सबरीमाला मंदिर विवाद
😎सबरीमाला का फायदा ले पाएगी भाजपा 👉कॉमेंट करे सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ केरल में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों में तेजी आई है। माकपा के थालासेरी विधायक एएन शमसीर के घर पर शुक्रवार देर रात बम से हमला किया गया। इससे पहले भाजपा सांसद वी मुरलीधरन, माकपा के कन्नूर जिला सचिव पी शशि और पार्टी कार्यकर्ता विशक के घरों पर भी बम फेंके गए। हमले में विशक घायल हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने करीब तीन महीने पहले मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी थी। भाजपा और हिंदू संगठन इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। वहीं, राज्य की माकपा सरकार कोर्ट के फैसले को लागू कराने के पक्ष में ह माकपा ने अपने नेताओं के घरों पर हुए हमलों के लिए आरएसएस के स्वयंसेवकों को, जबकि भाजपा ने माकपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। राज्य में 1738 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। 1108 मामले दर्ज किए गए हैं मोदी का केरल दौरा टला इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राज्य में रविवार को होने वाला दौरा टाल दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में भाजपा के एक स्थानीय वरिष्ठ नेता के हवाले से यह जानकारी दी गई। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘पीएम की पठानमथिट्टा यात्रा 6 जनवरी को कुछ अन्य व्यस्तताओं के कारण स्थगित कर दी गई है। इसका मौजूदा स्थिति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन हम इस स्थिति को और बढ़ाना नहीं चाहते।’’ गुरुवार रात श्रीलंकाई महिला ने किया था मंदिर में प्रवेश केरल के सबरीमाला मंदिर में श्रीलंका की 46 साल की एक महिला ने भी प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन उसे सीढ़ियों पर ही रोक दिया गया। महिला का कहना है कि उसने अपने रजोनिवृत्त होने का मेडिकल प्रमाण पत्र भी दिया, लेकिन उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।   जनवरी को 2 महिलाओं ने किए थे भगवान अयप्पा के दर्शन केरल के सबरीमाला मंदिर में 2 जनवरी को 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं- बिंदु और कनकदुर्गा ने प्रवेश किया था। इसके बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया गया। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने महिला श्रद्धालुओं को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से हिंसक प्रदर्शनों में तेजी आई। हमले में मंदिर समिति के एक कार्यकर्ता की मौत भी हो चुकी है।   800 साल से चली आ रही प्रथा 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में हर उम्र की महिला को प्रवेश देने की इजाजत दी थी। इस फैसले के खिलाफ केरल के राजपरिवार और मंदिर के मुख्य पुजारियों समेत कई हिंदू संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने सुनवाई से इनकार कर दिया। इससे पहले यहां 10 से 50 साल उम्र की महिला के प्रवेश पर रोक थी। यह प्रथा 800 साल पुरानी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरे राज्यभर में विरोध हुआ।   आदेश के बाद 3 बार खुला मंदिर आदेश के बाद 16 नवंबर को तीसरी बार मंदिर खोला गया। मंदिर 62 दिनों की पूजा के लिए खुला, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी विरोध के चलते 1 जनवरी तक कोई महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई थी।
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सबरीमाला मंदिर विवाद

सबरीमाला मंदिर विवाद - सबरीमालाः माकपा और भाजपा नेताओं के घर पर बम से हमले अयप्पा मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद से । हिंसक प्रदर्शनों में तेजी आई । शुक्रवार रात माकपा के विधायक एएन शमसीर के घर पर बम से हमला किया गया । अब तक 1700 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार हुए । इससे पहले भाजपा सांसद वी मुरलीधरन , माकपा के कन्नूर जिला सचिव पी साई और पार्टी कार्यकर्ता विशक के घरों पर भी बम फेंके गए थे । गुरुवार रात श्रीलंकाई महिला मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंची थी । - ShareChat
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10 महीने पहले
स्वागत किया. मंदिर में महिलाओं की एंट्री का समर्थन करने वाले उदित राज पहले बीजेपी सांसद हैं. उदित राज ने कहा 'मैं बहुत खुश हूं कि उन्होंने मंदिर में प्रवेश किया. इससे पहले सती और दहेज जैसी प्रथाएं थीं, क्या हमें उन्हें भी बरकरार रखनी चाहिए.' महिलाओं की एंट्री पर हो रहे विवाद पर बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि पुरुष भी महिलाओं की कोख से जन्म लेते हैं. बीजेपी ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया था. इसके बाद यह प्रदर्शन उग्र हो गया था. बुधवार को भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने केरल की राजधानी में प्रदर्शन किया था, उन्होंने नेशनल हाईवे का ट्रैफिक भी रोक दिया था. हेल्थ मिनिस्टर के.के शैलजा को भी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा था. कन्नूर में पार्टी की यूथ विंग ने काले झंडे दिखाए थे. केरल के सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन करने वाली दो महिलाओं का कहना था कि मंदिर में प्रवेश करते वक्त न तो उनके पास कोई पुलिस प्रोटेकशन थी और न ही किसी प्रदर्शनकारी ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की. बुधवार को 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं ने सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन किए. इन दोनों महिला का नाम बिंदु और कनकदुर्गा है. सीपीआई (एमएल) की कार्यकर्ता बिंदु की उम्र 42 साल है और वो कोझीकोड जिले की रहने वाली हैं. जबकि 44 वर्षीय कनकदुर्गा मल्लपुरम जिले की रहने वाली हैं.
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सबरीमाला मंदिर विवाद - सबरीमाला मंदिर : बीजेपी सांसद उदित राज ने किया महिलाओं की एंट्री का स्वागत - ShareChat
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10 महीने पहले
सबरीमाला: कोच्चि पहुंचीं तृप्ति देसाई, एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दे रही पुलिस सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद अभी तक एक भी महिला मंदिर में अंदर नहीं जा सकी है. तृप्ति देसाई ने मंदिर में प्रवेश करने का ऐलान किया है, लेकिन पुलिस ने उन्हें कोच्चि एयरपोर्ट पर रोक रखा है.सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तीसरी बार खुलने जा रहे सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की बात कहने वाली तृप्ति देसाई और उनकी 6 सहयोगियों को कोच्चि एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा. वहीं, केरल सरकार कोर्ट के फैसले पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष राजी नहीं है. केरल पुलिस सुरक्षा कारणों से तृप्ति और उनकी सहयोगियों को एयरपोर्ट से बाहर जाने नहीं दे रही. वह जब से एयरपोर्ट पहुंची हैं वहां पर उनका भारी विरोध हो रहा है. भारी संख्या में पुरुष और महिला एयरपोर्ट अराइवल लॉन्ज में तृप्ति देसाई के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. साथ ही वहां के ऑटो चालकों ने भी उन्हें मंदिर तक ले जाने से मना कर दिया है. ऑटो चालकों ने तृप्ति को कोट्टायम या फिर निलक्कल तक ले जाने से इंकार कर दिया है
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1 साल पहले
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