फिक्र

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Akeel
569 views 19 days ago
#लम्हा ए फ़िक्र# अगर मस्जिद का ख़तीब मुहर्रम में भी अहले बैत और कर्बला का ज़िक्र नहीं करता, यज़ीद पर ख़ामोश है फिर ख़तीब बदलो या नस्ल के यज़ीदी होने का इंतज़ार करो।
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