत নথা प्रविष्ट होकर ।प्रत्यनीकेषु) प्रतिपक्षियोकी सेनार्मे ( अवस्थिता ) स्थित  महर्षि और सि्द्धोके समुदाय ( स्वस्ति) ' कल्याण हो (ulal:) ulal cl ೯ (ಸ) (Tr!) ೧2` /#7] (इति) ऐसा ( उक्त्वा ) कहकर ( पुष्कलाभिः ) उत्तम उत्तम  ।ऋते) बिना (अपि। भी ।न) नही ( भविष्यन्ति) रहेगे  काल ने कहा है। स्नुतिभिः ) स्तोर्त्रोद्वारा (त्वाम) आपकी  अर्थात् तेरे युद्घ न करनेसे भी इन सबका नाश हो  লুনি ( स्तवन्ति) करते र्हे। फिर भी आप उन्हें खा रहे हो। (२१ ) जायेगा। (३२)  संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj  निःशुल्क  App Download कीजिये নিঃথুল্ক नामदीक्षा व॰ +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करन केलिय संपर्क सूत्र : GoogkePay गता {[ र्त रमपाल जी महाराज द्वारा खुलासा में अर्जुन गीता अध्याय ११ श्लोक २१ कहा कि आप तो देवताओं के समूह के समूह रहे हैं जो आपकी स्तुति हाथ जोड़कर भयभीत होकर कर रहे हैं। महर्षियों को ग्रास (खा' तथा सिद्धों के समुदाय आप से अपने जीवन की मंगल कामना कर रहे हैं। गीता মাথ बताया कि हे अर्जुन। मैं बढ़ा हुआ काल हूँ अध्याय ११ श्लोक ३२ में गीता ज्ञान दाता अब प्रवृत हुआ हूँ अर्थात् श्री कृष्ण के शरीर में अब प्रवेश हुआ हूँ মব অকিয়া কা নাহা विपक्ष की सर्व सेनाः तू युद्ध नहीं करेगा तो भी नष्ट हा जाएगी | কতা इससे सिद्ध अध्याय ११ का श्लोक २१ 831 अच्याय ११ का श्लाक ३२ ( भगवान उयाची अमी हि त्वाम सुरसंघा विशन्ति केचित भीताः।  कालः अरिगि लोकक्षपकृत प्रवृद्ध  लोकान समाहर्नम कि गीता ಹr णन्ति ख्वरिते डते उक्त्चा ५६ पयृत्त प्रार्जलयः भविष्यन्ति सर्वे ऋत अपे त्वाम अवस्थिताः महर्षिसिद्वसंपाः FeTfaT TTuT://321  লাম মুনিমি: দুব্ধলামি:1/2111 श्री कृष्ण स्तुवन्ति " SI6 अनुवादः  लोकक्षयकृत लोकाटको नाश करनेवाली " अनुवादः ( अमी) वे ही ( सुरसंघा हि) देवताओके समूह ।प्रवृद्ध ) बढा हुआ ( कालः ) काल [ अरमि॰ (೯) =5 তী ক থঠীয ম (ಹar' त्वाम) आपर्मे ( विशन्ति प्रवेश करते ह ओर (लोकान) इन लोकोको (समाहर्तुम्) न२ करने के कुछ ( भीताः ) भयभीत होकर (प्रारजलयः ) हाथ जोड़  लिये ( प्रवृत्तः ) प्रकट हुआ " इसलिय (य महर्षिसिद्धसंघाः)  পানন उच्चारण करत নথা प्रविष्ट होकर ।प्रत्यनीकेषु) प्रतिपक्षियोकी सेनार्मे ( अवस्थिता ) स्थित  महर्षि और सि्द्धोके समुदाय ( स्वस्ति) ' कल्याण हो (ulal:) ulal cl ೯ (ಸ) (Tr!) ೧2` /#7] (इति) ऐसा ( उक्त्वा ) कहकर ( पुष्कलाभिः ) उत्तम उत्तम  ।ऋते) बिना (अपि। भी ।न) नही ( भविष्यन्ति) रहेगे  काल ने कहा है। स्नुतिभिः ) स्तोर्त्रोद्वारा (त्वाम) आपकी  अर्थात् तेरे युद्घ न करनेसे भी इन सबका नाश हो  লুনি ( स्तवन्ति) करते र्हे। फिर भी आप उन्हें खा रहे हो। (२१ ) जायेगा। (३२)  संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj  निःशुल्क  App Download कीजिये নিঃথুল্ক नामदीक्षा व॰ +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करन केलिय संपर्क सूत्र : GoogkePay - ShareChat
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🙏🙏📌📌क्या आप जानते हैं ?📌📌 📝 ब्रम्हा, विष्णु, महेश के माता-पिता कौन हैं ? 📝 शेरावाली माता (दुर्गा अष्टांगी) का पति कौन है ? 📝 हमको जन्म देने व मारने में किस प्रभु का स्वार्थ है ? 📝 हम सभी देवी-देवताओं की इतनी भक्ति करते हैं, फिर भी दुखी क्यों हैं ? 📝ब्रम्हा, विष्णु, महेश तीनो स्वयं त्रिलोकीनाथ होने के बाद भी आखिर किसकी भक्ति करते हैं ? 📝 पूर्ण संत की क्या पहचान होती है एवं पूर्ण मोक्ष कैसे मिलेगा ? 📝पूर्ण परमात्मा साकार है या निराकार ? 📝 किसी भी गुरु की शरण में जाने से मुक्ति संभव है या नहीं ? 📝तीर्थ, व्रत, तर्पण, श्राध्द निकालने से लाभ संभव है या नहीं ? 📝श्री कृष्ण जी काल नहीं थे, फिर भी उन्होंने गीता अध्याय 11 श्लोक 32 में स्वयं को काल क्यों कहा है ? 📝पूर्ण परमात्मा कौन तथा कैसा है ? कहाँ रहता है ? कैसे मिलता है ? किसने देखा है ? 📝 समाधि अभ्यास(Meditation) हरे राम, हरे कृष्ण, हरिओम, हंस, तीन व पाँच नामों तथा वाहेगुरु आदि- आदि नामों के जाप से सुख एवं मुक्ति संभव है या नहीं ? 📝 वर्तमान समय में प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं के अनुसार वह महान संत कौन है ? इन सभी प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए कृपया पढे़ पुस्तक ज्ञान गंगा या जीने की राह या गीता तेरा ज्ञान अमृत और सुनिए संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन साधना चैनल पर शाम को 7:30 से 8:30 बजे तक ! 👇👇👇👇👇👇 अधिक जानकारी के लिए निचे लिंक पर क्लिक करे। https://youtube.com/@SaintRampalJiMaharaj ◾🔲◾🔲◾🔲◾🔲◾🔲 | Raj Kumar
🙏🙏📌📌क्या आप जानते हैं ?📌📌 📝 ब्रम्हा, विष्णु, महेश के माता-पिता कौन हैं ? 📝 शेरावाली माता (दुर्गा अष्टांगी) का पति कौन है ? 📝 हमको जन्म देने व मारने...
#यथार्थ_गीता_ज्ञान 🍁गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है कि शास्त्र विधि को त्यागकर जो साधक मनमाना आचरण करते हैं उनको ना तो कोई सुख होता है ना कोई सिद्धि प्राप्त होती है तथा ना ही उनकी गति अर्थात मोक्ष होता है। Sant Rampal Ji Maharaj #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🤗जया किशोरी जी🕉️ - गीता शा२ दिववता  पितवताः पतृन गीता अध्याय 9 श्लोक २५ में श्राद्ध মুলানি; মালি भतऱ्याः यान्त मद्यााजनः    आप माम | २५ झारण यद नियप हःझि॰ व पिंड आदि कर्मकांड को गलत নসব্ী সা9 চান ` #urrl: कहा है। मार्कण्डेय पुराण में भी पृजनचाल 1 3111 )  =7177 देवताओाको  दवान ITETTT TT:  प्रमाण है कि वेदों में पितर पूजा भूत प्राप्त ोते र॰ ঘ্রাল करनवाल ।पतराका  मझका  पितृवताः  पूजा यानि श्राद्ध कर्म को अविद्या यानि पजनेवाले  সণি पितरको होते ह का कार्य बताया है। मूर्खों চান = T7ilmu7 ٧٧ ٠ যান ঘূনকোঁ পূতননাল गतच्याः பFI 15-7 न्तानि ~Ha ~ संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये व निःशुल्क নি:থুল্ক नामदीक्षा +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : Google Play गीता शा२ दिववता  पितवताः पतृन गीता अध्याय 9 श्लोक २५ में श्राद्ध মুলানি; মালি भतऱ्याः यान्त मद्यााजनः    आप माम | २५ झारण यद नियप हःझि॰ व पिंड आदि कर्मकांड को गलत নসব্ী সা9 চান ` #urrl: कहा है। मार्कण्डेय पुराण में भी पृजनचाल 1 3111 )  =7177 देवताओाको  दवान ITETTT TT:  प्रमाण है कि वेदों में पितर पूजा भूत प्राप्त ोते र॰ ঘ্রাল करनवाल ।पतराका  मझका  पितृवताः  पूजा यानि श्राद्ध कर्म को अविद्या यानि पजनेवाले  সণি पितरको होते ह का कार्य बताया है। मूर्खों চান = T7ilmu7 ٧٧ ٠ যান ঘূনকোঁ পূতননাল गतच्याः பFI 15-7 न्तानि ~Ha ~ संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये व निःशुल्क নি:থুল্ক नामदीक्षा +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : Google Play - ShareChat
#यथार्थ_गीता_ज्ञान 🍁गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है कि शास्त्र विधि को त्यागकर जो साधक मनमाना आचरण करते हैं उनको ना तो कोई सुख होता है ना कोई सिद्धि प्राप्त होती है तथा ना ही उनकी गति अर्थात मोक्ष होता है। Sant Rampal Ji Maharaj #👉 लोगों के लिए सीख👈 #यथार्थ_गीता_ज्ञान #यथार्थ_गीता_ज्ञान #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #❤️जीवन की सीख
👉 लोगों के लिए सीख👈 - गीता २र ्ंत रामपाल जी महाराज द्वारा गीता के रहस्यों का खुलासा সংযায 11 লীক 47 মী এবিস ঠীীনা সী কী নীলনী वाले प्रभु काल ने कहा है कि ॰हे अर्जुन! यह मेरा वास्तविक काल रूप है , जिसे तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा था। सिद्ध हुआ कि कौरवों की सभा में विराट रूप श्री कृष्ण जी ने दिखाया  था तथा कुरूक्षेत्र में युद्ध के मैदान में विराट रूप काल ने दिखाया था| नहीं तो यह नहीं कहता कि यह विराट रूप तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिय  निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क +91 7496801823 দুদক সII কনে চ নিq মপক মুন্ন ; गीता २र ्ंत रामपाल जी महाराज द्वारा गीता के रहस्यों का खुलासा সংযায 11 লীক 47 মী এবিস ঠীীনা সী কী নীলনী वाले प्रभु काल ने कहा है कि ॰हे अर्जुन! यह मेरा वास्तविक काल रूप है , जिसे तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा था। सिद्ध हुआ कि कौरवों की सभा में विराट रूप श्री कृष्ण जी ने दिखाया  था तथा कुरूक्षेत्र में युद्ध के मैदान में विराट रूप काल ने दिखाया था| नहीं तो यह नहीं कहता कि यह विराट रूप तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिय  निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क +91 7496801823 দুদক সII কনে চ নিq মপক মুন্ন ; - ShareChat