अंधविश्वास
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🔥 भाषण: पाखंड के ख़िलाफ़ हुंकार 🔥 भाइयो और बहनो, मुझे आज ग़ुस्सा है… इसलिए नहीं कि कोई मुझसे बहस कर रहा है, बल्कि इसलिए कि कुछ पाखंडी, ढोंगी लोग माँ-बहनों की पीड़ा को व्यापार बना चुके हैं। सोचिए ज़रा— जिस माँ ने बच्चे को जन्म दिया, जिस बहन की इज़्ज़त पर घर टिका है, उसी माँ-बहन को पकड़कर किसी ढोंगी के दरबार में ले जाया जाता है… कभी भूत के नाम पर, कभी देवी के नाम पर, कभी चमत्कार के नाम पर! और सवाल पूछने पर कहा जाता है— “श्रद्धा रखो, सवाल मत करो!” मैं पूछता हूँ— क्या श्रद्धा का मतलब डर होता है? क्या भक्ति का मतलब मार खाना होता है? क्या भगवान ने तुम्हें सोचने की अक़्ल नहीं दी? ये पाखंडी ना भगवान के दूत हैं, ना धर्म के रक्षक हैं— ये सीधे-सीधे अपराधी हैं। जो माँ-बहन पर हाथ उठवाए, जो बीमारी का इलाज झाड़-फूँक बताए, जो डर दिखाकर पैसा लूटे— वो साधु नहीं, वो समाज का दुश्मन है! लेकिन सुन लो— हम हाथ नहीं उठाएँगे, क्योंकि हम जंगल का क़ानून नहीं चाहते। हम क़ानून से मारेंगे। सबूत से मारेंगे। जागरूकता से मारेंगे। शिक्षा से इनका पाखंड जड़ से उखाड़ेंगे। हर घर में ये बात पहुँचनी चाहिए— 👉 बीमारी का इलाज डॉक्टर करता है 👉 मानसिक परेशानी का इलाज काउंसलर करता है 👉 और इंसाफ़ का काम क़ानून करता है, ढोंगी नहीं आज अगर हम चुप रहे, तो कल यही पाखंड हमारी बेटियों की ज़िंदगी निगल जाएगा। इसलिए डरिए मत, सवाल पूछिए, सबूत माँगिए, और जहाँ शोषण दिखे— क़ानून का दरवाज़ा खटखटाइए। याद रखिए— भगवान कभी डर नहीं देता, डर हमेशा पाखंडी देता है। पाखंड मुर्दाबाद! शोषण मुर्दाबाद! जागरूक भारत ज़िंदाबाद! 🔥✊ #अंध विश्वास #अंध विश्वास के खिलाफ जंग #अंध भक्तों को समर्पित #अंध भक्तों और बीजेपी से देश को बचाना है
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अंधविश्वास — जब डर और अनजान चीज़ें 'नियम' बन जाती हैं 🚨 — इतिहास से आज तक ये सार्वदेशिक और सार्वकालिक रहे हैं; विज्ञान के प्रकाश में भी ये छिपे रहते हैं। वैज्ञानिक विश्लेषण बताता है कि मन का pattern-seeking, confirmation-bias और कारण-फल की गलत समझ इन्हें जिंदा रखती है; जैसा कि विशेषज्ञ Stuart Vyse ने कहा है, "a superstition's presumed mechanism of action is inconsistent with our understanding of the physical world." भारत में वास्तु, जादू-टोना और चुड़ैल-आरोप जैसी मान्यताएँ आज भी सामाजिक नुकसान और असमानता पैदा करती हैं — इन पर विस्तृत रिपोर्टें मौजूद हैं। और यह सिर्फ तर्क नहीं: हाल ही में इलाहाबाद हाई-कोर्ट ने 'भूत भगाने' के बहाने पत्नी की हत्या के मामले में दोषसिद्धि दी, जो दिखाता है कि अंधविश्वास आज भी जानलेवा हो सकता है। गाजीपुर जैसी घटनाएँ भी सामने आई हैं जहाँ गलत भ्रांतियों ने हत्या तक को जन्म दिया। तर्क और विज्ञान यही कहते हैं — सवाल पूछो, साक्ष्य माँगो, और हिंसा/धोखे को धर्म या परंपरा के नाम पर बर्दाश्त मत करो; विज्ञान, शिक्षा और न्याय ही असली उपाय हैं। 🚫🔬🧠📚 #अंधविश्वासबंद #विज्ञानजीतता #साक्ष्यबोलें #StopSuperstition #शिक्षा_जरूरी @Benami @अंधविश्वास क्या होता है कुलदीप @Jagdish kumawat @Awadhesh Dubey @Divya malik #अंधविश्वास #अंधविश्वास आैर सत्य #अंधविश्वास #👫अंधविश्वास भगाओ देश बचाओ 👫 ##TrueKnowledge_On_Navratri पशुबलि प्रथा अंधविश्वास
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