13 अक्टूबर की न्यूज़
2020 में मिलेगी भारत को S-400 मिसाइल, रूस के साथ पक्की हुई डील नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई के हैदराबाद हाऊस में हुई वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक में S-400 मिसाइल डिफेंस डील फाइनल हो गई है। पांच बिलियन डॉलर की इस मैगा डिफैंस डील से अब वायुसेना को 2020 तक S-400 मिसाइल मिल जाएगी। S-400 के अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार, ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर भी समझौते हुए। बता दें कि पुतिन गुरुवार को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पुतिन के भारत पहुंचने पर उनकी अगुवानी की। रूसी राष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें उप-प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और व्यापार एवं उद्योग मंत्री डेनिस मंतुरोव शामिल हैं। पुतिन का कार्यक्रम मोदी के साथ बातचीत करने के अलावा रूसी नेता पुतिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ भी बैठक करेंगे। वे प्रतिभाशाली बच्चों के एक समूह के साथ भी बातचीत करेंगे और भारत-रूस व्यापार बैठक को संबोधित करेंगे। S-400 मिसाइल डील पर ट्रंप की नजर अमरीकी प्रतिबंध के साए में भारत और रूस एस-400 डिफैंस मिसाइल सिस्टम डील पर सहमति करने के लिए तैयार है। पांच बिलियन डॉलर की इस मैगा डिफैंस डील पर अमरीका काऊंटरिंग अमेरिकन एडवर्सरीज सैंक्शन्स (काटसा) प्रतिबंध लगा सकता है। पिछले महीने अमरीका ने चीन पर यही बैन लगाया था। तब चीन ने रूस से लड़ाकू विमान और मिसाइल डिफैंस सिस्टम खरीदा था। S-400 मिसाइल की खासियत भारत अपने वायु रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली खरीदना चाहता है, खासतौर पर लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा के लिए। इसमें दुश्मनों के लड़ाकू विमान गिराने की जबरदस्त क्षमता है। यह मिसाइल 400 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन को आसमान में ही खत्म कर सकता है। इतना ही नहीं, एस-400 में अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को गिराने की भी ताकत है। अगर यह डील फाइल हो जाती है तो चीन के बाद भारत के पास भी यह ताकत होगी। बता दें कि चीन ने भी रूस से इस मिसाइल को खरीदा है।
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13 अक्टूबर की न्यूज़ - कश्मीर इस्लामाबाद पाकिस्तान नई दिल्ली में भारत और रूस के बीच एस 400 मिसाइलों को लेकर करीब 5 बिलियन डॉलर की डील हो सकती है । अरुणाचल प्रदेश पट चीन का दावा चीन 1 - दिल्ली नेपाल अष्टछ । सागर भारत क्यांमार 5एस - 400 यूनिटों के काय अपेक्षित कवटेज देगुनी हो जाती । भारत इसे चीन और पाक पर बढ़त के लिए हासिल करना चाहता है । एस - 400 ( एसए - 21 ग्रेवलर ) अन्वेटाक क्षमता अधिकतम ऊंचाई लक्ष्य भेदन गति एक हीसमय में लक्ष्य भेदने की क्षमता बैठालादेश बंगाल की । खाड़ी 400 किमी . 250 मील मिसाइल मारक क्षमता 600 कि मी 9 96 : 20किमी 30 किमी 4816 : 250 कि . 4 . 8 किमी / लै 40Uन 6 : 400 किमी 36 आता नियंत्रण रडार मोबाइल कमंड पोस्ट प्रक्षेपण : चार मिसाइलों से सुसजित । एस - 400 बैटरी में कम से कम 8 लांचर । हर किसी में चार कम दूरी की और एक लंबी दूरी की मिसाइल लगी है । - ShareChat
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10 महीने पहले
बाबर के वंशज ने सीएम योगी आदित्यनाथ को दी चुनौती, कहाः अगर मंदिर निर्माण... बाबर के वंशज ने सीएम योगी आदित्यनाथ को दी चुनौती, कहाः अगर मंदिर निर्माण... अयोध्या में राम मंदिर विवाद में आए दिन नया मोड़ आ रहा। अब मुगल शासक बाबर के कथित वंशज प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने राममंदिर निर्माण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चैलेंज दिया है। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए उनको आगे आने को कहते हुए इस पर हो रही राजनीति को बंद करने की अपील की है। प्रिंस तुसी ने यह कहा कि यदि मंदिर निर्माण कराया जाएगा तो पहली ईंट वह देंगे जो सोने की होगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्ददे पर हिन्‍दू-मुसलमान में कोई विवाद नहीं है, राजनेता इस पर बेवजह राजनीति कर रहे हैं। अगर भाजपा सरकार चाहे तो निर्माण शुरू हो जाएगा, वे खुद राष्‍ट्रपति के पास जाकर अयोध्‍या में भगवान राम के मंदिर निर्माण की वकालत करेंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट इसे विवादित ढांचा बोल रहा। वहां केवल जमीन का मसला है। मंदिर-मस्जिद का कोई मुद्दा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के मुताबिक वह जमीन बाबर की है। हम उनके वंशज। ऐसे में हमने देश के प्रेसीडेंट से समय मांगकर इस मामले में हस्तक्षेप करने के अनुरोध का निर्णय लिया है। प्रिसं तुसी ने दावा किया कि उस जमीन के मालिक वह हैं। शिया बोर्ड या सुन्नी बोर्ड इस जमीन के मालिक नहीं हैं तो वे किसी भी हक से उसकी लड़ाई नहीं लड़ सकते। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जमीन उनको मिल जाए और उसे वह राममंदिर निर्माण के लिए दे दें। खुद के बारे में उन्होंने बताया कि ओएस 5973 सिटी सिविल कोर्ट हैदराबाद 2002 में यह साफ निर्णय सुनाया है कि हम बाबर के वंशज हैं। कोर्ट ने डॉक्यूमेंट के एविडेंस में इसे कंफर्म किया है। मुगलों के वक्‍फ की प्रॉपर्टी के हम मुतवल्‍ली है। हमारे पास सारे कागजात भी मौजूद हैं। योगी आदित्यनाथ से कहा बनवाएं राममंदिर... उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वह चुनौती देने आए हैं। दो सालों से वे उनसे मिलकर मंदिर निर्माण की राह आसान करना चाहते हैं लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे हैं। अगर सही में मंदिर बनवानी है तो वे मंदिर निर्माण कराएं। वह केवल बयान दे रहे हैं कि राम मंदिर का निर्माण होगा। कभी निर्माण कराने की बात करते हैं तो कभी कोर्ट में मामला होने की बात करते हैं। प्रिंस तुसी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से एनओसी देने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री आगे आएं। उन्होंने कहा कि देश में 250 के आसपास मस्जिदें बंद पड़ी है। उसे खोलवाया जाए और देश का मुसलमान उसमें नमाज अदा करे। अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाए। उन्‍होंने बताया कि वे लोग दिल्‍ली से चक्रपाणि महाराज के नेतृत्‍व में रथयात्रा लेकर विभिन्‍न शहरों से होते हुए अयोध्‍या पहुंचेंगे और वहां रामलला के दर्शन कर मंदिर निर्माण पर मंथन होगा। दावा किया कि अयोध्‍या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनेगा, तो पहली सोने की ईंट वे रखेंगे।
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