सिर्फ तुम

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श्यामा
849 views 2 months ago
:::::प्रेम और स्त्री का मन.... स्त्री प्रेम में छल नहीं करती, वह तो बस परिस्थितियों और अपने कर्तव्यों के बीच उलझ जाती है… पहली बार… जब प्रेम उसके जीवन में दस्तक देता है, तो वह उसे पूरे मन से जीना चाहती है। उसके हृदय में भावनाओं की एक निर्मल धारा बहती है, परिवार की मर्यादाएँ और समाज की सीमाएँ उसे खुलकर जीने नहीं देतीं। वह छुपाती नहीं, बस अपने हिस्से का प्रेम चुपचाप संजोती है… और फिर… जब प्रेम को पाने का समय आता है, तब उसके सामने खड़े होते हैं कर्तव्य, संस्कार और अपनों की उम्मीदें। उसकी खामोशी को अक्सर छल समझ लिया जाता है, पर सच तो यह है कि वह खुद को तोड़कर अपनों को जोड़ रही होती है… वह वादे नहीं तोड़ती, वह अपने सपनों को त्याग देती है… वह प्रेम नहीं छोड़ती, वह खुद को पीछे छोड़ देती है… इसलिए स्त्री को दोषी ठहराना आसान है, पर उसकी खामोशी के पीछे छुपे त्याग को समझना हर किसी के बस की बात नहीं… क्योंकि स्त्री प्रेम में छल नहीं करती, वह तो बस… हर बार खुद से हारकर भी अपनों को जीतने दे:::: #❣️Love you ज़िंदगी ❣️ #😘बस तुम और मैं #🌙 गुड नाईट #सिर्फ तुम #💓 मोहब्बत दिल से
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श्यामा
557 views 1 days ago
माधव ज़िंदगी में तुम हो बस इसी बात से ज़िंदगी है वरना ये सांसे तो सबके हिस्से में है मेरे सखा धड़कने तो चलती हैं यहा हर किसी के सीने में मगर तुम जो मिले तो इस रूह में जान आई है मेरे प्यारे हमेशा मेरे साथ रहना मेरे कान्हा❤️ #❣️Love you ज़िंदगी ❣️ #सिर्फ तुम #💓 मोहब्बत दिल से #🌙 गुड नाईट #🌷शुभ रविवार
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